नागदा न्यूज : आवश्यकता पड़े तो शस्त्र भी उठाए- महामंडलेश्वर आचार्य शेखर

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कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथि।
नागदा न्यूज : आवश्यकता पड़े तो शस्त्र भी उठाए- महामंडलेश्वर आचार्य शेखर । Nagda News: If necessary, take up arms too- Mahamandaleshwar Acharya Shekhar
Nagda News: देश और हिन्दू समाज आज एकजूट की आवश्यकता है जब जरूरत पड़े तो शस्त्र उठाए और शस्त्र के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने कहा हिन्दू समाज को उप्र के मुख्यमंत्री आदित्नाथ योगी की भाषा सीखना होगी। यह बात महामंडलेश्वर एवं अखंड हिंदु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विहिप के केंद्रीय मार्ग दर्शक आचार्य शेखर ने शनिवार को स्नेह कुंज गार्डन नागदा में आयोजित हिन्दू समाज के मिलन समारोह में बतौर अतिथि के रुप में कही।
आचार्य ने कहा कि देश में आज 100 करोड़ हिंदु है। लेकिन यह ताकत तभी संभव है जब एकजुटता का परिचय दे। अतीत के इतिहास पर उन्होंने प्रकाश डालते हुए  मुगलकाल को जमकर कोसा। उन्होने कहा कि देश में आजादी के बाद से गलत व्यक्तियों को शिक्षा मंत्री बनाया और उन्होने के द्वारा देशवासियों को गलत इतिहास पढ़ाया गया और मुगलों को देश का राजा महाराजा बताया गया।
यह भी कहा कि जेहादियों को इस देश में रहने का अधिकार नहीं है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि शहीद भगतसिंह को जिस रस्सी से फांसी दी गई अब वह कहां है। समारोह में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप, बजरंग दल, हिंदुजागरणमंच व सामाजिक संगठन एवं व्ययपारी संगठन
के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
आयोजन हिंदु जागरण मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष भेरूलाल टांक के संयोजन में हुआ। इस मौके  पर कई नागदा शहर के सांधु-संतों एवं पुजारियों का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडेलेश्वर एवं विश्वहिंदु परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक आचार्य शेखर ने लगभग 30 मिनट के उदबोधन में चितंनशील विचारों का प्रवाह किया।
वे कभी देश अतीत के इतिहास पर बोले तो कभी वर्तमान परिस्थतियों पर प्रकाश डाला। आचाय ने कहा कि हिंदुराष्ट्र की घोषणा की कल्पना तभी संभव है जब हिंदु संगठित होकर रहेंगे। यहां तक बोले कि हिंदु संगठित रहेंगे तो  वे सुरक्षित रहेंगे। महामंडलेश्वर ने एक और देश की वर्तमान स्थिति में हिंदुओं को संगठित होने की सीख दी तो आजादी के बाद की स्थिति पर भी प्रकाश डाला।
वे बोले हिंदु उस समय मौन रहा जब  धर्म के आधार पर भारत का विभाजन हुआ। सनातन धर्म पर भी खूब बोले। उन्होंने कहा सनातनी आज भी है औ कल भी रहेंगे।  सनातनी रक्षा करने के लिए है। उन्होंने गुरूगोविदंसिंह के नेक कार्य को भी याद किया। लेकिन इतिहास बदलने वाली सियासी ताकतों पर जमकर बरसे।
यह भी थे मौजूद
समारोह में मंचासीन उज्जैन चारधाम मंदिर के आचार्य रामस्वरुप महाराज ने भी संबोधित करते हुए कहा कि देश व हिन्दू समाज को आज युवाओं की आवश्यकता है। समाज का युवा एकजुट होगा तो हिन्दू समाज का कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
आचार्य ने हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय नेता भेरुलाल टांक के कार्य की प्रशंसा भी की। समारोह के भेरुलाल टाक ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हमेशा हिन्दू समाज का कार्य करते आए है और आगे भी करते रहेगे। पांच वर्ष पूर्व झिरन्या के लोगों द्वारा प्रशासन व राजनेताओं से सांठगांठ कर उनके व उनके परिवार तथा समर्थकों पर झूठा पुलिस प्रकरण दर्ज करवाया था।
ताकि शहर में हिन्दू समाज का कार्य कोई नहीं करे। लेकिन न्यायालय में हिन्दू समाज की जीत हुई और वह प्रकरण झूठा साबित हुआ। समारोह को उज्जैन से आए विहिप के प्रांत सहमंत्री विनोद शर्मा, उज्जैन के अभिभाषक विरेंद्र शर्मा ने भी संबोधित किया।
मंच पर उज्जैन के हिन्दूवादी नेता रुपेश ठाकुर, अखंड हिन्दू सेना के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज प्रजापत, संत जयनाराण दास महाराज, विक्रम गुरु, केशवानंद माहाराज भी मंचासीन थे। समस्त अतिथियों व साधु संत को स्वागत हिन्दू जागरण मंच के नेता भेरुलाला टाक, विहिप के अजय जाटवा व मोनू ठक्कर ने किया।
संचालन जितेंद्र जायसवाल ने किया। समारोह में सिख समाज के हरचरण चावला, विहिप के भंवरलाल, जगदीश धाकड़, रमेश चौधरी, संतकुमार शर्मा, रमेश प्रजापत, आरएसएस के मातादीन जोशी, जितेंद्र कुशवाह आदि मौजूद थे।
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