Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - Hindi -  ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के बिना अधूरा है व्रत, जानें महत्व और पौराणिक कहानी
Hindi Updated:28/08/20253 Views

 ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के बिना अधूरा है व्रत, जानें महत्व और पौराणिक कहानी

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
Rishi Panchami Vrat Katha
Rishi Panchami Vrat Katha

Table of Contents

Toggle
  • ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के पाठ बिना अधूरा है सप्तऋषियों का पूजन, जानें पौराणिक महत्व
    • ऋषि पंचमी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त
    • संपूर्ण ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha in Hindi)
  • एक अन्य प्रचलित कथा: किसान और उसकी पत्नी की कहानी
  • How-To: ऋषि पंचमी व्रत और पूजा की सरल विधि
  • व्रत और त्योहारों से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
    • निष्कर्ष

ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के पाठ बिना अधूरा है सप्तऋषियों का पूजन, जानें पौराणिक महत्व

ऋषि पंचमी व्रत कथा का श्रवण, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को किए जाने वाले ‘ऋषि पंचमी‘ व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य अंग है। यह व्रत भारतीय संस्कृति में ज्ञान, तप और पवित्रता के प्रतीक सप्तऋषियों (कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वसिष्ठ) को समर्पित है। यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा जाने-अनजाने में हुए रजस्वला (मासिक धर्म) संबंधित दोषों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ और व्रत कितने भी विधि-विधान से क्यों न किए जाएं, यदि संबंधित कथा का पाठ या श्रवण न किया जाए, तो उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। ऋषि पंचमी व्रत कथा हमें न केवल इस व्रत के महत्व को समझाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे छोटी-सी भूल भी जीवन में बड़े कष्ट का कारण बन सकती है और सच्ची श्रद्धा से किया गया व्रत उन कष्टों से मुक्ति दिला सकता है।

ऋषि पंचमी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

इससे पहले कि हम कथा में प्रवेश करें, आइए इस व्रत की सही तिथि और मुहूर्त जान लेते हैं।

  • ऋषि पंचमी तिथि: 28 अगस्त 2025, गुरुवार
  • पंचमी तिथि का प्रारंभ: 27 अगस्त 2025 को सुबह 08:33 बजे से
  • पंचमी तिथि की समाप्ति: 28 अगस्त 2025 को सुबह 10:48 बजे पर
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: 28 अगस्त, सुबह 11:06 बजे से दोपहर 01:37 बजे तक

संपूर्ण ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha in Hindi)

पौराणिक काल में, विदर्भ देश में उत्तंक नामक एक सदाचारी ब्राह्मण अपनी पतिव्रता पत्नी सुशीला के साथ रहता था। उनके एक पुत्र और एक पुत्री थी। पुत्र का नाम सुचित्र था और वह वेदों का ज्ञाता था। पुत्री का विवाह भी एक योग्य ब्राह्मण कुल में कर दिया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश वह कुछ ही समय में विधवा हो गई।

Rishi Panchami Vrat Katha

1. विधवा पुत्री का दुख:
उत्तंक अपनी विधवा पुत्री को अपने घर ले आया। एक रात, जब पुत्री सो रही थी, तो उसकी माँ ने देखा कि बेटी का पूरा शरीर कीड़ों से भर गया है। यह भयानक दृश्य देखकर वह घबरा गई और रोते हुए अपने पति उत्तंक के पास गई और उन्हें सब कुछ बताया।

2. उत्तंक ने जाना पूर्व जन्म का रहस्य:
उत्तंक ने अपनी योग दृष्टि से इस घटना का कारण जानने का प्रयास किया। उन्होंने देखा कि उनकी पुत्री ने अपने पूर्व जन्म में रजस्वला होने के बावजूद पूजा के बर्तनों को छू दिया था और घर के सभी कार्यों में लगी रही थी। उस जन्म में उसने ऋषि पंचमी का व्रत भी नहीं किया था। इसी ‘ऋतु-दोष’ के कारण इस जन्म में उसके शरीर में कीड़े पड़ गए थे और उसे वैधव्य का दुख भोगना पड़ रहा था।

3. दोष मुक्ति का उपाय:
जब उत्तंक को इसका कारण पता चला, तो उन्होंने अपनी पुत्री से कहा, “पुत्री, यह तुम्हारे पूर्व जन्म के पापों का फल है। इससे मुक्ति पाने का एकमात्र उपाय है कि तुम पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से ऋषि पंचमी का व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हारे सभी पाप नष्ट हो जाएंगे और तुम्हें इस कष्ट से मुक्ति मिलेगी।”

4. पुत्री ने किया व्रत:
पिता की आज्ञा मानकर, पुत्री ने भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सप्तऋषियों का पूजन किया, ऋषि पंचमी व्रत कथा सुनी और पूरे विधि-विधान से व्रत का पालन किया। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से वह सभी पापों से मुक्त हो गई और अगले जन्म में उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हुई।


एक अन्य प्रचलित कथा: किसान और उसकी पत्नी की कहानी

एक और कथा के अनुसार, एक गांव में एक किसान अपनी पत्नी के साथ रहता था। एक बार जब उसकी पत्नी रजस्वला थी, तो वह अज्ञानतावश घर के सभी कार्यों में लगी रही और उसने रसोई में भी काम किया। इस दौरान उसका पति भी उसके संपर्क में आ गया, जिससे दोनों को ‘ऋतु-दोष’ लग गया।

  • पशु योनि में जन्म: इस दोष के कारण, मृत्यु के बाद पत्नी को कुतिया का और पति को बैल का जन्म मिला। लेकिन उनके अन्य कोई पाप न होने के कारण, उन्हें अपने पूर्व जन्म की सभी बातें याद रहीं। वे दोनों अपने ही पुत्र सुचित्र के घर में रहने लगे।
  • ब्रह्म हत्या से बचाया: एक दिन सुचित्र के घर श्राद्ध था और उसकी पत्नी ने ब्राह्मणों के लिए खीर बनाई थी। तभी एक सांप आया और खीर में विष उगल दिया। यह सब देख रही कुतिया (पूर्व जन्म की माँ) ने सोचा कि यदि ब्राह्मण यह भोजन खाएंगे तो मर जाएंगे और मेरे पुत्र-बहू पर ब्रह्म हत्या का पाप लगेगा। उन्हें बचाने के लिए, उसने स्वयं उस खीर में मुँह डालकर उसे जूठा कर दिया।
  • सत्य का पता चलना: बहू ने जब यह देखा तो उसे बहुत क्रोध आया और उसने जलती लकड़ी से कुतिया को बहुत मारा। रात में कुतिया बैल (अपने पति) को रो-रोकर सारी घटना बता रही थी। यह पूरी बातचीत उनके पुत्र सुचित्र ने सुन ली। उसे अपने माता-पिता के इस हाल पर बहुत दुख हुआ।
  • ऋषि का उपाय: सुचित्र तुरंत एक ज्ञानी ऋषि के पास गया और अपने माता-पिता को इस योनि से मुक्त कराने का उपाय पूछा। ऋषि ने बताया कि यदि तुम और तुम्हारी पत्नी मिलकर पूरी श्रद्धा से ऋषि पंचमी का व्रत करो और उसका पुण्य अपने माता-पिता को अर्पित कर दो, तो वे इस दोष से मुक्त हो जाएंगे।
  • दोष से मुक्ति: सुचित्र ने ऋषि के बताए अनुसार ही अपनी पत्नी के साथ ऋषि पंचमी व्रत कथा का श्रवण किया और व्रत रखा। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से उसके माता-पिता पशु योनि से मुक्त होकर देवलोक को प्राप्त हुए।

How-To: ऋषि पंचमी व्रत और पूजा की सरल विधि

  1. प्रातःकाल स्नान: इस दिन सुबह जल्दी उठकर अपामार्ग (चिरचिटा) के पौधे से दातुन करें और शरीर पर मिट्टी लगाकर स्नान करें।
  2. पूजा की तैयारी: घर के पूजा स्थल पर हल्दी-कुमकुम से चौकोर मंडल बनाएं और उस पर सप्तऋषियों की स्थापना करें। आप उनकी तस्वीर भी रख सकते हैं।
  3. कलश स्थापना: एक कलश में जल, दूर्वा, सुपारी, और सिक्का डालकर उस पर आम के पत्ते और नारियल रखें।
  4. सप्तऋषि पूजन: सप्तऋषियों को चंदन, पुष्प, अक्षत, और जनेऊ अर्पित करें। उन्हें फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  5. कथा श्रवण: पूजा के दौरान एकाग्र मन से ऋषि पंचमी व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
  6. आरती और क्षमा याचना: अंत में घी के दीपक से आरती करें और जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।

व्रत और त्योहारों से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

  • हरतालिका तीज 2025: जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
  • हरतालिका तीज व्रत कथा और उसका महत्व
  • गणेश चतुर्थी 2025 कब है? जानें सही तारीख और मुहूर्त
  • पूर्णिमा कब है 2025 में? देखें पूरी लिस्ट और महत्व

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: ऋषि पंचमी का व्रत कौन कर सकता है?
उत्तर: यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है, लेकिन पुरुषों के लिए भी यह वर्जित नहीं है। कोई भी व्यक्ति जो सप्तऋषियों की कृपा पाना चाहता है और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति चाहता है, वह यह व्रत कर सकता है।

प्रश्न 2: इस व्रत में क्या खाना चाहिए?
उत्तर: इस व्रत में हल से जुते हुए अनाज और सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता है। आमतौर पर मोरधन (समा के चावल), कंद-मूल और फलों का सेवन किया जाता है।

प्रश्न 3: रजस्वला दोष क्या है और यह क्यों लगता है?
उत्तर: प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कुछ नियमों का पालन करने के लिए कहा जाता था, जैसे रसोई या पूजा स्थल में प्रवेश न करना। इन नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने पर लगने वाले दोष को ही रजस्वला दोष कहा जाता है।

प्रश्न 4: सप्तऋषियों की पूजा क्यों की जाती है?
उत्तर: सप्तऋषि ज्ञान, तपस्या, धर्म और सदाचार के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति को बुद्धि, ज्ञान, अच्छा स्वास्थ्य और पापों से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है।

प्रश्न 5: क्या यह व्रत निर्जला रखा जाता है?
उत्तर: नहीं, यह व्रत निर्जला नहीं होता है। इसमें फलाहार किया जा सकता है, लेकिन नमक का सेवन वर्जित होता है।

निष्कर्ष

ऋषि पंचमी व्रत कथा हमें सिखाती है कि धर्म के मार्ग पर चलते हुए अनजाने में हुई भूल का भी परिणाम भुगतना पड़ता है, लेकिन शास्त्रों में हर भूल के प्रायश्चित का मार्ग भी बताया गया है। यह व्रत महिलाओं को न केवल दोषों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि उन्हें सप्तऋषियों के समान ज्ञान, विवेक और पवित्र आचरण अपनाने की प्रेरणा भी देता है। इसलिए, इस व्रत को करते समय कथा का पाठ पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ अवश्य करना चाहिए।

(Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथों, पुराणों और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को करने से पहले किसी विद्वान पंडित या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
rishi panchami katha in hindi Rishi Panchami Vrat Katha ऋषि पंचमी 2025 ऋषि पंचमी की कहानी ऋषि पंचमी व्रत कथा भाद्रपद शुक्ल पंचमी सप्तऋषि पूजा
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

स्मार्ट मीटर
Education 19 Views

स्मार्ट मीटर क्या है 2026? | स्मार्ट बिजली के फायदे, नुकसान, रिचार्ज पूरी जानकारी

Ekadashi Vrat 2026
Hindi 5 Views

निर्जला एकादशी 2026: 1 दिन का व्रत = 24 एकादशी का फल | पूरी विधि और महत्व

आज का पंचांग
Hindi 5 Views

आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और दैनिक राशिफल

Dasha Mata ki Kahani
Hindi 4 Views

 Dasha Mata ki Kahani 2026: राजा नल और रानी दमयंती की कथा और १०१+ पूजन नियम (Mega Guide)

ccf full form in hindi meaning 2026 guide
Hindi Updated:19/02/20265 Views

 Counting in Hindi: 1 से 100 तक हिंदी गिनती और शब्दों का १०,०००+ शब्दों का महा-कोश (Edition 2026)

wild-animals-name-in-hindi-and-english
News Updated:19/02/20263 Views

 Wild Animals Name in Hindi and English: १००१+ जंगली जानवरों के नाम, चित्र और अद्भुत तथ्य (Mega Guide 2026)

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

12/05/2026
emergency credit line guarantee scheme

Emergency Credit Line Guarantee Scheme 2026: ECLGS 5.0 Loan, Eligibility, Benefits & Apply Process

06/05/2026
Google Trends से पैसे कैसे कमाएं

Google Trends से पैसे कैसे कमाएं 2026? Blogging, YouTube और Affiliate Guide

05/05/2026
स्मार्ट मीटर

स्मार्ट मीटर क्या है 2026? | स्मार्ट बिजली के फायदे, नुकसान, रिचार्ज पूरी जानकारी

05/05/2026
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026

 PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: आवेदन, पात्रता और सब्सिडी की महा-गाइड

23/04/2026
नवोदय रिजल्ट 2026

नवोदय रिजल्ट 2026: परीक्षा, चयन और तैयारी गाइड

18/03/2026
Ekadashi Vrat 2026

निर्जला एकादशी 2026: 1 दिन का व्रत = 24 एकादशी का फल | पूरी विधि और महत्व

18/03/2026
आज का पंचांग

आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और दैनिक राशिफल

18/03/2026
एलपीजी गैस सिलेंडर

एलपीजी गैस सिलेंडर केवाईसी: सुरक्षा और सब्सिडी के लिए ज़रूरी

17/03/2026
lpg gas price today

LPG Gas Price Today 2026: आज सिलेंडर का रेट कितना है?

17/03/2026
petrol price today

Petrol Price Today 2026: आज पेट्रोल डीजल रेट कितना है?

17/03/2026
Petrol Price Today India 2026 latest fuel rate

Petrol Diesel Price Today 2026: आज का पेट्रोल डीजल रेट

17/03/2026
Must Read
Mahalaxmi Calendar 2026 PDF Download

Mahalaxmi Calendar 2026: संपूर्ण पंचांग, व्रत-त्योहार & PDF Download (मराठी/हिंदी)Auto Draft

21/01/2026
श्रद्धांजलि संदेश

200+ श्रद्धांजलि संदेश (2025): पुण्यतिथि और मृत्यु पर भावपूर्ण शोक संदेश

11/08/2025
सर्वश्रेष्ठ हिंदी नॉवेल

10 सर्वश्रेष्ठ हिंदी नॉवेल (2025): जो हर किसी को जीवन में एक बार जरूर पढ़नी चाहिए

09/07/2025
Mahalaxmi Calendar May 2026

Mahalaxmi Calendar May 2026: मई पंचांग, बुद्ध पूर्णिमा, शनि जयंती & विवाह मुहूर्त

22/12/2025
All Sarkari Yojana List 2026

All Sarkari Yojana List 2026: केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की नई लिस्ट | Apply Online & Status

22/12/2025
Nani Ji Ko Shradhanjali

नानी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि: 150+ सर्वश्रेष्ठ शोक संदेश, कोट्स और स्टेटस (2026)

16/01/2026
स्मार्ट मीटर

स्मार्ट मीटर क्या है 2026? | स्मार्ट बिजली के फायदे, नुकसान, रिचार्ज पूरी जानकारी

05/05/2026
Retirement Wishes in Hindi

150+ Retirement Wishes in Hindi: फनी और दिल छूने वाली शुभकामनाएं (2025)

12/08/2025
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.