छठ पूजा पर निबंध हिंदी में । essay on chhath puja in hindi

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सांकेतिक तस्वीर : सोर्स सोशल मीडिया

छठ पूजा पर निबंध हिंदी में । essay on chhath puja in hindi

दीवाली के छठे दिन पूर्वांचल वासियों द्वारा छठ पर्व मनाया जाता है। पुत्र की सलामती के लिए व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि छठ व्रत करने से पुत्र को दीर्घायु मिलती है। ब्रह्मा जी के कहने पर माता पार्वती ने छठ व्रत किया था। इस त्योहार में भगवान सूर्य और छठ माता की आराधना की जाती है। मुख्य रूप से यह त्योहार बिहार, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। लोक संकृति की छठा छठ पूजा नेपाल के तराई क्षेत्रों में भी उत्साह से मनाया जाता है। हिन्दुओं के अलावा इस्लाम एवं अन्य धर्म के कुछ लोग भी इस त्योहार को पूरी श्रद्धा से मानते हैं।  छठ पूजा के महत्व से जुड़ी अन्य जानकारी एवं छठ पूजा पर निबंध यहां से देख सकते हैं।

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सांकेतिक तस्वीर : सोर्स सोशल मीडिया

छठ पूजा पर निबंध हिंदी में

छठ पूजा पर निबंध 400 वर्ड्स में 

पूर्वांचल वासियों की अगाध आस्था के त्योहारों में से एक छठ है। यह वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला है चैती छठ और दूसरा है कार्तिकी छठ। चैती छठ को चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। वहीं कार्तिकी छठ कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। छठ के दौरान विभिन्न प्रकार के कद मूल फलों का उपयोग कर  सूर्य को अर्घ देने का विशेष महत्व है। बिहार, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य हिस्सों के साथ इसे नेपाल, मॉरीशस एवं अन्य देशों में भी उल्लास के साथ मनाया जाता है।

लोक आस्था का पर्व चार दिनों तक चलता है। पर्व की शुरुआत नहाय – खाय से होती है। इस दिन गंगा के पवित्र जल से स्नान करने के बाद भोजन बनाया जाता है। व्रतिया इस दिन दाल, लौकी की सब्जी और रोटी का सेवन किया जाता है। नहाय – खाय के बाद घर में बनने वाले भोजन में नमक का प्रयोग व्रजित होता है। दूसरे दिन को खरना के नाम से जाना जाता है। खरना के दिन व्रत करने वाले लोग प्रसाद बनाते हैं। खरना के प्रसाद में खीर बनाई जाती है। इस खीर में चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग किया जाता है।

उपासक महिलाएं शाम  को पूजा करने के बाद ही प्रसाद ग्रहण करती हैं। जिसकें बाद निर्जला व्रत शुरू होता है। तीसरे दिन नदी तट पर उपासक महिलाएं छठ माता की पूजा करती है। पूजन के दौरान डूबते हुए सूर्य को गाय के दूध और जल से अर्घ दिया जाता है। पूजन में छठ का विशेष प्रसाद ठेकुआ और फल चढ़ाया जाता है। आखिरी दिन सूर्य के उगते ही सभी के चेहरे खिल उठते हैं। चौथे दिन सुबह सूर्य  को अर्घ देने के बाद व्रत करने वाले लोग प्रसाद खा कर अपना व्रत खोलते हैं।

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पूर्वांचल वासी पुत्र और पति की दीघायु की कामना के लिए कठिन व्रत को करते है। 48 घंटे तक महिलाएं निर्जला व्रत करती है। मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से छठ व्रत करने पर सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसी मान्यता है की छठ पर्व पर व्रत रखने वाली महिलाओं को पुत्र की प्राप्ति होती है।

पुराणों के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। सूर्य पुत्र कर्ण घंटों पानी में खड़े हो कर सूर्य को अर्घ देते थे। कुछ कथाओं के अनुसार अपने प्रियजनों की लम्बी उम्र की कामना के लिए द्रौपदी भी नियनित सूर्य की अराधना करती थी। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि लंका विजय के बाद भगवान राम और माता सीता ने रामराज्य की स्थापना के लिए कार्तिक माह में शुल्क पक्ष की षष्ठी को सूर्य की पूजा की। पुराणों के अनुसार राजा प्रियवद ने पुत्र की प्राप्ति के लिए छठ का व्रत किया था।

छठ पूजा पर निबंध 200 वर्ड्स में 

लोक आस्था का पर्व छठ पूर्वाचल वासियों द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। छठ पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को और दूसरी बार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। कार्तिकी छठ ज्यादा प्रचलित है। यह छठ माता की पूजा और सूर्य की उपासना का पर्व है।  बिहार, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश में प्रमुख रुप से पर्व मनाया जाता हैं।लेकिन लोकप्रियता के कारण अब  यह त्योहार देश के अन्य शहरों में भी प्रचलित हो गया। प्रवासी भारतीयों के साथ यह पर्व विश्वभर में प्रचलित हो गया है।

छठ माता की पूजा की जाती है। गाय के कच्चे दूध और जल से सूर्य को अर्घ दिया जाता है। चार दीनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत नहाय – खाया से होती है। दूसरे दिन खरना किया जाता है। तीसरे दिन शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ देने की परंपरा है। चौथे यानि अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ दिया जाता है। समापन पर सतरंगी सब्जी बनाकर खाई जाती है।

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 छठ पूजा पर निबंध 10 लाइन में 

  • छठ पूजा लोक आस्था का पर्व है।
  • साल में दो बार मनाया जाता है।
  • पहली बार चैत्र माह और दूसरी बार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को यह पर्व मनाते हैं।
  • इस पर्व में छठ माता की पूजा की जाती है।
  • भगवान सूर्य को कच्चे दूध और जल से अर्घ दिया जाता है।
  • छठ पर्व पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल और मॉरीशस जैसे देश में भी मनाते हैं।
  • यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व है।
  • छठ का मुख्य प्रसाद गेहूं का आटा और गुड़ से बना ठेकुआ है।
  • महिलाएं इस पर्व को पति और संतान की दीर्घायु के लिए करती हैं।
  • पुरुष भी मनचाहे फल प्राप्त करने और अपने कार्य में सफलता के लिए छठ का व्रत करते हैं।