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Gudhal Ka Phool खाने से क्या होता है – गुड़हल का फूल खाने के फायदे, नुकसान

इस लेख में हम जानेंगे की Gudhal Ka Phool Khane Se Kya Hota Hai और Gudhal Ka Phool Khane Ke Fayde इतना ही नहीं यह भी जानेंगे गुड़हल का फूल कैसा होता है. गुड़हल के फूल कितने प्रकार के होते है. लेख के जरिए जानेंगे की गुड़हल के औषधीय उपयोग, पत्ती के फायदे और गुड़हल का फूल बालो में कैसे लगाए. उक्त सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में इस पोस्ट में विस्तार से जानेंगे.

Gudhal Ka Phool Ka Ped

गुड़हल के फूल की पूरी दुनिया में करीब 200 से अधिक प्रजातियां है. जिसमें सबसे अधिक प्रजातियां अफ्रीका, यूरोप और एशिया में पाई जाती है. गुड़हल का पौधा एक बड़ी झाड़ी की तरह दिखाई देता है. पौधा काफी लम्बे समय तक जीवित रहने वाले वनस्पति में से एक हैं.

गुड़हल के पौधे के आकर लगभग 10-15 फिट तक हो जाता है. इसके पत्तो का रंग गहरा हरा होता है. जिनका आकार आमतौर पर भालाकार और अंडाकार दिखाई देता है. पत्तियों के किनारो पर दांते होते है. गुड़हल के फूल का आकार तुरही की तरह होता है, जिनका व्यास लगभग 5-7 इंच का होता है.

जब पौधे पर गुड़हल का फूल ठीक तरह से विकसित हो जाता है, तो इसके ऊपर फल लगता है और जब यह फल पक जाता है. उसके बाद बीज अपने आप बाहर आ जाते है. इन बीजों से गुड़हल के नए पौधे को तैयार किया जा सकता है.

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Gudhal Ka Phool Khane Ke Fayde
Gudhal Ka Phool Kaisa Hota Hai

गुड़हल बेहद ही पवित्र फूलों में से एक है. भारतीय लोगों द्वारा इसे माता दुर्गा के पूजन में उपयोग किया जाता है. इस फूल का हिंदी नाम जवाकुसुम है. भारत के बिहार राज्य में इसे गुड़हल के नाम से जानते है. वहीं अन्य प्रांतों में इसे जवाकुसुम के नाम से जाना जाता है. गुड़हल का फूल अलग-अलग रंग का होता है. जैसे- लाल, पीला, सफ़ेद इत्यादि रंगो में पाया जाता है.

गुड़हल के फूल का आकार तुरही की तरह होता है. इसका पौधा एक बड़ी झाड़ी की तरह होता है. यह पौधा एक लम्बे समय तक जीवित रहने वाला पौधा है.  गुड़हल के फूल का व्यास लगभग पांच से सात इंच का होता है. इसके प्रत्येक फूल में 7 या इससे ज्यादा पंखुड़ियां होती है, जो की एक दूसरे के साथ जुड़ी होती है। फूल की चौड़ाई लगभग पांच सेंटीमीटर तक की होती है.

जब गुड़हल का फूल ठीक तरह से विकसित हो जाता है, तो इसके ऊपर फल लगता है, जब यह फल पक जाता है. बीज अपने आप बाहर आ जाते है. इन बीजों से गुड़हल के नवीन पौधे को तैयार किया जा सकता है.

Gudhal Ke Phool Ka Vaigyanik Naam

गुड़हल के फूल का वैज्ञानिक नाम- Hibiscus (हिबिस्कस)

Gudhal Ke Phool Se Kya Hota Hai

गुड़हल का फूल बहुत ही आकर्षक और सुन्दर दिखता है. खूबसूरती के अतिरिक्त इसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं. जो मनुष्य की त्वचा, बालों और कई अन्य रोगों के इलाज के लिए उपयोग में लिए जाते हैं. गुड़हल का फूल काफी पौष्टिक होता हैं क्योकिं इसमें विटामिन सी, मिनरल, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंटस पाया जाता है.

इसका सेवन करने से बालों एवं त्वचा सम्बधी विकारों में राहत मिलती है. इसके अलावा साँस सम्बधी तकलीफों जैसे- खांसी, बुखार आदि को भी दूर करने में मदद मिलती है. यह मेटाबोल्जिम को बढ़ाता है तथा इसके उपयोग से कोलेस्ट्रोल के लेवल को भी कम किया जा सकता है.

Gudhal Ka Phool Khane Se Kya Hota Hai

गुड़हल का फूल स्वास्थ्य वर्धक अनेकों समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है. गुड़हल के फूल का सेवन करने से कई फायदे मिलते हैं. गुड़हल के सेवन से सर्दी-जुकाम में राहत मिलता है. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी नियंत्रित रहता है. गुड़हल त्वचा पर निखार, वजन को कम करने और शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है.

यदि गुड़हल की चाय का अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे व्यक्ति को बेहोश होने की सम्भावना बन जाती है. गुड़हल शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम करती है जिसके कारण मासिक धर्म की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में गर्भवती महिलाएं इसके सेवन से बचें.

गुड़हल का प्रयोग उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करता है. लेकिन जो लोग निम्न रक्तचाप से परेशान हैं उनके लिए यह हानिकारण परिणम दे सकता है.

Gudhal Ka Phool Khane Ke Fayde

गुड़हल का फूल खाने के फायदे निम्न है :

  • सर्दी-जुकाम को दूर करता है.
  • मेटाबोल्जिम को बढ़ाता है.
  • त्वचा पर Glow लाता है.
  • वजन घटाने में मदद करता है.
  • मुँह के छालों को ठीक करता है.
  • कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम करता है.
  • शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है.
  • बढ़ती उम्र की निशानियों जैसे झुर्रियों, Dullness आदि को दूर करता है.

Gudhal Ka Phool Kitne Prakar Ke Hote Hain

गुड़हल के फूल कई प्रकार के होते है| जिनमें से कुछ मुख्य नीचे प्रदर्शित है:-

  • हार्डी गुड़हल
  • शेरोन का गुलाब
  • रोज़ मैलो
  • उष्णकटिबंधीय गुड़हल
Gudhal Ke Phool Ka Face Pack Kaise Banaye

गुड़हल का Face Pack बनाने के लिए कई तरह की विधियों का उपयोग किया जाता है. जिनमें से कुछ नीचे प्रदर्शित है:-

  • दही के साथ :- सबसे पहले 7-8 गुड़हल के फूल लें. अच्छी तरह धो लें, फिर इसे धूप में सुखा लें. मिक्सी में अच्छे से पीस लें. गुड़हल पाउडर को एक बाउल में दही के साथ  मिला लें. मिश्रण को अपने पूरे चेहरे पर लगा कर इसे लगभग 15 मिनट सूखने के लिए छोड़ दें. इस पैक को हफ्ते में दो बार लगाए.
  • शहद के साथ :- सबसे पहले 7-8 गुड़हल के फूल ले और उन्हें अच्छी तरह धो लें, फिर इसे धूप में सुखा लें. इसके बाद मिक्सी में अच्छे से पीस लें. एक कटोरी में गुड़हल पाउडर लें फिर उसमें शहद मिला दे| उसके बाद हल्का पानी मिला ले और चेहरे पर लगा लें. जब अच्छी तरह से सूख जाए तो चेहरे को धो लें. इससे आपके चेहरे के Blackhead दूर हो जाएंगे.

Gudhal Ke Phool Se Tel Kaise Banae

सामग्री :-

  • 8 चम्मच नारियल तेल
  • 2 चम्मच बादाम तेल
  • 2 चम्मच अरंडी/जैतून/कलौंजी का तेल

विधि :-

गुड़हल के फूल का तेल बनाना बहुत सरल है. आप नारियल, बादाम और अरंडी के तेल को आपस में मिला ले फिर इस तेल में 8 से 12 गुड़हल के फूल डालें और इसे 5 मिनट तक गर्म करें.

गर्म करने के लिए तेल को सीधे आंच पर रखने के बजाय पानी में गर्म करें. इस तेल को कम-से-कम 8 घण्टे ढक कर रख दें. अब इस तेल को छान कर एक डिब्बी में भर लें। गुड़हल के फूल का तेल तैयार है.

 

गुड़हल का फूल बालों में कैसे लगाएं

गुड़हल का फूल बालों में लगाने का तरीके:-

नारियल तेल के साथ :-

  • सबसे पहले गुड़हल के फूल और पत्तियों(लगभग 8-8) को धोकर पीस लें और बारीक़ पेस्ट बना लें.
  • अब एक पैन में एक कप नारियल का तेल गर्म करें और इसमें गुड़हल का बना पेस्ट डालें.
  • कुछ मिनट के लिए इसे गरम करके पैन पर ढक्कन लगाकर गैस बंद कर दें.
  • तेल के ठंडा होने के बाद इसे एक जार या बोतल में भर लें.
  • अब आवश्यकतानुसार इस तेल से बालों की मसाज करें.
  • मसाज करने के 30 मिनट बाद शैम्पू से बालों को धो लें.
  • हफ्ते में तीन बार इसका इस्तेमाल करें.

दही के साथ :-

  • गुड़हल के फूल(1) को पत्तियों(3-4) के साथ बारीक पीस लें.
  • इसे 4 चम्मच दही के साथ मिलाएं और अच्छे से फेंट लें.
  • इस हेयर मास्क को अपनी खोपड़ी और बालों पर लगाएं और करीब एक घंटे तक लगा रहने दें.
  • अब गुनगुने पानी से इस मास्क को हटाएं और बालों को शैम्पू करें.
  • इस हेयर मास्क को हफ्ते में एक या दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है.

गुड़हल की पत्ती के फायदे

  • गुड़हल की पत्तिया कैंसर से लड़ने में प्रभावी है. पत्तियों में ऐसे गुण होते है जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को सही करने में सहायता करते है.
  • जिन महिलाओं को Menopause के दौरान समस्‍या होती है, वह इसकी पत्तियों को सुखाकर गर्म पानी से लें तो उन्‍हे लाभ मिलेगा.
  • गुड़हल की पत्तियों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है जो सर्दी, जुकाम और सिरदर्द से बचाता है.
  • गुड़हल की पत्तियां शरीर को ऊर्जा प्रदान करती हैं और इम्‍यूनिटी लेवल को भी बढ़ाती हैं.
  • गुड़हल की पत्तियों से चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों और दानों को सही किया जा सकता है.
  • गुड़हल की पत्तियां शरीर के तापमान को संतुलित बनाएं रखती है.
  • गुड़हल की पत्तियां  शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल को कम करती है.
  • गुड़हल की पत्तियों से बालों के झड़ने से राहत मिलती है.
  • गुड़हल की पत्तियां शरीर में मेटाबोल्जिम को बढ़ाती है.
  • गुड़हल की पत्तियों से त्वचा पर Glow आता है.
गुड़हल के औषधीय उपयोग

गुड़हल के उपयोग से अनेक बीमारियों को दूर कर सेहत को स्वस्थ बनाया जा सकता है।

गुड़हल के औषधीय उपयोग :-

  • एनीमिया में:- एनीमिया आयरन की कमी के कारण होता है. एनीमिया मतलब शरीर में खून की कमी. गुड़हल के फूल में आयरन मौजूद होता है जो एनीमिया से लड़ने में मदद करता है.
  • वजन कम करने में:- जिन लोगों को बार बार भूख लगती है उन्हें गुड़हल का सेवन करने से इस परेशानी से छुटकारा मिल जाता है. गुड़हल की पत्तियों से बनी चाय पीने से लम्बे समय तक भूख नही लगती है. इसके अतिरक्त यह अनावश्यक चर्बी को दूर करता है. जिससे वजन कम होता है|
  • उच्च रक्तचाप में:- गुड़हल उच्च रक्तचाप से लड़ने में मददगार है. इसकी चाय हृदय की गति को सामान्य करती है.
  • मासिक धर्म में:- महिलाओं में होने वाले मासिक धर्म की अनियमिता को दूर करने में गुड़हल बेहद मददगार है. जिन महिलाओं को Menopause के दौरान समस्‍या होती है, वह इसकी पत्तियों को सुखाकर गर्म पानी से लें तो उन्‍हे लाभ मिलता है.
  • त्वचा की समस्या में:- गुड़हल के अंदर विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह एक एंटीऑक्सीडेंट है. इसका उपयोग करने से चेहरे की झुर्रियां, दाग, धब्बे, मुंहासे आदि ठीक हो जाते है और साथ ही साथ चेहरे पर Glow भी आता है.

गुड़हल के औषधीय उपयोग बालों के लिए 

गुड़हल का फूल और इसकी पत्तियां दोनों ही बालों के लिए लाभकारी होती है। यह फूल औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है| बालों को मजबूती देने के साथ ही बालों की Growth में भी मदद करता है। इसके अलावा, बालों से संबंधित परेशानी जैसे डैंड्रफ आदि से भी बचाता है। इसके इस्तेमाल से बाल बहुत मुलायम और चमकदार हो जाते हैं|

गुड़हल के नुकसान
  • यदि गुड़हल की चाय का अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे व्यक्ति को नींद ज्यादा आने की सम्भावना रहती है.
  • गुड़हल शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम करती है जिसके कारण मासिक धर्म की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं इसके सेवन से बचें.
  • गुड़हल का उपयोग उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करता है। लेकिन जो लोग निम्न रक्तचाप से परेशान हैं उनके लिये यह नुकसानदेह हो सकता है.
Gudhal Ka Phool – FAQs 
Gudhal Ka Phool Balon Mein Kaise Lagae

बालों के लिए गुड़हल का फूल रामबाण दवा है. गुड़हल के फूलों को सुखाकर इसे हेयर मास्क के रूप में प्रयोग में  किया जा सकता है. वहीं गुड़हल के ताज़े फूल और पत्तियों को नारियल तेल के साथ उबालकर इस तेल का उपयोग बालों पर करे| ऐसा करने से बालो को पोषण मिलता है.

Gudhal Ka Phool for Skin

गुड़हल का फूल Skin संबधित कई समस्याओं से निजात दिलाता है. यह एक एंटी-एजिंग के रूप में काम करता है. यह चेहरे की झुर्रियों को जड़ से मिटाता है. चेहरे पर Glow देता है. इतना ही नहीं गुड़हल का फूल Moisturizer का भी काम करता है जिससे त्वचा के रूखेपन से छुटकारा मिलता है.

Sapne Me Lal Gudhal Ka Phool Dekhna

सपने में गुड़हल का फूल दिखाई देना शुभ माना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि, सपने में गुड़हल का फूल दिखाई दें तो घर में सुख, शांति और समृद्धि होती है. माता लक्ष्मी की कृपा उन पर विशेषकर बनी रहती है. सपने में गुड़हल के फूल देखने के बाद व्यक्ति प्रगति की ओर चलना शुरू कर देता है और सफलताओं की और अग्रसर हो जाता है.

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KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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