महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 (Mahalaxmi Calendar 2026): भारतीय वैदिक ज्योतिष, सण-उत्सव और दैनिक दिनदर्शिका परंपरा में श्री महालक्ष्मी कैलेंडर (Shri Mahalaxmi Dindharshika & Panchang) को सर्वाधिक प्रामाणिक, विश्वसनीय और घर-घर में पूजनीय स्थान प्राप्त है। साल 2026 में शालिवाहन शक संवत १९४८ (विश्वावसु संवत्सर) और विक्रम संवत २०८३ (कालयुक्त/सिद्धार्थी संवत्सर) का संचार हो रहा है। यदि आप भी अपने घर, प्रतिष्ठान अथवा परिवार के लिए वर्ष 2026 के सभी 12 महीनों (जनवरी से दिसंबर) के प्रमुख हिंदू व्रत, त्योहार, एकादशी, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय समय, शुभ विवाह मुहूर्त, सरकारी छुट्टियां और महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 PDF डाउनलोड की प्रामाणिक जानकारी खोज रहे हैं, तो यह विस्तृत महा-गाइड आपके लिए संपूर्ण समाधान प्रस्तुत करती है।
📑 लेख की त्वरित अनुक्रमणिका (Table of Contents)
- 1. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व
- 2. शालिवाहन शक १९४८ एवं विक्रम संवत २०८३ का पंचांगीय विश्लेषण
- 3. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर माहवार व्रत व त्योहार सूची
- 4. महालक्ष्मी पंचांग 2026: 48+ शुभ विवाह मुहूर्त व नक्षत्र सारिणी
- 5. वर्ष 2026 संकष्टी चतुर्थी व अंगारकी चतुर्थी चंद्रोदय समय (Moonrise Time)
- 6. वर्ष 2026 की 24 प्रमुख एकादशी व्रत तिथियां (स्मार्त व भागवत)
- 7. मार्गशीर्ष महालक्ष्मी गुरुवार व्रत 2026: तिथियां, पूजा विधि व उद्यापन
- 8. सार्वजनिक व बैंक अवकाश (Public & Bank Holidays) 2026
- 9. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 HD PDF फ्री डाउनलोड कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
- 10. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण FAQ
1. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 (Mahalaxmi Calendar 2026) का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व
भारतीय संस्कृति में किसी भी मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश, नामकरण, विवाह, मुंडन संस्कार अथवा व्रत-अनुष्ठान के लिए पंचांग का अवलोकन अपरिहार्य माना जाता है। श्री महालक्ष्मी दिनदर्शिका (Shri Mahalaxmi Dindharshika) कई दशकों से सरस्वती पब्लिशिंग कंपनी द्वारा निरंतर प्रकाशित की जा रही है। महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और उत्तर भारत के लाखों परिवारों में नए साल की शुरुआत इसी दिनदर्शिका को अपने पूजा घर या दीवार पर टांगकर की जाती है।
महालक्ष्मी कैलेंडर की सबसे बड़ी विशेषता इसका अचूक गणितीय व खगोलीय शुद्धता है। इसमें केवल सामान्य तारीखें ही नहीं, अपितु:
- दैनिक तिथि का क्षय व वृद्धि: सूर्योदयकालीन तिथि और उसके समाप्त होने का यथार्थ समय (घंटे और मिनट में)।
- दैनिक नक्षत्र, योग व करण: वैदिक कर्मकांड के लिए आवश्यक सूक्ष्म पांचों अंग।
- चंद्रोदय व चंद्रास्त का समय: विशेष रूप से करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी और पूर्णिमा व्रतों के लिए सटीक पल।
- राहुकाल, यमगंड व गुलिक काल: प्रत्येक दिन के त्याज्य अशुभ समय।
- अमृत व शुभ चौघड़िया: नवीन कार्यों के आरंभ के लिए दिन और रात के उत्तम चौघड़िए।
- कुलदेवी-कुलदेवता जत्रा व यात्राएं: स्थानीय लोकदेवताओं और शक्तिपीठों के वार्षिकोत्सव।
महालक्ष्मी कैलेंडर का प्रत्येक माह हिंदू चंद्र मास (अमांत और पूर्णिमांत पद्धति) के अनुसार विभाजित रहता है। पश्चिमी व दक्षिणी भारत में ‘अमांत प्रणाली’ (Amanta System) मान्य है, जहां माह की समाप्ति अमावस्या पर होती है, जबकि उत्तर भारत में ‘पूर्णिमांत प्रणाली’ (Purnimanta System) प्रचलित है। महालक्ष्मी कैलेंडर में दोनों ही पक्षों का सुगम समन्वय उपलब्ध रहता है।
2. शालिवाहन शक १९४८ एवं विक्रम संवत २०८३ का पंचांगीय विश्लेषण
वर्ष 2026 पंचांगीय दृष्टिकोण से अत्यंत असाधारण वर्ष है। इस वर्ष भारतीय राष्ट्रीय सौर संवत और पारंपरिक संवत्सरों की स्थिति निम्न प्रकार रहेगी:
3. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर माहवार व्रत व त्योहार सूची
नीचे महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 के सभी 12 महीनों का विस्तृत माहवार विवरण प्रस्तुत किया गया है। आप किसी भी महीने के मुख्य पर्व, एकादशी, संकष्टी और अमावस्या तिथियों को तुरंत देख सकते हैं:
❄️ 1. जनवरी 2026 (पौष – माघ मास)
January 2026जनवरी माह में सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे उत्तरायण पुण्यकाल कहा जाता है।
| प्रमुख त्योहार: | 14 जनवरी (मकर संक्रांति, पोंगल), 23 जनवरी (वसंत पंचमी / सरस्वती पूजा), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) |
| एकादशी व्रत: | 15 जनवरी (षटतिला एकादशी) एवं 29 जनवरी (जया एकादशी) |
| अंगारकी संकष्टी चतुर्थी: | 07 जनवरी 2026 (चंद्रोदय रात 09:22 बजे) |
| मौनी अमावस्या: | 18 जनवरी 2026 (माघ अमावस्या – त्रिवेणी संगम स्नान) |
| पूर्णिमा तिथि: | 03 जनवरी (पौष पूर्णिमा) एवं 31 जनवरी (माघ पूर्णिमा) |
🔱 2. फरवरी 2026 (माघ – फाल्गुन मास)
February 2026देवाधिदेव महादेव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि इसी मास में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
| प्रमुख त्योहार: | 15 फरवरी (महाशिवरात्रि महापर्व), 19 फरवरी (छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती) |
| एकादशी व्रत: | 13 फरवरी (विजया एकादशी) एवं 27 फरवरी (आमलकी एकादशी) |
| द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी: | 05 फरवरी 2026 (चंद्रोदय रात 09:48 बजे) |
| फाल्गुन दर्श अमावस्या: | 17 फरवरी 2026 |
🎨 3. मार्च 2026 (फाल्गुन – चैत्र मास)
March 2026मार्च में रंगों की होली और हिंदू नववर्ष का महापर्व ‘गुढीपाडवा’ मनाया जाएगा।
| प्रमुख त्योहार: | 03 मार्च (होलिका दहन), 04 मार्च (धुलंडी / रंगोत्सव), 19 मार्च (गुढीपाडवा – शक 1948 आरंभ), 27 मार्च (श्री राम नवमी) |
| एकादशी व्रत: | 15 मार्च (पापमोचिनी एकादशी) एवं 29 मार्च (कामदा एकादशी) |
| भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी: | 07 मार्च 2026 (चंद्रोदय रात 09:35 बजे) |
| होलिका दहन मुहूर्त: | 03 मार्च शाम 06:24 से रात 08:52 बजे तक |
☀️ 4. अप्रैल 2026 (चैत्र – वैशाख मास)
April 2026अक्षय तृतीया का स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त अप्रैल माह की प्रमुख खगोलीय घटना है।
| प्रमुख त्योहार: | 02 अप्रैल (हनुमान जयंती), 14 अप्रैल (डॉ. आंबेडकर जयंती / बैसाखी), 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया – सुवर्ण खरीदी मुहूर्त) |
| एकादशी व्रत: | 13 अप्रैल (वरुथिनी एकादशी) एवं 27 अप्रैल (मोहिनी एकादशी) |
| विकट संकष्टी चतुर्थी: | 05 अप्रैल 2026 (चंद्रोदय रात 09:50 बजे) |
| अक्षय तृतीया महत्व: | किसी भी मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं; विवाह, गृह प्रवेश व स्वर्ण क्रय हेतु अबूझ। |
🌿 5. मई 2026 (वैशाख – ज्येष्ठ मास)
May 2026मई में वट सावित्री व्रत और सबसे कठिन तपस्या वाला ‘निर्जला एकादशी’ व्रत संपन्न होगा।
| प्रमुख त्योहार: | 01 मई (महाराष्ट्र दिन / कामगार दिवस), 16 मई (वट सावित्री अमावस्या), 27 मई (निर्जला भीमसेनी एकादशी), 31 मई (वट पूर्णिमा) |
| एकादशी व्रत: | 12 मई (अपरा एकादशी) एवं 27 मई (निर्जला एकादशी) |
| एकदंत संकष्टी चतुर्थी: | 05 मई 2026 (चंद्रोदय रात 10:14 बजे) |
🚩 6. जून 2026 (ज्येष्ठ – आषाढ़ मास)
June 2026पंढरपुर की विश्वप्रसिद्ध आषाढ़ी वारी और भगवान विष्णु का क्षीरसागर में चातुर्मास शयन 25 जून को प्रारंभ होगा।
| प्रमुख त्योहार: | 20 जून (जगन्नाथ रथयात्रा), 25 जून (आषाढ़ी देवशयनी एकादशी – चातुर्मास प्रारंभ), 29 जून (गुरु पूर्णिमा) |
| एकादशी व्रत: | 11 जून (योगिनी एकादशी) एवं 25 जून (देवशयनी एकादशी) |
| कृष्णपिङ्गल संकष्टी: | 03 जून 2026 (चंद्रोदय रात 10:32 बजे) |
| चातुर्मास नियम: | 25 जून से 4 महीने तक विवाह व मांगलिक कर्मों पर विराम। |
🌧️ 7. जुलाई 2026 (आषाढ़ – श्रावण मास)
July 2026पवित्र श्रावण मास का आगमन, श्रावणी सोमवार व्रत और मंगलागौर पूजा की गूंज हर घर में होगी।
| प्रमुख त्योहार: | 14 जुलाई (दीप अमावस्या / गटारी), 15 जुलाई (श्रावण मास प्रारंभ), 27 जुलाई (नागपंचमी), 28 जुलाई (नारली पूर्णिमा) |
| एकादशी व्रत: | 10 जुलाई (कामिका एकादशी) एवं 24 जुलाई (पुत्रदा एकादशी) |
| गजानन संकष्टी चतुर्थी: | 03 जुलाई 2026 (चंद्रोदय रात 09:44 बजे) |
🐘 8. अगस्त 2026 (श्रावण – भाद्रपद मास)
August 2026‘गणपति बाप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव और ज्येष्ठा-कनिष्ठा महालक्ष्मी गौरी आगमन।
| प्रमुख त्योहार: | 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 16 अगस्त (श्री गणेश चतुर्थी स्थापना), 20-22 अगस्त (गौरी आवाहन, पूजन व विसर्जन), 25 अगस्त (अनंत चतुर्दशी) |
| एकादशी व्रत: | 08 अगस्त (अजा एकादशी) एवं 23 अगस्त (परिवर्तिनी एकादशी) |
| हेरंब संकष्टी चतुर्थी: | 01 अगस्त 2026 (चंद्रोदय रात 09:18 बजे) |
| पिठोरी अमावस्या: | 12 अगस्त 2026 (मातृ-शिशु रक्षा व्रत) |
🏹 9. सितंबर 2026 (भाद्रपद – आश्विन मास)
September 2026श्री कृष्ण जन्माष्टमी, पितृपक्ष महालय और शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि।
| प्रमुख त्योहार: | 03 सितंबर (श्री कृष्ण जन्माष्टमी), 11 सितंबर (सर्वपितृ अमावस्या), 12 सितंबर (शारदीय नवरात्रि घटस्थापना), 21 सितंबर (विजयादशमी दशहरा), 25 सितंबर (कोजागरी पूर्णिमा) |
| एकादशी व्रत: | 07 सितंबर (इंदिरा एकादशी) एवं 22 सितंबर (पापांकुशा एकादशी) |
| विघ्नराज संकष्टी: | 30 सितंबर 2026 (चंद्रोदय रात 08:35 बजे) |
🪔 10. अक्टूबर 2026 (आश्विन – कार्तिक मास)
October 2026दीपों का महापर्व दीपावली, धनतेरस, नरक चतुर्दशी और छठ महापर्व इसी मास के केंद्रबिंदु हैं।
| प्रमुख त्योहार: | 07 अक्टूबर (धनतेरस), 08 अक्टूबर (दीपावली लक्ष्मीपूजन), 09 अक्टूबर (गोवर्धन पूजा / बलिप्रतिपदा), 10 अक्टूबर (भाई दूज), 13-16 अक्टूबर (छठ महापर्व), 21 अक्टूबर (तुलसी विवाह प्रारंभ) |
| दीपावली लक्ष्मीपूजन: | 08 अक्टूबर शाम 05:48 से रात 08:18 (स्थिर वृषभ लग्न) |
| एकादशी व्रत: | 06 अक्टूबर (रमा एकादशी) एवं 21 अक्टूबर (प्रबोधिनी देवउठनी एकादशी – चातुर्मास समाप्त) |
| वक्रतुंड संकष्टी: | 29 अक्टूबर 2026 (चंद्रोदय रात 08:12 बजे) |
🌺 11. नवंबर 2026 (कार्तिक – मार्गशीर्ष मास)
November 2026श्रीमहालक्ष्मी के अत्यंत प्रिय मार्गशीर्ष गुरुवार व्रतों का आरंभ 12 नवंबर से होगा।
| प्रमुख त्योहार: | 12, 19, 26 नवंबर (मार्गशीर्ष महालक्ष्मी गुरुवार व्रत), 20 नवंबर (मोक्षदा एकादशी / गीता जयंती), 23 नवंबर (श्री दत्त जयंती) |
| एकादशी व्रत: | 05 नवंबर (उत्पन्ना एकादशी) एवं 20 नवंबर (मोक्षदा एकादशी) |
| विवाह मुहूर्त पुनरारंभ: | 22 नवंबर से साल के सबसे शुभ विवाह मुहूर्त आरंभ होंगे। |
🔔 12. दिसंबर 2026 (मार्गशीर्ष – पौष मास)
December 2026वर्ष का अंतिम महीना, महालक्ष्मी गुरुवार व्रत उद्यापन और शाकंभरी नवरात्र का उत्सव।
| प्रमुख त्योहार: | 03 दिसंबर (मार्गशीर्ष चतुर्थ गुरुवार व्रत व महाउद्यापन), 23 दिसंबर (पौष पूर्णिमा / शाकंभरी जयंती), 25 दिसंबर (क्रिसमस) |
| एकादशी व्रत: | 05 दिसंबर (सफला एकादशी) एवं 19 दिसंबर (पौष पुत्रदा एकादशी) |
| अखुरथ संकष्टी चतुर्थी: | 27 दिसंबर 2026 (चंद्रोदय रात 09:10 बजे) |
4. महालक्ष्मी पंचांग 2026: 48+ शुभ विवाह मुहूर्त व नक्षत्र सारिणी
हिंदू धर्म में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं अपितु दो कुलों का पवित्र संगम है। महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 में त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग से युक्त शुद्ध विवाह मुहूर्तों की सूची तैयार की गई है। 25 जून से 21 अक्टूबर तक चातुर्मास रहने के कारण इस बीच कोई लग्न मुहूर्त नहीं है:
5. वर्ष 2026 संकष्टी चतुर्थी व अंगारकी चतुर्थी चंद्रोदय समय (Moonrise Time)
भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद ही खोला जाता है। जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे ‘अंगारकी संकष्टी चतुर्थी’ (Angarki Sankashti) कहा जाता है, जिसका फल 21 सामान्य संकष्टियों के बराबर माना जाता है। 07 जनवरी 2026 को यह महासंयोग बन रहा है:
- 07 जनवरी 2026: अंगारकी संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:22 बजे
- 05 फरवरी 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:48 बजे
- 07 मार्च 2026: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:35 बजे
- 05 अप्रैल 2026: विकट संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:50 बजे
- 05 मई 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 10:14 बजे
- 03 जून 2026: कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 10:32 बजे
- 03 जुलाई 2026: गजानन संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:44 बजे
- 01 अगस्त 2026: हेरंब संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:18 बजे
- 30 सितंबर 2026: विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 08:35 बजे
- 29 अक्टूबर 2026: वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 08:12 बजे
- 27 नवंबर 2026: गणाधिप संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 08:45 बजे
- 27 दिसंबर 2026: अखुरथ संकष्टी चतुर्थी – चंद्रोदय रात 09:10 बजे
6. वर्ष 2026 की 24 प्रमुख एकादशी व्रत तिथियां (स्मार्त व भागवत)
पद्म पुराण के अनुसार सभी व्रतों में एकादशी व्रत को शिरोमणि कहा गया है। महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 के अनुसार सभी 24 एकादशियों की सटीक तिथियां निम्न हैं:
✨ एकादशी व्रत कैलेंडर 2026 सूची:
7. मार्गशीर्ष महालक्ष्मी गुरुवार व्रत 2026: तिथियां, पूजा विधि व उद्यापन
महालक्ष्मी कैलेंडर का सीधा संबंध मां महालक्ष्मी की अनुकंपा से है। विशेष रूप से महाराष्ट्र और मध्य भारत में मार्गशीर्ष मास के प्रत्येक गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत रखने की भव्य परंपरा है। मान्यता है कि इस व्रत से दरिद्रता का नाश होता है और घर में अखंड लक्ष्मी का वास रहता है।
वर्ष 2026 में मार्गशीर्ष महालक्ष्मी गुरुवार तिथियां:
- प्रथम गुरुवार व्रत: 12 नवंबर 2026 (कलश स्थापना, श्रीयंत्र पूजन व कथा प्रारंभ)
- द्वितीय गुरुवार व्रत: 19 नवंबर 2026 (खीर-पूरी का विशेष नैवेद्य)
- तृतीय गुरुवार व्रत: 26 नवंबर 2026 (कुमकुमार्चन व महालक्ष्मी अष्टकम पाठ)
- चतुर्थ गुरुवार व्रत व महाउद्यापन: 03 दिसंबर 2026 (7 अथवा 8 सधवा स्त्रियों को हल्दी-कुमकुम, सौभाग्य सामग्री व महालक्ष्मी व्रत पुस्तिका भेंट)
गुरुवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ पीत या लाल वस्त्र धारण करें। एक तांबे या पीतल के लोटे में जल, आम के 5 पत्ते, दूर्वा, सुपारी और सिक्का डालकर कलश स्थापित करें। कलश पर नारियल रखकर उसे लाल चुनरी ओढ़ाएं और उस पर महालक्ष्मी का मुखौटा या प्रतिमा स्थापित करें। श्रीयंत्र या महालक्ष्मी चित्र के समक्ष घी का दीपक जलाकर ‘श्रीमहालक्ष्मी महात्म्य कथा’ का पाठ करें। शाम को आरती के बाद फलाहार अथवा सात्विक अन्न ग्रहण करें।
8. सार्वजनिक व बैंक अवकाश (Public & Bank Holidays) 2026
महालक्ष्मी कैलेंडर में केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा घोषित सभी राजपत्रित (Gazetted) और प्रतिबंधित (Restricted) छुट्टियों का समावेश होता है। साल 2026 के प्रमुख अवकाश:
- 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (सोमवार – Long Weekend)
- 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (रविवार)
- 04 मार्च: धुलंडी / होली (बुधवार)
- 19 मार्च: गुढीपाडवा (गुरुवार)
- 27 मार्च: श्री राम नवमी (शुक्रवार – Long Weekend)
- 14 अप्रैल: डॉ. बी.आर. आंबेडकर जयंती (मंगलवार)
- 01 मई: महाराष्ट्र दिन / मजदूर दिवस (शुक्रवार – Long Weekend)
- 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस (शनिवार)
- 16 अगस्त: गणेश चतुर्थी (रविवार)
- 21 सितंबर: विजयादशमी / दशहरा (सोमवार – Long Weekend)
- 02 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती (शुक्रवार – Long Weekend)
- 08 अक्टूबर: दीपावली लक्ष्मीपूजन (गुरुवार)
- 25 दिसंबर: क्रिसमस (शुक्रवार – Long Weekend)
9. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 HD PDF फ्री डाउनलोड कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
यदि आप अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टैबलेट या ऑफिस प्रिंटआउट के लिए महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 PDF (Mahalaxmi Calendar 2026 Marathi & Hindi PDF) सुरक्षित और स्पष्ट अक्षरों में डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
- आधिकारिक वेबसाइट या पब्लिशर लिंक: सरस्वती पब्लिशिंग कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा हमारे सत्यापित पोर्टल लिंक पर जाएं।
- भाषा का चयन करें: अपनी सुविधानुसार ‘मराठी’ (Marathi Dindharshika) अथवा ‘हिंदी’ (Hindi Panchang) संस्करण चुनें।
- वर्ष 2026 का चयन करें: ‘Shri Mahalaxmi Calendar 2026’ वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- HD PDF डाउनलोड बटन दबाएं: ‘Download High-Resolution PDF (1080p / 300 DPI Print Ready)’ बटन पर टैप करें।
- सुरक्षित सेव करें: फाइल आपके डाउनलोड्स फोल्डर में सेव हो जाएगी। इसे आप बिना इंटरनेट के कभी भी देख सकते हैं या स्थानीय प्रिंटर से कलर प्रिंट निकाल सकते हैं।
10. महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण FAQ (Frequently Asked Questions)
प्रश्न: महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 (Mahalaxmi Calendar 2026) क्या है और यह इतना लोकप्रिय क्यों है?
उत्तर: महालक्ष्मी कैलेंडर भारत की सबसे प्राचीन व प्रामाणिक हिंदू पंचांग दिनदर्शिकाओं में से एक है। इसमें शालिवाहन शक संवत १९४८ और विक्रम संवत २०८३ के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, दैनिक तिथि, नक्षत्र, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय समय, एकादशी व्रत और विवाह के सर्वार्थ सिद्धि मुहूर्त दर्ज रहते हैं।
प्रश्न: महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 का आधिकारिक PDF कैसे डाउनलोड करें?
उत्तर: महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 का ओरिजिनल हाई-क्वालिटी PDF डाउनलोड करने के लिए सरस्वती पब्लिशिंग कंपनी की अधिकृत वेबसाइट या Google Play Store के Shri Mahalaxmi Dindharshika App का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा हमारे इस लेख में दिए गए डायरेक्ट डाउनलोड लिंक से भी आप 12 महीनों का स्वच्छ पंचांग चार्ट प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न: महालक्ष्मी पंचांग 2026 के अनुसार गुढीपाडवा और हिंदू नववर्ष कब है?
उत्तर: महालक्ष्मी दिनदर्शिका 2026 के अनुसार गुढीपाडवा 19 मार्च 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा। इसी दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि के साथ ‘शालिवाहन शक संवत १९४८’ और ‘विश्वावसु संवत्सर’ का शुभारंभ होगा।
प्रश्न: महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 के अनुसार साल 2026 में कुल कितने विवाह मुहूर्त हैं?
उत्तर: साल 2026 में कुल 48 से अधिक शुभ विवाह मुहूर्त हैं। 25 जून 2026 (आषाढ़ी देवशयनी एकादशी) से 21 अक्टूबर 2026 (प्रबोधिनी एकादशी) तक चातुर्मास रहने के कारण 4 महीने विवाह संस्कार शास्त्रानुसार वर्जित रहेंगे।
प्रश्न: महालक्ष्मी कैलेंडर 2026 में मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत की तिथियां क्या हैं?
उत्तर: साल 2026 में पवित्र मार्गशीर्ष मास 12 नवंबर 2026 से प्रारंभ होगा। महालक्ष्मी गुरुवार के चार प्रमुख व्रत 12 नवंबर, 19 नवंबर, 26 नवंबर और 03 दिसंबर 2026 (उद्यापन) को संपन्न होंगे।
पंडित विनायक जोशी (NewsMug वैदिक पंचांग ब्यूरो)
यह लेख श्री महालक्ष्मी पंचांग, शालिवाहन शक संवत १९४८ और काशी वैदिक पंचांग के सूक्ष्म गणितीय आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय सूर्योदय भेद के कारण विभिन्न शहरों में तिथियों के समापन समय में 2 से 5 मिनट का अंतर संभव है।







