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नहाने का सही और आयुर्वेदिक तरीका [Bathing tips in Hindi]

नहाने का सही और आयुर्वेदिक तरीका [Bathing tips in Hindi] नहाने का सही आयुर्वेदिक तरीका

मनुष्य आधुनिक परिवेश को अपना चुका हैं. चेहरे पर फेस मास्क आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका हैं. कारण कोरोना वायरस से स्वयं का बचाव करना. फेस मास्क और स्वच्छता का ख्याल रखने के लिए भारत सरकार द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं. लोगों को नहाने, हाथों को दिन में चार से पांच बार धोने की हिदायत दी जा रही हैं. ऐसे में नहाने का सही और विज्ञानिक तरीका जानना आवश्यक हैं. लेख के माध्यम से हम आपके लिए नहाने का सही और वैज्ञानिक तरीका [Bathing tips in Hindi] नहाने का सही आयुर्वेदिक तरीका लेकर आएं है. तरीका जानने से पहले नहाने से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी जानकारी से रूबरू हो जाते हैं.

  1. शरीर की तासीर के अनुसार पानी का उपयोग करे.
  2. त्वचा के अनुसार साबुन का इस्तेमाल करे.
  3. उबटन का उपयोग करे.
  4. नोकरी पेशा है तो रात में नहाकर सोए, इससे दिनभर की थकान दूर होगी.
  5. रोजाना दिन में कम से कम एक बार अवश्य नहाए.

शरीर की तासीर के अनुसार पानी का उपयोग करें

हमें सबसे पहले अपने शरीर की तासीर का पता होना चाइए. तासीर से मतलब है कि, हमारे शरीर का तापमान गर्म है या ठंडा. कुछ लोगों को हल्का सा भी ठंडा पानी लगने पर उन्हें सर्दी हो जाती है या छीक चलने लगती है.ऐसे लोगों हमेशा हल्के गुनगुने पानी से नहाना चाइए. जिन लोगों की बॉडी का तापमान हमेशा गर्म रहता है उन्हें ठंडे पानी से नहाना चाइए.

त्वचा के अनुसार साबुन का उपयोग करें

सवेंदनशील त्वचा जिसका अर्थ होता है कि, किसी भी रसायन युक्त वस्तु के संपर्क में आने पर स्किन अपर फुंसिया या दाने उठ जाना. ऐसी त्वचा वाले लोगों को स्किन को सूट करने वाले साबुन का उपयोग करना चाइए. अक्सर देखने में आता है कि, लोग किसी के भी कहने पर साबुन बदल लेते है. ऐसा बिल्कुल ना करें.

उबटन का उपयोग करें

वर्तमान समय में शादी के पूर्व ही लोग उबटन का उपयोग करते हैं. दक्षिण भारत में महिलाएं रोजाना उबटन लगाकर नहाती हैं. बाजार में तमाम तरह के उत्पाद आने के कारण लोग उबटन का उपयोग करना लगभग भूल ही गए है. हफ्ते में एक बार उबटन लगाकर जरूर नहाना चाइए. हल्दी और आटे के घोल को देशी उबटन कहा जाता हैं. इसमें सरसों के बीज को पीस कर मिलाया जाता हैं. उबटन लगाने से त्वचा में चमक आती हैं.

नोकरी पेशा है तो रात में नहाकर सोए

दोस्तों यदि आप नौकरी पेशा हैं. दिनभर काम करने के बाद घर लौटने पर आपकों काफी थकान महसूस होती होगी. ऐसे में आपकों स्नान करके ही सोना चाहिए. थकान दूर होगी.नाैकरी पेशा लोग दिनभर का तनाव होने से चिडचिडापन, थकान होने लगती है. नहाने के बाद आपकों स्फूर्ति महसूस होगी.

रोजाना दिन में कम से कम एक बार अवश्य नहाए

भारतीय लोगों में आलसी होने का गुण पाया जाता हैं. आलस्य के कारण कई लोग नहाते तक नहीं. इतना ही नहीं हद तो तब हो जाती है, जब शीत ऋतु में कुछ लोग कई दिनों तक नहीं स्नान करते. ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए. स्वस्थ्य रहने के लिए दिन में कम से कम एक बार आवश्यक रूप से नहाना चाहिए. नियमित स्नान दैनिक दिनचर्या का हिस्सा हैं. अतः दिन में एक बार ज़रुर नहाए.

Bathing tips in Hindi

नियमित नहाने के लाभ (Benefits of Talking Bath Daily)
चलिए जानते हैं नहाने के क्या-क्या फायदें हैं-

नियमित रूप से नहाना स्वास्थ्य के लिए से स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, नहाने की महत्वता को समझने के लिए हम आपकों कुछ फायदे बता रहे हैं. दोस्तों नहाने से होने वाले लाभ निम्न प्रकार से हैं-

  • ताज़गी महसूस होती है.
  • अच्छे विचार आते है.
  • नहाने से परिसंचरण में सुधार आता है.
  • शरीर से बदबू नहीं आती है.
  • शरीर साफ़ रहता है.
  • शरीर में किसी तरह का मेल नहीं जमता है.
  • मासपेशियो में दर्द कम रहता है.
  • सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान रहता है.
  • नहाने से आपके शरीर का रक्तचाप भी कम करने में सहायता मिलती है.
  • नहाने से त्वचा के छिद्र खुल जाते है और त्वचा में निखार आता है.
  • बीमारियां दूर रहती है.

नहाने का सही तरीका क्या हैं (Proper Way to Take Bath)
दोस्तों चलिए हम जानते हैं नहाने का सही तरीका क्या है ?

आपकों सोचकर आश्चर्य हो रहा होगा कि, नहाने का सही तरीका भी होता है क्या? सिर्फ नहाना ही काफ़ी नहीं है. स्नान करने के सही तरीके बारे में आपकों जानना अति आवश्यक है. जी हां, दोस्तों नहाने का भी एक सही और वैज्ञानिक तरीका होता है. स्नान करने के लिए सबसे पहले आपकों सिर से पानी डालकर करना चाहिए. अधिकांश लोग नहाने की शुरुआत पैरों पर पानी डालकर करते हैं, जो कि बहुत ही गलत तरीका है. सिर पर पानी डालकर नहाने से पूरे शरीर की गर्मी पैरों के रास्ते नीचे आ जाती है. आयुर्वेद में भी नहाने की शुरुआत को सिर से करने के लिए कहा गया है, जिसके बाद आप कंधे पर और हाथ पर पानी डाले और सबसे आखिरी में अपने पैरो पर पानी डाले. हमारे द्वारा बताए गए तरीके से स्नान करेंगे तो आपको स्वास्थ्य लाभ जरूर मिलेगा.

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Harshita Verma

हर्षिता वर्मा newsmug.in की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं. यह newsmug.in के लिए सेहत और धर्म से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. यह न्यूज़मग.इन की SEO एक्सपर्ट हैं, इनके कठोर प्रयासों के कारण newsmug.in एक सफल हिंदी न्यूज़ वेबसाइट बनी हैं.

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