मकर संक्रांति की शायरियाँ और महत्व | Makar Sankranti Messages and Importance in Hindi

 मकर संक्रांति की शायरियाँ और महत्व | Makar Sankranti Messages and Importance in Hindi

ग्राफिक डिजाइन : कमलेश वर्मा

मकर संक्रांति त्यौहार का महत्व, शायरियाँ, व्हाट्सएप्प स्टेटस और महत्व
Makar sankranti Messages, Importance in Hindi

प्राचीन त्याेहारों के साथ अनेकों रिति रिवाजों को समेटे हुए भारत देश में त्यौहारों को पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यहाँ हर माह कई प्रकार के पर्व मनाये जाते है जो अपने-अपने धर्म पर निर्भर करते है. ऐसे ही एक त्यौहार को हम आपके सामने लेकर आये है. उसका नाम है मकर संक्रांति.

मकर संक्रांति को सनातन धर्म में बेहद ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. प्राचीन किदवंति है कि, पौष माह में सूर्य धनु राशी को छोड़ मकर राशी पर आता है जिसके फलस्वरुप यह पर्व मनाया जाता है और इसीलिए हम इसे मकर संक्रांति भी कहते है.

मकर संक्रांति का पर्व जनवरी मास में पूरे 14 दिन बाद यानि चौहदवे दिन पड़ता है. हिंदू धर्म में माना जाता है कि,  इस दिन सूर्य उत्तरायणी में आता है इसीलिए इस पर्व को भारत के कुछ राज्यों में उत्तरायणी पर्व भी कहा जाता है. भारत के एक अन्य राज्य तमिलनाडु में इस पर्व को पोंगल के नाम से भी जाना जाता है.

मकर संक्रांति का महत्व (Makar Sankranti Importance 2021)

सनातन धर्म की मानें तो शास्त्रों में दक्षिणायण को गलत चीजों (यानि नकारात्मकता) का प्रतिक कहा गया है. बिहार में इसे खरमास भी कहा जाता है, भारत के अन्य राज्यों में इसे मलमास कहा जाता है। इन दिनों वैवाहिक और मांगलिक कार्यों पर रोक लगा दी जाती है. दूसरी ओर  उत्तरायण को अच्छी बातों का यानि सकारात्मकता के  प्रतिक के रुप में माना जाता है. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार जप, ताप, दान, विद्या, स्नान ,तर्पण आदि क्रियाओ मकर संक्रांति के दिन करना बेहद ही शुभ माना जाता है. हिन्दू धर्म मे ऐसी मान्यता है की संक्रांति के दिन जो भी कार्य किया जाता है उसका पुण्य 100 गुना मिलता है.

मकर संक्रांति से संबंधित कथा (Makar Sankranti Story)

सनातन धर्म में प्रचलित पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है. संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से हाल चाल पूछने जाते हैं,  शनि देव जो की मकर राशी के स्वामी में के रूप जाने जाते है. शास्त्रों की मानें तो  महाभारत काल में भीष्म पितामाह ने अपने शरीर से प्राण त्यागने के लिए मकर संक्रांति का चयन किया था. इस दिन गंगा माता सागर में मिलन हुआ था.

पर्व के दिन हिंदू परिवारों में घर पर तिल के लड्डू और चावल की खिचड़ी बनाते हैं, इतना ही नहीं  गुजरात में पतंग उड़ाकर संक्रांति मानाई जाती है. वहीं उत्तरप्रदेश के गौरखपुर स्थित गौराखनाथ मंदिर है पर पर्व के दिन मेला का आयोजन किया जाता है.

मकर संक्रांति शायरी (Makar Sankranti Shayari)

तन में मस्ती, मन में उमंग
देकर सबको अपनापन
गुड में जैसे मीठापन
होकर साथ हम उड़ाएं पतंग
और भर ले आकाश में अपने रंग

Makar Sankranti Shubhkamna Sandesh

खुले आसमा में जमी से बात न करो..
ज़ी लो ज़िंदगी ख़ुशी का आस न करो..
हर त्यौहार में कम से कम हमे न भूलो करो..
फ़ोन से न सही मैसेज से ही संक्राति विश किया करो !!

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सांकेतिक तस्वीर सोर्स सोशल

Makar Sankranti Shubhkamna Message

मीठे गुड में मिल गए तिल,
उडी पतंग और खिल गए दिल,
हर पल सुख और हर दिन शांति,
आप सबके लिए लाये मकर संक्रांति

Makar Sankranti Facebook Status

इस वर्ष की मकर संक्रांति,
आपके लिए हो तिल लड्डू जैसी मीठी !
मिले कामयाबी पतंग जैसी उँची,
इसी कामना वाली मकर संक्राति !!

Makar Sankranti whatsapp status

त्यौहार नहीं होता अपना पराया,
त्यौहार है वही जिसे सबने मनाया,
तो मिला के गुड़ में तिल,
पतंग संग उड़ जाने दो दिल।

दिल को धडकन से पहले,
दोस्त को दोस्ती से पहले,
खुशी को गम से पहले,
आपको कुछ दिल पहले,

खुले आसमां में जमीं से बात ना करो,
जी लो जिंदगी खुशी की आस ना करो,
हर त्यौहार में कम से कम ना भुला करो,
फोन से ना सही मैसेज से ही संक्रांति विश किया करो।

KAMLESH VERMA

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