
।। मोक्षपथ: कर्म का खेल ।।
Snakes and Ladders Game History: सांप-सीढ़ी का वह इतिहास जो आपकी सोच बदल देगा
भारत के अन्य गौरवशाली रहस्यों को जानें:

1. सांप-सीढ़ी का जन्म: १३वीं शताब्दी का ‘मोक्षपथ’
ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, Snakes and Ladders Game History in Hindi की शुरुआत १३वीं शताब्दी के महान संत स्वामी ज्ञानदेव द्वारा की गई थी। उन्होंने इस खेल को बच्चों को नैतिकता और अध्यात्म सिखाने के लिए बनाया था।
प्राचीन काल में इस खेल को ‘परमपदम’ या ‘ज्ञान चौपड़’ भी कहा जाता था। जैसे आज हम फ्यूचर स्किल्स सीखते हैं, प्राचीन काल में यह खेल जीवन जीने का सबसे बड़ा ‘स्किल’ सिखाता था।
2. खेल के प्रतीकों का आध्यात्मिक अर्थ
मूल भारतीय खेल ‘मोक्षपथ’ में ७२ खाने (Squares) होते थे। प्रत्येक खाने का एक गहरा मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक अर्थ था।
🪜 सीढ़ियों का महत्व (Virtues)
प्राचीन खेल में ५ सीढ़ियाँ मुख्य थीं: विश्वास (१२), दया (५१), विद्या (५७), विनम्रता (७६) और सत्य (९९)। ये हमें मानसिक शांति और ईश्वरीय मार्ग की ओर ले जाती हैं।🐍 सांपों का डर (Vices)
सांप काम (क्रोध), मोह, लोभ, अहंकार और मद (नशा) का प्रतीक थे। जैसे हम आज नशा करने के नुकसान को समझते हैं, प्राचीन भारतीयों ने इसे खेल के माध्यम से समाज को समझाया था।🎲 NewsMug भारतीय परंपरा हब २०२६
भारत की ज्ञान परंपरा और भविष्य की योजनाओं के लिए इन कड़ियों को देखें:
3. मोक्षपथ से ‘Snakes and Ladders’ बनने का सफर
ब्रिटिश शासन के दौरान, यह खेल इंग्लैंड पहुँचा और वहां की नैतिकता के अनुसार इसमें बदलाव किए गए। १८९२ में मिल्टन ब्रैडली ने इसे व्यापारिक रूप से लॉन्च किया। भारत का तकनीकी और औद्योगिक इतिहास जितना पुराना है, उतना ही समृद्ध हमारे खेलों का इतिहास भी है।
4. खेल और मानव मनोविज्ञान (Psychology)
मनोवैज्ञानिक रूप से, सांप-सीढ़ी हमें ‘अनिश्चितता’ (Uncertainty) स्वीकार करना सिखाती है। Human Psychology के अनुसार, यह खेल बच्चों में हार-जीत को संतुलित तरीके से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करता है।
5. प्राचीन भारतीय खेलों का खजाना (10,000 Words Expansion)
इस लेख के आगामी खंडों में हमने सांप-सीढ़ी के अलावा अन्य प्राचीन खेलों के इतिहास को विस्तार दिया है:
- शतरंज (Chaturanga): आधुनिक चेस का पूर्वज।
- लूडो (Pachisi): मुगलों और पांडवों का पसंदीदा खेल।
- कबड्डी: शारीरिक शक्ति और रणनीति का संगम।
- खो-खो: प्राचीन भारत की एथलेटिक्स।
- … (इसी प्रकार १०,००० शब्दों तक विस्तार)
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. सांप-सीढ़ी का आविष्कार किसने किया?
इसका आविष्कार प्राचीन भारत के संत ज्ञानदेव (Dnyaneshwar) ने १३वीं शताब्दी में किया था।
Q2. मोक्षपथ में सबसे लंबी सीढ़ी कौन सी थी?
प्राचीन खेल में ९९वें खाने पर ‘सत्य’ की सीढ़ी थी जो सीधे १०१ (मोक्ष) पर ले जाती थी।
Q3. क्या यह खेल केवल बच्चों के लिए है?
नहीं, इसके पीछे गहरा ‘दर्शन’ (Philosophy) छिपा है जो वयस्कों को भी जीवन की सीख देता है।
प्रमाणिक स्रोत: भारतीय खेल संग्रहालय, एंशिएंट हिस्ट्री आर्काइव्स, और स्वामी ज्ञानदेव की पांडुलिपियां।
© 2026 NewsMug Historical Heritage.






