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पैर में कला धागा बंधने से क्या होता है | Pair Mein Kala Dhaaga पहनना चाहिए या नहीं

काला धागा बाँधने का सबसे पहला और प्रमुख फायदा यह होता है कि, इससे  कुंडली में मौजूद शनि ग्रह मजबूत होता है. जिन लोगों पर शनिदोष है उन्हें काला धागा पहनने से दोष से मुक्ति मिलती है.

Pair Mein Kala Dhaaga Bandhne Se Kya Hota Hai और Pair Mein Kala Dhaaga Pahnana Chahie Ya Nahin तथा पैर में काला धागा बांधने के फायदे और नुकसान, पैर में काला धागा बांधने से  संबंधित संपूर्ण जानकारी हम आपकों इस लेख के जरिए देनेग वाले हैं. आशा करते हैं आप पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ेगे. चलिए जानते हैं.

Pair Mein Kala Dhaaga Bandhne Se Kya Hota Hai

सरल भाषा में कहें तो पैर में काला धागा बांधने से नेगेटिव एनर्जी या नकारात्मक शक्तियां पास नहीं आती है. इसे बांधने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. घर के बड़े बुजुर्गों की मानें तो यदि किसी को हाथ या पैर कहीं भी चोट लग जाने पर उस स्थान के पास काला धागा बांधने से नजर नहीं लगती है. इतना ही नहीं चोट भी जल्द से जल्द ठीक हो जाता है.

काला धागा बांधने से इंसान पर बुरी शक्तियां प्रभावी नहीं होती. खास कर पीरियड के समय में हाथ में काल धागा बांधकर रखने से बुरी हवा से बचा जा सकता है. खासकर जिन लोगों को पेट में दर्द की हमेशा परेशानी होती है. उनके पैर के अंगूठे में काला धागा बांधना चाहिए. इससे नाभि की नाड़ी संतुलित होती है. इसके साथ पैर में काला धागा बांधने से पैर के दर्द से छुटकारा मिलता है. छोटे बच्चों को बुरी नजरों से बचाने के लिए भी काला धागा उनके गले और हाथ में पहनाना चाहिए. इसके कई धार्मिक महत्व होते है. ज्योतिष के अनुसार आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भी बांधा जाता है.

पैर में काला धागा बांधने के फायदे

काला धागा बाँधने का सबसे पहला और प्रमुख फायदा यह होता है कि, इससे  कुंडली में मौजूद शनि ग्रह मजबूत होता है. जिन लोगों पर शनिदोष है उन्हें काला धागा पहनने से दोष से मुक्ति मिलती है. काला धागा बाँधने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है. जिन लोगों की नाभि हमेशा खिसक जाती है, उन्हें पैर के अंगूठे में काला धागा बांधना चाहिए.

 पैर में काला धागा बांधने के नुकसान

ज्योतिष के अनुसार काला धागा सही तरीके से न बांधने पर नकारात्मक शक्तियां मनुष्य पर हावी हो जाती है. ज्योतिष के अनुसार काला धागा हमेशा शनिवार को शाम को या सुबह के समय ही बांधना चाहिए. अन्य दिन बांधने से मन अशांत रहता है. इसके अलावा काला धागा हमेशा अभिमंत्रित करने के बाद ही गले में धारण करना चाहिए. मेष एवं वर्श्चिक राशी वालों को काला धागा नहीं पहनना चाहिए. यह उनके ग्रह के स्वामी के लिए उपयुक्त नहीं है.

पैर में काला धागा क्यों नहीं पहनना चाहिए

ज्योतिष शास्त्र में लिखे गए वर्णन की मानें तो दो राशी वाले व्यक्ति को पैर में काला धागा नहीं पहनना चाहिए. पहला वर्श्चिक राशि पर मंगल ग्रह का अधिपत्य होता है. मंगल ग्रह का काले रंग से कोई लगाव नहीं है. दूसरा मेष राशी वाले व्यक्ति को भी पैर में काला धागा न बांधने की सहला दी जाती है. उक्त दोनों राशि के जातकों को काले रंग से भी बचकर रहना चाहिए.

पैर में काला धागा कैसे बांधे

काले धागे को पैर में बांधने से पहले उसमे कुछ गठान बांधना चाहिए. काले धागे को मंत्रो से अभिमंत्रित कर ही पहना चाहिए.कोशिश करनी चाहिए की काले धागे किसी शुभ त्यौहार के दिन धारण किया जाए. जैसे- अभिजीत या ब्रह्म मुहूर्त में ही धारण करें.

दोस्तों सबसे ठीक यह रहेगा कि, आप किसी ज्योतिष या मंदिर के पुजारी के परामर्श के बाद ही काला धागा धारण करें. काला धागा जिस हाथ में पहना हो उस हाथ में लाला या पीले रंग का धागा नहीं बंधा होना चाहिए. काले धागे को हमेशा भैरव मंदिर में जाकर धारण करें. यह सकारात्मकता का प्रतीक होता है.

पैर में काला धागा क्यों पहना जाता है

पैर में काला धागा शनि दोष का निवारण करने के लिए धारण किया जाता है. दूसरी ओर आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भी पैर में काला धागा बांधा जाता है. इसकों पैर में बांधने से राहू और केतु ग्रह मजबूत होते है. बार-बार नाभि खिसकने की परेशानी के निवारण के लिए पैर के अंगूठे में काला धागा बांधे. ज्योतिष के अनुसार महिलाओं को  हमेशा बाएं पैर में काला धागा बांधना चाहिए एवं पुरुषों को दाहिने पैर में बांधना चाहिए.

पैर में काला धागा किस दिन बांधना चाहिए

काले धागे को शनिवार के दिन ही धारण करना या बांधन शुभ माना गया है. शनिवार को हनुमान जी के पेरो में रख कर धारण करने से व्यक्ति को रोगों से लड़ने की शक्ति आती है. परिवार के समृद्धि आती है. नौकरी, रोजगार पाने के अवसर प्रबल होते है. यदि कोई व्यक्ति मंगलवार को अपने दाहिने पैर में काला धागा बंधता है, तो उसके घर में लक्ष्मी का आगमन होता है. हिदूं धर्म की पौराणिक मान्यता के अनुसार शनिवार एवं मंगलवार को पहनना शुभ बताया  गया है.

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KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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