Thursday, April 15, 2021
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Kalash Sthapana: नवरात्रि में इस तरह करें घटस्थापना, जानें मुहूर्त

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Kalash Sthapana 2020 सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है नवरात्रि। यह पर्व उत्तर भारत के साथ-साथ गुजरात पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र और झारखंड में धूमधाम से मनाया जाता है।

Kalash Sthapana 2020: सनातन धर्म में दो बार नवरात्रि पर्व आता है. एक चैत्री नवरात्र और दूसरा शारदीय नवरात्र.पर्व की रौनक गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और झारखंड में देखने को मिलती है. शारदीय नवरात्रि 2020 की शुरुआत 17 अक्टूबर 2020 होकर  नवरात्रि के दौरान घटस्थापना किया जाता है। घट स्थापना, कलश स्थापना को कहते हैं। आइए जानते हैं ज्योतिषा अक्टूबर तक रहेगी.लेख के माध्यम से हम कलश स्थापना की पौराणिक विधि को जानेंगे. puja-path-kalash-sthapana-know-muhurat-and-how-to-do-kalash-sthapana

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त:

घट स्थापना मुहूर्त का समय शनिवार, अक्टूबर 17, 2020 सुबह  06:27 से 10:13 तक है. जिसके बाद घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11:44 से 12:29 तक रहेगा.

घट स्थापना की विधि:

  • जल से भरा हुआ पीतल,
  • चांदी, तांबा या मिट्टी का कलश,
  • पानी वाला नारियल,
  • रोली या कुमकुम, आम के 5 पत्ते,
  • नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा या चुनरी,
  • लाल सूत्र/मौली,
  • साबुत सुपारी, साबुत चावल और सिक्के,
  • कलश ढकने के लिए ढक्कन और जौ

यह हैं कलश स्थापना की पौराणिक विधि:

कलश माता मूर्ति के दाईं तरफ स्थापित किया जाना चाहिए. कलश वाले स्थान पर बर्तन के अन्दर मिट्टी भरकर रखें या फिर आप चाहे तो जमीन पर मिट्टी का ढेर बनाकर कलश रखें. कलश के ऊपर रोली या कुमकुम से स्वस्तिक का निशान बनाएं. जिसके बाद कलश पर मौली बांध दें.

कलश में थोड़ा गंगाजल डालें. और पूरे कलश को साफ पीने के पानी से भर दें. जल से भरे कलश में थोड़े से अक्षत (चावल), 2-4 दूर्वा घास, साबुत सुपारी, और 1 या दो रुपये का सिक्का डालकर चारों ओर आम के 4-5 पत्ते लगा दें. मिट्टी के ढक्कन से कलश को ढक दें.

अब ढक्कन पर थोड़े चावल रखे. फिर एक नारियल पर लाल रंग की चुनरी लपेटें. नारियल पर भी तिलक करें और स्वस्तिक का निशान बनाएं. नारियल को ढक्कन के ऊपर रख दें. नारियल का मुख हमेशा अपनी ओर ही रखे. दीपक का मुख पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ हाेता है.

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