अभिभाषक की हत्या करने वाली पत्नी को आजीवन कारावास

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मां के जेल जाने के दौरान विलाप करती बेटी.
अभिभाषक की हत्या करने वाली पत्नी, सास, ससुर व साले को आजीवन कारावास ।Nagda News: Life imprisonment for the wife who killed the advocate । ससुराल में पेट्रोल डालकर जला दिया था झाबुआ के अभिभाषक को
Nagda News. पत्नी को लेने ससुराल नागदा आए झाबुआ के एक युवा अभिभाषक को ससुराल पक्ष में जिंदा जला दिया था। उपचार के दौरान अभिभाषक ने दम तोड़ दिया था। इस प्रकरण में मंगलवार को एडीजे न्यायालय ने आरोपी अभिभाषक की पत्नि, सास, ससुर व साले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस सजा के बाद ससुराल पक्ष के मायूस हो गए। न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नि, सास व साले को गिरफ्तार कर लिया। चूंकि यह चारो जमानत पर रिहा हो गए थे जबकि मृतक का ससुर जेल में ही बंद है। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी अपर जिलालोक अभियोजक केशव रघुवंशी ने की थी।
सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस कस्टडी में आरोपी पक्ष.
फैसला न्यायाधीश वंदना राजपांडेय  ने सुनाया। आरोपियों को धारा १४७, ३०२, ५०६ में सजा सुनाई गई। जबकि आरोपियों के खिलाफ प्रकरण १४७,१४९,३०२,३०७,३२३,२९४ में दर्ज हुआ था।
क्या है मामला
झाबुआ के निवासी अभिभाषक नरेन्द्र पिता जगदीश गोयल का विवाह नागदा में पुरानी नगर पालिका के समीप पीरूलाल जाजोरिया की पुत्री रीना से हुआ था। लगभग ४ वर्ष पूर्व २५ मई २०१७ को अभिभाषक अपनी पत्नि को लेने अपने ससुराल नागदा आया था।
लेकिन यहां पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद ससुराल पक्ष ने जमाई पर पेट्रोल छिडककर आग गला दी। जैसे तैसे डायल १०० मौके पर पहुंची थी ओर घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले गई थी। जहां से गंभीर रूप से उसे इंदौर रैफर कर दिया गया था।
मां के जेल जाने के दौरान विलाप करती बेटी.
३० जून २०१७ को उपचार के दौरान अभिभाषक नरेन्द्र की मौत हो गई थी। इसके पूर्व नरेन्द्र ने नागदा पुलिस के समक्ष बयान दिए थे । नरेन्द्र ने बताया था कि विवाद के दोरान वह बाथरूम में छिप गया था। लेकिन पत्नि के कहने पर वह बाहर आया तो उसके ससुर पीरूलाल ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। जलती हालत में वह घर के बाहर आया ओर पडोसियों ने डायल १०० को सूचना कर दी थी।
इनको सुनाई सजा
पुलिस ने इस प्रकरण में नरेन्द्र की रिपोर्ट पर उनकी पत्नि रीना, ससुर पीरूलाल, सास बसंतीबाई, कमलाबाई व साले विनोद जाजोरिया, के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। सभी आरोपीगण को धारा १४७ में एक वर्ष का सक्षम कारावास धारा ३०२ में आजीवन कारावास व धारा ५०६,(२) में पांच साल का कारावास तथा एक हजार रूपए का जुर्माना किया गया।

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