Happy Hypoxia (हैप्पी हाइपोक्सिया) क्या है, Covid 19 Symptoms, Treatment in Hindi

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Happy Hypoxia (हैप्पी हाइपोक्सियाक्या है (Covid 19 Symptoms, TreatmentMeaningNews in Hindi)

Corona virus की दूसरी लहर से पूरा भारत देश जूझ रहा है. सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र और गुजरात में तीसरी लहर से निपटने की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि, तीसरी लहर की चपेट में 0 से 15 वर्ष की आयु के बच्चे आएंगे. दूसरी ओर युवाओं के बीच संक्रमण का असर बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है जिसके गंभीर लक्षणों की वजह से युवाओं की मौत भी लगातार हो रही है. अधिकांश केस ऐसे देखने को मिल रहे हैं जहां पर मरीज में कोई लक्षण नहीं पाए जा रहे, लेकिन ऑक्सीजन का लेवल अचानक घट जाता है जिसके कारण युवा मौत का शिकार हो रहे हैं. बिना संकेत के सैचुरेटेड ऑक्सीजन का लेवल लगभग 50% तक पहुंच जाता है और वह व्यक्ति मौत के मुंह में चला जाता है. वैज्ञानिकों ने खोज की है कि इस अचानक ऑक्सीजन लेवल डाउन और मृत्यु का कारण Happy hyperxia है. क्या है Happy hyperxia, आज हम आपको इस आर्टिकल में इस चीज के बारे में बताने जा रहे हैं.

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हैप्पी हाइपरक्सिया क्या है (Happy Hypoxia in Hindi)

कोरोना के नए लक्षण और नए प्रभाव हर दिन देखने को मिल रहे हैं. साल 2020 मार्च माह से Corona epidemic ने पूरी दुनिया पर मौत का जाल बिछाया हुआ है. शुरुआत में Corona संक्रमित व्यक्तियों में सर्दी बुखार खांसी और निमोनिया तक के इंफेक्शन दिखाई देते थे. उन्हें थोड़ी बहुत सांस लेने की परेशानी भी दिखाई देती थी. कुछ समय बाद Corona के लक्षणों में डायरिया, स्वाद ना आना, खून का प्रवाह रुक जाना और खून के थक्के जमने जैसे नए लक्षण सामने आए थे. धीरे-धीरे नए लक्षणों ने वैज्ञानिकों को चौकाना शुरू कर दिया और हाल ही में Happy hyperxia की जानकारी प्राप्त होने के बाद तो वैज्ञानिक पूरी तरह से चकित हो गए हैं. दूसरी लहर Corona का एक नया लक्षण लाई है और वह भी ऐसा जो ज्यादातर युवाओं में देखने को मिल रहा है.

हाइपोक्सिया में Corona संक्रमण के कोई भी लक्षण दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं लेकिन अचानक से व्यक्ति के खून में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है. एक हष्ट पुष्ट इंसान के शरीर में मौजूद रक्त के भीतर ऑक्सीजन सैचुरेशन 95% या इससे ज्यादा होती है. लेकिन जैसे ही व्यक्ति कोरोना की चपेट में आता है तो शरीर में मौजूद ऑक्सीजन सैचुरेशन घटकर 50% तक पहुंच जाती है. इसी के चलते इंसान के शरीर में मुख्य हिस्से जैसे किडनी, दिमाग, दिल और प्रमुख अंग काम नहीं करते हैं या फिर काम करना बंद कर देते हैं. हालांकि यह इतना गंभीर है कि प्रारंभ में वह व्यक्ति एकदम ठीक और हैप्पी नजर आता है.

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हैप्पी हाइपोक्सिया में Oxygen लेवल क्यों गिरता है (Happy Hypoxia Oxygen Level)

वैज्ञानिकों और मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार शोध में यह बात सामने आई है कि Corona के कारण फेफड़ों में रक्त की नसों में थक्के जम जाते हैं. यह Happy hypoxia के मुख्य लक्षणों में से एक महत्वपूर्ण लक्षण माना जा रहा है. धीरे-धीरे जैसे जैसे शरीर में Infection बढ़ता है तो शरीर में सूजन भी बढ़ने लगती है. शरीर में Cellular protein रिएक्शन तेज हो जाता है. और धीरे-धीरे खून जमना शुरू हो जाता है, ऐसे में फेफड़ों को पर्याप्त मात्रा में Oxygen नहीं पहुंच पाता है और रक्त में Oxygen सैचुरेशन लेवल डाउन हो जाता है.

हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण (Happy Hypoxia Symptoms)

नीचे बताए गए कुछ मुख्य लक्षणों से आप Happy hypoxia के लक्षणों की पहचान कर सकते हैं:-

  • आमतौर पर डॉक्टर कोरोना मरीजों में पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए ऑक्सीजन मापने का परामर्श दे रहे हैं. इससे यह अंदाजा हो जाता है कि इंसान के शरीर में Oxygen लेवल कितना है।
  • कोरोना संक्रमित मरीज के होठों का रंग बदलने लगता है. उसके होठों का रंग हल्का नीला हो जाता है और त्वचा का भी रंग बदलकर लाल या बैंगनी सी दिखाई देती है.
  • कोई भी मेहनत का काम ना करने के बाद भी लगातार पसीना छूटता रहता है.

यह सभी लक्षण शरीर में रक्त में Oxygen की कमी की वजह से होने लगता है यदि आपको आसपास किसी भी व्यक्ति में ऐसे symptoms नजर आते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उस व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए.

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हैप्पी हाइपोक्सिया युवाओं में असर (Happy Hypoxia Side Effects)

असल में हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण युवाओं में ही देखने को मिल रहा है इसके दो कारण हैं एक तो युवा व्यक्ति की इम्युनिटी मजबूत होती है और दूसरा यह कि उनमें एनर्जी लेवल भी अन्य लोगों के मुकाबले ज्यादा होता है. साथ ही उनकी सहनशक्ति काफी अधिक होती है. जिसके कारण उनके शरीर में गिरने वाले ऑक्सीजन लेवल की कमी उन्हें शीघ्रता से पता नहीं चलती. और धीरे-धीरे उनका Oxygen level कम होता जाता है, परंतु उन्हें इस तरह के कोई लक्षण महसूस नहीं हो पाते हैं और काफी हद तक वे हाइपोक्सिया के लक्षणों को सहन कर जाते हैं.

लक्षण ना दिखाई देने की वजह से वह युवा दूसरे लोगों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है क्योंकि वह पहले से Corona virus से संक्रमित है, लेकिन उसे जानकारी नहीं ऐसे में वह दूसरों से आराम से मिल रहा है जिसकी वजह से उन्हें भी Corona virus कर देता है. हालांकि पहले कोरोना का सबसे ज्यादा शिकार होने वालों की श्रेणी में बुजुर्ग लोगों की संख्या ज्यादा थी जिनकी इम्यूनिटी कम होती थी. परंतु Corona virus कि यह दूसरी लहर उन लोगों को ज्यादा पकड़ रही है जिनकी इम्यूनिटी बहुत अच्छी है. ऐसे में Corona infected से मौत के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उनमें यह बात सामने आई है कि 85% लोगों को माइल कोरोना केस में से 15 प्रतिशत लोगों में मॉडरेट और उन 15% लोगों में से 2% के लिए यह जानलेवा साबित हो रहा है.

Corona के यह अलग-अलग लक्षण केवल हम आपको जानकारी के लिए बता रहे हैं इस तरह की पोस्ट या जानकारी से डरने की आवश्यकता नहीं है. हमारे द्वारा बताई गई यह जानकारी चिकित्सकों द्वारा रिसर्च किए जाने के बाद ही उपलब्ध कराई गई है, जिसे पढ़कर घबराने की जरूरत नहीं ऐसे लक्षण देखने के बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है.

FAQ

Q : कोरोना की दूसरी लहर में क्या लक्षण सामने आ रहे हैं?

Ans : Happy hypoxia

Q : हैप्पी हाइपोक्सिया किस उम्र वर्ग को अपना शिकार बना रहे हैं?

Ans : युवा वर्ग

Q : युवाओं में हैप्पी हाइपोक्सिया होने के बाद कोरोना के लक्षण क्यों नहीं दिखाई देते?

Ans : क्योंकि युवाओं में इम्यूनिटी लेवल और एनर्जी लेवल बहुत ज्यादा होता है.

Q : हैप्पी हाइपोक्सिया में ऑक्सीजन का लेवल कितना नीचे गिर जाता है?

Ans : 50%

Q : क्या इससे बचने का कोई उपाय ढूंढा गया है?

Ans : अभी तक इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

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