12 अमावस्या के नाम और सावधानियां (12 Amavasya Name In Hindi)
हिंदू धर्म में चन्द्रमा की 16वीं कला को ‘अमा’ कहा गया है. इसके अंतर्गत चन्द्रमा की 16 कलाओं की शक्ति मौजूद हैं. अमा के अनेक नाम आए हैं, जैसे – अमावस्या, सूर्य-चन्द्र संगम, पंचदशी, अमावसी, अमावासी या अमामासी. अमावस्या के दिन आसमान में चन्द्र नहीं दिखाई देता मतलब जिसका क्षय और उदय नहीं होता है उसे अमावस्या कहते हैं, तब इसे ‘कुहू अमावस्या’ भी कहा जाता है. अमावस्या सूर्य और चन्द्र के मिलन का काल है. इस दिन दोनों ही एक ही राशि में रहते हैं. अमावस्या माह में एक बार ही आती है. अर्थात पूरे वर्ष में 12 अमावस्याएं होती हैं. शास्त्रों में अमावस्या तिथि का स्वामी पितृदेव को माना जाता है. पोस्ट के जरिए जानेंगे 12 अमावस्या के नाम और सावधानियां (12 Amavasya Name In Hindi)
हिंदू धर्म की प्रमुख अमावस्याएं : सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या, हरियाली अमावस्या, दिवाली अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या आदि मुख्य अमावस्या होती है.

7.दिवाली अमावस्या- कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली अमावस्या कहते हैं. इस दिन दीपोत्सव मनाया जाता है. मूल रूप से यह अमावस्या माता कालीका से जुड़ी हुई है इसीलिए उनकी पूजा का महत्व है. इस दिन लक्ष्मी पूजा का महत्व भी है। कहते हैं कि दोनों ही देवियों का इसी दिन जन्म हुआ था.
8.कुशग्रहणी अमावस्या- कुश एकत्रित करने के कारण ही इसे कुशग्रहणी अमावस्या कहा जाता है. हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में इसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा गया है. इस दिन को पिथौरा अमावस्या भी कहा जाता है। पिथौरा अमावस्या को देवी दुर्गा की पूजा की जाती है.


