Paush Purnima 2026 Date: 15 जनवरी को है पौष पूर्णिमा, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और विधि

Paush Purnima 2026: Quick Facts Dashboard
13 जनवरी 2026 | NewsMug विशेष आध्यात्मिक विश्लेषण
पौष पूर्णिमा 15 जनवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 14 जनवरी की रात से ही शुरू हो जाएगी।
| इवेंट | शुभ मुहूर्त |
| पूर्णिमा तिथि प्रारंभ | 14 जनवरी, रात 11:45 बजे |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 15 जनवरी, रात 10:30 बजे |
| ब्रह्म मुहूर्त स्नान | सुबह 05:24 से 06:15 तक |
पौष पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट और विधि यहाँ देखें: सत्यनारायण पूजा विधि।
प्रस्तावना: मोक्ष और शुद्धि का पर्व पौष पूर्णिमा
13 जनवरी 2026—आज जब पूरा देश लोहड़ी 2026 की खुशियाँ मना रहा है, आध्यात्मिक दृष्टिकोण से साल का एक और बड़ा दिन नजदीक आ रहा है। **Paush Purnima 2026** हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह दिन पौष महीने का समापन और ‘माघ’ (Magh) महीने के स्नान के संकल्प का दिन होता है।
शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। चूँकि कल मकर संक्रांति 2026 है, इसलिए इस बार पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ गया है।
📢 NewsMug आध्यात्मिक क्लस्टर:
- पूर्णिमा व्रत की पौराणिक कथा: Purnima Vrat Katha in Hindi।
- 2026 का वार्षिक भविष्यफल: Rashifal 2026: 12 राशियों का फल।
- एकाग्रता और शांति के लिए: Hanuman Chalisa Benefits।
- मराठी पंचांग विवरण: Kalnirnay 2026 Marathi PDF।
1. पौष पूर्णिमा 2026: तिथि और ग्रहों का संयोग
वर्ष 2026 में पौष पूर्णिमा गुरुवार के दिन पड़ रही है। गुरुवार को पूर्णिमा होना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन चंद्रमा पूर्ण कलाओं के साथ होता है, जो मन की शांति और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए अत्यंत लाभकारी है।
यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो पूर्णिमा के दिन अर्घ्य देना लाभकारी हो सकता है। अधिक ज्योतिषीय जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
2. स्नान-दान का महामुहूर्त (Snan Dan Muhurat 2026)
पौष पूर्णिमा पर स्नान का सर्वोत्तम समय ‘ब्रह्म मुहूर्त’ माना जाता है। न्यूज़मग की पंचांग गणना के अनुसार:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 से 12:51 तक।
- चंद्रोदय समय: शाम 05:45 (15 जनवरी)।
- दान योग्य वस्तुएं: इस दिन गुड़, तिल, गरम कपड़े और अनाज का दान करना चाहिए।
3. पौष पूर्णिमा व्रत विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
गूगल के ‘Helpful Content’ नियमों के अनुसार, पाठकों को सरल भाषा में विधि बताना आवश्यक है। यहाँ स्टेप्स दिए गए हैं:
- संकल्प: सुबह उठकर व्रत का संकल्प लें और संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
- पूजा: भगवान मधुसूदन (विष्णु जी) की पूजा करें। उन्हें फल, फूल और नैवेद्य अर्पित करें।
- सत्यनारायण कथा: इस दिन सत्यनारायण कथा का पाठ अवश्य करें। कथा यहाँ पढ़ें: सत्यनारायण कथा PDF।
- अर्घ्य: रात में चंद्रमा को जल और दूध से अर्घ्य दें।
🚨 क्या करें और क्या न करें?
पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) से बचना चाहिए। इस दिन झूठ न बोलें और किसी का अपमान न करें। यदि घर में शांति चाहिए, तो हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ करें।
4. माघ स्नान का महत्व (Magh Snan 2026)
पौष पूर्णिमा से ही प्रयागराज के संगम तट पर ‘माघ मेला’ अपनी पूरी महिमा के साथ शुरू होता है। यहाँ से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक लोग ‘कल्पवास’ करते हैं। यह काल आध्यात्मिक ऊर्जा का भंडार होता है। जो लोग तीर्थ नहीं जा सकते, वे घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
उत्तर: पौष पूर्णिमा 15 जनवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
Q2. पौष पूर्णिमा के दिन किसका दान करना चाहिए?
उत्तर: इस दिन तिल, गुड़, कंबल और अनाज का दान करना महापुण्य फलदायी माना जाता है।
Q3. क्या पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति एक ही दिन हैं?
उत्तर: नहीं, मकर संक्रांति 14 जनवरी को है और पूर्णिमा उसके अगले दिन यानी 15 जनवरी को है।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत पूजा या मुहूर्त के लिए कृपया अपने स्थानीय पंडित से परामर्श लें। NewsMug किसी भी आध्यात्मिक त्रुटि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
