Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - Interesting Facts - चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी
Interesting Facts KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी

“चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़” बच्चों के लिए एक रोचक जंगल की कहानी है। इसमें चीकू खरगोश एक ऐसे पुराने पेड़ से मिलता है, जो उससे बातें करता है और जंगल पर आने वाले खतरे के बारे में चेतावनी देता है। अपनी सूझ-बूझ और दोस्तों की मदद से चीकू न केवल जंगल को बचाता है, बल्कि सभी जानवरों को पेड़ों का महत्व भी समझाता है।

यह मौलिक बाल कहानी मनोरंजन के साथ बच्चों को सहयोग, साहस, समझदारी और पर्यावरण की रक्षा का संदेश देती है। सरल भाषा, मजेदार संवाद और जंगल के पशु-पात्र इसे लोटपोट के बाल पाठकों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।


हरियाली से घिरे सुंदरवन में चीकू नाम का एक सफेद खरगोश रहता था। उसकी चमकती हरी आँखें, लंबे कान और तेज़ चाल उसे बाकी खरगोशों से अलग बनाती थीं।

चीकू बहुत जिज्ञासु था। जंगल में कोई नई आवाज सुनाई देती या अनोखी चीज दिखाई देती, तो वह उसका रहस्य जाने बिना चैन से नहीं बैठता था।

उसकी माँ अक्सर समझातीं,

“चीकू, खोजबीन करना अच्छी बात है, लेकिन अकेले बहुत दूर मत जाया करो।”

चीकू मुस्कराकर कहता,

“माँ, मैं छोटा जरूर हूँ, पर सावधान भी हूँ।”

एक सुबह वह लाल बेर इकट्ठे करने जंगल के उत्तरी हिस्से की ओर निकल पड़ा। उस ओर बहुत कम जानवर जाते थे, क्योंकि वहाँ घनी झाड़ियाँ और पुराने पेड़ों का झुरमुट था।

चीकू उछलता-कूदता आगे बढ़ रहा था कि अचानक किसी ने धीमी आवाज में कहा,

“जरा संभलकर, मेरे दोस्त!”

चीकू रुक गया।

उसने दाएँ देखा, फिर बाएँ देखा। वहाँ कोई नहीं था।

“कौन है?” उसने घबराकर पूछा।

कुछ देर शांति रही। चीकू ने जैसे ही अगला कदम बढ़ाया, आवाज फिर आई,

“नीचे काँटों वाली बेल है। पैर पड़ गया तो चोट लग जाएगी।”

चीकू ने नीचे देखा। सचमुच सूखे पत्तों के नीचे काँटेदार बेल छिपी थी।

वह उछलकर पीछे हट गया और बोला,

“जिसने भी मुझे बचाया है, सामने आओ!”

तभी उसके पीछे खड़े एक विशाल बरगद के पत्ते हिलने लगे।

पेड़ की मोटी छाल में दो आँखों जैसी आकृतियाँ उभरीं और तने के बीच एक मुस्कराता हुआ मुँह दिखाई दिया।

“मैंने तुम्हें चेतावनी दी थी,” पेड़ बोला।

चीकू की आँखें फैल गईं।

“तुम… तुम बोल सकते हो?”

बरगद हँसा।

“बहुत पहले जंगल के सभी पेड़ बोलते थे। लेकिन अब जानवर हमारी आवाज सुनने की कोशिश ही नहीं करते।”

चीकू धीरे-धीरे उसके पास आया।

“तुम्हारा नाम क्या है?”

“जंगल के पुराने जानवर मुझे बाबा बरगद कहते थे।”

चीकू ने उत्सुकता से पूछा,

“तो आपने इतने वर्षों में जंगल के बहुत सारे रहस्य देखे होंगे?”

बाबा बरगद का चेहरा अचानक गंभीर हो गया।

“रहस्य तो बहुत देखे हैं, पर आज मैं तुम्हें एक खतरे के बारे में बताना चाहता हूँ।”

“कैसा खतरा?” चीकू ने पूछा।

पेड़ ने अपनी शाखाएँ थोड़ा नीचे झुकाईं और बोला,

“कुछ मनुष्य जंगल के किनारे पेड़ों पर लाल निशान लगाकर गए हैं। वे कल सुबह यहाँ आकर कई पेड़ काटने वाले हैं।”

चीकू चौंक गया।

“लेकिन पेड़ कट गए तो पक्षी कहाँ रहेंगे? बंदरों को फल कहाँ मिलेंगे? और गर्मियों में हमें छाया कौन देगा?”

“यही बात जंगल के राजा तक पहुँचानी होगी,” बाबा बरगद ने कहा।

चीकू बिना समय गँवाए राजा शेरसिंह की गुफा की ओर दौड़ा।

रास्ते में उसे मोंटू बंदर मिला।

“अरे चीकू, इतनी तेजी से कहाँ भागे जा रहे हो?” मोंटू ने पूछा।

चीकू ने हाँफते हुए कहा,

“जंगल पर बड़ा खतरा आने वाला है। मेरे साथ चलो!”

कुछ दूर आगे गज्जू हाथी और मिंकी हिरणी भी मिल गए। चीकू ने उन्हें भी सारी बात बताई।

जल्द ही सभी राजा शेरसिंह की सभा में पहुँच गए।

चीकू बोला,

“महाराज, कल कुछ लोग जंगल के उत्तरी हिस्से के पेड़ काटने आ रहे हैं।”

राजा शेरसिंह ने पूछा,

“तुम्हें यह बात किसने बताई?”

“बाबा बरगद ने।”

सभा में बैठे जानवर हैरान होकर एक-दूसरे को देखने लगे।

लोमड़ी लाली हँस पड़ी।

“पेड़ भी कहीं बोलते हैं? लगता है चीकू ने ज्यादा गाजरें खा ली हैं!”

कुछ जानवर भी खिलखिलाने लगे।

चीकू ने दृढ़ स्वर में कहा,

“मुझे पता है मेरी बात अजीब लग रही है, पर बाबा बरगद ने मुझे काँटों से भी बचाया। उन्होंने झूठ नहीं कहा है।”

राजा शेरसिंह कुछ देर सोचते रहे। फिर बोले,

“चीकू की बात की जाँच करनी चाहिए। हम सब उत्तरी हिस्से में चलेंगे।”

सभी जानवर बाबा बरगद के पास पहुँचे। पेड़ चुप खड़ा था।

लाली लोमड़ी बोली,

“चीकू, अब अपने बोलने वाले पेड़ से कहो कि कुछ बोले!”

चीकू ने प्यार से तने पर हाथ रखा।

“बाबा बरगद, मैं अपने दोस्तों को लेकर आया हूँ। कृपया उन्हें आने वाले खतरे के बारे में बताइए।”

कुछ नहीं हुआ।

चीकू का चेहरा उतर गया।

तभी ऊपर से टिंकू तोता चिल्लाया,

“यह देखो! इस पेड़ पर लाल रंग का निशान बना है!”

सभी जानवरों ने ध्यान से देखा। आसपास के कई पेड़ों पर भी लाल रंग के बड़े निशान बने हुए थे।

गज्जू हाथी बोला,

“इसका मतलब चीकू सच कह रहा था।”

राजा शेरसिंह ने कहा,

“हमें पेड़ों को बचाने की योजना बनानी होगी।”

मोंटू बंदर उत्साह से बोला,

“मैं उन लोगों के औजार छिपा दूँगा!”

लाली बोली,

“और मैं उन्हें गलत रास्ते पर भेज दूँगी।”

चीकू ने सिर हिलाया।

“नहीं। हमें किसी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए। हमें ऐसी तरकीब चाहिए जिससे वे समझें कि यह जंगल खाली नहीं है और पेड़ काटने से सबका नुकसान होगा।”

काफी सोचने के बाद चीकू को एक उपाय सूझा।

उसने कहा,

“हम पेड़ों पर अपने घर और जरूरतों के चिन्ह बनाएँगे। पक्षी घोंसले बनाएँ, बंदर अपनी फल वाली शाखाओं पर बैठें और मधुमक्खियाँ अपने छत्तों के पास रहें। जब मनुष्य देखेंगे कि हर पेड़ किसी न किसी जीव का घर है, तो शायद वे इन्हें काटने से पहले सोचेंगे।”

मिंकी हिरणी बोली,

“लेकिन केवल इतना काफी होगा?”

चीकू ने कहा,

“हम जंगल के पास रहने वाले बच्चों की मदद भी लेंगे। वे अपने बड़ों को बेहतर समझा सकते हैं।”

उसी शाम चीकू और टिंकू तोता जंगल के पास बसे गाँव पहुँचे। वहाँ उन्हें मीरा और सोनू नाम के दो बच्चे मिले, जो पेड़ों के नीचे खेल रहे थे।

चीकू को देखकर मीरा बोली,

“वाह! कितना प्यारा खरगोश है!”

टिंकू ने उनकी भाषा में कहा,

“कल जंगल के पेड़ काटे जाएँगे!”

दोनों बच्चे हैरान रह गए। वे तुरंत अपने स्कूल की अध्यापिका के पास गए और सारी बात बताई।

अगली सुबह जब लकड़ी काटने वाले लोग जंगल पहुँचे, तो उन्होंने अनोखा दृश्य देखा।

हर पेड़ पर कोई न कोई जानवर मौजूद था। किसी पर घोंसले थे, किसी से बंदर फल तोड़ रहे थे, किसी के नीचे हिरण आराम कर रहे थे।

तभी गाँव के बच्चे तख्तियाँ लेकर वहाँ पहुँच गए। उन पर लिखा था:

“पेड़ काटोगे तो घर उजड़ेंगे।”

“जंगल जानवरों का घर है।”

“पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ।”

स्कूल की अध्यापिका ने अधिकारियों को भी बुला लिया था। जाँच में पता चला कि पेड़ काटने की अनुमति ठीक से नहीं ली गई थी।

अधिकारी ने लकड़ी काटने वालों से कहा,

“जब तक जंगल विभाग जाँच पूरी नहीं करता, यहाँ एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।”

सभी जानवर खुशी से झूम उठे।

शाम को चीकू फिर बाबा बरगद के पास पहुँचा।

पेड़ की आँखें चमक उठीं।

“तुमने जंगल को बचा लिया, छोटे दोस्त।”

चीकू बोला,

“मैंने अकेले कुछ नहीं किया। सभी जानवरों और बच्चों ने मिलकर जंगल बचाया है।”

बाबा बरगद ने कहा,

“यही सबसे बड़ी समझदारी है। प्रकृति की आवाज हर कोई नहीं सुन पाता, लेकिन जो सुन ले, उसे दूसरों तक पहुँचाना उसकी जिम्मेदारी होती है।”

चीकू मुस्कराया।

अगले दिन से सुंदरवन में एक नया नियम लागू हुआ। हर जानवर महीने में कम से कम एक पौधा लगाता और उसकी देखभाल करता।

लाली लोमड़ी ने भी चीकू से माफी माँगी।

“मैंने तुम्हारी बात का मजाक उड़ाया था। अब समझ गई हूँ कि छोटी-सी आवाज भी बड़ी चेतावनी दे सकती है।”

चीकू हँसकर बोला,

“कोई बात नहीं। अगली बार पेड़ कुछ कहे, तो ध्यान से सुनना!”

तभी बाबा बरगद के पत्ते सरसराए और आवाज आई,

“और कोई मेरी सूखी शाखाओं पर झूला भी लगा दे!”

सभी जानवर जोर-जोर से हँसने लगे।


कहानी की सीख

पेड़ केवल लकड़ी नहीं होते। वे अनगिनत जीवों के घर, भोजन और जीवन का आधार हैं। मिल-जुलकर और समझदारी से काम करने पर बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।


कहानी का संक्षिप्त सार

चीकू खरगोश को जंगल में एक बोलने वाला बरगद मिलता है, जो उसे पेड़ों के कटने वाले खतरे की जानकारी देता है। शुरुआत में कोई उसकी बात पर विश्वास नहीं करता, लेकिन लाल निशान देखकर सभी सतर्क हो जाते हैं। चीकू जानवरों और गाँव के बच्चों के साथ मिलकर जंगल बचाने की योजना बनाता है। अंत में पेड़ों की कटाई रुक जाती है और सभी प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेते हैं। 


Notes:-

Experience: कहानी में बच्चों को परिचित पशु-पात्रों, सरल संवादों और रोमांचक घटनाओं के माध्यम से जंगल तथा पेड़ों का महत्व समझाया गया है।

Expertise: पर्यावरण संरक्षण, पशुओं के प्राकृतिक आवास और सहयोग की अवधारणाओं को बच्चों की उम्र के अनुसार सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है।

Authoritativeness: कहानी प्रकृति संरक्षण के सामान्य और स्वीकार्य सिद्धांत पर आधारित है कि पेड़ पक्षियों, पशुओं तथा कीटों को घर और भोजन प्रदान करते हैं।

Trustworthiness: कहानी पूरी तरह मौलिक, बाल-सुरक्षित और सकारात्मक है। इसमें हिंसा के बजाय संवाद, जागरूकता और सामूहिक समाधान को प्राथमिकता दी गई है।

Read More:-

बंदा हाज़िर हो: गप्पू की अति-उत्साही और चटपटी दास्तान

तेनाली रमन और अंगूठी चोर: जादुई संदूक का कमाल

छुपे चोर का पर्दाफाश: नन्हे जासूसों का कमाल

जो जीता वही सिकंदर: भोलूराम और गोलगप्पापुर की महा-रेस

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

रामेश्वरम की यात्रा: मंदिर, धनुष्कोडि, पंबन ब्रिज और पूरी जानकारी
Interesting Facts 0 Views

रामेश्वरम की यात्रा: मंदिर, धनुष्कोडि, पंबन ब्रिज और पूरी जानकारी

तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा
Interesting Facts 0 Views

तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा

सियार की शामत :-बच्चों के लिए मजेदार और सीख देने वाली जंगल कहानी
Interesting Facts 0 Views

सियार की शामत :-बच्चों के लिए मजेदार और सीख देने वाली जंगल कहानी

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: जानिए क्यों ज़रूरी है पर्यावरण सुरक्षा!
Interesting Facts 0 Views

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: जानिए क्यों ज़रूरी है पर्यावरण सुरक्षा!

गुरु पूर्णिमा: जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पावन पर्व!
Interesting Facts 0 Views

गुरु पूर्णिमा: जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पावन पर्व!

गुरु पूर्णिमा पर बाल कविता: जानिए गुरु के ज्ञान का अनमोल उजाला!
Interesting Facts 0 Views

गुरु पूर्णिमा पर बाल कविता: जानिए गुरु के ज्ञान का अनमोल उजाला!

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

रामेश्वरम की यात्रा: मंदिर, धनुष्कोडि, पंबन ब्रिज और पूरी जानकारी

रामेश्वरम की यात्रा: मंदिर, धनुष्कोडि, पंबन ब्रिज और पूरी जानकारी

02/08/2026
चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी

चीकू खरगोश और बोलता हुआ पेड़: बच्चों की रोचक जंगल कहानी

02/08/2026
तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा

तारों की रानी का अनमोल मुकुट . बच्चों के लिए सुंदर परी-कथा

02/08/2026
सियार की शामत :-बच्चों के लिए मजेदार और सीख देने वाली जंगल कहानी

सियार की शामत :-बच्चों के लिए मजेदार और सीख देने वाली जंगल कहानी

02/08/2026
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: जानिए क्यों ज़रूरी है पर्यावरण सुरक्षा!

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: जानिए क्यों ज़रूरी है पर्यावरण सुरक्षा!

02/08/2026
गुरु पूर्णिमा: जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पावन पर्व!

गुरु पूर्णिमा: जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पावन पर्व!

02/08/2026
गुरु पूर्णिमा पर बाल कविता: जानिए गुरु के ज्ञान का अनमोल उजाला!

गुरु पूर्णिमा पर बाल कविता: जानिए गुरु के ज्ञान का अनमोल उजाला!

01/08/2026
गुरु-शिष्य परंपरा: जानिए बालक आरुणि की अद्भुत गुरुभक्ति!

गुरु-शिष्य परंपरा: जानिए बालक आरुणि की अद्भुत गुरुभक्ति!

01/08/2026
एकलव्य की गुरुभक्ति: जानिए निष्ठा और लगन की यह अमर कहानी!

एकलव्य की गुरुभक्ति: जानिए निष्ठा और लगन की यह अमर कहानी!

01/08/2026
असली गुरु: जानिए सुंदरबन के जानवरों की यह प्रेरणादायक कहानी!

असली गुरु: जानिए सुंदरबन के जानवरों की यह प्रेरणादायक कहानी!

01/08/2026
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: जानिए जंगल के राजा को बचाना क्यों है ज़रूरी!

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: जानिए जंगल के राजा को बचाना क्यों है ज़रूरी!

01/08/2026
मोनू बंदर और गायब हुआ चाँद: जानिए सुंदरबन का यह रोचक रहस्य!

मोनू बंदर और गायब हुआ चाँद: जानिए सुंदरबन का यह रोचक रहस्य!

01/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Duniya ka wo shahar jahan raat nahi hoti

 इस शहर में अगले 84 दिनों तक नहीं डूबेगा सूरज! जानिए क्या है ‘Midnight Sun’ की अनोखी घटना

13/05/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.