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गुहेरी (बिलनी) के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव – Stye Eye (hordeolum) causes, symptoms, treatment in Hindi

गुहेरी (बिलनी) के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव – Stye Eye (hordeolum) causes, symptoms, treatment in Hindi

Stye Eye or Hordeolum in hindi : गुहेरी (आँख में फुंसी) एक लाल रंग की गांठ या फुंसी होती हैं। यह आंखों ऊपरी या निचली पलक पर होती है। बता दें कि, आँख की पलक पर एक तेल ग्रंथि या बालों के रोम में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण गुहेरी होती है। अधिकांश स्टाई (गुहेरी) की शुरुआत पलकों के साइड में एक छोटी फुंसी के रूप में होती है, जो एक लाल, दर्दनाक गांठ में तब्दील हो जाती है। हालांकि सभी गुहेरी पलक के बाहर की ओर होती हैं, जबकि कुछ पलक के अंदर की ओर भी निर्मित हो सकती हैं। कुछ गुहेरी अपने आप ठीक हो जाती हैं, जबकि कई स्थितियों में चिकित्सकों के उपचार की जरूरत पड़ सकती है। इस बेहतरीन पोस्ट में आप जानेगें कि आंख की गुहेरी (बिलनी) क्या है,आँख में गुहेरी या बिलनी क्यों होती है?,  इसके कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी।

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What is stye eye (hordeolum) in Hindi

गुहेरी क्या है? – What is stye eye (hordeolum) in Hindi

स्टाई या गुहेरी, आँख की पलक के बाहरी किनारे पर लाल रंग की गांठ होती है। यह पीले रंग के मवाद और भड़काऊ कोशिकाओं से भरी होती है, जो स्पर्श करने पर बेहद संवेदनशील और बहुत दर्दनाक देने वाली हो सकती है। डॉक्टर गुहेरी या स्टाई को बिलनी (hordeolum) कहते हैं। गुहेरी एक प्रकार का आंखों का संक्रमण है, जो स्टाफीलोकोकस बैक्टीरिया (Staphylococcus bacteria) के कारण होता है।

पलक की सतह पर सामान्य रूप से रहने वाले बैक्टीरिया कभी-कभी एक तैलीय ग्रंथि (oil gland) को अवरुद्ध कर, उसमें सूजन का कारण बनते हैं। इस स्थिति में आँख की पलक पर उत्पन्न गांठ लाल और दर्दनाक होती है तथा फोड़े या फुंसी जैसी दिखती है।

गुहेरी दो प्रकार की होती है आंतरिक और बाह्य। बाहरी गुहेरी बहुत अधिक सामान्य है, जो कि बरौनी कूप (eyelash follicle) में उत्पन्न होती है। कभी-कभी, यह पलक के बाहरी किनारे पर स्थित एक तेल (वसामय) ग्रंथि (oil gland) में उत्पन्न होती है। आंतरिक गुहेरी पलक ऊतक के भीतर एक तेल ग्रंथि (मीबोमियन ग्रंथि) में उत्पन्न होती है। जैसे-जैसे यह बढ़ती है, वैसे-वैसे आंखों पर दबाव बढ़ता है। इसलिए आंतरिक गुहेरी, बाहरी गुहेरी (स्टाई) की तुलना में अधिक दर्दनाक होती है।

अब हम पोस्ट के जरिए जानेगें कि आँख में गुहेरी क्यों होती है?

आँख में गुहेरी के कारण – Stye eye causes in Hindi

पलक पर एक तेल ग्रंथि या बालों के रोम में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण गुहेरी होती है। आँख की पलक पर मौजूद यह तैलीय ग्रंथियां और रोम, डेड स्किन सेल्स और अन्य गंदगी से बंद हो जाते हैं और इनके अंदर बैक्टीरिया फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति संक्रमण का कारण बनती है, जिसके परिणामस्वरूप पलक पर सूजन, दर्दनाक गांठ उत्पन्न हो जाती है। गुहेरी संक्रामक नहीं हैं, लेकिन संक्रमित मेकअप के माध्यम से बैक्टीरिया को स्थानांतरित किया जा सकता है।

आँख में गुहेरी होने के जोखिम कारक – Stye eye Risk factors in Hindi

अपनी आंख को छूना या रगड़ना बैक्टीरिया को स्थानांतरित करने का सबसे आम तरीका है। आंख में बैक्टीरिया के प्रवेश होने के जोखिम को बढ़ाने वाले कुछ कारकों में निम्न शामिल हैं:

  • फीवर या एलर्जी से आंखों में खुजली होना
  • दूषित काजल या आई लाइनर का उपयोग करना
  • सोने से पहले आंखों का मेकअप नहीं हटाना
  • रोसैसिया और सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा की स्थितियां
  • पर्याप्त नींद न लेना, जिसकी बजह से आँखों में जलन होना
  • कॉन्टेक्ट लेंस लगाने से पहले उन्हें कीटाणुरहित न करना
  • बिना हाथ धोए कॉन्टैक्ट लेंस बदलना
  • गंदे कपड़े या तौलिये से चेहरे को साफ करना।

आँख में गुहेरी होने के लक्षण – Stye eye symptoms in Hindi

आमतौर पर, गुहेरी एक समय में केवल एक आंख में ही दिखाई देती है। हालांकि, एक ही आंख में या प्रत्येक आंख में एक से अधिक गुहेरी उत्पन्न होना संभव है।

बिलनी या गुहेरी होने के लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • आँख की पलक पर एक गांठ उत्पन्न होना
  • पलकों में सूजन आना
  • आँख दर्द होना
  • आँख और पलकों में लालिमा या आँखों का लाल होना
  • धुंधली दृष्टि
  • आँखों में जलन का अहसास
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • आंख में खुजली होना
  • पलक झपकते ही बेचैनी या किरकिरा एहसास
  • ऐसा महसूस होना कि आँख में कुछ है।

यदि स्टाई या गुहेरी 1 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है तो उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा दृष्टि संबंधी समस्याएं, दर्दनाक सूजन और अन्य असुविधा का अहसास होने पर भी आप डॉक्टर की सहायता ले सकते हैं।

गुहेरी के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं? – When to see a doctor for Stye eye in Hindi

गुहेरी आमतौर पर कुछ दिनों बाद बिना इलाज के ठीक हो जाती है। कुछ स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता होती है, जिसमें शामिल हैं:

  • यदि गुहेरी 1 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है और लक्षणों में कोई सुधार नहीं होता है।
  • लक्षण तेजी से विकसित होते है और समय के साथ खराब होते जाते हैं।
  • सूजन में वृद्धि होना जो गंभीर संक्रमण विकसित होने का संकेत है।
  • दृष्टि से सम्बंधित समस्याएं उत्पन्न होना।

स्टाई (गुहेरी) का निदान – Stye eye diagnosis in Hindi

डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों को देखकर गुहेरी का निदान कर सकता है। इसके निदान के लिए कोई विशेष परीक्षण की जरूरत नहीं होती है।

गुहेरी (बिलनी) का इलाज – Stye eye treatment in Hindi

अधिकांश आंख की गुहेरी लगभग एक सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाती हैं। यदि गुहेरी ठीक नहीं हो रही है, तो इसके इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह पर टॉपिकल एंटीबायोटिक (Topical antibiotic) अर्थात एंटीबायोटिक क्रीम और आई ड्रॉप का उपयोग किया जा सकता है। यदि संक्रमण अधिक फैल जाता है, तो डॉक्टर मौखिक एंटीबायोटिक दवाएं भी निर्धारित की कर सकता है।

यदि आपकी स्टाई गर्म सेक और सामयिक एंटीबायोटिक दवाओं के बावजूद बनी रहती है, तो आपका डॉक्टर चीरा (incision) और जल निकासी (drainage) कर सकता है। यह प्रक्रिया डॉक्टर के कार्यालय में की जाती है। गुहेरी से पीड़ित व्यक्ति की पलक को सुन्न करने के बाद, डॉक्टर गांठ पर छोटा चीरा लगाते हैं और मवाद तथा मलबे (debris) को हटा देता हैं। हटाई गई सामग्री का आमतौर पर एक सूक्ष्मदर्शी द्वारा परीक्षण किया जा सकता है ताकि वसामय कार्सिनोमा नामक कैंसर का पता लगाया जा सके।

कभी-कभी आई स्टाई (आंख की गुहेरी) पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाती और आपका शरीर आँख की सूजन को दूर करने के लिए इसे बंद कर देता है। जिसके परिणामस्वरूप आँख की पलक पर एक रबड़ के समान दर्दहीन गांठ बन जाती है, जिसे चेलेजियन (chalazion) कहा जाता है। यह एक गुहेरी की तरह दिखता है, लेकिन यह गुहेरी की तरह आँख का संक्रमण नहीं है।

गुहेरी का घरेलू उपचार – Stye eye home remedy in Hindi

आँख में गुहेरी का घरेलू उपचार करने के लिए एक गर्म संपीड़न (warm compress) असरदार उपाय है। आप गर्म पानी में एक वॉशक्लॉथ को भिगोकर गुहेरी की सिकाई कर सकते हैं याद रहे कि पानी उतना ही गर्म होना चाहिए, जितना आप अपनी त्वचा को जलाए बिना सहन कर सकते हैं।

गुहेरी होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को दिन में तीन से चार बार 10 से 15 मिनट के लिए वार्म कंप्रेस (warm compress) का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। गुहेरी होने के जोखिम को कम करने के लिए दिन में एक बार वार्म कंप्रेस का उपयोग करने से बार-बार होने वाली स्टाई (गुहेरी) को रोका जा सकता है।

ड्रेनेज (drainage) और क्रस्टिंग (crusting) को हटाने के लिए रुई की पट्टी (cotton swab) पर सौम्य शैम्पू या माइल्ड सोप (mild soap) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुहेरी होने पर क्या सावधानियां रखनी चाहिए? – What precautions should be taken in Stye eye in Hindi

गुहेरी होने की स्थिति में व्यक्ति को निम्न सावधानियां रखनी चाहिए:

  • अपने हांथों को बार-बार धोएं।
  • मस्कारा या आईलाइनर लगाने से बचें।
  • मेकअप के सभी पुराने समान को हटा दें।
  • कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल न करें।
  • किसी ओर के मेकअप का इस्तेमाल करने से बचें।
  • कभी भी गुहेरी को निचोड़ने की कोशिश न करें। ऐसा करने से पलक के बाकी हिस्सों में संक्रमण फैल सकता है।

आंख की गुहेरी से बचने के उपाय – Stye eye prevention in Hindi

गुहेरी होने के जोखिम को कम करने और इससे बचने के लिए आप कुछ तरीके अपना सकते हैं जिनमें शामिल हैं:

  • अपनी आंखों को छूने या रगड़ने से बचें।
  • एलर्जिक राइनाइटिस या एलर्जी से होने वाली खुजली से राहत पाने के लिए दवाएं लें।
  • ब्लेफेराइटिस (blepharitis), रोजेशिया (rosacea) और सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस (seborrheic dermatitis) का इलाज कर गुहेरी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस को साफ और कीटाणुरहित रखें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस को छूने से पहले अपने हाथ धो लें।
  • डिस्पोजेबल कॉन्टैक्ट लेंस का पुन: उपयोग न करें।
  • अपने हाथों को साबुन और गर्म पानी से नियमित रूप से धोएं, या ऐसे अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।

KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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