इंटरनेट के प्रकार । internet k prakar in hindi (internet kya hai)

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इंटरनेट के प्रकार । internet k prakar in hindi (internet kya hai)

इंटरनेट क्या है, इस बारे में क्या आपके मन में कभी सवाल उठा हैं कि, Internet कितने प्रकार के हैं? या इंटरनेट का केवल एक ही रूप होता हैं. यदि आप के मन में भी इस तरह का सवाल उबल रहा हैं, तो यह पोस्ट आपको अंत तक जरूर पढ़नी चाहिए क्योंकि इस पोस्ट में आपको Internet के प्रकार के साथ साथ इंटरनेट से जुड़ी दूसरी तमाम महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे इंटरनेट कनेक्शन कितने प्रकार के होते हैं? इंटरनेट नेटवर्क के प्रकार क्या है? इन सभी विषयों के बारे में आप विस्तार में जानेंगे.

इंटरनेट कितने प्रकार के होते हैं?

तकनीकी युग की पीढ़ी को भली भाती पता है कि, इंटरनेट कंप्यूटर नेटवर्क का एक बहुत बड़ा जालतंत्र है. वैसे तो Internet का अपना कोई प्रकार नहीं है. लेकिन इंटरनेट का इस्तेमाल करने के बाद कई सारे सवाल पैदा होते हैं जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं. जैसे इंटरनेट के नेटवर्क कितने तरह के होते हैं? इंटरनेट कनेक्शन कितने तरह के होते हैं?

तो इस तरह देखे तो Internet के प्रकार को connection के ताैर पर दिखाया जा सकता है.

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इंटरनेट कनेक्शन के प्रकार

Internet कनेक्शन के बारे में आपने पहले भी सुना या पढ़ा होगा. इंटरनेट बिना इंटरनेट कनेक्शन के नहीं चलाया जा सकता. सीधे शब्दों में कहा जाए तो बिना इंटरनेट के गूगल क्रोम में कुछ भी सर्च नहीं किया जा सकता. जहां इंटरनेट कंप्यूटर नेटवर्क का जाल है वही इंटरनेट कनेक्शन के द्वारा इंटरनेट के सभी काम किए जाते हैं. इंटरनेट कनेक्शन कई अलग-अलग तरह के होते हैं. इंटरनेट को हिंदी में जालतंत्र कहा जाता है.

1. Dial-up Connection / PSTN (Public Service Telephone Network) Connection

जब किसी टेलीफ़ोन लाइन का इस्तेमाल कर कंप्यूटर में Internet सेवाएं प्रदान की जाती है. तब वो काम डायल अप कनेक्शन के जरिए होता है. इस तरह टेलीफोन लाइन से कंप्यूटर में Internet दिए जाने की सुविधा को Dial up connection कहते हैं.

डायलॉग कनेक्शन में कंप्यूटर और आईपी सरवर के बीच एक अस्थाई संबंध या कनेक्शन बनाया जाता है. इस तरह के कनेक्शन modem के मदद से बनाए जाते हैं. यह कनेक्शन दूसरे कनेक्शन की तुलना में अपेक्षाकृत बेहद ही सस्ता होता है. इस तरह के कनेक्शन में इस्तेमाल होने वाले डाटा को kbps और mbps में मापा जाता हैं. आसान भाषा में समझाा जाएं तो यह Internet की गति को दर्शाता है.

2. ISDN Connection

Integrated Service Digital Network डायल अप कनेक्शन के तुलना में बेहद अधिक महंगा होता है. लेकिन डायल अप कनेक्शन की अपेक्षा इसकी स्पीड ज्यादा होती हैं. और यह कनेक्शन ज्यादा बेहतर Internet सेवा प्रदान करता हैं.

3. Leased Line Connection

लीज्ड लाइन कनेक्शन एक टेलीफोन लाइन से कंप्यूटर और आईपी सर्वर के जरिए जुड़ा होता है. इस प्रकार के connection का उपयोग 24 घंटे 365 दिन  किया जा सकता है. यह connection दूसरे कनेक्शन के तुलना में ज्यादा महंगी होती है.

4. Very Small Aperture Terminal (VSAT)

इस इंटरनेट connection को Geosynchronous Satellite के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस तरह के कनेक्शन Geo-Synchronous Satellite से जुड़े होते हैं. इस प्रकार के connection अधिकांशत: दूरसंचार और सूचना सेवा जैसे कार्यों में अधिक किया जाता हैं.

एक खास तरह का ग्राउंड स्टेशन होता है. VSAT की मदद से जिन माध्यमों के बीच सूचना आदान-प्रदान किया जाता है उसे Hub कहते हैं.

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5. Broadband Connection

यह connection में भी Internet को कंप्यूटर तक पहुंचाने के लिए टेलीफोन के तार का ही उपयोग किया जाता है. इस तरह कनेक्शन का उपयोग हाई स्पीड इंटरनेट डाटा को एक्सेस करने के लिए किया जाता है. इस तरह के कनेक्शन की कीमत दूसरे कनेक्शन से थोड़ी ज्यादा होती है. Broadband connection, चार प्रकार से हाई स्पीड डाटा यूजर को प्रदान करता है –

1. Digital subscriber line (DSL)
2. Cable modem
3. Fibre Optic
4. Broadband over power line

6. Wireless Internet Connection

इस प्रकार के इंटरनेट Internet में यूज़र को बिना किसी टेलीफोन तार के इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है. इस तरह के कनेक्शन में किसी भी तरह के तार का इस्तेमाल नहीं होता है. इस तरह के कनेक्शन में radio frequency band के जरिए डिवाइस को Internet सुविधाएँ उपयोगकर्ता को प्रदान की जाती हैं. इस तरह के कनेक्शन तो वैसे बहुत अच्छे होते हैं लेकिन नेटवर्क कवरिंग एरिया में ना होने पर यह कनेक्शन काम नहीं करता है.

7. Satellite Internet Connection

इस तरह का इंटरनेट कनेक्शन सेटेलाइट के मदद से स्थापित किया जाता है. सेटेलाइट सिग्नल के मदद से के कनेक्शन data कों यूज़र तक पहुँचाते हैं.

8. Mobile Internet Connection

Internet कनेक्शन का इस्तेमाल मोबाइल में गूगल क्रोम ब्राउजर में जानकारियां सर्च करने के लिए किया जाता है. इस तरह का Internet कनेक्शन टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों द्वारा कुछ भिन्न-भिन्न प्रकार के plan में दिया जाता है. यूजर इन प्लान को अपने उपयोग के अनुसार खरीदते हैं और नल कनेक्शन के जरिए इंटरनेट पर काम करते हैं.

Connectivity क्या है?

Connectivity के द्वारा ही हम अपने मोबाइल, कंप्यूटर या कंप्यूटर नेटवर्क में इंटरनेट की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं. Connectivity के बिना किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर में इंटरनेट का यूज नहीं किया जा सकता. कनेक्टिविटी इंटरनेट को मोबाइल और कंप्यूटर से जोड़ने का काम करता है. इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करके जब कोई डिवाइस इंटरनेट से जुड़ता है तो वह प्रक्रिया कनेक्टिविटी कहलाता हैं.

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ISDN का फ़ुल फ़ॉर्म क्या है?

ISDN का फ़ुल फ़ॉर्म है Integrated Service Digital Network.

भारत के कुछ प्रमुख इंटर्नेट सर्विस प्रवाइडर कौन कौन हैं?

भारत के प्रमुख इंटर्नेट सर्विस प्रवाइडर में शामिल हैं Reliance Jio, Airtel, BSNL, Vodafone Idea, Act Fibernet, Hathway इत्यादि.

इंटरनेट किस प्रकार का नेटवर्क है?

इंटरनेट एक WAN का सबसे बड़ा उदाहरण है, जो दुनिया भर के सभी कंप्यूटरों को एक साथ जोड़ता है.

आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों मुझे आशा हैं कि इंटरनेट के प्रकार को समझने के बाद आप का इंटरनेट के विषय में काफी जानकारी बढ़ी होगी. अगर आप को हमारा ये काम अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए ताकि वे भी कुछ नया सीख सके.

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