https://bit.ly/CricazaSK
https://bit.ly/CricazaSK
https://bit.ly/CricazaSK
धर्म

भीमसेन निर्जला एकादशी व्रत की कहानी हिंदी में । Nirjala Ekadashi Vrat Ki Kahani in Hindi

महत्वपूर्ण जानकारी

  • निर्जला एकादशी
  • बुधवार, 31 मई 2023
  • एकादशी तिथि शुरू: 30 मई 2023 दोपहर 01:07 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 31 मई 2023 दोपहर 01:45 बजे

हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसमें भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. वर्ष भर में कुल 24/25 एकादशी के व्रत होते है, जिसमे से हर माह 2 व्रत होते है इसी तरह जून में अपरा एकादशी के बाद निर्जला एकादशी का व्रत आता है. पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत काल में सबसे पहले भीम ने इस व्रत को किया था. इसलिए इसे भीमसेन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है.

सभी एकादशियों की तरह निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2023) में भी व्रत की कथा (Vrat Katha) को सुनना और पढ़ना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है. इस पोस्ट में हम आपको भीमसेनी निर्जला एकादशी 2023 की व्रत कहानी हिंदी में बताने वाले है – Nirjala Ekadashi 2023 Vrat Kahani In Hindi 

भीमसेन निर्जला एकादशी 2023 की व्रत कहानी हिंदी में – Nirjala Ekadashi 2023 Vrat Kahani In Hindi

हिंदू धर्म में प्रचलित एक कथा के अनुसार महाभारत काल में सबसे पहले भीम ने इस व्रत को किया था. इसलिए इसे भीमसेन एकादशी भी कहा जाता है.

भीमसेनी एकादशी की सम्पूर्ण व्रत कहानी कुछ इस प्रकार है-

महाभारत काल में एक बार पाण्डु पुत्र भीम ने महर्षि वेद व्यास जी से पूछा- ‘’हे परम आदरणीय मुनिवर! मेरे परिवार के सभी लोग एकादशी व्रत करते हैं व मुझे भी व्रत करने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन मैं पूरा दिन भूख बरदाशत नहीं रह सकता हूं अत: आप मुझे कृपा करके बताएं कि बिना उपवास किए एकादशी का फल कैसे प्राप्त किया जा सकता है.

```
```

भीम के विनम्र अनुरोध पर वेद व्यास जी ने प्रतिउत्तर में कहा- ‘’पुत्र तुम निर्जला एकादशी का व्रत करो, इसे निर्जला एकादशी कहते हैं. इस दिन अन्न और जल दोनों का त्याग करना पड़ता है. जो भी इंसान एकादशी तिथि के सूर्योदय से द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक बिना पानी पीए रहता है और सच्ची श्रद्धा से निर्जला व्रत का पालन करता है, उसे साल में जितनी एकादशी आती हैं उन सब एकादशी का फल इस एक एकादशी का व्रत करने से मिल जाता है. महर्षि वेद व्यास के वचन सुनकर भीमसेन निर्जला एकादशी व्रत का पालन करने लगे और पाप मुक्त हो गए.

अन्य जानकारी-

KAMLESH VERMA

बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है.

Related Articles

Back to top button
DMCA.com Protection Status
सवाल जवाब शायरी- पढ़िए सीकर की पायल ने जीता बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सफल लोगों की अच्छी आदतें, जानें आलस क्यों आता हैं, जानिएं इसका कारण आम खाने के जबरदस्त फायदे Best Aansoo Shayari – पढ़िए शायरी