सावन के महीने में जरुर करें ये उपाय

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सावन माह (Sawan Month Vastu Tips) में सोमवार का दिन विशेष माना जाता है. सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है इसलिए सावन के महीने में सोमवार का महत्व अधिक बढ़ जाता है. सावन सोमवार के दिन शिव भक्त भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा अर्चन करने से मनवांछित फल प्राप्त होता है. धार्मिक मान्यता है कि, श्रावण में शिव आराधना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं.

वर्तमान समय में हर किसी के घर में कोई न कोई वास्तु दोष अवश्य मिलता है, जिस कारण घर में कोई न कोई परेशानी आती है. वास्तुदोष से घर में नकारात्मक उर्जा भी इकट्ठी होती रहती है जो घर में कलह का कारण बन जाती है और साथ ही परिवार के सदस्यों की सेहत को खराब करती है.

इसके दुष्प्रभाव से आर्थिक और मानसिक परेशानियां भी पैदा होती हैं, लेकिन वास्तु में कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर आप,अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं.

सावन सोमवार को करें ये आसान उपाय :

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Remove Negative Energy From Home

गंगाजल का छिड़काव :

यदि आप सोमवार की शिव पूजा में आप शिवलिंग पर गंगा जल से अभिषेक करेंगे तो भोलेनाथ जल्द ही प्रसन्न होंगे और जीवन से सभी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी. यदि घर में वास्तुदोष है और आप उससे परेशान रहते हों तो अपने घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव करें.

सावन के दिनों में यह उपाय नियमित करने से वास्तु दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है और घर पर सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसलिए प्रतिदिन सुबह सारे घर में गंगा जल का छिड़काव करें. इस उपाय से घर की नकारात्मकता का नाश होता है और सकारात्मकता ऊर्जा बनी रहती है.

शिव पूजा से वास्तुदोष निवारण :

Vastudosh hatane ke upay

भगवान शिव ही ऐसे देव हैं जिनकी पूजा-आराधना से वास्तुदोषों का नाश होता है. जिन भवनों में वास्तुदोष हो वहां सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे ‘ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ‘ ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए.

यह उपाय करने से वहां मौजूद सभी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं. दैनिक कार्यों में आ रही है, विघ्न-बाधा,आपसी कलह, रोग आदि परेशानियों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व (ईशान) या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करना शुभ परिणाम देगा.

घर-परिवार पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे, धन का आगमन हो इसके लिए घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं और उसको नियमित रूप से जल दें एवं शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं.

उत्तर-पूर्व दिशा ईश की दिशा मानी गई है,सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह एवं शुद्ध विचारों में वृद्धि के लिए यहाँ शिव परिवार की तस्वीर लगाने से शुभ फलों में वृद्धि संभव है. वास्तु दोषों से उत्पन्न अकारण भय,परेशानी आदि के निवारण के लिए तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रुद्राष्टकम का पाठ किया जाना सकारात्मक परिणाम देगा.

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लोबान की धूनी :

vastudosh hatane ke liye loban

परिवार में सुख-समृद्धि के वास एवं नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए संध्या के समय घर में आप गुग्गूल या लोबान की धूप जलाकर ॐ नमः शिवाय या कोई भी मंत्र का जप करते हुये उसे पूरे घर में घुमाएं, ये भी बुरी शक्तियों को घर से बाहर करने का शुभ उपाय है.

नकारात्मकता को दूर करता है नमक :

vastudosh hatane ke liye namak

वास्तु में घर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए नमक को अच्छा उपाय माना गया है. संध्या के समय घर के सभी कोनो में नमक बिखरा दें और सुबह उस नमक को बाहर फेंक दें. आप चाहे तो पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिला सकते है.

भजन-कीर्तन है शुभ :

घर में प्रतिदिन कुछ समय के लिए भजन कीर्तन अवश्य लगाएं या पूजा करते समय  घंटी आदि बजाते हुए मधुर स्वर में भजन गायन करे,घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी,घर में सुख-शांति का माहौल बनेगा.

शंख की ध्वनि भी इस कार्य के लिय शुभ मानी जाती है और शंख से घर में जल का छिड़काव सकते है. गाय के देशी घी का दीपक हर रोज घर में जलाना भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है.

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रुद्राभिषेक :

रूद्र का अभिषेक करने से सभी देवों का भी अभिषेक करने का फल उसी क्षण मिल जाता है. रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है.

इनमें दूध से पुत्र प्राप्ति, गन्ने के रस से यश उत्तम पति/पत्नी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश एवं जल से रोग मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

शिवजी का प्रिय फूल :

श्रावण सोमवार के दिन भगवान शंकर को चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल, दूध, गंगाजल चढ़ाएं. हो सके तो हरसिंगार, नागकेसर के सफेद पुष्प, कनेर, आक, कुश आदि के फूल भी भगवान शिव को चढ़ाने का विधान है. महादेव के लिए ये बेहद ही पसंद की वस्तु होती हैं. इन्हें चढ़ाने से भगवान शंकर जल्दी प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं. भगवान शंकर को धतूरे के फूल बहुत प्रिय होते हैं.

इस मंत्र का करें जाप :

सावन सोमवार के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. सोमवार के दिन शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी. इस मंत्र के जाप से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे.

इन चीजों का भोग :

श्रावण सोमवार के रोज भगवान शंकर को घी, शक्कर, गेंहू के आटे से बने प्रसाद का भोग लगाना चाहिए. जिसके बाद धूप, दीप से आरती करें और प्रसाद का वितरण करें. यह उपाय करने से आपको शिव शंभू का आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.

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