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108 Names of Lord Vishnu (2026): भगवान विष्णु के १०८ नाम अर्थ सहित (संपूर्ण सूची)

दूसरी ओर यदि आप नित्य पूजन के समय भगवान विष्णु के 108 नामों का स्मरण करते हैं, तो आपके चारों ओर सकारात्मक शक्तियों का संचार होता है।

Lord Vishnu: The Infinite 108 Names Hub 2026

● विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली २०२६

🕉️ सनातन सत्य

भगवान विष्णु ब्रह्मांड के पालनहार हैं। उनके नामों का जप करने से मानसिक शुद्धि और जीवन में स्थिरता आती है।

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💰 समृद्धि का मार्ग

विष्णु जी की भक्ति से लक्ष्मी माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। २०२६ में अपनी आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करें।

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🕯️ पूर्वजों का कल्याण

विष्णु जी के नामों का पाठ पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है और मोक्ष का द्वार खोलता है।

श्रद्धांजलि संदेश: Nani Ji Shradhanjali Quotes

“मंगलम् भगवान विष्णु, मंगलम् गरुड़ध्वजः।
मंगलम् पुण्डरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥”

Divine Navigation Intelligence

  • भगवान विष्णु के १०८ नामों का पौराणिक महत्व
  • विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली (संपूर्ण १०८ नाम सूची)
  • नामों के अर्थ और उनका दार्शनिक महत्व
  • जप करने की सटिक विधि और शुभ समय (२०२६)
  • विष्णु भक्ति से मिलने वाले ५ बड़े चमत्कार
  • सपनों में शेषनाग और विष्णु जी का रहस्य
  • बुजुर्गों का आशीर्वाद और सरकारी पेंशन योजनाएं
  • २०२६ के त्यौहार और विष्णु पूजा मुहूर्त
  • FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले ३० बड़े सवाल

108 Names of Lord Vishnu: सृष्टि के रक्षक की दिव्य नामावली

17 जनवरी 2026—सनातन धर्म के केंद्र में भगवान विष्णु का स्थान सर्वोपरि है। वे अनंत हैं, अजन्मे हैं और इस सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं। **108 Names of Lord Vishnu** केवल एक सूची नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी साधना है जो मनुष्य को भौतिक मायाजाल से निकालकर ईश्वरीय चेतना से जोड़ती है। २०२६ के इस भागदौड़ भरे युग में, जहाँ हर कोई तनाव और अनिश्चितता (देखें: Rashifal 2026) से घिरा है, विष्णु जी के इन १०८ नामों का जप एक सुरक्षित कवच की तरह काम करता है।

आज की सटिक तिथि और शुभ मुहूर्त की जानकारी के लिए Lala Ramswaroop 2026 पंचांग का सहारा लें। पंचांग की शुद्धता ही आपकी पूजा को सफल बनाती है।

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  • पंचांग २०२६: महालक्ष्मी मराठी दिनदर्शिका – Mahalaxmi Calendar 2026
  • शुभ मुहूर्त: नया घर लेने का सटिक समय – Griha Pravesh 2026
  • शोक संवेदना: नानी माँ को श्रद्धांजलि संदेश – Nani Ji Shradhanjali
  • सरकारी योजना: यूपी वृद्धावस्था पेंशन नई सूची – UP Pension 2026

1. भगवान विष्णु के संपूर्ण १०८ नाम (The Complete 108 Names List)

नीचे दी गई तालिका में भगवान विष्णु के १०८ नामों की सटिक सूची, उनके संस्कृत मूल और हिंदी अर्थ के साथ दी गई है। यह अष्टोत्तर शतनामावली का सबसे शुद्ध स्वरूप है:

क्रम.नाम (Name)हिंदी अर्थ (Meaning)
1ॐ विष्णवे नमःजो सर्वत्र व्याप्त है।
2ॐ जिष्णवे नमःजो हमेशा विजयी रहते हैं।
3ॐ वषट्काराय नमःजिन्हें यज्ञ में आहुति दी जाती है।
4ॐ भूतभव्यभवत्प्रभवे नमःभूत, भविष्य और वर्तमान के स्वामी।
5ॐ भूतकृते नमःसमस्त जीवों के रचयिता।
6ॐ भूतभृते नमःसमस्त जीवों के पोषक।
7ॐ भावाय नमःजो स्वयं अस्तित्ववान हैं।
8ॐ भूतात्मने नमःसमस्त जीवों की आत्मा।
9ॐ भूतभावनाय नमःजीवों के शुभ चिंतक।
10ॐ परमात्मने नमःपरम सत्ता, सर्वोच्च आत्मा।
11ॐ मुक्तानां परमागतये नमःमुक्त आत्माओं के परम गंतव्य।
12ॐ अव्ययाय नमःजो कभी नष्ट नहीं होते।
13ॐ पुरुषाय नमःजो शरीर (पुरी) में वास करते हैं।
14ॐ साक्षिणे नमःजगत के साक्षी (Observer)।
15ॐ क्षेत्रज्ञाय नमःशरीर और मन के ज्ञाता।
16ॐ अक्षराय नमःअविनाशी तत्व।
17ॐ योगाय नमःयोग के स्वामी।
18ॐ योगविदां नेत्रे नमःयोगियों के मार्गदर्शक।
19ॐ प्रधानपुरुषेश्वराय नमःप्रकृति और पुरुष के स्वामी।
20ॐ नारसिंहवपुषे नमःनरसिंह स्वरूप वाले।
21ॐ श्रीमते नमःजो लक्ष्मी के साथ हैं।
22ॐ केशवाय नमःजिनके बाल सुंदर हैं।
23ॐ पुरुषोत्तमाय नमःपुरुषों में उत्तम।
24ॐ सर्वस्मै नमःजो स्वयं सब कुछ हैं।
25ॐ शर्वाय नमःप्रलय में सब कुछ नष्ट करने वाले।
26ॐ शिवाय नमःपरम कल्याणकारी।
27ॐ स्थाणवे नमःजो अचल और स्थिर हैं।
28ॐ भूतादये नमःसमस्त भूतों के आदि स्रोत।
29ॐ निधये नमःअविनाशी खजाना।
30ॐ अव्ययाय नमःअपरिवर्तनीय।
31ॐ संभवाय नमःअपनी इच्छा से प्रकट होने वाले।
32ॐ भावनय नमःसबको आनंद देने वाले।
33ॐ भर्त्रे नमःजगत का भार उठाने वाले।
34ॐ प्रभवाय नमःसृष्टि के उद्गम स्थल।
35ॐ प्रभवे नमःसर्वशक्तिमान स्वामी।
36ॐ ईश्वराय नमःपरम ईश्वर।
37ॐ स्वयंभुवे नमःस्वयं प्रकट होने वाले।
38ॐ शंभवे नमःसुख के दाता।
39ॐ आदित्याय नमःअदिति के पुत्र।
40ॐ पुष्कराक्षाय नमःकमल जैसे नेत्रों वाले।
41ॐ महास्वनाय नमःजिनकी वाणी गंभीर है।
42ॐ अनादिनिधनाय नमःजिनका न आदि है न अंत।
43ॐ धात्रे नमःजगत को धारण करने वाले।
44ॐ विधात्रे नमःभाग्य के विधाता।
45ॐ धातुरुत्तमाय नमःसमस्त धातुओं में श्रेष्ठ (चेतना)।
46ॐ अप्रमेयाय नमःजो तर्क से परे हैं।
47ॐ हृषीकेशाय नमःइंद्रियों के स्वामी।
48ॐ पद्मनाभाय नमःनाभि में कमल धारण करने वाले।
49ॐ अमरप्रभवे नमःदेवताओं के स्वामी।
50ॐ विश्वकर्मणे नमःब्रह्मांड के निर्माता।
51ॐ मनवे नमःविचार स्वरूप।
52ॐ त्वष्ट्रे नमःसूक्ष्म रूप देने वाले।
53ॐ स्थविष्ठाय नमःअत्यंत विशाल।
54ॐ स्थविराय नमःसनातन, प्राचीन।
55ॐ ध्रुवाय नमःअचल और ध्रुव सत्य।
56ॐ अग्राह्याय नमःजिन्हें पकड़ा नहीं जा सकता।
57ॐ शाश्वताय नमःसदा रहने वाले।
58ॐ कृष्णाय नमःसच्चिदानंद स्वरूप।
59ॐ लोहिताक्षाय नमःलाल नेत्रों वाले।
60ॐ प्रतर्दनाय नमःदुष्टों का नाश करने वाले।
61ॐ प्रभूतय नमःज्ञान और वैभव से संपन्न।
62ॐ त्रिककुब्धाम्ने नमःतीनों दिशाओं के स्वामी।
63ॐ पवित्राया नमःपरम पवित्र।
64ॐ मंगलाय नमःकल्याण स्वरूप।
65ॐ ईशानाय नमःब्रह्मांड के शासक।
66ॐ प्राणदाय नमःजीवन देने वाले।
67ॐ प्राणाय नमःस्वयं प्राण स्वरूप।
68ॐ ज्येष्ठाय नमःसबसे बड़े।
69ॐ श्रेष्ठाय नमःसबसे उत्तम।
70ॐ प्रजापतये नमःप्रजा के पालनहार।
71ॐ हिरण्यगर्भाय नमःस्वर्णमयी ब्रह्मांड के गर्भ।
72ॐ भूगर्भाय नमःपृथ्वी जिनके गर्भ में है।
73ॐ माधवाय नमःलक्ष्मी के पति।
74ॐ मधुसूदनाय नमःमधु दैत्य का वध करने वाले।
75ॐ ईश्वराय नमःसर्वशक्तिमान।
76ॐ विक्रमिणे नमःअत्यंत पराक्रमी।
77ॐ धन्विने नमःधनुष धारण करने वाले।
78ॐ मेधाविने नमःपरम बुद्धिमान।
79ॐ विक्रमाय नमःअजेय।
80ॐ क्रमाय नमःव्यवस्था के स्वामी।
81ॐ अनुत्तमाय नमःजिनसे श्रेष्ठ कोई नहीं।
82ॐ दुराधर्षाय नमःजिन्हें जीता न जा सके।
83ॐ कृतज्ञाय नमःभक्तों के प्रेम को याद रखने वाले।
84ॐ कृतये नमःस्वयं कर्म स्वरूप।
85ॐ आत्मवते नमःस्वयं में स्थित।
86ॐ सुरेशाय नमःइंद्र के भी स्वामी।
87ॐ शरणाय नमःशरण देने वाले।
88ॐ शर्मणे नमःपरम सुख स्वरूप।
89ॐ विश्वरेतसे नमःब्रह्मांड का बीज।
90ॐ प्रजाभवाय नमःप्रजा के जनक।
91ॐ अह्न नमःप्रकाश स्वरूप।
92ॐ संवत्सराय नमःकाल चक्र स्वरूप।
93ॐ व्यालाय नमःदुर्जेय नाग की तरह।
94ॐ प्रत्ययाय नमःअटूट विश्वास स्वरूप।
95ॐ सर्वदर्शनाय नमःसब कुछ देखने वाले।
96ॐ अजाय नमःजो कभी जन्म नहीं लेते।
97ॐ सर्वेश्वराय नमःसभी के ईश्वर।
98ॐ सिद्धाय नमःस्वयं पूर्ण और सिद्ध।
99ॐ सिद्धये नमःसफलता के दाता।
100ॐ सर्वादये नमःसबके आदि स्रोत।
101ॐ अच्युताय नमःजो कभी च्युत (गिरे) नहीं।
102ॐ वृषाकपये नमःधर्म के रक्षक वराह स्वरूप।
103ॐ अमेयात्मने नमःअनंत आत्मा वाले।
104ॐ सर्वयोगविनिस्सृताय नमःयोग से परे।
105ॐ वसुप्रदाय नमःधन देने वाले।
106ॐ वासुदेवाय नमःवसुदेव के पुत्र।
107ॐ सर्वासुनिलयाय नमःसभी प्राणों का निवास।
108ॐ अनलाय नमःअनंत शक्ति स्वरूप।

2. भगवान विष्णु के नामों का महत्व और फलश्रुति

विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ न केवल आध्यात्मिक उन्नति करता है, बल्कि जीवन की बाधाओं (Obstacles) को दूर करने में भी सहायक है। जैसे एक चिकित्सक शरीर की बीमारियों का इलाज करता है (देखें: Salfas Safety Alert), वैसे ही विष्णु नाम मन की विकृतियों को दूर करते हैं।

  • मानसिक शांति: नियमित पाठ से क्रोध और ईर्ष्या का नाश होता है।
  • आर्थिक समृद्धि: ‘वसुप्रद’ और ‘माधव’ नामों के जप से दरिद्रता दूर होती है। २०२६ के बजट सत्र के दौरान यह पाठ और भी लाभदायक हो सकता है (देखें: 8th Pay Salary Guide)।

3. सपनों का रहस्य: शेषनाग और विष्णु जी का दर्शन

क्या आपने कभी सपने में सांपों का मिलन देखा है? स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह ‘अनंत’ की ओर संकेत है। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए हमारा लोकप्रिय लेख Snake Dream Meaning पढ़ें।

4. २०२६ के त्यौहार और विष्णु साधना का शुभ समय

२०२६ में आने वाली सभी एकादशियों और पूर्णिमाओं (देखें: Paush Purnima Guide) पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। पंचांग के सटिक विश्लेषण के लिए Thakur Prasad 2026 और Lala Ramswaroop Update जरूर देखें।

5. बुजुर्गों का आशीर्वाद और पितृ शांति

विष्णु जी को ‘मुक्तानां परमागतये’ कहा गया है, यानी वे मोक्ष के दाता हैं। नानी माँ (देखें: Nani Ji Shradhanjali) और अन्य पूर्वजों की शांति के लिए विष्णु पूजा सर्वोत्तम है। घर में खुशहाली के लिए तोता पालना भी एक प्राचीन परंपरा रही है जो घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले ३० बड़े सवाल

Q1. विष्णु जी के नामों का जप कब करना चाहिए?

उत्तर: सूर्योदय से पूर्व या संध्या काल में स्नान के पश्चात करना सर्वश्रेष्ठ है।

Q2. क्या महिलाएं १०८ नामों का पाठ कर सकती हैं?

उत्तर: हाँ, भक्ति मार्ग पर सभी का समान अधिकार है। शुद्ध मन से कोई भी इसका पाठ कर सकता है।

🕉️ न्यूज़मग आध्यात्मिक सूचना (Disclaimer)

यह लेख **108 Names of Lord Vishnu** पौराणिक शास्त्रों, श्रीमद्भागवत और २०२६ की ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। नामों के अर्थ विभिन्न क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। किसी भी विशेष तांत्रिक अनुष्ठान या विधि-विधान के लिए अपने पारिवारिक पंडित या योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। न्यूज़मग किसी भी प्रकार की धार्मिक विसंगति के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

KAMLESH VERMA

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

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