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Chaitra Navratri 2023 | चैत्र नवरात्रि कब से शुरू है, समय एवं नवरात्रि का महत्व जानें

महत्वपूर्ण जानकारी

  • चैत्र नवरात्रि 2023 तिथि
  • नवरात्रि दिवस 1: माँ शैलपुत्री पूजा बुधवार, 22 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 2: माँ ब्रह्मचारिणी पूजा गुरुवार, 23 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 3: माँ चंद्रघंटा पूजा शुक्रवार, 24 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 4: माँ कुष्मांडा पूजा शनिवार, 25 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 5: माँ स्कंदमाता पूजा रविवार, 26 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 6: माँ कात्यायनी पूजा सोमवार, 27 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 7: माँ कालरात्रि पूजा मंगलवार, 28 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 8: माँ महागौरी पूजा बुधवार, 29 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 9: माँ सिद्धिदात्री पूजा गुरुवार, 30 मार्च 2023
  • नवरात्रि दिवस 10: नवरात्रि पारण शुक्रवार, 31 मार्च 2023
  • #नवरात्रि 2023

हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र नवरात्रि (chaitra navratri 2023) वर्ष 2023 में 22 मार्च से शुरू होने वाली हैं, यह पर्व 31 मार्च, शुक्रवार तक चलेगा. गौरतलब है कि, हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. भारत में चार प्रकार की नवरात्रि मनायी जाती है. वहीं इसी दिन से हिंदुओं का नया साल यानि नवसंवत्सर 2080 शुरु होगा, जिसका नाम राक्षस है. इस नवसंवत्सर के राजा और मंत्री दोनों ही मंगल रहेंगे.

नवरात्रि में मां दुर्गा के भक्त माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं. वहीं नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना भी की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से होग, जिसके कारण माता घोड़े पर सवार होकर आएंगी. इसके पूर्व शारदीय नवरात्रि पर भी मां घोड़े पर सवार होकर आई थीं. देवी मां जब भी घोड़े पर आती हैं तो युद्ध की आशंका बढ़ जाती है.

सभी नवरात्रि यानि चैत्र, शारदीय, माघ और आषाढ़ नवरात्रि में विशेष रूप से मां दुर्गा के सभी 09 स्वरूपों की अलग-अगल दिन पूजा का महत्व होता है. ऐसे में इस चैत्र नवरात्रि में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी.

ये हैं देवी दुर्गा के नौ स्वरूप –

देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूप – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि हैं. पौराणिक मान्यता है कि नवरात्रि पर देवी दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं, जहां वे नौ दिनों तक वास करते हुए अपने भक्तों की साधना से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान देती है. नवरात्रि पर ही विवाह को छोड़कर सभी तरह के शुभ कार्यों की शुरुआत करना और खरीदरारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान राम ने भी लंका पर चढ़ाई करने से पहले रावण संग युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए देवी की साधना की थी. आइए जानते हैं 2023 की चैत्र नवरात्र में किस दिन किस देवी की पूजा होगी, साथ ही जानिये घटस्थापना तिथि, मुहूर्त, नवमी तिथि समेत अन्य जानकारियां…

Navratri Kab Hai 2023

टॉपिक चैत्र नवरात्रि 2023 | Chaitra Navratri
लेख प्रकार आर्टिकल
साल 2023
चैत्र नवरात्रि 2023 स्थापना 22 मार्च
चैत्र नवरात्रि 2023 उद्यापन 30 मार्च
माह चैत्र
अवधि 9 दिन
अवर्ति साल में एक बार
नवरात्रि प्रकार 4
कौन से 2 गुप्त, 1 शारदीय नवरात्रि, 1 चैत्र नवरात्रि

घटस्थापना यानि कलश स्थापना की तिथि –

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. मान्यता है कि, विधि-विधान से कलश स्थापना करने से मां भक्तों के जीवन से तमाम कष्ट दूर करती हैं. नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है जिसे कलश स्थापना भी कहते हैं। पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है.

प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि का पर्व आरंभ हो जाता है. पहले दिन में विधि-विधान से घटस्थापना करते हुए भगवान गणेश की वंदना के साथ माता के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा, आरती और भजन किया जाता है.

घटस्थापना या कलश स्थापना तिथि: 22 मार्च को
महानिशा पूजा तिथि: 23 मार्च को

घट स्थापना विधि –

  • सबसे पहले चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा तिथि को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें.
  • जिसके बाद पाद्य, लाल वस्त्र, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, नैवेद्य, पुष्पांजलि आदि के माध्यम से देवी के स्‍थान को सुसज्जित करें.
  • अब गणपति और मातृका की पूजा भी करके घट या कलश स्थापना करें.
  • अब नौ देवियों की आकृति बनाने के लिए लकड़ी के पटरे पर पानी में गेरू घोलें.
  • इसके अलावा सिंह वाहिनी दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं.
  • फिर एक कलावा लपेटें और गणेश स्वरूप में कलश पर उसे विराजमान करें.
  • घट के पास गेहूं या जौ का पात्र रखें.
  • अब वरुण पूजन और मां भगवती का विधि-विधान से आह्वान करें.

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चैत्र नवरात्रि 2023 नवमी कब है?

2023 में चैत्र नवरात्रि का आरंभ 22 मार्च से होगा. उदया तिथि के अनुसार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 22 मार्च 2023 से होग

पहला नवरात्रि 2023 किस तारीख को है?

नवरात्रि एक हिंदू त्योहार है.इस वर्ष, यह त्यौहार 22 मार्च 2023 को मनाया जाएगा.

साल में कितनी बार नवरात्रि आती है?

एक वर्ष में चार बारर नवरात्रि आती हैं. जैस- माघ नवरात्रि (शीतकालीन), चैत्र नवरात्रि (वसंत), आषाढ़ नवरात्रि (मानसून), और शरद नवरात्रि (शारदीय) आती है.

कौन सा नवरात्रि ज्यादा महत्वपूर्ण है?

हिंदू धर्म में शरद नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण है।

KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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