नाभि पर चंदन लगाने का फायदा

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नाभि पर चंदन लगाने का फायदा (nabhi par chandan lagane ka fayde) The benefit of applying sandalwood on the navel

चंदन (sandalwood)  एक भारतीय आयुवैदिक वनस्पति है. चंदन के पेड़ की छाल लाल (rakta chandan), या भूरे, या फिर भूरे-काले रंग की होती है. चंदन के पत्ते अंडे के आकार होते है. यह छूने में बेहद ही मुलायम होते हैं. पत्तों के आगे का भाग नुकीला होता है. इसके फूल भूरे-बैंगनी, या जामुनी रंग होते हैं, जो सुगंधहीन होते हैं. चंदन के फल गोलाकार, मांसल होते हैं, जो पकने पर शयामले, या बैंगनी रंग के हो जाते हैं. वहीं इसके बीज की बात की जाएं तो बीज गोलाकार होते हैं. चंदन को अंग्रेजी में सैंनडल ट्री (Sandal tree), व्हाइट सैन्डल ट्री (White sandal tree), ट्रयू सेन्डल वुड (True sandal wood), सैन्डल वुड (Sandal wood) कहा जाता है.

भारत का कोई भी ऐसा पर्व नहीं है जिसमें इसका उपयोग नहीं किया जाता.चंदन को आयुर्वेद चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. प्राचीन काल से ही चमत्कारिक पदार्थ के रूप में जाना जाता है. भारतीयों में विवाह के दौरान एक रस्म हल्दी की  होती है.

जिसमें हल्दी और चंदन का पेस्ट दुल्हा-दुल्हन को लगाया जाता है. चोट लग जाने पर लाल चंदन का उपयाेग दवा के रुप में किया जाता है. दोस्तों लेख के माध्यम से हम आपकों नाभि पर चंदन लगाने का फायदा (nabhi par chandan lagane ka fayde) The benefit of applying sandalwood on the navel के बारे में बताने जा रहे हैं.

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नाभि पर चंदन लगाने का फायदा (nabhi par chandan lagane ka fayde)

  1. अत्यधिक छींक की समस्या में : महिलाओं या पुरुषों को कभी-कभी छींक की समस्या हो जाती है. ऐसे में नाभि पर  चंदन, तथा धनिया की पत्ती को पीसकर लगाने से छींक बंद हो जाती है. यदि आप चाहे तो इस पेस्ट को सूंघ सकते हैं, छींक आनी बन्द हो जाती हैं.
  2. चंदन के प्रयोग से होती है सूजन कम : लाल चंदन की लकड़ी को पानी में घिसकर नाभि पर लगाने से शरीर के किसी भी स्थान पर आए सूजन में राहत मिलती है.
  3. खुजली को ठीक करने के लिए चंदन का प्रयोग : चंदन के प्रयोग से आप खुजली की बीमारी ठीक कर सकते हैं. चंदन की छाल को पानी के साथ घिसकर नाभि पर लगान से खुजली ठीक होती है. वहीं चंदन के तेल में नींबू का रस, तथा कपूर मिलाकर रात को सोते समय नाभि पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है.
  4. मुंहासों की समस्या में चंदन से लाभ : महिलाओं को मुंहासें होना एक आम परेशानी है. बढ़ते प्रदूषण के कारण महिलाएं हों या पुरुष, सभी मुंहासे से परेशान रहते हैं. ऐसे में आप चंदन की लकड़ी को घिस लें. इसे मुंह और नाभि दोनों स्थान पर लगाएं. मुहांसे और चेहरे की झाई जड़ से समाप्त हो जाते हैं.
  5. चंदन के इस्तेमाल से शुक्राणु रोग में फायदा : शुक्राणु विकार को ठीक करने के लिए अर्जुन की छाल, और चन्दन को समान मात्रा में लेकर पेस्ट बना लें. इसे 20-40 मिली की मात्रा में सेवन करने से शुक्राणु संबंधी रोगों में लाभ होता है. पेस्ट का सेवन करने के साथ ही इसे नाभि पर लगाना है, इसका व्यापक रूप से असर होता है.

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6. पसीने की बदबू में चंदन के इस्तेमाल से लाभ : गर्मियों के दिनों महिलाओं को पसीने से बदबू आने की शिकायत रहती है. अगर आप भी इस परेशानी से छुटकारा चाहते हैं, तो चन्दन के चूर्ण को गुलाब जल के साथ पीसकर नाभि पर लगाएं.

7. पेट की गड़बड़ी में चंदन का उपयोग :  नाभि में दर्द होने पर 20-40 मिली नारियल के पानी में, 2-4 ग्राम चंदन के चूर्ण को नाभि पर रखने से दर्द में आराम मिलता है.

8. ल्यूकोरिया को ठीक करने के लिए चंदन का इस्तेमाल : ल्यूकोरिया यानी सफेद पानी महिलाओं को होने वाली बीमारी है. इसमें महिलाओं के शरीर में इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. सफेद, या लाल चंदन का काढ़ा बनाकर पीने और नाभि पर लगाने से ल्यूकोरिया में लाभ होता है. काढ़ा बनाने के लिए आप 2-4 ग्राम चंदन के चूर्ण (chandan powder) को दूध, तथा घी में पका लें. जिसके बाद इसे ठंडा करके मधु यानी शहद और चीनी मिला लें. इसका सेवन करने से ल्यूकोरिया में फायदा होता है.

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9. बुखार उतारने के लिए चंदन का उपयोग : आप चंदन का इस्तेमाल बुखार को ठीक करने के लिए भी कर सकते हैं. इसके लिए चंदन की लकड़ी (chandan stick) को पानी के साथ घिसकर नाभि पर लगाने से बुखार ठीक हो जाता है.

10. उल्टी रोकने के लिए चंदन का इस्तेमाल :  उल्टी को रोकने के लिए भी चंदन का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए आपकों 500 मिग्रा सफेद चंदन को घिसना होगा, जिसमें 10 मिली आंवला के रस के साथ शहद मिलाकर पीने से उल्टी में लाभ होता है. साथ ही नाभि पर हल्दी और चंदन रखने से मिथली में राहत मिलती है.

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