Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - त्योहारों और परंपराओं - मकर संक्रांति पर अनमोल विचार
त्योहारों और परंपराओं KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

मकर संक्रांति पर अनमोल विचार

1 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
मकर संक्रांति पर अनमोल विचार
मकर संक्रांति पर अनमोल विचार

मकर संक्रांति का महत्व

मकर संक्रांति, हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर वर्ष जनवरी के मध्य में मनाया जाता है। इस पर्व का मुख्य महत्व सर्दी से गर्मी की ओर जाने की प्रक्रिया में है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का संकेत देती है, जिसके साथ दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इस समय सूर्य की किरणें पृथ्वी पर अधिक सीधी और तीव्रता से पड़ती हैं, जिससे फसलों की वृद्धि में मदद मिलती है।

आध्यात्मिक महत्व की बात करें, तो मकर संक्रांति को स्पिरिचुअल सर्कल में विशेष स्थान दिया गया है। इसे आत्मशुद्धि और नई शुरुआत का समय माना जाता है। इस दिन लोग स्नान, दान, और यज्ञ का आयोजन करते हैं, जो ध्यान और आत्म-साक्षात्कार की प्रक्रिया को तेज करते हैं। इसके अलावा, इस पर्व पर सूर्य को अर्घ्य देना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सम्पूर्णता और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें व्यक्ति अपने कृत्यों के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता है।

मकर संक्रांति पर अनमोल विचार
मकर संक्रांति पर अनमोल विचार

मकर संक्रांति की पृष्ठभूमि में कई प्रकार की लोककथाएं और परंपराएँ भी जुड़ी हुई हैं। अनेक क्षेत्रों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे कि उत्तरायण, लोहरी, और माघ मेलाः। यह पर्व विभिन्न संस्कृतियों में आपसी संबंध और एकता को भी प्रोत्साहित करता है। इस प्रकार, मकर संक्रांति न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह मानवीय संबंधों को मजबूत करने और व्यक्तिगत उन्नति के लिए भी एक अवसर प्रदान करता है।

मकर संक्रांति और सूर्य का उदय

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में एक विशेष पर्व है, जो सूर्य के उत्तरायण होने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, और इसके साथ ही दिन और रात के समय में संतुलन की भावना उत्पन्न होती है। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है, जब सूर्य की रश्मियाँ धीरे-धीरे उत्तरी ध्रुव की ओर स्थानांतरित होती हैं। यह घटना न केवल ज्योतिषीय महत्व रखती है, बल्कि यह जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए भी जानी जाती है।

सूर्य का यह उदय लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भरता है। जब सूर्य की किरणें मकर राशि में प्रवेश करती हैं, तो लोगों का मनोबल बढ़ता है। यह एक ऐसा समय होता है जब लोग अपने कार्यों में सकारात्मकता लाने का प्रयास करते हैं। सूर्योदय के समय सूरज की तेज़ किरणें न केवल वातावरण को रोशन करती हैं, बल्कि मन में नई आशाएँ और लक्ष्य स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। मकर संक्रांति पर प्रातः काल सूर्य की पूजा करना और उसके प्रति धन्यवाद ज्ञापन करने की परंपरा है, जो जीवन में सकारात्मकता और संतुलन लाने का कार्य करती है।

इस दिन की महत्ता को ध्यान में रखते हुए, यह कहा जा सकता है कि सूर्य का उदय जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हर सुबह नए अवसरों का स्वागत करने का एक अवसर होता है। मकर संक्रांति, इसके साथ होने वाले धार्मिक उत्सवों और अनुष्ठानों के माध्यम से, लोगों को उनके जीवन में खुशी और समृद्धि लाने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार, सूर्य की स्थिति पर्व के दौरान केवल ज्योतिषीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समग्र मानव जीवन के सकारात्मक पहलुओं को उजागर करती है।

मकर संक्रांति पर कुछ प्रेरणादायक विचार

मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हर साल जनवरी के मध्य में मनाया जाता है। यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है, जिसका गहरा सामाजिक और धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के विचार और संदेश साझा किए जाते हैं जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करते हैं। जब हम मकर संक्रांति के लिए उत्सव की तैयारियों में होते हैं, तब यह विचार हमें प्रेरित करने और सकारात्मकता का संचार करने का कार्य करते हैं।

एक प्रसिद्ध विचार है, “सूर्य की किरणें नई शुरुआत और संभावनाओं का संकेत हैं।” यह हमें याद दिलाता है कि हर नया दिन एक नई शुरुआत का अवसर लेकर आता है। मकर संक्रांति पर हम अपने जीवन में जो भी बदलाव लाना चाहते हैं, उसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह पर्व ऊर्जा और आशा का संचार करता है, जिससे हमें अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

दूसरा प्रेरणादायक विचार है, “संगठन और एकता में शक्ति है।” इस पर्व पर जब लोग एकत्रित होते हैं और त्योहार मनाते हैं, तो यह हमें एकजुटता और भाईचारे का संदेश देता है। सामाजिक मेलजोल और सामुदायिक सहयोग की भावना इस दिन की महत्वपूर्ण विशेषता है। जब हम अपने आसपास के लोगों के साथ मिलकर खुशी का अनुभव करते हैं, तो यह हमारे अंतर्मन को भी सशक्त बनाता है।

अंत में, मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन की सकारात्मकता और प्रेरणा का अनुभव कराता है। यह विचार हमें याद दिलाते हैं कि जीवन में हमेशा नई उम्मीदें और अवसर होते हैं, जिनका स्वागत करना चाहिए।

मकर संक्रांति के त्यौहार की परंपराएँ

मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है, जिसे हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह त्यौहार विशेष रूप से सूर्य के मकर राशि में आने का प्रतीक है, जो कि न केवल भारतीय संस्कृति में बल्कि कृषि आधारित जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस त्यौहार की परंपराएँ और रीति-रिवाज आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक मान्यताओं का एक अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते हैं।

मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान करने की परंपरा का विशेष महत्व होता है। लोग इस दिन नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में स्नान करते हैं, जो पवित्रता और शुद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। इसके बाद, श्रद्धालु सूर्य देव को प्रणाम करते हैं और उन्हें तिल, गुड़ और अन्य वस्तुओं का भोग अर्पित करते हैं। इस त्यौहार के दौरान विशेषकर तिल के लड्डू और गुड़ के व्यंजन बनाए जाते हैं, जिन्हें आपस में बांटकर एक-दूसरे से मिठाई का आदान-प्रदान किया जाता है।

इसके आलावा, मकर संक्रांति को विभिन्न राज्यों में अलग-अलग ढंग से मनाने की परंपरा भी है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में इसे ‘भग दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जबकि उत्तर भारत में इसे ‘खिचड़ी’ के नाम से जाना जाता है। यहाँ के लोग विशेष रूप से खिचड़ी बनाते हैं और इसे सामूहिक रूप से भोज में शामिल करते हैं। पश्चिम बंगाल में यह त्यौहार पोंगाल के रूप में मनाया जाता है, जिसमें विशेष पकवान बनाए जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

इसके अलावा, मकर संक्रांति के अवसर पर कई स्थानों पर मेला भी लगता है। लोग विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं, जैसे किtraditional खेल और नृत्य, जो इस पर्व को और भी जीवंत बनाते हैं। इन सब परंपराओं और रस्मों के माध्यम से, लोग न केवल अपने धर्म को मानते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का भी संदेश फैलाते हैं।

मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर साल जनवरी में मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों को एकजुट करने का कार्य भी करता है। इसे विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि उत्तरायण, पोंगल, और बिहू।

भारत के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व के उत्सव की अपनी विशिष्ट विशेषताएँ हैं। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत में इसे पोंगल के नाम से मनाया जाता है, जहाँ लोग विभिन्न अनाजों को समर्पित करते हैं और विशेष पकवान बनाते हैं। वहीं, उत्तर भारत में यह लोहड़ी के रूप में सेलिब्रेट की जाती है, जिसमें धूमधाम के साथ अग्नि जलाना और नाच-गाना शामिल होता है।

संक्रांति का एक सामाजिक पहलू भी है; यह लोगों के बीच मेल-जोल और समर्थन को बढ़ावा देता है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं, घरों की सफाई करते हैं, और नए कपड़े पहनकर त्योहार का आनंद लेते हैं। मकर संक्रांति का त्योहार फसल कटाई का भी प्रतीक है, यह किसानों के लिए एक नई शुरुआत और समृद्धि का अवसर लेकर आता है। इस पर्व में तिल और गुड़ का विशेष महत्व है, जो समर्पण और खुशी का प्रतीक माने जाते हैं। समाज में एकता और सहयोग का संदेश देने वाले इस समारोह का प्रभाव लंबे समय तक रहता है, जिससे भिन्न संस्कृतियों के बीच संपूर्णता की भावना जागरूक होती है।

मकर संक्रांति पर विशेष व्यंजन

मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है, जिसे सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बड़े आनन्द के साथ मनाया जाता है। इस पर्व पर विशेष रूप से कुछ व्यंजनों की तैयारी की जाती है, जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि उनके पीछे अद्भुत कहानियाँ और परम्पराएँ भी छिपी होती हैं। इन व्यंजनों में तिल और गुड़ का प्रमुख स्थान होता है। जो विशेष रूप से इस उत्सव से जुड़े हुए हैं।

तिल के लड्डू, जो तिल, गुड़ और घी से बनते हैं, मकर संक्रांति का एक लोकप्रिय मेन्यू आइटम हैं। इनकी खासियत यह है कि ये पाचन के लिए भी फायदेमंद होते हैं। गुड़ शरीर को सर्दियों में गर्मी देता है, और तिल में लाभकारी तत्व होते हैं। इनके सेवन से लोगों को ऊर्जा मिलती है और ठंड से बचने में मदद मिलती है।

इसके अतिरिक्त, ‘खिचड़ी’ भी इस त्योहार का एक प्रमुख हिस्सा है। चावल और दाल से बने इस व्यंजन को आमतौर पर तले हुए प्याज, मीठे आलू या सब्जियों के साथ परोसा जाता है। इसका सेवन मकर संक्रांति के दिन किया जाता है, और इसे एकता और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है। कुछ स्थानों पर ‘पातल भाजी’ का भी महत्व है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है।

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में मकर संक्रांति पर विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाई जाती हैं। जैसे गुड़ की चक्की, चुरमा और विभिन्न प्रकार की नमकीन। ये व्यंजन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एकता के प्रतीक भी होते हैं, जो परिवार के सदस्यों और समुदाय को एक साथ लाते हैं। विभिन्न स्थानों पर इन व्यंजनों की मूल बातें भले ही भिन्न हो, लेकिन उनका उद्देश्य एक जैसे ही है – खुशियाँ बाँटना और परस्पर संबंध मजबूत करना।

मकर संक्रांति पर परिवार और समाज

मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो केवल व्यक्तिगत आनंद का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज में एकता और स्नेह की भावना को भी बढ़ावा देता है। यह पर्व हर वर्ष जनवरी के मध्य में मनाया जाता है और यह विशेष रूप से सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का संकेत देता है। इस दिन लोग एकत्र होकर विभिन्न परंपराओं का पालन करते हैं, जिसमें तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ बनाना और एक-दूसरे के साथ बांटना शामिल है। इस प्रकार, मकर संक्रांति सामाजिक एकता की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पारिवारिक दृष्टिकोण से, मकर संक्रांति एक ऐसा अवसर है जब परिवार के सभी सदस्य एकत्र होते हैं। यह दिन घर में रिश्तेदारी को मजबूत बनाने के लिए उपयोगी है, और सभी लोग एक साझा उत्सव का अनुभव करते हैं। इस दिन संगठित गतिविधियाँ जैसे कि मकर संक्रांति का त्योहार मनाना, खेल खेलना, और सामूहिक रूप से भोजन करना, सभी सदस्यों के बीच संबंधों को मजबूत बनाते हैं। इसके साथ ही, इस पर्व का उद्देश्य माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर बातचीत को बढ़ावा देना भी है।

समाज में मकर संक्रांति की महत्वता और भी बढ़ जाती है क्योंकि यह पर्व सामूहिक उत्सव का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है। लोग एक साथ मिलकर पतंग उड़ाने, मेले में भाग लेने, और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होते हैं। यह एक ऐसा अवसर है जब समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आकर त्यौहार का उत्सव मनाते हैं, जिससे सामाजिक सहयोग और तालमेल की भावना में वृद्धि होती है। इस प्रकार, मकर संक्रांति न केवल व्यक्तिगत आनंद बल्कि सामूहिक एकता का भी प्रतीक है।

स्वास्थ्य लाभ: मकर संक्रांति के चिह्न

मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इस अवसर के साथ जुड़ी परंपराएं और पोषण तत्व भी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस समय, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से मौसम में बदलाव आता है जो हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। विशेषकर, यह समय सर्दियों के अंत और शुरुआती गर्मियों की शुरुआत का संकेत है।

इस त्योहार के दौरान खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में ताजे फलों और फसलों का उपयोग किया जाता है। जैसे कि तिल, गुड़, और मूँगफली, ये सभी खाद्य सामग्री पोषण में समृद्ध होती हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती हैं। तिल और गुड़ विशेषकर मकर संक्रांति पर महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि उनका सेवन शरीर को गर्माता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। इसके अलावा, ये आवश्यक खनिज, जैसे कि कैल्शियम और आयरन, का अच्छा स्रोत होते हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देना भी माना जाता है। ये क्रियाएँ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। नियमित स्नान और ताजगी का अनुभव हमारी त्वचा और मन के लिए फायदेमंद होता है। इसके अतिरिक्त, सूर्य को अर्घ्य देने से सेहत में सुधार होता है और यह हमें जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

इस प्रकार, मकर संक्रांति न केवल एक धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी कई लाभप्रद तत्व प्रदान करता है। इसके पोषण तत्व और संस्कार जीवन को स्वस्थ बनाए रखने में योगदान करते हैं, और हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।

निष्कर्ष: मकर संक्रांति का संदेश

मकर संक्रांति केवल एक तिथिवार पर्व नहीं है, बल्कि यह एक गहरे संदेश का वाहक है। प्रत्येक वर्ष जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब यह एक नए जीवन चक्र की शुरुआत का प्रतीक बनता है। इस पर्व में जो खास बात है, वह है त्योहार का तत्व, जो प्रेम, भक्ति और एकता की भावना को प्रकट करता है। मकर संक्रांति हमें सकारात्मकता, परिवर्तन और साहस के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है।

यह पर्व सर्दी के मौसम के अंत का संकेत है, जिसका अर्थ है गर्मी और आनंद भरे दिनों की शुरुआत। मकर संक्रांति पर रेल, तिल और गुड़ जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन स्थानीय परंपराओं में महत्वपूर्ण रहा है, जो शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक हैं। इस दिन का महत्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में अच्छे कार्यों का हमेशा फल मिलता है। यहां पर एकता एवं सहानुभूति की भी आवश्यकता होती है, जिससे हम अपनी समाज में सामंजस्य बना सकें।

मकर संक्रांति का संदेश हमें हर वर्ष याद दिलाता है कि हमें अपनी कमजोरियों पर विजय प्राप्त करनी चाहिए तथा अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहना चाहिए। इसलिए, इस पर्व के समय हम संकल्प लें कि हम अपने जीवन में स्थायीयता और सकारात्मक विचारों को अपनाने का प्रयास करेंगे। यह पर्व हमें स्थानीय त्योहारों की खूबसूरती और संस्कृति को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। अंततः, मकर संक्रांति का यही संदेश है कि जीवन में अभिवृद्धि की दिशा में प्रगति करना और दूसरों के साथ सामंजस्य बनाते हुए चलना महत्वपूर्ण है।

इसे भी पढ़े :

  • 12 अमावस्या के नाम और सावधानियां (12 Amavasya Name In Hindi)
  • दिवाली 2021 कब है | Diwali 2021 Mein Kab Ki Hai
  • गोवर्धन पूजा 2021 कब है | शुभ मुहूर्त – Govardhan Puja 2021 Kab ki Hai
  • 2021 छठ पूजा तारीख व समय, 2021– 2029 Chhath Puja

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
SEO articles
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Articleकपिल देव की जीवनी: जन्मदिन और उम्र
Next Article जानवरों के रोचक तथ्य: अनजान बातें जो आपको हैरान कर देंगी
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

bhai dooj 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं 1 Views

Bhai Dooj 2026 Kab Hai: 11 नवंबर तिलक का सबसे शुभ मुहूर्त, यम द्वितीया पूजा विधि व पौराणिक कथा

gold price today
Finance 1 Views

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट, देखें 22K व 24K का ताज़ा भाव व शहरवार लिस्ट

होली 2026 कब है
त्योहारों और परंपराओं 1 Views

होली 2026 कब है: 3 व 4 मार्च – होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा समय व पूजा विधि

dhanteras 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं Updated:09/10/20263 Views

Dhanteras 2026 kab hai: 6 नवंबर पूजा मुहूर्त, सोना व झाड़ू खरीदने का शुभ समय व यम दीपदान

chhath puja 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं 1 Views

chhath puja 2026 kab hai: 13 से 16 नवंबर नहाय खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य मुहूर्त व सामग्री

Karwa Chauth 2026 kab hai - 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय
त्योहारों और परंपराओं Updated:05/10/20264 Views

karwa chauth 2026 kab hai: 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय

Comments are closed.

bhai dooj 2026 kab hai

Bhai Dooj 2026 Kab Hai: 11 नवंबर तिलक का सबसे शुभ मुहूर्त, यम द्वितीया पूजा विधि व पौराणिक कथा

30/10/2026
sip se crore kaise banaye

SIP Se Crore Kaise Banaye 2026: मात्र ₹1000 महीने से 1 करोड़ का फंड, 15×15×15 का जादुई फॉर्मूला

30/10/2026
digital arrest scam kya hai

Digital Arrest Scam Kya Hai: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बैंक देंगे मुआवजा, 2026 में ऐसे बचें फ्रॉड से

30/10/2026
gold price today

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट, देखें 22K व 24K का ताज़ा भाव व शहरवार लिस्ट

30/10/2026
pm kisan 24th installment 2026

PM Kisan 24th Installment 2026: ₹2000 खाते में आए या नहीं? ऐसे चेक करें बेनिफिशियरी स्टेटस व नई लिस्ट

30/10/2026
ramayana movie 2026

Ramayana Movie 2026: रणबीर कपूर का राम अवतार, यश का रावण लुक, रिलीज डेट, बजट व स्टार कास्ट की पूरी डिटेल

30/10/2026
ai se paise kaise kamaye

AI Se Paise Kaise Kamaye 2026: ChatGPT और AI टूल्स से घर बैठे ₹50,000 महीना कमाने के 10 आसान तरीके

21/10/2026
pm surya ghar muft bijli yojana

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: 300 यूनिट फ्री बिजली और ₹78,000 सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन व पात्रता

21/10/2026
Tesla Flying Car Unveiled in Hindi

Tesla Flying Car Unveiled in Hindi: एलन मस्क ने दिखाई टेस्ला की उड़ने वाली कार! 0.81 सेकंड में 0-60 mph, स्पेसएक्स रॉकेट थ्रस्टर्स व वीडियो

16/10/2026
jailer-movie-review-hindi-newsmug

Jailer Movie Review in Hindi: रजनीकांत का ‘टाइगर’ अवतार, मास एक्शन व अनिरुद्ध का BGM – जानें कहानी, बॉक्स ऑफिस व स्टार रेटिंग

16/10/2026
age calculator

Age Calculator: सटीक उम्र निकालें (Years, Months, Days & Minutes) – Birthday & Exam Age Finder

13/10/2026
interesting facts in hindi

Interesting Facts in Hindi: 151+ दिमाग हिला देने वाले रोचक तथ्य (Science, Space & Human Body)

13/10/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.