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IAS Trupti Ankush Dhodmise Success Story – स्कूल खत्म होते ही, कॉलेज का सफर शुरू होता है और इस सफर के अंत में नौकरी वह भी सरकारी, इसकी चाहत बढ़ जाती है. लेकिन दुनिया में कोई भी व्यक्ति कभी भी असफल नहीं होना चाहता है, यह जाहिर-सी बात है कि हम जो भी काम करें उसमें सफल होने की इच्छा रखते हैं. लेकिन विकट परेशानी तब खड़ी होती है जब लाख प्रयास करने के बाद भी विफलता का मुंह देखना पड़ता है. जब इंसान लगातार असफल होता है तो उसके पीछे निराशा परछाई बनकर साथ चलने लगती है. ऐसे में कई बार बहुत से लोग हार मानकर तो कोशिश करना ही छोड़ देते हैं और हार मान कर बैठ जाते हैं तथा कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो असफल होने के बाद भी कड़ाई से दोबारा से प्रयास करते हैं और अन्ततः वे उस काम में सफल हो जाते हैं.
ऐसे ही एक महिला हैं, तृप्ति अंकुश धोड़मिसे (IAS Trupti Ankush Dhodmise) ! जिन्होंने UPSC एग्जाम में 3 बार असफल होने के बाद भी अपने पति का प्रोत्साहन पाकर फिर से प्रयास किया और आखिरकार अपने सपने को पूरा करते हुए IAS ऑफिसर बनीं.
3 बार मिली असफलता
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तृप्ति ने UPSC परीक्षा में साल 2018 में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की और वे IAS बन सकीं, लेकिन उनका यह सफ़र इतना आसान नहीं था. इस कामयाबी से पहले तृप्ति ने कई बार हार का सामना किया. कारण एक्जाम देने के साथ ही वह नौकरी भी किया करती थी और शादीशुदा होने के कारण वह परिवार की जिम्मेदारी भी निभानी थी.
तृप्ति ने लगातार 3 बार यूपीएससी की एक्जाम (UPSC Exam) दी लेकिन हर बार वह असफल रही. निरंतर असफल होने के बाद वे हताश हो गई और उनका मनोबल गिर गया था. लेकिन फिर पति के प्रोत्साहित करने पर उन्होंने एक बार फिर से प्रयास किया और इसी का परिणाम था कि इस बार उन्हें परीक्षा में सफलता मिली.
इंजीनियरिंग करने के बाद जॉब मिल गयी
तृप्ति ने इंटरमीडिएट पूरा करने के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश ले लिया था. जिसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके उन्हें एक कंपनी में नौकरी मिल गई. कुछ वक्त तक वह नौकरी करती रही लेकिन उस नौकरी में जब उनका मन नहीं लगा तो उन्होंने महाराष्ट्र स्टेट सर्विस की परीक्षा दी और उसमें वे पास हो गई. जिसके बाद जॉब मिलने के बाद भी तृप्ति ने सिविल सेवा में जाने का पक्का निश्चय कर लिया था. हालांकि तृप्ति जानती थी कि शादीशुदा जीवन तथा जॉब करने के साथ-साथ उन्हें यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) देने में बहुत परेशानी आने वाली है, बावजूद फिर भी उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
पति का प्रोत्साहन पाकर आगे बढीं
तृप्ति ने जब दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा दी तो वह फाइनल राउंड तक पहुँच गयीं थीं, लेकिन वह सेलेक्ट नहीं हो पाईं, जिससे उनका आत्मविश्वास गिर गया और वे पूरी तरह हताश हो गई. यही कारण थी कि तीसरे प्रयास में तो तृप्ति प्री परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं. तीन बार हार का सामना करने के बाद में निराश हो गई और उन्होंने इस फील्ड में जाने के बारे में छोड़ दिया था. लेकिन फिर उनके पति ने उन्हें प्रोत्साहित किया और पूरी मेहनत से एक और बार कोशिश करने को कहा.
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पति अंकुश के प्रोत्साहन से तृप्ति में हिम्मत आई और उन्होंने एक और बार कोशिश करने का निर्णय लिया. इस बार चौथे प्रयास में उन्हें कामयाबी मिली, वे ऑल इंडिया रैंक 16 प्राप्त करते हुए IAS ऑफिसर बन गयीं. IAS तृप्ति पति ने इस कहावत को बदल दिया कि हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का ही हाथ हो सकता है, क्योंकि उनकी कामयाबी के पीछे उनके पति का हाथ रहा हैं.
UPSC कर रहे प्रतिभागियों के लिए IAS तृप्ति की सलाह-
IAS एक्जाम पास करने वाली तृप्ति दूसरे प्रतिभागियों को मोटीवेट करते हुए कहती हैं कि इस एक्जाम में पास होना मुश्किल ज़रूर है लेकिन असंभव नहीं है. आपके आत्मविश्वास का लेवन बेहतर होना चाहिए, यदि आप पूरे आत्मविश्वास के साथ यह परीक्षा देंगे तो आप बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि जब दूसरी बार भी वह एग्जाम में फेल हुई तो उनका कॉन्फिडेंस लेवल डाउन हो गया था और उन्हें लगने लगा था कि वह कभी पास नहीं हो पाएंगी.
यही वज़ह थी कि तीसरी बार तो वे प्री एग्जाम में भी पास नहीं हो पाई थीं. फिर तृप्ति ने चौथी बार परीक्षा दी तो पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ तथा आत्मविश्वास रखकर परीक्षा में शामिल हुईं, जिससे उन्हें सफलता मिली. उनका कहना है कि यदि आप सही रणनीति बनाकर, सही दिशा में पूरी मेहनत के साथ कोशिश करेंगे तो आपको इस एग्जाम में ज़रूर सफलता मिलेगी.
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