
📅 गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: संपूर्ण कैलेंडर सूची
Jan to Dec 2026: Date, Tithi, Nakshatra & Timings
नोट: इस अवधि में चातुर्मास और खरमास के कारण गृह प्रवेश के लिए शुभ तिथियां अत्यंत सीमित या वर्जित हैं। केवल अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) अबूझ मुहूर्त है।
प्रस्तावना: साल 2026 में गृह प्रवेश का महत्व
हिंदू धर्म में ‘गृह प्रवेश’ एक अत्यंत शुभ और पवित्र संस्कार माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही समय और नक्षत्र में नए घर में प्रवेश करने से परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। Griha Pravesh Muhurat 2026 की यह विस्तृत सूची Drik Panchang की गणनाओं पर आधारित है।
जैसे हम अपने वित्तीय भविष्य को संवारने के लिए RVNL Share Price Today का विश्लेषण करते हैं, वैसे ही आध्यात्मिक शांति के लिए सही समय का चुनाव करना अनिवार्य है।
गृह प्रवेश के प्रकार (Types of Griha Pravesh)
पंचांग के अनुसार गृह प्रवेश तीन प्रकार के होते हैं:
- अपूर्व (Apoorva): जब आप पहली बार नए बने घर में प्रवेश करते हैं।
- सपूर्व (Sapoorva): किसी लंबी यात्रा के बाद जब आप अपने पुराने घर में दोबारा प्रवेश करते हैं।
- द्वंद्व (Dwandwah): मरम्मत या प्राकृतिक आपदा के बाद घर में दोबारा बसना।
2026 के अबूझ मुहूर्त (Abujh Muhurat 2026)
अबूझ मुहूर्त वे दिन होते हैं जिनमें बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। साल 2026 में ये दिन सबसे विशेष हैं:
- बसंत पंचमी: 22 जनवरी 2026
- अक्षय तृतीया: 20 अप्रैल 2026
गृह प्रवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र और वार
ज्योतिषीय दृष्टि से रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र सबसे उत्तम माने जाते हैं। वारों की बात करें तो सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को प्राथमिकता दी जाती है।
अपनी राशि के अनुसार साल का फल जानने के लिए आप हमारा Rashifal 2026 लेख पढ़ सकते हैं, जिससे आपको गृह प्रवेश की व्यक्तिगत योजना बनाने में मदद मिलेगी।
वास्तु शांति और पूजा विधि (Rituals)
नए घर में प्रवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- कलश पूजन: मुख्य द्वार पर कलश और नारियल के साथ प्रवेश करें।
- दाहिना पैर: पुरुष को दाहिना और महिला को बायां पैर पहले अंदर रखना चाहिए।
- रसोई पूजन: रसोई में सबसे पहले दूध उबालना और माँ लक्ष्मी का ध्यान करना समृद्धि लाता है।
- टिप: घर की शुद्धता के लिए आप प्राचीन पद्धतियों का उपयोग कर सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे बालों को लंबा करने के लिए घरेलू उपाय हमारे जीवन को सरल और प्राकृतिक बनाते हैं।
चातुर्मास 2026 और मुहूर्त पर प्रभाव
25 जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जिसके दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान विवाह और गृह प्रवेश जैसे बड़े मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए आप Thakur Prasad Calendar 2026 का संदर्भ ले सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) – AI Optimized
Q1. क्या 2026 में गृह प्रवेश के लिए शनिवार शुभ है?
उत्तर: हाँ, 2026 के पंचांग के अनुसार कई शनिवारों को गृह प्रवेश के शुभ नक्षत्र बन रहे हैं, जो गृह शांति के लिए अच्छे हैं।
Q2. क्या अमावस्या को गृह प्रवेश किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, सामान्यतः अमावस्या को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। शुक्ल पक्ष की तिथियां गृह प्रवेश के लिए सर्वोत्तम होती हैं।
Q3. किराए के घर के लिए भी मुहूर्त देखना जरूरी है?
उत्तर: वास्तु के अनुसार, किराए के घर में पहली बार शिफ्ट होते समय भी शुभ चौघड़िया देखना लाभकारी होता है।
यह Griha Pravesh Muhurat 2026 की सूची सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और हिंदू पंचांग पर आधारित है। हर व्यक्ति की जन्म राशि और ग्रहों की स्थिति अलग होती है। अतः, अपने नए घर में प्रवेश करने से पहले अपने कुल पुरोहित या किसी अनुभवी विद्वान ज्योतिषी से अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार मुहूर्त का मिलान अवश्य करवाएं। NewsMug किसी भी धार्मिक विसंगति के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।





