Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - News - हिंदी दिवस पर कविताएं | Poem On Hindi Diwas 2024
News KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

हिंदी दिवस पर कविताएं | Poem On Hindi Diwas 2024

12 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
hindi-diwas-par-kavita
Poem On Hindi Diwas

Table of Contents

Toggle
  • हिंदी दिवस पर कविताएं (Poem On Hindi Diwas)
          • हिंदी दिवस पर कविताएं (Hindi Diwas Poem In Hindi)
    • हिंदी दिवस पर कविता 2023
    • हिंदी दिवस पर छोटी छोटी कविताएं
    • हिंदी दिवस पर हास्य कविता
    • हिंदी दिवस पर शायरियां 2023

हिंदी दिवस पर कविताएं (Poem On Hindi Diwas) 2023 – हिंदी साहित्य पूरे विश्व का सबसे प्राचीन और समृद्ध साहित्य माना जाता है। हिंदी साहित्य का इतिहास आदी काल से भी पुराना है। हिंदी साहित्य और हिंदी भाषा में असंख्य उपन्यास, कहानियाँ, कथा-पटकथा, कविताएँ, दोहे, छंद, नारे, स्लोगन, संदेश, सुविचार, भाषण, शायरी, गीत आदि लिखे जा चुके हैं। यदि हम हिंदी कविताओं की बात करें, तो हिंदी साहित्य में कविताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हिंदी कविताओं की अपनी भाषा और भावना होती है, जिसे पढ़ने पर हर बार एक नया अर्थ निकलर हमारे सामने आता है। जिसे केवल कवि की नजर से ही समझा जा सकता है। हिंदी साहित्य पढ़ने में जितनी आसान होती है, समझने में उतनी ही मुश्किल होती है।

हिंदी दिवस पर कविताएं (Poem On Hindi Diwas)

दोस्तों जैसा कि हम सभी को विधित है कि, हम प्रतिवर्ष 14 सितंबर का दिन हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं। हिंदी को पूरी दुनिया में मान सम्मान और बढ़ावा देने के लिए इस दिन देशभर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। हिंदी दिवस के मौके पर कविता पाठ का आयोजन भी किया जाता है। इसीलिए इस लेख में newsmug.in आपके लिए हिंदी दिवस पर कविताएं (Poem On Hindi Diwas) का संकलन लेकर आया है। आप हमारे इस लेख की सहायता से हिंदी दिवस पर कविता (Hindi Diwas Par Kavita), हिंदी दिवस पर छोटी सी कविता या हिंदी दिवस पर कविताएं छोटी छोटी, हिंदी दिवस पर हास्य कविता, हिंदी दिवस पर शायरियां आदि पढ़ सकते हैं। आप हमारी हिंदी दिवस कविता (Poem Hindi Diwas) और हिंदी दिवस पर शायरी (Shayari On Hindi Diwas) का उपयोग हिंदी दिवस के अवसर पर कविता पाठ प्रतियोगिता में कर सकते हैं।

आपकों बताते चलें कि, इस आर्टिकल में दी गईं सभी Hindi Diwas Per Kavita देश के लोकप्रिय कवियों और कवयित्रियों द्वारा लिखी गई हैं, जिनका नाम भी संदर्भ में हमारे द्वारा उल्लेखित किया गया है। प्रत्येक कवि और कवयित्री की अपनी भाषा शैली होती है, जिसमें वह अपनी बात को कविता का रूप देकर दूसरों तक पहुँचाते हैं। उसी प्रकार हिंदी दिवस के बारे लोगों को जागरूक करते हुए और हिंदी दिवस का महत्व बताते हुए इन्हीं कवियों ने हिंदी दिवस पर कविताएं (Hindi Diwas Par Kavitayen) लिखी और कही हैं। हिंदी दिवस के लिए कविता (Poetry For Hindi Diwas) पढ़ने के लिए नीचे देखें, जहाँ से आप हिंदी दिवस की कविता (Hindi Divas Poem) पढ़ सकते हैं।

hindi-diwas-par-kavita
Poem On Hindi Diwas
हिंदी दिवस पर कविताएं
(Hindi Diwas Poem In Hindi)

हिंदी दिवस पर कविता 2023

कविता 1

Kavita On Hindi Diwas

(हिन्दी दिवस 14 सितम्बर पर विशेष)

हिन्दी इस देश का गौरव है, हिन्दी भविष्य की आशा है

हिन्दी हर दिल की धड़कन है, हिन्दी जनता की भाषा है

इसको कबीर ने अपनाया

मीराबाई ने मान दिया

आज़ादी के दीवानों ने

इस हिन्दी को सम्मान दिया

जन जन ने अपनी वाणी से हिन्दी का रूप तराशा है

हिन्दी हर क्षेत्र में आगे है

इसको अपनाकर नाम करें

हम देशभक्त कहलाएंगे

जब हिन्दी मे सब काम करें

हिन्दी चरित्र है भारत का, नैतिकता की परिभाषा है

हिन्दी हम सब की ख़ुशहाली

हिन्दी विकास की रेखा है

हिन्दी में ही इस धरती ने

हर ख़्वाब सुनहरा देखा है

हिन्दी हम सबका स्वाभिमान, यह जनता की अभिलाषा है

– हिन्दी जनता की भाषा / देवमणि पांडेय

  • हिंदी दिवस पर भाषण |14 सितंबर हिंदी दिवस पर जोशीला भाषण यहाँ से पढ़ें
  • १ से १०० तक हिन्दी में गिनती सीखे – Hindi ginti 1 to 100 tak – Counting in Hindi
  • दुनिया के किन देशों में हिंदी भाषा बोली जाती है | In How Many Countries Speak Hindi

कविता 2

Hindi Diwas Kavita

आवो हिन्दी पखवाड़ा मनाएँ, अपनी भाषा को ऊँचाईयों तक पहुँचाएँ

हम सब करेंगे हिन्दी में ही राज काज, तभी मिल पायेगा सही सुराज

हिन्दी के सब गुण गावो, अपनी भाषा के प्रति आस्था दर्शाओ

जब करेंगे हम सब हिन्दी में बात, नहीं बढ़ेगा तब कोई विवाद।

हिन्दी तो है कवियों की बानी, इसमें पढ़ते नानी की कहानी

हम सबको है हिन्दी से प्यार, मत करो इस भाषा का तिरस्कार।

हम सब हिन्दी में ही बोलें, अपने मन की कुण्ठा खोजें

जब बोलेंगे हम हिन्दी में शुद्ध, हमारी भाषा बनेगी समृद्ध।

हिन्दी की लिपि है अत्यंत सरल, मत घोलो इसकी तरलता में गरल

सबके कण्ठ से सस्वर गान कराती, हमारी भारत भारती को चमकाती।

यही हमारी राजभाषा कहलाती, सब भाषाओँ का मान बढाती

हम राष्ट्रगान हिन्दी में गाते, पूरे विश्व में तिरंगे की शान बढ़ाते।

हमारी भाषा ही है हमारे देश की स्वतंत्रता की प्रतीक

यह है संवैधानिक व्यवस्था में सटीक

हम सब भावनात्मकता में है एक रखते है हम सब इसमे टेक

यह विकास की ओर ले जाती सबका है ज्ञान बढ़ाती।

हिन्दी दिवस पर करें हम हिन्दी का अभिनंदन

इसका वंदन ही है माँ भारती का चरण वंदन।

– हिंदी दिवस / सावित्री नौटियाल काला

कविता 3

Poem In Hindi Diwas

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।

अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन

पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।

उन्नति पूरी है तबहिं जब घर उन्नति होय

निज शरीर उन्नति किये, रहत मूढ़ सब कोय।

निज भाषा उन्नति बिना, कबहुं न ह्यैहैं सोय

लाख उपाय अनेक यों भले करे किन कोय।

इक भाषा इक जीव इक मति सब घर के लोग

तबै बनत है सबन सों, मिटत मूढ़ता सोग।

और एक अति लाभ यह, या में प्रगट लखात

निज भाषा में कीजिए, जो विद्या की बात।

तेहि सुनि पावै लाभ सब, बात सुनै जो कोय

यह गुन भाषा और महं, कबहूं नाहीं होय।

विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार

सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।

भारत में सब भिन्न अति, ताहीं सों उत्पात

विविध देस मतहू विविध, भाषा विविध लखात।

सब मिल तासों छांड़ि कै, दूजे और उपाय

उन्नति भाषा की करहु, अहो भ्रातगन आय।

– भारतेंदु हरिश्चंद्र 

कविता 4

Poem On Hindi Diwas In Hindi

करते हैं तन-मन से वंदन, जन-गण-मन की अभिलाषा का

अभिनंदन अपनी संस्कृति का, आराधन अपनी भाषा का।

यह अपनी शक्ति सर्जना के माथे की है चंदन रोली

माँ के आँचल की छाया में हमने जो सीखी है बोली

यह अपनी बँधी हुई अंजुरी ये अपने गंधित शब्द सुमन

यह पूजन अपनी संस्कृति का यह अर्चन अपनी भाषा का।

अपने रत्नाकर के रहते किसकी धारा के बीच बहें

हम इतने निर्धन नहीं कि वाणी से औरों के ऋणी रहें

इसमें प्रतिबिंबित है अतीत आकार ले रहा वर्तमान

यह दर्शन अपनी संस्कृति का यह दर्पण अपनी भाषा का।

यह ऊँचाई है तुलसी की यह सूर-सिंधु की गहराई

टंकार चंद वरदाई की यह विद्यापति की पुरवाई

जयशंकर की जयकार निराला का यह अपराजेय ओज

यह गर्जन अपनी संस्कृति का यह गुंजन अपनी भाषा का।

– सोम ठाकुर

कविता 5

Hindi Poem On Hindi Diwas

माँ भारती के भाल का शृंगार है हिंदी

हिंदोस्ताँ के बाग़ की बहार है हिंदी

घुट्टी के साथ घोल के माँ ने पिलाई थी

स्वर फूट पड़ रहा, वही मल्हार है हिंदी

तुलसी, कबीर, सूर औ’ रसखान के लिए

ब्रह्मा के कमंडल से बही धार है हिंदी

सिद्धांतों की बात से न होयगा भला

अपनाएँगे न रोज़ के व्यवहार में हिंदी

कश्ती फँसेगी जब कभी तूफ़ानी भँवर में

उस दिन करेगी पार, वो पतवार है हिंदी

माना कि रख दिया है संविधान में मगर

पन्नों के बीच आज तार-तार है हिंदी

सुन कर के तेरी आह ‘व्योम’ थरथरा रहा

वक्त आने पर बन जाएगी तलवार ये हिंदी

– भाल का शृंगार / डॉ. जगदीश व्योम

कविता 6

Hindi Language Hindi Diwas Par Kavita

मन के भावों को जो ब्यक्त करा दे

ऐसी साहित्यिक रसधार है ‘हिंदी’

छोटे बड़े अक्षरों का जो भेद मिटा दे

ऐसा समानता का अधिकार है ‘हिंदी’

टूटे अक्षरों को सहारा जो दिला दे

ऐसी भाषाओ का हार है ‘हिंदी’

सभी नदियों को सागर में मिला दे

ऐसा शब्दो का समाहार है ‘हिंदी’

कवियों को जो गौरवान्वित कर दे

साहित्यिक ज्ञान का वो भंडार है ‘हिन्दी’

प्रकृति का जो विस्तार बता दे

ऐसी सुंदरता का सार है ‘हिंदी’

शास्त्रो का जो ज्ञान दिला दे

संस्कृत का नव अवतार है ‘हिंदी’

परमात्मा का जो दरश दिखा दे

ऐसी वात्सल्यता अपरम्पार है ‘हिंदी’

लोगो को जो नैतिकता सिखा दे

मर्यादाओ सी सुविचार है ‘हिंदी’

आप-तुम में जो भेद बता दे

ऐसे संस्कारो का ब्यवहार है ‘हिंदी’

मानव को जो मानवता सिखा दे

उन संवेदनाओ का द्वार है ‘हिंदी’

बिछड़े हुए को जो स्वयं से मिला दे

ऐसा सुखद प्यार है ‘हिंदी’

नरेशो को जो गौरव महसूस कर दे

सोने चांदी सा उपहार है ‘हिंदी’

– गौपुत्र श्याम नरेश दीक्षित

कविता 7

Hindi Diwas Par Kavita Hindi Mein

हम सबकी प्यारी, लगती सबसे न्यारी।

कश्मीर से कन्याकुमारी, राष्ट्रभाषा हमारी।

साहित्य की फुलवारी,

सरल-सुबोध पर है भारी।

अंग्रेजी से जंग जारी,

सम्मान की है अधिकारी।

जन-जन की हो दुलारी,

हिन्दी ही पहचान हमारी।

– संजय जोशी ‘सजग’

कविता 8

Hindi Divas Per Kavita

हिंदी हमारी आन है, हिंदी हमारी शान है,

हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है,

हिंदी हमारी वर्तनी, हिंदी हमारा व्याकरण,

हिंदी हमारी संस्कृति, हिंदी हमारा आचरण,

हिंदी हमारी वेदना, हिंदी हमारा गान है,

हिंदी हमारी आत्मा है, भावना का साज़ है,

हिंदी हमारे देश की हर तोतली आवाज़ है,

हिंदी हमारी अस्मिता, हिंदी हमारा मान है,

हिंदी निराला, प्रेमचंद की लेखनी का गान है,

हिंदी में बच्चन, पंत, दिनकर का मधुर संगीत है,

हिंदी में तुलसी, सूर, मीरा जायसी की तान है,

जब तक गगन में चांद, सूरज की लगी बिंदी रहे,

तब तक वतन की राष्ट्र भाषा ये अमर हिंदी रहे,

हिंदी हमारा शब्द, स्वर व्यंजन अमिट पहचान है,

हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है।

– अंकित शुक्ला

कविता 9

संस्कृत की एक लाड़ली बेटी है ये हिन्दी,

बहनों को साथ लेकर चलती है ये हिन्दी,

सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है,

ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी,

पाथेय है, प्रवास में, परिचय का सूत्र है,

मैत्री को जोड़ने की सांकल है ये हिन्दी,

पढ़ने व पढ़ाने में सहज़ है सुगम है,

साहित्य का असीम सागर है ये हिन्दी,

तुलसी, कबीर, मीरा ने इसमें ही लिखा है,

कवि सूर के सागर की गागर है ये हिन्दी,

वागेश्वरी के माथे पर वरदहस्त है,

निश्चय ही वंदनीय मां-सम है ये हिंदी,

अंग्रेजी से भी इसका कोई बैर नहीं है,

उसको भी अपने पन से लुभाती है ये हिन्दी,

यूं तो देश में कई भाषाएं और हैं,

पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है ये हिन्दी।

– मृणालिनी घुले

कविता 10

जन-जन की भाषा है हिंदी,

भारत की आशा है हिंदी,

जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है,

वो मज़बूत धागा है हिंद,

हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी,

एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी,

जिसके बिना हिन्द थम जाए,

ऐसी जीवन रेखा है हिंदी,

जिसने काल को जीत लिया है,

ऐसी कालजयी भाषा है हिंदी,

सरल शब्दों में कहा जाए तो,

जीवन की परिभाषा है हिंदी।

– अभिषेक मिश्र

कविता 11

हिन्दी मेरे रोम-रोम में,

हिन्दी में मैं समाई हूँ,

हिन्दी की मैं पूजा करती,

हिन्दुस्तान की जाई हूँ

सबसे सुन्दर भाषा हिन्दी,

ज्यों दुल्हन के माथे बिन्दी,

सूर, जायसी, तुलसी कवियों की,

सरित-लेखनी से बही हिन्दी,

हिन्दी से पहचान हमारी,

बढ़ती इससे शान हमारी,

माँ की कोख से जाना जिसको,

माँ,बहना, सखी-सहेली हिन्दी,

निज भाषा पर गर्व जो करते,

छू लेते आसमान न डरते,

शत-शत प्रणाम सब उनको करते,

स्वाभिमान..अभिमान है हिन्दी…

हिन्दी मेरे रोम-रोम में,

हिन्दी में मैं समाई हूँ,

हिन्दी की मैं पूजा करती,

हिन्दुस्तान की जाई हूँ

– सुधा गोयल

कविता 12

सारी भगिनी भाषाओं को अपने आंचल में दुलराये,

निज भाषा उन्नति को सबकी उन्नतियों का मूल बताए।

भारतेन्दु का दोहा जैसे भारत माता के मंदिर में

हंस-वाहिनी देवी आकर खुद पूजा का दीप जलाए।

अपनी हिन्दी तो है भैया, माखन चोर कन्हैया जैसी

हर भाषा बोली से उसके शब्द चुराकर ले आती है।

भरे तिजोरी शब्द कोष की, बन बैठी घन्ना से ठानी

सारे भारत में संपर्कित होकर पहचानी जाती है।

सरल दीखती, लेकिन घट में गीता ज्ञान छिपा है,

ऐसे जैसे गउऐ चरा रहा हो, मधुवन में गोकुल का छोरा

सब को अपना प्यार बांटती, सब पर अपना स्नेह लुटाती

जैसे बहिना ने भेजा हो, भैया को राखी का डोरा।

हिन्दी ही अमीर खुसरो की बोली में रस घोल रही है।

सूफी-संतों के मजार की कव्वाली में बोल रही है,

कृष्ण-प्रेम के भजन सुनाती नाच उठे है मीरा बाई

द्वैत मिटा कर पूर्ण समर्पण के रहस्य को खोल रही है।

दक्षिण भारत के मित्रों की बोली तो ऐसी लगती है,

जैसे कंबन रामायण ने बांची हो तुलसी चौपाई,

जैसे हरि पेड़ी पर गूंजे बिस्मिल्ला खां की शहनाई

जैसे भातखंडे ने इसमें नाद-बह्म की अलख जगाई।

 – बशीर अहमद मयूख

कविता 13

जन-गण-मन की भाषा हिंदी,

कोटि – कोटि कण्ठों की वाणी।

आन-बान-शान यह राष्ट्र की,

प्रमुदित इस पर वीणा पाणी।।

सुर, कबीर, तुलसी की बानी,

मिश्री जैसी मधुरम हिंदी

गर्व करें हम सब हिंदी पर

नहीं किसी से भी कम हिंदी

बिटिया भारत मां की हिंदी,

मन से मन को है जोड़ती।

गले लगाती निज बहिनों को

एक सूत्र में सब को बांधती।।

एक राष्ट्र और भाषा एक

मन्त्र यही उत्थान का

जैसा लिखती, पढ़ती वैसा

सिद्धांत यह है विज्ञान का

आओ हिंदी में पढ़ें – लिखें

करें काम सारे हिंदी में

प्रेम करें हम निज भाषा से

सौंदर्य निहित जिसका बिंदी में।

– कृष्णा कुमारी ‘कमसिन’

हिंदी दिवस पर छोटी छोटी कविताएं

लगा रहे प्रेम हिन्दी में, पढूँ हिन्दी लिखूँ हिन्दी

चलन हिन्दी चलूँ, हिन्दी पहरना, ओढना खाना।

भवन में रोशनी मेरे रहे हिन्दी चिरागों की

स्वदेशी ही रहे बाजा, बजाना, राग का गाना।

– राम प्रसाद बिस्मिल

बनने चली विश्व भाषा जो,

अपने घर में दासी,

सिंहासन पर अंग्रेजी है,

लखकर दुनिया हांसी,

लखकर दुनिया हांसी,

हिन्दी दां बनते चपरासी,

अफसर सारे अंग्रेजी मय,

अवधी या मद्रासी,

कह कैदी कविराय,

विश्व की चिंता छोड़ो,

पहले घर में,

अंग्रेजी के गढ़ को तोड़ो

– अटल बिहारी वाजपेयी

गूंजी हिन्दी विश्व में

गूंजी हिन्दी विश्व में,

स्वप्न हुआ साकार;

राष्ट्र संघ के मंच से,

हिन्दी का जयकार;

हिन्दी का जयकार,

हिन्दी हिन्दी में बोला;

देख स्वभाषा-प्रेम,

विश्व अचरज से डोला;

कह कैदी कविराय,

मेम की माया टूटी;

भारत माता धन्य,

स्नेह की सरिता फूटी!

– अटल बिहारी वाजपेयी

पड़ने लगती है पियूष की शिर पर धारा।

हो जाता है रुचिर ज्योति मय लोचन-तारा।

बर बिनोद की लहर हृदय में है लहराती।

कुछ बिजली सी दौड़ सब नसों में है जाती।

आते ही मुख पर अति सुखद जिसका पावन नामही।

इक्कीस कोटि-जन-पूजिता हिन्दी भाषा है वही।

– अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ 

करो अपनी भाषा पर प्यार ।

जिसके बिना मूक रहते तुम, रुकते सब व्यवहार ।।

जिसमें पुत्र पिता कहता है, पतनी प्राणाधार,

और प्रकट करते हो जिसमें तुम निज निखिल विचार ।

बढ़ायो बस उसका विस्तार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

भाषा विना व्यर्थ ही जाता ईश्वरीय भी ज्ञान,

सब दानों से बहुत बड़ा है ईश्वर का यह दान ।

असंख्यक हैं इसके उपकार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

यही पूर्वजों का देती है तुमको ज्ञान-प्रसाद,

और तुमहारा भी भविष्य को देगी शुभ संवाद ।

बनाओ इसे गले का हार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

– मैथिली शरण गुप्त

हिंदी दिवस पर हास्य कविता

चूहे तुमको नमस्कार है

चुके नहीं इतना उधार है

महँगाई की अलग मार है

तुम पर बैठे हैं गणेश जी

हम पर तो कर्जा सवार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

भक्त जनों की भीड़ लगी है

खाने की क्या तुम्हें कमी है

कोई देवे लड्डू, पेड़े

भेंट करे कोई अनार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

परेशान जो मुझको करती

पत्नी केवल तुमसे डरती

तुम्हें देखकर हे चूहे जी

चढ़ जाता उसको बुखार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

आफिस-वर्क एकदम निल है

फिर भी ओवरटाइम बिल है

बिल में घुसकर पोल खोल दो

सोमवार भी रविवार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

कुर्सी है नेता का वाहन

जिस पर बैठ करे वह शासन

वहाँ भीड़ है तुमसे ज्यादा

कह कुर्सी का चमत्कार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

राजनीति ने जाल बिछाए

मानव उसमें फंसता जाए

मानवता तो नष्ट हो रही

पशुता में आया निखार है, चूहे तुमको नमस्कार है।

– जैमिनी हरियाणवी

छंद को बिगाड़ो मत, गंध को उजाड़ो मत

कविता-लता के ये सुमन झर जाएंगे।

शब्द को उघाड़ो मत, अर्थ को पछाड़ो मत,

भाषण-सा झाड़ो मत गीत मर जाएंगे।

हाथी-से चिंघाड़ो मत, सिंह से दहाड़ो मत

ऐसे गला फाड़ो मत, श्रोता डर जाएंगे।

घर के सताए हुए आए हैं बेचारे यहाँ

यहाँ भी सताओगे तो ये किधर जाएंगे।

– ओम प्रकाश आदित्य

चांद औरों पर मरेगा क्या करेगी चांदनी

प्यार में पंगा करेगा क्या करेगी चांदनी

चांद से हैं खूबसूरत भूख में दो रोटियाँ

कोई बच्चा जब मरेगा क्या करेगी चांदनी

डिग्रियाँ हैं बैग में पर जेब में पैसे नहीं

नौजवाँ फ़ाँके करेगा क्या करेगी चांदनी

जो बचा था खून वो तो सब सियासत पी गई

खुदकुशी खटमल करेगा क्या करेगी चांदनी

दे रहे चालीस चैनल नंगई आकाश में

चाँद इसमें क्या करेगा क्या करेगी चांदनी

साँड है पंचायती ये मत कहो नेता इसे

देश को पूरा चरेगा क्या करेगी चांदनी

एक बुलबुल कर रही है आशिक़ी सय्याद से

शर्म से माली मरेगा क्या करेगी चांदनी

लाख तुम फ़सलें उगा लो एकता की देश में

इसको जब नेता चरेगा क्या करेगी चांदनी

ईश्वर ने सब दिया पर आज का ये आदमी

शुक्रिया तक ना करेगा क्या करेगी चांदनी

गौर से देखा तो पाया प्रेमिका के मूँछ थी

अब ये “हुल्लड़” क्या करेगा, क्या करेगी चांदनी

– हुल्लड़ मुरादाबादी

बटुकदत्त से कह रहे, लटुकदत्त आचार्य

सुना? रूस में हो गई है हिंदी अनिवार्य

है हिंदी अनिवार्य, राष्ट्रभाषा के चाचा-

बनने वालों के मुँह पर क्या पड़ा तमाचा

कहँ ‘काका’, जो ऐश कर रहे रजधानी में

नहीं डूब सकते क्या चुल्लू भर पानी में

पुत्र छदम्मीलाल से, बोले श्री मनहूस

हिंदी पढ़नी होये तो, जाओ बेटे रूस

जाओ बेटे रूस, भली आई आज़ादी

इंग्लिश रानी हुई हिंद में, हिंदी बाँदी

कहँ ‘काका’ कविराय, ध्येय को भेजो लानत

अवसरवादी बनो, स्वार्थ की करो वक़ालत

– काका हाथरसी

हिंदी दिवस पर शायरियां 2023

शायरी 1

होठ खामोश थे सिसकियाँ कह गयी,

द्वार बंद थे खिड़कियाँ कह गयी,

कुछ हमने कहा कुछ हिंदी कह गयी,

जो न कह पायें वो हिचकियाँ कह गयी।

शायरी 2

वक्ताओं की ताकत भाषा,

लेखक का अभिमान हैं भाषा,

भाषाओं के शीर्ष पर बैठी,

मेरी प्यारी हिंदी भाषा।

शायरी 3

हिंदी और हिन्दुस्तान हमारा हैं और हम इसकी शान हैं

दिल हमारा एक हैं और एक हमारे जान हैं।

शायरी 4

जबकि हर साँस मेरी , तेरी वजह से है माँ,

फिर तेरे नाम का दिन एक मुकर्रर क्यूँ हैं?

शायरी 5

जिसमें है मैंने ख्वाब बुने,

जिस से जुड़ी मेरी हर आशा,

जिससे मुझे पहचान मिली,

वो है मेरी हिंदी भाषा।

शायरी 6

बिछड़ जाएंगे अपने हमसे,

अगर अंग्रेजी टिक जाएगी,

मिट जाएगा वजूद हमारा,

अगर हिंदी मिट जाएगी।

नोट- उपरोक्त हिंदी दिवस पर शायरियाँ अज्ञात हैं। शायरी लिखने वाले का नाम पता चलने पर संदर्भित कर दिया जाएगा।

newsmug.inकी तरफ से आप सभी को “हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं”।

इसे भी पढ़े :
  • उपयोगी प्लास्टिक की वस्तुओं के नाम संस्कृत में | Plastic Object Name In Sanskrit
  • दैनिक जीवन में पहने जाने वाले वस्त्रों के नाम संस्कृत में | Daily Clothes Name In Sanskrit
  • संस्कृत में रोगों के नाम चित्र सहित | Disease Name In Sanskrit And Hindi
  • जल में रहने वाले जीवों के नाम संस्कृत में | Aquatic (Water) Animals Name in Sanskrit
हाथ पर छिपकली गिरने से क्या होता है ?
दूध गिरने से क्या होता है ?
Period में Lip Kiss करने से क्या होता है
100+मसालों के नाम चित्र सहित?
जानवरों के नाम | List of Animals
 ENO पीने के फायदे और नुकसान
ताड़ी पीने से क्या होता है   मासिक धर्म स्वच्छता के नारे, सन्देश 
पैर में काला धागा बांधने से क्या होता हैं. सल्फास का यूज़ कैसे करें, खाने के नुकसान
 चुना खाने से क्या होता है  लड़कों के बाल जल्दी बढ़ाने के 21 उपाय
गुल खाने से क्या होता है  1 से 100 तक गिनती हिंदी में, जानें यहां पर

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
Poem On Hindi Diwas हिंदी दिवस पर कविताएं
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Articleहिंदी दिवस पर शायरी (Shayari On Hindi Diwas In Hindi): हिंदी दिवस पर चुनिंदा बेहतरीन शायरियां
Next Article हिंदी दिवस पर भाषण | Speech On Hindi Diwas In Hindi |14 सितंबर हिंदी दिवस पर जोशीला भाषण यहाँ से पढ़ें
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

Nana Patekar Death
News 5 Views

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, जानिए मौत की वजह और पूरा फिल्मी सफर

Amazon Great Indian Festival 2026 Flipkart Big Billion Days
News 7 Views

Amazon Great Indian Festival 2026 Flipkart Big Billion Days

उत्तर रेलवे शुद्ध पानी
News 22 Views

उत्तर रेलवे शुद्ध पानी: यात्रियों को मिलेगा साफ पेयजल, जम्मू मंडल में बड़ा अभियान

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
News 14 Views

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 2026: ₹25,000 सीमा

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83
newsmug 16 Views

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83: बड़ी खबर! ₹69,000 होगा न्यूनतम वेतन? कर्मचारी संगठनों की नई मांग

1990 में ₹100 की कीमत
News 10 Views

1990 में ₹100 की कीमत देखकर रह जाएंगे हैरान! बड़ा खुलासा! 35 सालों में कितनी बदली आपकी दुनिया

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

motivational quotes in hindi

Motivational Quotes in Hindi: 151+ बेस्ट मोटिवेशनल कोट्स जो आपकी जिंदगी बदल देंगे (Success, Students & Life)

12/10/2026
महालक्ष्मी कैलेंडर 2026

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर व्रत, त्योहार, पंचांग, शुभ मुहूर्त व PDF डाउनलोड

09/10/2026
होली 2026 कब है

होली 2026 कब है: 3 व 4 मार्च – होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा समय व पूजा विधि

09/10/2026
dhanteras 2026 kab hai

Dhanteras 2026 kab hai: 6 नवंबर पूजा मुहूर्त, सोना व झाड़ू खरीदने का शुभ समय व यम दीपदान

09/10/2026
chhath puja 2026 kab hai

chhath puja 2026 kab hai: 13 से 16 नवंबर नहाय खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य मुहूर्त व सामग्री

09/10/2026
Nana Patekar Death

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, जानिए मौत की वजह और पूरा फिल्मी सफर

08/10/2026
dev-uthani-ekadashi-2021-mein-kab-hai-date

कब है देवउठनी एकादशी 2021-Dev Uthani Ekadashi 2021 Mein Kab Hai date

06/10/2026
dev-uthani-ekadashi-pooja-vidhi

देवउठनी एकादशी की पूजा विधि । Dev Uthani Ekadashi Pooja Vidhi

06/10/2026

जितिया व्रत 2022 में कब हैं – Jivitputrika Vrat 2022 Mein Kab Hai Date

06/10/2026

Lala Ramswaroop Calendar 2022 (लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2022) Panchang PDF File Free Download

06/10/2026

आधार कार्ड से ऑनलाइन लोन कैसे लें? संपूर्ण जानकारी हिंदी में!

06/10/2026

फादर्स डे 2022 किस दिन आता है | Fathers Day Kitni Tarikh Ko Hai 2022 Date

06/10/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.