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Period ke kitne din baad mandir jana chahiye: 2026 के शास्त्रों और विज्ञान के नियम

Women’s Spiritual Guide 2026

Period ke kitne din baad mandir jana chahiye? जानिए शास्त्रों और विज्ञान का सटिक जवाब

NewsMug की इस विशेष मार्गदर्शिका में जानें मासिक धर्म के दौरान मंदिर न जाने के पीछे के वैज्ञानिक और धार्मिक कारण और शुद्धिकरण की सही विधि।

Period and Temple Entry Rules 2026 Guide

Quick Answer: शास्त्रों और सामान्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म (Periods) शुरू होने के बाद **5वें दिन (5th Day)** स्नान करने के बाद मंदिर जाना और पूजा-पाठ करना सबसे शुभ माना जाता है। यदि रक्तस्राव (Bleeding) अधिक समय तक चलता है, तो पूर्ण शुद्धिकरण के बाद ही मंदिर में प्रवेश करना चाहिए।

1. Period ke kitne din baad mandir jana chahiye: धार्मिक नियम

हिंदू धर्म में ‘शुचिता’ (Purity) का बहुत महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान शरीर में ‘रज’ तत्व की प्रधानता होती है, जिससे ऊर्जा का स्तर प्रभावित होता है। पंचांग की गणनाओं जैसे January 2026 Calendar के अनुसार विशेष त्यौहारों पर भी यही नियम लागू होते हैं।

  • ऋतुकाल का समय: सामान्यतः ३ से ४ दिन का समय अशुद्ध माना गया है।
  • 5वें दिन का महत्व: 5वें दिन ‘ऋतु स्नान’ के बाद महिला घर के कार्यों और मंदिर जाने के लिए पात्र हो जाती है।
  • विशेष पूजा: यदि घर में कोई बड़ा अनुष्ठान जैसे Griha Pravesh हो रहा है, तो रक्तस्राव पूरी तरह रुकने के बाद ही कलश स्थापना में भाग लें।

2. विज्ञान और मंदिर प्रवेश के नियमों का रहस्य

प्राचीन काल में मंदिर न जाने के नियमों के पीछे वैज्ञानिक कारण भी थे। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिससे उन्हें थकान और शारीरिक दर्द महसूस होता है। मंदिरों की उच्च ऊर्जा (High Energy) और घंटों खड़े होकर पूजा करने से शरीर पर दबाव पड़ता है। आज के समय में Modern Healthcare Skills के माध्यम से हम जानते हैं कि आराम ही सबसे बड़ी औषधि है।

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3. मासिक धर्म के बाद शुद्धिकरण की सही विधि

मंदिर जाने से पहले शुद्धिकरण केवल शारीरिक स्नान नहीं, बल्कि मानसिक शुद्धि भी है।

चरण (Steps)विवरण (Procedure)
ऋतु स्नान5वें दिन बालों सहित पूर्ण स्नान करें।
वस्त्र धारणस्नान के बाद स्वच्छ और धुले हुए वस्त्र ही पहनें।
मानसिक शुद्धिश्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप कर मन को शांत करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या 4 दिन के बाद मंदिर जा सकते हैं?
हाँ, यदि रक्तस्राव पूरी तरह रुक गया है और आपने 5वें दिन स्नान कर लिया है, तो आप मंदिर जा सकती हैं।

Q2. पीरियड्स के दौरान क्या घर में पूजा कर सकते हैं?
शास्त्रों के अनुसार इस दौरान मूर्तियों को स्पर्श करने और अगरबत्ती जलाने की मनाही है, लेकिन आप मन में मंत्रों का जाप कर सकती हैं।

Q3. क्या मंदिर जाने से पहले बाल धोना जरूरी है?
हाँ, मासिक धर्म के बाद की शुद्धता के लिए ‘शिरोस्नान’ (सिर धोकर नहाना) अनिवार्य माना गया है।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना एवं डिस्क्लेमर

यह लेख धार्मिक ग्रंथों, पंचांग मान्यताओं और सामान्य वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों में परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। किसी भी विशेष अनुष्ठान या समस्या के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या विशेषज्ञ से परामर्श लें। **NewsMug.in** केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए यह जानकारी साझा कर रहा है।

KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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