Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - Hindi - घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए? जानें वास्तु के 11 अचूक नियम
Hindi KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए? जानें वास्तु के 11 अचूक नियम

9 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
ghar ke mandir me konsi murti nahi rakhni chahiye
ghar ke mandir me konsi murti nahi rakhni chahiye

Table of Contents

Toggle
  • घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए? अनजाने में हो रही इन 11 गलतियों से बचें
    • 1. खंडित मूर्तियाँ (Broken Idols)
    • 2. एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियाँ
    • 3. रौद्र या उग्र स्वरूप वाली मूर्तियाँ
    • 4. शनि देव की मूर्ति
    • 5. राहु-केतु की मूर्ति
    • 6. भैरव देव की मूर्ति
    • 7. मृत पूर्वजों की तस्वीरें
    • 8. एक-दूसरे को देखती हुई मूर्तियाँ
    • 9. पीठ दिखाती हुई मूर्तियाँ
    • 10. बहुत बड़ी मूर्तियाँ
    • 11. उपहार में मिली हर मूर्ति
  • घर के मंदिर से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –
    • निष्कर्ष

घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए? अनजाने में हो रही इन 11 गलतियों से बचें

घर का मंदिर हमारी आस्था का केंद्र होता है। यह एक ऐसी पवित्र जगह है जहाँ हम शांति और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश में जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा घर से जुड़े वास्तु नियम भी होते हैं? कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी मूर्तियाँ अपने पूजा घर में स्थापित कर देते हैं, जिनकी पूजा घर में करना वर्जित माना गया है। वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष प्रकार की मूर्तियों को घर के मंदिर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है।

अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है, क्योंकि सही मूर्तियों की स्थापना ही पूजा का शुभ फल प्रदान करती है। आइए, इस लेख में हम विस्तार से जानते हैं कि वास्तु और शास्त्रों के अनुसार कौन-सी 11 प्रकार की मूर्तियाँ घर के मंदिर में रखने से बचना चाहिए।

1. खंडित मूर्तियाँ (Broken Idols)

यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है। किसी भी देवी-देवता की खंडित या टूटी-फूटी मूर्ति को घर के मंदिर में कभी नहीं रखना चाहिए।

  • क्यों न रखें: खंडित मूर्ति को अशुभ माना जाता है। ऐसी मूर्ति की पूजा करने से मन की एकाग्रता भंग होती है और पूजा का फल प्राप्त नहीं होता। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा और दुर्भाग्य को आमंत्रित कर सकती है।
  • क्या करें: यदि कोई मूर्ति खंडित हो जाए, तो उसे तुरंत सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख दें।

2. एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियाँ

अक्सर श्रद्धावश हम एक ही भगवान की कई सुंदर मूर्तियाँ मंदिर में रख लेते हैं, जो वास्तु के अनुसार सही नहीं है।

  • क्यों न रखें: पूजा घर में कितनी मूर्तियां रखें, यह एक अहम सवाल है। एक ही देवता की आमने-सामने रखी दो या तीन मूर्तियाँ ऊर्जा के टकराव का कारण बन सकती हैं और पूजा से मिलने वाले शुभ फलों को कम कर सकती हैं।
  • क्या करें: एक देवता की केवल एक ही मूर्ति या तस्वीर रखें जो शांत और सौम्य मुद्रा में हो।

3. रौद्र या उग्र स्वरूप वाली मूर्तियाँ

देवी-देवताओं के शांत और सौम्य स्वरूप की पूजा घर के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।

  • क्यों न रखें: भगवान शिव का नटराज स्वरूप (तांडव मुद्रा), माँ काली का रौद्र रूप, या हनुमान जी का अपनी छाती चीरते हुए स्वरूप जैसी उग्र मूर्तियों को घर में रखने से बचना चाहिए। ये स्वरूप संहारक ऊर्जा के प्रतीक हैं, जो घर की शांति के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते।
  • क्या करें: घर में हमेशा आशीर्वाद मुद्रा में बैठे हुए गणेश, शांत मुद्रा में ध्यान करते हुए शिव, या माँ लक्ष्मी की प्रसन्न मुद्रा वाली तस्वीर ही लगाएं।

4. शनि देव की मूर्ति

शनि देव न्याय के देवता हैं और उनकी पूजा अत्यंत विधि-विधान से की जाती है।

  • क्यों न रखें: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव की दृष्टि बहुत प्रभावशाली होती है। घर में उनकी मूर्ति स्थापित कर पूजा करने के लिए बहुत कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है, जो गृहस्थ जीवन में संभव नहीं हो पाता। नियमों में चूक होने पर उनकी दृष्टि का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • क्या करें: घर के बाहर किसी शनि मंदिर में जाकर ही उनकी पूजा करना सर्वश्रेष्ठ है।

5. राहु-केतु की मूर्ति

राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना गया है और इनकी प्रकृति तामसिक होती है।

  • क्यों न रखें: इन्हें घर के मंदिर में स्थापित करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा, कलह और अशांति का वातावरण बन सकता है। इनकी पूजा केवल विशेष परिस्थितियों और ज्योतिषीय उपायों के लिए ही की जाती है।
  • क्या करें: इनकी शांति के लिए आप मंदिर में पूजा करवा सकते हैं, लेकिन घर में इनकी मूर्ति या तस्वीर न रखें।

6. भैरव देव की मूर्ति

भगवान भैरव, भगवान शिव का उग्र स्वरूप माने जाते हैं और वे तंत्र-मंत्र के देवता हैं।

  • क्यों न रखें: इनकी साधना गृहस्थ लोगों के लिए नहीं मानी जाती। इनकी पूजा के लिए विशेष नियम और शुद्धता की आवश्यकता होती है, जिनका पालन घर में करना मुश्किल होता है।
  • क्या करें: भैरव देव की पूजा भी घर के बाहर मंदिर में ही करनी चाहिए।

7. मृत पूर्वजों की तस्वीरें

हमारे पूर्वज आदरणीय हैं, लेकिन उनका स्थान पूजा घर में देवताओं के साथ नहीं होता।

  • क्यों न रखें: शास्त्रों के अनुसार, पितरों (पूर्वजों) और देवताओं का स्थान अलग-अलग होता है। पूजा घर में देवताओं के साथ पितरों की तस्वीर रखने से देव दोष लग सकता है।
  • क्या करें: पूर्वजों की तस्वीरों को घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए।

8. एक-दूसरे को देखती हुई मूर्तियाँ

पूजा घर में मूर्तियों को इस तरह नहीं रखना चाहिए कि वे एक-दूसरे को देख रही हों।

  • क्यों न रखें: इससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और मूर्तियों के बीच टकराव की स्थिति बनती है, जो घर के सदस्यों के बीच मतभेद पैदा कर सकती है।
  • क्या करें: मूर्तियों को हमेशा दीवार की ओर पीठ करके और आपका मुख पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा में हो, इस तरह स्थापित करें।

9. पीठ दिखाती हुई मूर्तियाँ

यह एक सामान्य गलती है जो अक्सर लोग करते हैं।

  • क्यों न रखें: मंदिर में किसी भी देवता की मूर्ति इस प्रकार न रखें कि बाहर से उनकी पीठ दिखाई दे। इसे अशुभ माना जाता है और यह घर में दरिद्रता का कारण बन सकता है।

10. बहुत बड़ी मूर्तियाँ

घर के मंदिर के लिए मूर्तियों का आकार भी महत्वपूर्ण होता है।

  • क्यों न रखें: वास्तु के अनुसार, घर के मंदिर में 9 इंच से बड़ी मूर्तियाँ स्थापित नहीं करनी चाहिए। बड़ी मूर्तियों की पूजा के लिए प्राण-प्रतिष्ठा और कड़े नियमों की आवश्यकता होती है, जो मंदिरों के लिए उपयुक्त है।

11. उपहार में मिली हर मूर्ति

कई बार लोग हमें उपहार में भगवान की मूर्तियाँ देते हैं।

  • क्यों न रखें: यह जानना संभव नहीं है कि उपहार में मिली मूर्ति किस भावना से दी गई है या वह खंडित तो नहीं है। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं, तो ऐसी मूर्ति को मंदिर में स्थापित करने से बचें।

घर के मंदिर से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

  • घर के मंदिर के लिए वास्तु नियम (2025)
  • पूजा करते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?
  • घर के लिए 10 शुभ वृक्ष कौन से हैं?

निष्कर्ष

यह जानना कि घर के मंदिर में कौन सी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए, उतना ही महत्वपूर्ण है जितना यह जानना कि कौन-सी रखनी चाहिए। आपका पूजा घर आपकी श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। ऊपर बताए गए सरल नियमों का पालन करके आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके मंदिर से केवल शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का ही संचार हो, जो आपके और आपके परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए।

(Disclaimer: यह लेख वास्तु शास्त्र, धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।)

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
ghar ke mandir me konsi murti nahi rakhni chahiye shani dev ki murti खंडित मूर्ति घर में मंदिर का वास्तु पूजा घर के नियम पूजा घर में कितनी मूर्तियां रखें
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Article ऋषि पंचमी व्रत कथा 2025: इस कथा के बिना अधूरा है व्रत, जानें महत्व और पौराणिक कहानी
Next Article BT 36 कैप्सूल खाने से क्या होता है? जानें फायदे, नुकसान, कीमत और सच्चाई
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

gandhi jayanti
धार्मिक विषय 1 Views

Gandhi Jayanti 2026: 2 अक्टूबर को कौन सी जयंती है? 157वीं गांधी जयंती का इतिहास, भाषण, निबंध, अनमोल विचार व महत्व

Onam 2026 Date
Hindi 4 Views

Onam 2026 Date: बड़ी खबर! जानें तिरुओणम का शुभ मुहूर्त, 10 दिनों की सूची और साद्या का महत्व

Anant Ambani Helps Murshidabad Boy Iqbal
SPECIAL STORY 9 Views

Anant Ambani Helps Murshidabad Boy Iqbal: अदभुत! तालाब में रहने वाले किशोर को किया एयरलिफ्ट, जानें क्या है वह दुर्लभ बीमारी

Flow AI Google Kaise Use Kare
Hindi 3 Views

Flow AI Google Kaise Use Kare? (2026): सर्च करने का अंदाज़ बदला! जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और सेटिंग्स

Dasama kyo manate hai
Story Updated:11/08/202613 Views

Dasama kyo manate hai? (2026): जानें तारीख, पौराणिक कथा और भाग्य बदलने वाली पूजा विधि

Famous Forts in India
धार्मिक स्थल Updated:10/08/20266 Views

Famous Forts in India: अदभुत! भारत के 10 ऐतिहासिक किले, इस 15 अगस्त बनाएं यादगार ट्रिप का प्लान

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

gandhi jayanti

Gandhi Jayanti 2026: 2 अक्टूबर को कौन सी जयंती है? 157वीं गांधी जयंती का इतिहास, भाषण, निबंध, अनमोल विचार व महत्व

01/10/2026
drishyam 3

Drishyam 3 Release Date, Cast, Leaked Story & Climax: दृश्यम 3 का सबसे बड़ा खुलासा, जानें 2 अक्टूबर का अंतिम सच और रिलीज डेट

01/10/2026
उत्तर रेलवे शुद्ध पानी

उत्तर रेलवे शुद्ध पानी: यात्रियों को मिलेगा साफ पेयजल, जम्मू मंडल में बड़ा अभियान

23/09/2026
hero motors share price

Hero Motors Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2030: क्या ₹6,800 पार करेगा शेयर? जानें टेक्निकल व फंडामेंटल एनालिसिस

23/09/2026
दिवाली 2026 में कब है

दिवाली 2026 में कब है: 8 या 9 नवंबर? जानें शास्त्रसम्मत सही तारीख, लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त व संपूर्ण पंचांग

23/09/2026
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 2026: ₹25,000 सीमा

23/09/2026
दिवाली 2026 में कब है

दिवाली 2026 में कब है? जानें 8 नवंबर की तारीख और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

22/09/2026
Vishwakarma Puja 2026

Vishwakarma Puja 2026: शुभ मुहूर्त! 17 सितम्बर को मनेगी विश्वकर्मा पूजा, जानें विधि, कथा और औजारों के नियम

02/09/2026
Eco-Friendly Rakhi 2026

Eco-Friendly Rakhi 2026: शानदार पहल! भाई को बांधें ‘बीज वाली राखी’, जानें घर पर बनाने की विधि और लाभ

26/08/2026
iPhone 18 Pro Max Launch Date India

iPhone 18 Pro Max Launch Date India: बड़ा खुलासा! जानें संभावित कीमत, फीचर्स और 5 गुप्त लीक

23/08/2026
हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण

हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण: सावधान! शरीर में खून की कमी दूर करने के 101 घरेलू उपाय और मेडिकल इलाज

23/08/2026
Free Apps to Replace Expensive Software

Free Apps to Replace Expensive Software: शानदार बचत! 50+ फ्री टूल्स जो प्रीमियम सॉफ्टवेयर की छुट्टी कर देंगे

23/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.