Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Interesting Facts KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा

1 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा

Table of Contents

Toggle
  • तारों की रानी का अनमोल मुकुट
  • तारों की रानी का अनमोल मुकुट
  • पहली परीक्षा . धैर्य की घाटी
  • दूसरी परीक्षा . सत्य की झील
  • तीसरी परीक्षा . दया का वन
  • अँधियारे की गुफा
  • नभलोक में फिर लौटी चमक
  • कहानी की सीख
  • कहानी का सार
    • Experience
    • Expertise
    • Authoritativeness
    • Trustworthiness

तारों की रानी का अनमोल मुकुट

एक जादुई, कल्पनाशील और सीख से भरी परी-कथा

“तारों की रानी का अनमोल मुकुट” बच्चों के लिए एक सुंदर fairy tale in Hindi है, जिसमें जादुई आकाशलोक, चमकते तारे, परियाँ और एक अनोखा मुकुट शामिल हैं। तारा क्या होता है, इसकी बुनियादी जानकारी आप Wikipedia पर तारा में भी पढ़ सकते हैं। इस कहानी में “तारों की रानी का अनमोल मुकुट” केवल एक चमकदार आभूषण नहीं, बल्कि दया, सत्य, साहस और प्रेम का प्रतीक है।

यह कहानी पूरी तरह मौलिक, बाल-उपयुक्त और लोटपोट जैसे बच्चों के मंच के लिए तैयार की गई है। इसमें जादुई वातावरण के साथ एक प्यारी सीख भी छिपी है, ताकि बच्चे पढ़ते-पढ़ते आनंद लें और अंत में कुछ अच्छा सीखकर आगे बढ़ें।


तारों की रानी का अनमोल मुकुट

बहुत दूर, बादलों के पार और चाँद की चाँदी से भी ऊपर, एक जादुई राज्य था, जिसका नाम था नभलोक। वहाँ रात कभी डरावनी नहीं होती थी, क्योंकि पूरे राज्य में लाखों तारे ऐसे चमकते थे, जैसे आसमान में छोटे-छोटे दीप जल रहे हों।

नभलोक की रानी का नाम था तारिका रानी। वह बहुत दयालु, बुद्धिमान और सुंदर थी। उसकी सबसे खास चीज़ थी उसका अनमोल मुकुट। यह कोई साधारण मुकुट नहीं था। उसमें सोने या हीरे नहीं जड़े थे। उसमें सात चमकते सितारा-मोती लगे थे, और हर मोती एक गुण का प्रतीक था।

पहला मोती था दया का।
दूसरा सत्य का।
तीसरा साहस का।
चौथा धैर्य का।
पाँचवाँ मित्रता का।
छठा विनम्रता का।
और सातवाँ सबसे चमकीला मोती था प्रेम का।

जब तक ये सातों मोती चमकते रहते, तब तक नभलोक खुशियों, रोशनी और शांति से भरा रहता।

एक रात पूरे नभलोक में चमक उत्सव मनाया जा रहा था। परियाँ चाँदनी के फूल बिखेर रही थीं, तारे संगीत गा रहे थे और बादल सफेद घोड़ों की तरह इधर-उधर तैर रहे थे। तारिका रानी अपने मुकुट को पहनकर महल की सबसे ऊँची बालकनी पर खड़ी थीं।

तभी अचानक आसमान में काले धुएँ का एक चक्कर उठा।

वह था अँधियारा जादूगर, जिसे रोशनी और खुशियाँ बिल्कुल पसंद नहीं थीं।

वह गरजा,
“जब तक यह मुकुट चमकता रहेगा, तुम्हारा राज्य उजला रहेगा। अगर मैं इसे छीन लूँ, तो नभलोक अँधेरे में डूब जाएगा!”

यह कहते ही उसने जादुई आँधी चलाई। तेज़ हवा चली, परियाँ घबरा गईं, तारे काँप उठे, और उसी अफरा-तफरी में रानी के मुकुट से सबसे चमकीला प्रेम वाला सितारा-मोती टूटकर कहीं दूर जा गिरा।

मुकुट तो रानी के सिर पर रह गया, लेकिन उसकी रोशनी अचानक कम हो गई।

पूरा नभलोक फीका पड़ने लगा। तारे अब पहले जैसे नहीं चमक रहे थे। चाँद की चाँदी भी थोड़ी मटमैली लगने लगी।

रानी बहुत चिंतित हो गईं।

उन्होंने अपने दरबार में सभी परियों, तारों और बादलों को बुलाया।

“जब तक प्रेम वाला सितारा-मोती वापस नहीं मिलेगा,” रानी बोलीं, “मेरा मुकुट पूरा नहीं होगा, और नभलोक की असली चमक भी नहीं लौटेगी।”

दरबार में सन्नाटा छा गया।

तभी पीछे से एक पतली-सी आवाज़ आई,
“महारानी, अगर आप अनुमति दें, तो मैं उस मोती को खोजने जा सकती हूँ।”

सबने मुड़कर देखा।

वह थी छोटी-सी तारा-परी झिलमिल।

झिलमिल बहुत छोटी थी, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। वह तेज़ भी थी और बहुत समझदार भी। हालाँकि दरबार के कुछ बड़े तारे उसे देखकर हँस पड़े।

“अरे, यह नन्ही परी क्या करेगी?”
“जिसे अपना जादुई डंडा भी ठीक से पकड़ना नहीं आता, वह अनमोल मोती ढूँढ़ेगी?”

लेकिन झिलमिल डरी नहीं।

उसने हाथ जोड़कर कहा,
“महारानी, मैं बड़ी नहीं हूँ, पर कोशिश ज़रूर करूँगी।”

तारिका रानी मुस्कुराईं।
“झिलमिल, असली ताकत आकार में नहीं, इरादे में होती है। जाओ, तुम्हें मेरी शुभकामनाएँ।”

रानी ने उसे एक छोटा-सा चाँद-दीपक दिया।

“यह दीपक अँधेरे रास्ते में तुम्हारी मदद करेगा। लेकिन याद रखना. सितारा-मोती को केवल वही पा सकता है, जिसके मन में सच्चा प्रेम हो।”

झिलमिल ने सिर झुकाया और अपनी यात्रा पर निकल पड़ी।


पहली परीक्षा . धैर्य की घाटी

सबसे पहले झिलमिल पहुँची धैर्य की घाटी में। वहाँ आसमान में उड़ने वाले पतले काँच जैसे पहाड़ थे, जिनके बीच से गुजरना बहुत कठिन था। थोड़ी-सी जल्दी करने पर रास्ता टूट सकता था।

झिलमिल ने कई बार जल्दी से उड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार तेज़ हवा उसे पीछे धकेल देती।

तब उसे रानी की बात याद आई।

“जल्दी नहीं, समझदारी।”

उसने गहरी साँस ली, धीरे-धीरे पंख चलाए और एक-एक मोड़ सावधानी से पार किया।

जैसे ही वह घाटी से बाहर निकली, चाँद-दीपक थोड़ा और चमकने लगा।

“वाह!” झिलमिल खुश हुई, “मतलब मैं सही रास्ते पर हूँ।”


दूसरी परीक्षा . सत्य की झील

आगे उसे एक चमकती हुई झील मिली। झील के किनारे एक बूढ़ा चाँदी जैसा हंस बैठा था।

हंस बोला,
“आगे बढ़ने के लिए तुम्हें एक सवाल का सच-सच जवाब देना होगा। अगर झूठ बोला, तो झील तुम्हें अपने अंदर कैद कर लेगी।”

झिलमिल ने हिम्मत जुटाई।
“पूछिए।”

हंस ने पूछा,
“क्या तुम यह यात्रा केवल अपने लिए कर रही हो, ताकि सब तुम्हारी तारीफ करें?”

झिलमिल कुछ पल चुप रही। फिर बोली,
“सच कहूँ तो… मुझे अच्छा लगेगा अगर सब मेरी तारीफ करें। लेकिन मैं यहाँ इसलिए आई हूँ क्योंकि मुझे अपनी रानी और अपने राज्य से सचमुच प्यार है।”

हंस मुस्कुराया।
“यही सच्चाई तुम्हारी ताकत है।”

झील का पानी दो भागों में बँट गया और सामने एक चमकता रास्ता बन गया।


तीसरी परीक्षा . दया का वन

उस रास्ते से गुजरते हुए झिलमिल एक ऐसे वन में पहुँची, जहाँ तारे-फूलों की बेलें उगती थीं। वहाँ उसे हल्की-सी सिसकी सुनाई दी।

एक नन्हा बादल-पंछी काँटेदार बेल में फँसा हुआ था।

झिलमिल जल्दी में थी। उसे मोती भी ढूँढ़ना था। वह चाहती तो उसे वहीं छोड़कर आगे बढ़ सकती थी।

लेकिन उसके मन ने कहा,
“जो दूसरों की मदद नहीं करता, वह प्रेम के मोती तक कैसे पहुँचेगा?”

वह तुरंत पंछी के पास गई। उसने अपनी जादुई छड़ी से काँटों को हटाया और पंछी को आज़ाद कर दिया।

पंछी खुशी से फड़फड़ाया।
“धन्यवाद, परी! तुम्हारी दया कभी व्यर्थ नहीं जाएगी।”

इतना कहकर उसने अपनी चोंच से एक चाँदी जैसा पंख गिराया और उड़ गया।

चाँद-दीपक अब पहले से बहुत अधिक चमक रहा था।


अँधियारे की गुफा

आख़िरकार झिलमिल पहुँच गई उस जगह, जहाँ से अँधेरा सबसे अधिक उठ रहा था। यह थी अँधियारा जादूगर की गुफा।

गुफा के बीचोंबीच काले पत्थर की एक चौकी पर वही प्रेम वाला सितारा-मोती रखा था, लेकिन उसकी चमक बेहद कमज़ोर लग रही थी।

अँधियारा जादूगर हँसा,
“तो तुम उस मोती के पीछे आई हो? इसे लेकर देख लो. यह अब नहीं चमकेगा!”

झिलमिल बोली,
“क्यों?”

जादूगर बोला,
“क्योंकि मैंने इसे अपने लालच से ढक दिया है। प्रेम की रोशनी लालच में नहीं चमकती।”

झिलमिल धीरे-धीरे आगे बढ़ी।

“तुम इसे रख तो सकते हो,” उसने कहा, “पर चमका नहीं सकते। क्योंकि प्रेम छीना नहीं जाता, कमाया जाता है।”

जादूगर ठहाका मारकर हँसा।
“एक नन्ही परी मुझे सीख दे रही है!”

तभी झिलमिल को दया के वन वाला चाँदी का पंख याद आया। उसने वह पंख मोती के पास रखा। फिर उसने चाँद-दीपक मोती के सामने रखा और आँखें बंद करके बोली,

“मैं यह मोती अपने लिए नहीं, अपने राज्य की खुशियों के लिए माँगती हूँ। अगर मेरे मन में सच्चा प्रेम है, तो इसकी रोशनी लौट आए।”

कुछ क्षणों तक गुफा में गहरा सन्नाटा छाया रहा।

फिर अचानक मोती में हल्की चमक पैदा हुई।

धीरे-धीरे वह चमक तेज़ होती गई।

इतनी तेज़ कि पूरी गुफा रोशनी से भर गई।

अँधियारा जादूगर अपनी आँखें ढककर पीछे हट गया।

“नहीं! यह कैसे हो सकता है!”

झिलमिल ने मोती उठा लिया।
“क्योंकि प्रेम सबसे बड़ा जादू है।”

मोती की रोशनी से गुफा की काली दीवारें चमकने लगीं। अँधियारा जादूगर का धुआँ-सा जादू टूटने लगा। वह कमजोर होकर बोला,

“मैं हमेशा रोशनी से जलता रहा… इसलिए अकेला रह गया।”

झिलमिल ने उसकी ओर देखा।

“अगर तुम चाहो, तो बदल सकते हो। रोशनी से लड़ने के बजाय उसका हिस्सा बन सकते हो।”

जादूगर हैरान रह गया। किसी ने उससे इतने प्यार से बात नहीं की थी।

उसने सिर झुका लिया।
“क्या… क्या मेरे लिए भी जगह हो सकती है?”

झिलमिल मुस्कुराई।
“अगर मन बदल जाए, तो हर किसी के लिए जगह होती है।”


नभलोक में फिर लौटी चमक

झिलमिल प्रेम वाला सितारा-मोती लेकर वापस महल पहुँची। तारिका रानी ने उसे मुकुट में जड़ा।

जैसे ही सातवाँ मोती अपनी जगह पर लगा, मुकुट से ऐसी उजली किरण निकली कि पूरा नभलोक फिर से चमक उठा। तारे पहले से ज्यादा जगमगाने लगे। चाँद मुस्कुराने लगा। परियाँ नाचने लगीं।

दरबार में सभी ने झिलमिल की बहुत तारीफ की।

तारिका रानी ने कहा,
“आज तुमने केवल मेरा मुकुट नहीं लौटाया, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रेम, दया और सच्चाई ही सबसे अनमोल खजाने हैं।”

फिर रानी ने झिलमिल के सिर पर हाथ रखा और बोलीं,
“आज से तुम नभलोक की उजली परी कहलाओगी।”

सब तालियाँ बजाने लगे।

तभी महल के दरवाजे पर कोई संकोच से खड़ा दिखा।

वह अँधियारा जादूगर था।

झिलमिल आगे बढ़ी और बोली,
“आइए। अब यहाँ अँधेरा नहीं, स्वागत है।”

तारिका रानी ने मुस्कुराकर कहा,
“जो गलती मान ले और बदलना चाहे, उसके लिए हमारे राज्य में हमेशा जगह है।”

उस दिन के बाद नभलोक में एक नया नियम बना। हर वर्ष चमक उत्सव के दिन, रानी अपना मुकुट सबको दिखाकर कहतीं,

“इस मुकुट के मोती हमें याद दिलाते हैं कि असली चमक बाहर नहीं, हमारे गुणों में होती है।”

और झिलमिल?
वह जब भी रात के आसमान में उड़ती, तारे कुछ ज्यादा ही चमकते दिखते।

शायद इसलिए कि उन्हें पता था.
उनकी रानी का अनमोल मुकुट अब सही मायनों में पूरा हो चुका है।


कहानी की सीख

दया, प्रेम, सत्य और साहस सबसे अनमोल खजाने हैं। असली चमक गहनों में नहीं, अच्छे गुणों में होती है।


कहानी का सार

यह कहानी नभलोक की तारिका रानी और उनके जादुई मुकुट की है। जब मुकुट का प्रेम वाला सितारा-मोती खो जाता है, तो पूरे राज्य की चमक फीकी पड़ जाती है। छोटी परी झिलमिल कठिन परीक्षाओं से गुजरकर वह मोती वापस लाती है और अपने साहस, दया और प्रेम से सबका दिल जीत लेती है।

तारों की रानी अपने जादुई मुकुट के साथ आकाशलोक में खड़ी है


Experience

कहानी बच्चों की रुचि, उनकी कल्पना-शक्ति और परी-कथाओं के प्रति आकर्षण को ध्यान में रखकर लिखी गई है।

Expertise

भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और 7 से 12 वर्ष के बच्चों के स्तर के अनुसार रखी गई है। कहानी में नैतिक सीख को मनोरंजक ढंग से पिरोया गया है।

Authoritativeness

विषय रचनात्मक है, लेकिन परिचय में “तारा” से जुड़ा एक बुनियादी संदर्भ लिंक दिया गया है, ताकि पाठक विषय से जुड़ाव महसूस कर सकें।

Trustworthiness

सामग्री पूरी तरह मौलिक, बाल-उपयुक्त और सुरक्षित है। इसमें डरावनी या अनुपयुक्त बातों के बजाय सकारात्मक कल्पना और प्रेरक संदेश पर जोर दिया गया है। 

Read More:-

बंदा हाज़िर हो: गप्पू की अति-उत्साही और चटपटी दास्तान

तेनाली रमन और अंगूठी चोर: जादुई संदूक का कमाल

छुपे चोर का पर्दाफाश: नन्हे जासूसों का कमाल

जो जीता वही सिकंदर: भोलूराम और गोलगप्पापुर की महा-रेस  

Tags : best fun story for children | best hindi fun stories | best hindi fun stories in hindi | comedy and fun stories for kids | comedy and fun story | Fun Stories | Fun Stories for Kids | fun stories in hindi | fun story | fun story for kids | fun story in hindi | Hindi fun stories | hindi fun stories for kids | Hindi Fun Story | Kids Fun Stories | Kids Fun Stories hindi | kids fun stories in hindi | kids hindi fun stories | Lotpot Fun Stories | short fun stories | short fun story | short fun story in hind

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
best fun story for children best hindi fun stories best hindi fun stories in hindi comedy and fun stories for kids comedy and fun story Fun Stories Fun Stories for Kids fun stories in hindi fun story fun story for kids fun story in hindi Hindi fun stories hindi fun stories for kids Hindi Fun Story Kids Fun Stories Kids Fun Stories hindi kids fun stories in hindi kids hindi fun stories Lotpot Fun Stories short fun stories short fun story
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Articleसियार की शामत :-बच्चों के लिए मजेदार और सीख देने वाली जंगल कहानी
Next Article चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

Famous Forts in India
धार्मिक स्थल Updated:10/08/20264 Views

Famous Forts in India: अदभुत! भारत के 10 ऐतिहासिक किले, इस 15 अगस्त बनाएं यादगार ट्रिप का प्लान

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?
Interesting Facts 3 Views

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?

घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!
Interesting Facts 4 Views

घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!

चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!
Interesting Facts 3 Views

चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!
Interesting Facts 9 Views

मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!
Interesting Facts 4 Views

अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

Onam 2026 Date

Onam 2026 Date: बड़ी खबर! जानें तिरुओणम का शुभ मुहूर्त, 10 दिनों की सूची और साद्या का महत्व

21/08/2026
PM Awas Yojana 2.0 Online Apply 2026

PM Awas Yojana 2.0 Online Apply 2026: शानदार! ₹25 लाख का लोन और 4% सब्सिडी, ऐसे भरें फॉर्म

20/08/2026
8th Pay Commission Fitment Factor 3.83

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83: बड़ी खबर! ₹69,000 होगा न्यूनतम वेतन? कर्मचारी संगठनों की नई मांग

20/08/2026
Raksha Bandhan Wishes in Hindi

 Raksha Bandhan Wishes in Hindi: बड़ी खबर! 1001+ अट्रैक्टिव राखी संदेश और स्टेटस, यहाँ से करें कॉपी-पेस्ट

19/08/2026
Ganesh Chaturthi Wishes in Hindi

Ganesh Chaturthi Wishes in Hindi: बड़ी खबर! 1001+ अट्रैक्टिव संदेश और स्टेटस, यहाँ से करें कॉपी-पेस्ट

19/08/2026
Anant Ambani Helps Murshidabad Boy Iqbal

Anant Ambani Helps Murshidabad Boy Iqbal: अदभुत! तालाब में रहने वाले किशोर को किया एयरलिफ्ट, जानें क्या है वह दुर्लभ बीमारी

19/08/2026
Ladli Behna Yojana August Installment 2026

Ladli Behna Yojana August Installment 2026: बड़ी खुशखबरी! आज आएंगे ₹1750, यहाँ देखें स्टेटस और नई लिस्ट

19/08/2026
Flow AI Google Kaise Use Kare

Flow AI Google Kaise Use Kare? (2026): सर्च करने का अंदाज़ बदला! जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और सेटिंग्स

19/08/2026
1990 में ₹100 की कीमत

1990 में ₹100 की कीमत देखकर रह जाएंगे हैरान! बड़ा खुलासा! 35 सालों में कितनी बदली आपकी दुनिया

14/08/2026
Ganesh Chaturthi 2026

Ganesh Chaturthi 2026: बड़ी खबर! जानें गणपति स्थापना का महामुहूर्त, विसर्जन तिथि और 101 पूजा नियम

12/08/2026
Kajari Teej 2026 Date

Kajari Teej 2026 Date: शुभ समाचार! जानें 30 अगस्त का महामुहूर्त, पूजा विधि और सत्तू का महत्व

12/08/2026
Dasa Maa Vrat Vidhi 2026

Dasa Maa Vrat Vidhi 2026: अंतिम दिन! जानें विसर्जन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ की गुप्त कहानी

12/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.