Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - Aarti - श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa): जय गणपति सदगुण सदन | लिरिक्स, अर्थ और लाभ
Aarti KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa): जय गणपति सदगुण सदन | लिरिक्स, अर्थ और लाभ

4 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
Ganesh Chalisa
Ganesh Chalisa

Table of Contents

Toggle
  • श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa): संकटों को हरने और बुद्धि प्रदान करने वाली चमत्कारी स्तुति
    • क्या है ‘चालीसा’ और इसका महत्व?
  • श्री गणेश चालीसा: संपूर्ण लिरिक्स (Shri Ganesh Chalisa Lyrics in Hindi)
  • गणेश चालीसा का संक्षिप्त अर्थ
  • How-To: गणेश चालीसा का पाठ करने की सही विधि और नियम
  • तुलनात्मक सारणी: गणेश चालीसा बनाम गणेश मंत्र
  • गणेश चालीसा पाठ के 5 चमत्कारी लाभ
  • गणेश उत्सव से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
    • निष्कर्ष

श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa): संकटों को हरने और बुद्धि प्रदान करने वाली चमत्कारी स्तुति

गणेश चालीसा भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और भक्तिमय स्तुति है। यह 40 चौपाइयों का एक ऐसा संग्रह है, जो भगवान गणेश के स्वरूप, गुण, लीलाओं और महिमा का सुंदर वर्णन करता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत हो, जीवन में कोई बाधा हो, या मन में अशांति हो, श्री गणेश चालीसा का पाठ करना हर संकट से मुक्ति दिलाने वाला और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है।

“जय गणपति सदगुण सदन” से प्रारंभ होने वाली यह चालीसा इतनी सरल और लयबद्ध है कि इसे कोई भी भक्त आसानी से गा सकता है और विघ्नहर्ता की कृपा प्राप्त कर सकता है। लेकिन इस चालीसा का पाठ करने की सही विधि क्या है? इसकी हर चौपाई का क्या अर्थ है और इसके नियमित पाठ से क्या-क्या लाभ मिलते हैं? आइए, इस लेख में हम गणेश चालीसा के हर पहलू को गहराई से समझते हैं।

Lord Ganpati in vector for Happy Ganesh Chaturthi festival celebration of India with people celebrating dhol tasha with text meaning My Father Ganapati | गणेश चालीसा का पाठ |Ganesh Chalisa

क्या है ‘चालीसा’ और इसका महत्व?

‘चालीसा’ का शाब्दिक अर्थ है ‘चालीस’। यह हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की स्तुति में रची गई 40 छंदों (चौपाइयों) की एक भक्ति रचना होती है। यह अवधि भाषा में लिखी गई है और इसकी सरल भाषा इसे भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाती है। हनुमान चालीसा की तरह ही, गणेश चालीसा भी संकटों से रक्षा करने वाली और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने वाली मानी जाती है।

श्री गणेश चालीसा: संपूर्ण लिरिक्स (Shri Ganesh Chalisa Lyrics in Hindi)

॥ दोहा ॥
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

॥ चौपाई ॥
जय जय जय गणपति गणराजू।
मंगल भरण करण शुभः काजू॥

जै गजबदन सदन सुखदाता।
विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना।
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

राजत मणि मुक्तन उर माला।
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।
मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित।
चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता।
गौरी लालन विश्व-विख्याता॥

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे।
मुषक वाहन सोहत द्वारे॥

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी।
अति शुची पावन मंगलकारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी।
पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥ (10)

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।
तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा॥

अतिथि जानी के गौरी सुखारी।
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा।
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला।
बिना गर्भ धारण यहि काला॥

गणनायक गुण ज्ञान निधाना।
पूजित प्रथम रूप भगवाना॥

अस कही अन्तर्धान रूप हवै।
पालना पर बालक स्वरूप हवै॥

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना।
लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना॥

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं।
नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥

शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं।
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा।
देखन भी आये शनि राजा॥ (20)

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं।
बालक, देखन चाहत नाहीं॥

गिरिजा कछु मन भेद बढायो।
उत्सव मोर, न शनि तुही भायो॥

कहत लगे शनि, मन सकुचाई।
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ।
शनि सों बालक देखन कहयऊ॥

पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा।
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा॥

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी।
सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी॥

हाहाकार मच्यौ कैलाशा।
शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो।
काटी चक्र सो गज सिर लाये॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो।
प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे।
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे॥ (30)

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा।
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥

चले षडानन, भरमि भुलाई।
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें।
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥

धनि गणेश कही शिव हिये हरषे।
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई।
शेष सहसमुख सके न गाई॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी।
करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा।
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥

अब प्रभु दया दीना पर कीजै।
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥ (38)

॥ दोहा ॥
श्री गणेश यह चालीसा, पाठ करै कर ध्यान।
नित नव मंगल गृह बसै, लहे जगत सन्मान॥

सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश।
पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ती गणेश॥


गणेश चालीसा का संक्षिप्त अर्थ

यह चालीसा भगवान गणेश के स्वरूप के सुंदर वर्णन से शुरू होती है, जिसमें उनके हाथी जैसे मुख, त्रिशूल, मुकुट और मोदक भोग का जिक्र है। इसके बाद, उनके जन्म की चमत्कारी कथा बताई गई है कि कैसे वे बिना गर्भ के माता पार्वती के पुत्र के रूप में प्रकट हुए। चालीसा में उस प्रसिद्ध घटना का भी वर्णन है जब शनि देव की दृष्टि पड़ने से बालक गणेश का सिर आकाश में उड़ गया था और भगवान विष्णु ने हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया था। अंत में, उस बुद्धि परीक्षा का उल्लेख है जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता की परिक्रमा करके ही पूरे ब्रह्मांड की परिक्रमा का पुण्य प्राप्त किया और प्रथम पूज्य कहलाए।

How-To: गणेश चालीसा का पाठ करने की सही विधि और नियम

इस चमत्कारी चालीसा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए, इसका पाठ सही विधि और नियमों के साथ करना चाहिए।

चरण 1: शुद्धता और सही समय

  • समय: गणेश चालीसा का पाठ करने का सबसे उत्तम समय सुबह स्नान के बाद या शाम को पूजा के समय होता है।
  • शुद्धता: पाठ करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

चरण 2: पूजा स्थल की तैयारी

  • एक साफ आसन पर बैठें। अपने सामने भगवान गणेश की एक मूर्ति या सुंदर तस्वीर (Ganesh Chaturthi Image) स्थापित करें।
  • भगवान गणेश को एक फूल, दूर्वा और मोदक (या कोई मिठाई) अर्पित करें। घी का एक दीपक जलाएं।

चरण 3: पाठ का आरंभ

  • सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 3 बार जाप करें।
  • अब शांत और एकाग्र मन से, शुद्ध उच्चारण के साथ गणेश चालीसा का पाठ शुरू करें।

चरण 4: पाठ का समापन

  • चालीसा का पाठ समाप्त होने के बाद, श्री गणेश जी की आरती करें।
  • अंत में भगवान गणेश से अपनी मनोकामना कहें और जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा याचना करें।

तुलनात्मक सारणी: गणेश चालीसा बनाम गणेश मंत्र

पहलूगणेश चालीसा (Ganesh Chalisa)गणेश मंत्र (Ganesh Mantra)
स्वरूप40 चौपाइयों की एक भक्तिमय स्तुति (कहानी और गुणगान)।बीज अक्षरों या शब्दों का एक छोटा और शक्तिशाली समूह।
भाषासरल अवधी (हिंदी), आसानी से समझ में आने वाली।संस्कृत, जिसका अर्थ समझने के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है।
उद्देश्यभगवान गणेश की संपूर्ण लीलाओं और महिमा का स्मरण करना।किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए ऊर्जा को केंद्रित करना।
उदाहरण“जय गणपति सदगुण सदन…”“ॐ गं गणपतये नमः”, “वक्रतुण्ड महाकाय…”
पाठ का समयलगभग 5-7 मिनट।कुछ सेकंड, लेकिन इसका जाप 108 बार किया जाता है।

गणेश चालीसा पाठ के 5 चमत्कारी लाभ

  1. विघ्नों का नाश: नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और संकट दूर होते हैं।
  2. बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि: भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं। छात्रों और ज्ञान की इच्छा रखने वालों के लिए इसका पाठ अत्यंत लाभकारी है।
  3. मनोकामनाओं की पूर्ति: सच्ची श्रद्धा से पाठ करने पर भगवान गणेश भक्त की सभी उचित मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
  4. घर में सुख-शांति: इसके पाठ से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
  5. भय और नकारात्मकता से मुक्ति: यह चालीसा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जो भक्त को भय और नकारात्मक शक्तियों से बचाती है।

गणेश उत्सव से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

  • गणेश चतुर्थी 2025 कब है? जानें सही तारीख और मुहूर्त
  • भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अर्थ
  • गणपति सॉन्ग: टॉप 25+ गणेश जी के भजन और आरती
  • गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं और संदेश

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: गणेश चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
उत्तर: आप अपनी श्रद्धा के अनुसार 1, 3, 7, 11 या 21 बार पाठ कर सकते हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान या किसी विशेष संकट के समय 108 बार पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

प्रश्न 2: क्या महिलाएं गणेश चालीसा का पाठ कर सकती हैं?
उत्तर: जी हाँ, बिलकुल। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह पुरुष हो या महिला, पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ गणेश चालीसा का पाठ कर सकता है।

प्रश्न 3: चालीसा के अंत में “ऋषि पंचमी दिनेश” का क्या अर्थ है?
उत्तर: यह चालीसा की रचना के समय का संकेत देता है। इसका अर्थ है कि यह चालीसा भाद्रपद मास की ऋषि पंचमी तिथि को, रविवार (दिनेश) के दिन पूर्ण हुई थी।

प्रश्न 4: यदि पाठ करते समय कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: यदि उच्चारण में या किसी अन्य प्रकार की गलती हो जाए तो घबराएं नहीं। पाठ के अंत में भगवान गणेश से क्षमा याचना कर लें। भगवान भाव को देखते हैं, त्रुटियों को नहीं।

प्रश्न 5: गणेश चालीसा और संकटनाशन गणेश स्तोत्र में क्या अंतर है?
उत्तर: गणेश चालीसा अवधी भाषा में 40 चौपाइयों की एक स्तुति है, जबकि संकटनाशन गणेश स्तोत्र नारद पुराण से लिया गया संस्कृत में 12 श्लोकों का एक स्तोत्र है, जो विशेष रूप से संकटों का नाश करने के लिए है।

निष्कर्ष

गणेश चालीसा केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भक्ति का सागर है। यह एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी प्रार्थना है जो हमें सीधे विघ्नहर्ता से जोड़ती है। चाहे आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, किसी नए काम की शुरुआत कर रहे हों, या बस जीवन में शांति और सकारात्मकता चाहते हों, इस चमत्कारी चालीसा को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाएं और स्वयं भगवान गणेश की कृपा और आशीर्वाद का अनुभव करें।

ॐ गं गणपतये नमः!

(Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।)

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
Ganesh Chalisa ganesh chalisa in hindi ganesh chalisa ke fayde गणेश चालीसा गणेश चालीसा का पाठ गणेश चालीसा लिरिक्स जय गणपति सदगुण सदन श्री गणेश चालीसा
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Article गणेश चतुर्थी शुभेच्छा मराठी (Ganesh Chaturthi Wishes in Marathi): 101+ बेस्ट शुभेच्छा, स्टेटस आणि मेसेजेस
Next Article  ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के बिना अधूरा है व्रत, जानें महत्व और पौराणिक कहानी
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026
धार्मिक विषय 0 Views

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर व्रत, त्योहार, पंचांग, शुभ मुहूर्त व PDF डाउनलोड

होली 2026 कब है
त्योहारों और परंपराओं 1 Views

होली 2026 कब है: 3 व 4 मार्च – होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा समय व पूजा विधि

dhanteras 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं Updated:09/10/20262 Views

Dhanteras 2026 kab hai: 6 नवंबर पूजा मुहूर्त, सोना व झाड़ू खरीदने का शुभ समय व यम दीपदान

chhath puja 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं 0 Views

chhath puja 2026 kab hai: 13 से 16 नवंबर नहाय खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य मुहूर्त व सामग्री

Karwa Chauth 2026 kab hai - 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय
त्योहारों और परंपराओं Updated:05/10/20264 Views

karwa chauth 2026 kab hai: 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय

dussehra 2026 kab hai
त्योहारों और परंपराओं 7 Views

dussehra 2026 kab hai: 20 अक्टूबर रावण दहन का शुभ मुहूर्त व विजय मुहूर्त

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर व्रत, त्योहार, पंचांग, शुभ मुहूर्त व PDF डाउनलोड

09/10/2026
होली 2026 कब है

होली 2026 कब है: 3 व 4 मार्च – होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा समय व पूजा विधि

09/10/2026
dhanteras 2026 kab hai

Dhanteras 2026 kab hai: 6 नवंबर पूजा मुहूर्त, सोना व झाड़ू खरीदने का शुभ समय व यम दीपदान

09/10/2026
chhath puja 2026 kab hai

chhath puja 2026 kab hai: 13 से 16 नवंबर नहाय खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य मुहूर्त व सामग्री

09/10/2026
Nana Patekar Death

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, जानिए मौत की वजह और पूरा फिल्मी सफर

08/10/2026
dev-uthani-ekadashi-2021-mein-kab-hai-date

कब है देवउठनी एकादशी 2021-Dev Uthani Ekadashi 2021 Mein Kab Hai date

06/10/2026
dev-uthani-ekadashi-pooja-vidhi

देवउठनी एकादशी की पूजा विधि । Dev Uthani Ekadashi Pooja Vidhi

06/10/2026

जितिया व्रत 2022 में कब हैं – Jivitputrika Vrat 2022 Mein Kab Hai Date

06/10/2026

Lala Ramswaroop Calendar 2022 (लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2022) Panchang PDF File Free Download

06/10/2026

आधार कार्ड से ऑनलाइन लोन कैसे लें? संपूर्ण जानकारी हिंदी में!

06/10/2026

फादर्स डे 2022 किस दिन आता है | Fathers Day Kitni Tarikh Ko Hai 2022 Date

06/10/2026
shok sandesh in hindi

Shok Sandesh In Hindi | गहरे शोक संदेश और श्रद्धांजलि मैसेज

06/10/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.