कबीर धर्मदास वंश गुरु गद्दी: ४२ पीढ़ियों का इतिहास और १६ वंशाचार्यों की जीवनीAuto Draft

कबीर धर्मदास वंश गुरु गद्दी: ८०० वर्षों की दिव्य वंशावली
सद्गुरु कबीर साहब का धनी धर्मदास जी को दिया गया वह अमर वचन, जो ४२ पीढ़ियों तक जीवों के उद्धार के लिए दामाखेड़ा की पावन भूमि पर प्रज्वलित है। यहाँ पढ़ें सभी १६ वंशाचार्यों का सघन इतिहास।
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सदगुरु कबीर साहेब (आदिपुरुष)
कबीर पंथ के प्रवर्तक और रूहानी आकाश के सर्वोच्च सूर्य। उन्होंने ही धर्मदास जी को “अमर शब्द” की शक्ति प्रदान की और ४२ पीढ़ियों की गुरु परंपरा को आशीर्वाद दिया। संत शिरोमणि कबीर साहब सत्य, प्रेम और करुणा के साक्षात स्वरूप महान पूर्ण सद्गुरु थे। उनका मार्ग सीधा और निर्भीक था— “साच ही कहत और सांच ही गहत हो”। जीवों के कल्याण हेतु वे चारों युगों में प्रकट हुए और कलियुग में कबीर नाम से मानवता को प्रेम, समता और मुक्ति का संदेश दिया। कबीर साहब का संपूर्ण जीवन ही मानव चेतना को जाग्रत करने वाला उपदेश है।
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धनी धर्मदास जी साहब (मूल पुरुष)
कबीर साहब के अनन्य प्रिय शिष्य जिन्होंने ८०० वर्षों की इस वंशावली की नींव रखी। आपने अपना अकूत धन गुरु चरणों में त्याग कर ‘नाम’ का खजाना प्राप्त किया।
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१६ वंशाचार्यों की आधिकारिक जीवनी और कार्यकाल

१. मुक्तामणी नाम साहब (प्रथम वंशाचार्य)
धनी धर्मदास जी के ज्येष्ठ पुत्र। उन्होंने ही कबीर साहब के उपदेशों को वंशावली के रूप में संगठित किया और दामाखेड़ा की मर्यादाएं तय कीं।

२. सुदर्शन नाम साहब
द्वितीय वंशाचार्य जिन्होंने पंथ की रूहानी सीमाओं का विस्तार मध्य भारत तक किया।

३. कुलपति नाम साहब
तृतीय वंशाचार्य जिनके समय में कबीर पंथ की ‘चौका आरती’ विधि को विशेष और सूक्ष्म बनाया गया।
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४. प्रमोध गुरु बालापीर नाम साहब
चतुर्थ वंशाचार्य, जिन्हें ‘बालापीर’ कहा जाता है। उन्होंने अल्पायु में ही रूहानी सिद्धियां प्राप्त की थीं।

५. केवल नाम साहब
पंचम वंशाचार्य जिन्होंने सादगी और प्रेम का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

६. अमोल नाम साहब
षष्ठम वंशाचार्य जिन्होंने कबीर साहब की साखियों के संकलन में बड़ा योगदान दिया।

७. सुरति सनेही नाम साहब
सप्तम वंशाचार्य, संगीत और भजनों के माध्यम से ज्ञान प्रसार के लिए विख्यात।

८. हक्क नाम साहब
अष्टम वंशाचार्य, ‘हक्क’ (सत्य) के मार्ग पर चलने वाले प्रखर गुरु।

९. पाकनाम साहब
नवम वंशाचार्य जिन्होंने रूहानी शुद्धता और नैतिक मूल्यों पर बल दिया।

१०. धीरज नाम साहब
दशम वंशाचार्य, जिन्होंने कठिन समय में पंथ की मर्यादाओं को धैर्य से संभाला।

११. प्रगट नाम साहब
११वें वंशाचार्य, जो अपने सामाजिक सुधारों और अंधविश्वास मुक्ति के लिए जाने जाते हैं।

१२. उग्रनाम साहब
१२वें वंशाचार्य, प्रखर वक्ता और दार्शनिक। उन्होंने पंथ की सीमाओं को व्यापक बनाया।
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१३. दयानाम साहब
१३वें वंशाचार्य, करुणा और दया की साक्षात प्रतिमूर्ति। गरीबों की सेवा ही उनका संकल्प था।

१४. गृन्धमुनि नाम साहब
१४वें वंशाचार्य, आधुनिक युग में दामाखेड़ा के संगठनात्मक विकास के प्रणेता।

१५. प्रकाशमुनि नाम साहब
१५वें वंशाचार्य जिन्होंने कबीर पंथ को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। आपका कार्यकाल दामाखेड़ा का स्वर्णिम युग है। आप २३ जनवरी २०२६ को विधिवत् गद्दी सौंप रहे हैं।
श्रद्धांजलि संदेश: Nani Ji Shradhanjali Quotes।

१६. उदितमुनि नाम साहब (वर्तमान उत्तराधिकारी)
हुजूर प्रकाशमुनि नाम साहब के सुपुत्र। २३ जनवरी २०२६ को बसंत पंचमी के दिन आपका विधिवत् चादर तिलक (देखें: Ceremony Info) संपन्न हो रहा है।
🙏 कबीर पंथ सेवा: आधिकारिक दान एवं सहयोग
दामाखेड़ा के इस भव्य महोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के भण्डारे, पेयजल और आवास की व्यवस्था आपके सहयोग से ही संभव होती है। आपका दान वंशावली के इस मिशन को नई शक्ति देगा।

सहयोग हेतु ऊपर दिए गए QR Code को स्कैन करें।
(सहयोग राशि सीधे दामाखेड़ा आश्रम के अधिकृत सेवा कार्यों में उपयोग की जाएगी)
FAQ: वंशावली और गद्दी से जुड़े ४२ रहस्य
उत्तर: सद्गुरु कबीर साहब ने धर्मदास जी को वचन दिया था कि उनके वंश में ४२ पीढ़ियों तक यह रूहानी गद्दी बनी रहेगी। वर्तमान में हम १६वीं पीढ़ी के साक्षी बन रहे हैं।
उत्तर: हाँ, वर्तमान आचार्य श्री के माध्यम से कोई भी श्रद्धालु कबीर पंथ की दीक्षा प्राप्त कर सकता है।
यह ऐतिहासिक लेख कबीर पंथ के आधिकारिक दस्तावेजों और वंशावली वेबसाइट (kabirdharmdasvanshavali.org) पर आधारित है। न्यूज़मग किसी भी धार्मिक या वित्तीय विसंगति के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। साहब बंदगी!




