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Home - News - Ram Navami 2024 : राम नवमी का इतिहास व कथा
News KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

Ram Navami 2024 : राम नवमी का इतिहास व कथा

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Ram Navami

Table of Contents

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  • राम नवमी का महत्व (Ram Navami Mahatv)  
  • राम जन्म अवतार  इतिहास, कथा  (Ram Janam Avtar History or Katha) :
  • राम के गुरु :
  • राम वनवास कथा (Ram Vanvas )
  • वनवास काल :
  • राम राज्य :
  • राम के लव कुश :
  • राम नवमी क्यों मनाते है (Why We Celebrate Ram Navami)
  • राम नवमी कैसे मनाई जाती है (How to Celebrate Ram Navami)  
  • पूजा सामाग्री और पूजन विधि (Poojan Samagri and Poojan Vidhi)
  • राम नवमी संदेश शायरी (Ram Navami Wish SMS Shayari)

राम नवमी का इतिहास व कथा, रामनवमी 2024 शायरी (Ram Navami 2024 History, Katha, Shayari, 2024 date In Hindi)

Ram Navami 2024 : हिंदू धर्म को सर्वोच्च रखने वाली भारत की भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के पन्नों को पलट कर देखा जाएं तो यहाँ कई देवी देवताओं के मनुष्य अवतार का वर्णन मिलता है. इसी इतिहास की ओर लौटकर देखा जाएं तो, जब रावण के अत्याचार बहुत बढ़ गए और आमजन परेशान हो गए, तो इन अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए पुनः भारतीय भूमि पर एक महापुरुष ने जन्म लिया. इस महापुरुष का नाम भगवान राम था, जिन्होंने विद्धान पंड़ित रावण के अत्याचारों से मुक्ति दिलवाई और उस वक़्त लोगों का उद्धार किया. त्रेता युग में जन्में भगवान राम के जन्मदिवस को ही राम नवमी के रूप में मनाया जाता है.

राम नवमी का महत्व (Ram Navami Mahatv)  

सनातन धर्म में पूरे वर्ष कोई ना कोई  त्योहार मनाया जाता है. जिनका अपना एक अलग महत्व होता है, उसी तरह से राम नवमी का यह त्योहार धरती पर से बुरी शक्तियों के पतन और यहाँ साधारण मनुष्यों को अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने के लिए भगवान के स्वयं आगमन का प्रतीक मानी जाती है. इस दिन धरती पर से असुरों के अत्याचारों को समाप्त करने के लिए भगवान विष्णु ने स्वयं धरती पर श्रीराम के रुप में अवतार लिया था. राम नवमी सभी हिंदुओं को मानने वालों के लिए एक खास पर्व है, जिसे वह पूरे उल्लास के साथ मनाता है. इस दिन जन्में श्री राम ने धरती पर से रावण के अत्याचार को समाप्त कर यहाँ राम राज्य की स्थापना की थी और दैवीय शक्ति के महत्व को समझाया था.

इस दिन ही नवरात्रि का आखरी दिन होता है, इसलिए दो प्रमुख हिन्दू त्योहारों का एक साथ होना, इस त्योहार के महत्वता को और अधिक बढ़ा देता है. पुराणों में उल्लेख मिलता है कि श्री गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस राम चरित मानस की रचना की थी, उसका शुभारंभ भी उन्होंने नवमी के दिन से किया था.

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राम नवमी 2024 में कब है? (2024 Date and Time of Raam Navami)

2024 mein Ram Navami Kab Hai – अगर हिन्दू कैलेंडर की माने तो हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व मनाया जाता है , 2024 में रामनवमी 17 अप्रैल की रहेगी।

राम जन्म अवतार  इतिहास, कथा  (Ram Janam Avtar History or Katha) :

प्राचीन धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रेता युग में जब धरती पर रावण और तड़का जैसे असुरो का आतंक का घड़ा भर गया तो स्वयं भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के अवतारो का धरती पर आगमन हुआ और इन्होंने अपने भक्तों का उद्धार  किया. प्राचीन लोक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि, त्रेता युग में अयोध्या के राजा दशरथ की 3 पत्नियाँ थी, परंतु फिर भी वे संतान सुख से वंचित थे. महाराज दशरथ ने अपनी एक मात्र पुत्री शांता को गोद दे दिया था, जिसके बाद उन्हें कई सालों तक कोई संतान नहीं हुई. इससे व्यथित राजा दशरथ को ऋषि वशिष्ठ ने कमेष्ठि यज्ञ करवाने की आज्ञा दी. इस यज्ञ के फलस्वरूप राजा दशरथ के यहाँ तीनों रानियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई और उनकी प्रथम पत्नी कौशल्या की कोख से भगवान राम का जन्म हुआ. राजा दशरथ के तीन अन्य पुत्र भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न थे.

राम के गुरु :

ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ भगवान राम के गुरु थे, जिन्होंने उन्हें वैदिक ज्ञान के साथ- साथ शस्त्र अस्त्र में निपूर्ण किया. ब्रह्म ऋषि विश्वामित्रने भी राम को शस्त्र विद्या दी और इन्ही के मार्गदर्शन में राम ने तड़का वध एवम अहिल्या उद्धार किया और सीता स्वयम्वर में हिस्सा लिया और धरती की कोख से प्रकट हुई जनक पुत्री सीता से विवाह किया.

https://www.youtube.com/watch?v=iKALx9zEfPQ&t=9s

राम वनवास कथा (Ram Vanvas )

अयोध्या के महाराज दशरथ अपने जेष्ठ यानी बड़े पुत्र राम को अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे, लेकिन उनकी अन्य पत्नी कैकई की मंशा थी, कि उनका पुत्र भरत सिंहासन पर बैठे, इसलिए उन्होंने राजा दशरथ से अपने दो वरदान (यह वे वरदान थे, जिनका वचन राजा दशरथ ने तब दिया था, जब युद्ध के दौरान रानी कैकई ने राजा दशरथ के प्राणों की रक्षा की थी) मांगे, जिसमे उन्होंने भरत का राज्य अभिषेक और राम के लिए वनवास माँगा और इस तरह भगवान राम को चौदह वर्षो का वनवास मिला. इस वनवास में सीता एवम भाई लक्ष्मण ने भी अपने भाई के साथ जाना स्वीकार किया. साथ ही भरत ने भी भातृप्रेम को सर्वोपरि रखा और एक वनवासी की तरह ही चौदह वर्षो तक अयोध्या को एक अमानत के रूप में स्वीकार किया.

वनवास काल :

भगवान श्रीराम ने सैकड़ों असुरों का संहार किया. शायद कैकई के वचन केवल आधार थे, क्यूंकि नियति कुछ इस प्रकार थी. भगवान राम ने अपने वनवास काल में हनुमान जैसे सेवक, सुग्रीव जैसे मित्रको पाया. नियति ने सीता अपहरण को निम्मित बनाकर रावण का संहार किया. सीता जन्म का उद्देश्य ही रावण संहार था, जिसे श्री राम ने पूरा कर मनुष्य जाति का उद्धार किया.

राम राज्य :

भगवान श्रीराम ने वनवास काल पूरा किया और भरत ने अपने बड़े भाई को अयोध्या का राज पाठ सौंपा. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने एक ऐसे राम राज्य की स्थापना की. जिसे सदैव आदर्श के रूप में देखा गया. राम ने प्रजा हित के सीता का परित्याग किया. अपने दिए गए कर्तव्यों के लिए उन्होंने स्वहित को द्वीतीय स्थान दिया और इस तरह राम राज्य की स्थापना की.

राम के लव कुश :

सीता ने प्रजाहित के लिए राजपाठ का त्याग किया  और अपना जीवन वाल्मीकि आश्रम में व्यतीत किया. इस दौरान सीता ने दो पुत्रो को जन्म दिया, जिनका नाम लव कुश था. यह दोनों ही पिता के समान तेजस्वी थे. इन्ही के हाथो राम ने अपने राज्य को सौंपा और स्वयं ने अपने विष्णु अवतार को धारण कर अपने मानव जीवन को छोड़ा.

राम नवमी क्यों मनाते है (Why We Celebrate Ram Navami)

त्रेता युग में लोग रावण नामक राक्षस के दुराचार से लोग परेशान हो गए थे. रावण महाज्ञानी था और महापराक्रमी होने के साथ ही वह भगवान शिव का महाभक्त भी था. उसे वरदान था कि उसका खात्मा किसी साधारण मनुष्य के वश में नहीं था. तब लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने के लिए भगवान विष्णु ने स्वयं धरती पर अवतार लिया. उनका जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन रानी कौशल्या की कोख से हुआ था. इसलिए यह दिन सभी भारत वासियों के लिए खास है, जिसे विशेष उत्साह के साथ पूरे देश मे मनाया जाता है.

लेकिन रावण का वध करना श्री राम के पूजन का कारण नहीं है, बल्कि श्री राम का पूरा जीवन ही एक उदाहरण है. अपने जीवन चरित्र के चलते श्री राम मर्यादा पुरषोत्तम कहलाए. इनहोने अपने पिता के एक आदेश मात्र पर, महल के सुख त्यागकर वन जीवन को स्वीकार किया था. इस प्रकार इनके जीवन को एक आदर्श जीवन के रूप मे प्रस्तुत करना और आने वाली पीढ़ियों तक यह संदेश पंहुचाना भी इस दिन को मनाने का एक उद्देश्य है.

राम नवमी कैसे मनाई जाती है (How to Celebrate Ram Navami)  

श्रीराम नवमी भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. दोस्तों जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह त्योहार चैत्र माह की नवमी तिथि के दिन पड़ता है. चैत्र माह में माता दुर्गा के नौ रुपों का पूजन किया जाता है. इसी दौरान नवरात्रि के नौवे दिन राम नवमी होती है. हिन्दू धर्म में इस दिन विभिन्न धार्मिक ग्रंथो का पाठ, हवन पूजन, भजन आदि किया जाता है. इस दिन कई लोग शिशु रूप में भगवान राम की मूर्ति पूजा भी करते है. दक्षिण भारतीय लोग इस पर्व को भगवान राम और देवी सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मानते है, परंतु रामायण के अनुसार अयोध्यावासी पंचमी के दिन इनका विवाहोत्सव मनाते है.

अलग अलग क्षेत्रों में इस त्योहार को मनाने का तरीका भी अलग है. जहां अयोध्या और बनारस में इस दिन गंगा और सरयू में स्नान के बाद डुबकी लगाई जाती है और भगवान राम, सीता और हनुमान की रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है, वही अयोध्या, सितामणि, बिहार रामेश्वरम आदि जगहो पर चैत्र पक्ष की नवमी पर भव्य आयोजन किए जाते है. यह दिन सभी हिंदुओं के लिए खास होता है, बस सबके मनाने का तरीका अलग होता है.

कई जगहों पर इस दिन पंडालों में भगवान राम की मूर्ति कि स्थापना भी कि जाती है. यह दिन भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या में विशेष रूप से मनाया जाता है, परंतु यहाँ अब भी भगवान राम का मंदिर बनना बाकी है.

आपकों जानना जरूरी है कि राम का जन्म अभिजित नक्षत्र में दोपहर बारह बजे चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी को हुआ था, कई जगहों पर इस दिन सभी भक्तजन अपना चैत्र नव रात्री का उपवास दोपहर 12 बजे पूर्ण करते हैं. घरो में खीर पुड़ी और हलवे का भोग बनाया जाता हैं. कई जगहों पर राम स्त्रोत, राम बाण, अखंड रामायण आदि का पाठ होता हैं, रथ यात्रा निकाली जाती हैं, मेला सजाया जाता हैं.

पूजा सामाग्री और पूजन विधि (Poojan Samagri and Poojan Vidhi)

पौराणिक भारतीय मान्यता के अनुसार भगवान राम सूर्य के वंशज थे इसलिये यह दिन सूर्योदय के साथ ही सूर्य को जल अर्पण कर शुरूआत की जाती है. इतना ही नहीं इस दिन कई जगहो पर लोग अखंड रामायण का पाठ भी करते है और राम जन्म के समय उनकी मूर्ति का विशेष अभिषेक कर उन्हे तिलक सामाग्री अर्पित की जाती है और फिर उन्हे धूप आदि लगाकर उन्हे भोग अर्पित किया जाता है. भगवान श्रीराम का जीवन यह बात भी दर्शाता है कि जब जब धरती पर अत्याचार बढ़ेंगे और पाप का घड़ा पुण्य से ज्यादा उचा होगा तो आम जनता को उनसे बचाने वाले का भी अवतरण होगा. वैसे तो संपूर्ण भारतीय इतिहास ही इस बात का उदाहरण है तभी तो यहाँ कृष्ण, राम और अन्य कई भगवान के अवतरण के प्रतीक आज भी देखने के लिए मिलते है.

राम नवमी संदेश शायरी (Ram Navami Wish SMS Shayari)

राम न जाने हिन्दू क्या राम न जाने मुस्लिम

राम तो सुनते उन भक्तो की

जिनके कर्मो में धर्म हैं

जिनकी वाणी में सत्य हैं

जिनके कथन से कोई दिल ना दुखे

जिनके जीवन में पाप ना बसे

जो सदमार्ग पर चलता हैं

राम तो बस उसी में मिलता हैं.

Ram Navami Shayari Status In Hindi

अयोध्या जिनका धाम है
राम जिनका नाम हैं
मर्यादा पुरषोतम वो राम हैं
उनके चरणों में हमारा प्रणाम है
जय जय श्री राम
राम नवमी की आपको हार्दिक शुभकामनाएं!
राम नाम का महत्तव न जाने
वो अज्ञानी अभागा हैं
जिसके दिल में राम बसा
वो सुखद जीवन पाता हैं
राम नवमी की हार्दिक बधाई
क्रोध को जिसने जीता हैं
जिनकी भार्या सीता है
जो भरत, शत्रुध्न, लक्ष्मण के हैं भ्राता
जिनके चरणों में हैं हनुमंत लला
वो पुरुषोतम राम है
ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम को
कोटि-कोटि प्रणाम है
राम नवमी की हार्दिक बधाई
मन राम का मंदिर हैं यहाँ उसे विराजे रखना
पाप का कोई भाग नहीं होगा बस राम को थामे रखना
हैप्पी राम नवमी
श्री रामचन्द्र कृपालु भज, मन हरण भवभय दारुणाम
नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज, पद कंजारुणम
राम नवमी की हार्दिक बधाई

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KAMLESH VERMA
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दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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