करवा चौथ 2026: पूजा मुहूर्त, सरगी व शहरवार चंद्रोदय समय चक्र
🌙 प्रमुख महानगरों में चंद्रोदय का लाइव समय (29 अक्टूबर 2026):
काशी विश्वनाथ पंचांग, निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु व नारद संहिता सम्मत वैदिक गणना • 24 वर्षों का अनवरत शोध
यदि आपके मन में सवाल है कि Karwa Chauth 2026 kab hai (करवा चौथ 2026 में कब है), तो सनातन धर्म के वैदिक पंचांग व निर्णयसिंधु अनुसार वर्ष 2026 में करवा चौथ का पावन निर्जला व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धा व उल्लास के साथ रखा जाएगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर 2026 को रात्रि 11:42 PM पर शुरू होगी और 29 अक्टूबर 2026 को रात्रि 10:18 PM पर समाप्त होगी। करवा चौथ की मुख्य पूजा का श्रेष्ठ प्रदोष काल मुहूर्त शाम 05:40 PM से 06:58 PM (कुल 1 घंटा 18 मिनट) रहेगा और नई दिल्ली में चांद निकलने का समय (Moonrise Time) रात्रि 08:12 PM रहेगा।

चित्र: Karwa Chauth 2026 kab hai – 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय पंचांग (NewsMug.in इन्फोग्राफिक)
📑 इस महा-आलेख की विषय सूची (Table of Contents)
- 1. Karwa Chauth 2026 Kab Hai: तिथि, दिन व पंचांग की सही गणना
- 2. Karwa Chauth 2026 Puja Muhurat: शाम 05:40 से 06:58 PM पूजा का श्रेष्ठ समय
- 3. Karwa Chauth 2026 Moonrise Time (20 शहरों में चांद निकलने का समय)
- 4. Karwa Chauth 2026 Sargi Time: सरगी का समय व 5 जरूरी नियम
- 5. करवा चौथ पूजा थाली सामग्री की पूरी प्रामाणिक लिस्ट
- 6. करवा चौथ की प्रामाणिक व्रत कथा (रानी वीरवती की पावन कथा)
- 7. चंद्रमा को अर्घ्य देने का वैदिक मंत्र, विधि व 7 छलनी नियम
- 8. वीडियो गाइड: करवा चौथ संपूर्ण पूजा विधि व चंद्र दर्शन
- 9. पहली बार व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए 10 शास्त्रीय नियम
- 10. स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां: गर्भवती महिलाएं कैसे रखें व्रत
- 11. करवा चौथ 2026 पर अक्सर पूछे जाने वाले 10 प्रश्न (FAQs)
- 12. अंतिम संपादकीय निष्कर्ष: समर्पण और अखंड सौभाग्य का महापर्व
🪔 1. Karwa Chauth 2026 Kab Hai: तिथि, दिन व पंचांग की सही गणना
सनातन धर्म में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ या करक चतुर्थी (Karak Chaturthi) कहा जाता है। यह पावन व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, संकटों से रक्षा और दांपत्य जीवन में अखंड प्रेम के लिए निर्जला रखा जाता है।
प्रतिवर्ष महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि Karwa Chauth 2026 kab hai और व्रत 28 अक्टूबर को रखा जाएगा या 29 अक्टूबर को। धर्मसिंधु और काशी पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हमेशा उस दिन रखा जाता है जिस दिन रात्रि में चतुर्थी तिथि में चंद्रमा का उदय होता है।
वर्ष 2026 में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को रात्रि 11:42 PM पर होगा और यह तिथि गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रात्रि 10:18 PM पर समाप्त होगी।
चूंकि 29 अक्टूबर 2026 की रात्रि को चंद्रमा का उदय चतुर्थी तिथि में हो रहा है और साथ ही सूर्योदय कालीन उदयातिथि भी 29 अक्टूबर को ही प्राप्त हो रही है, अतः Karwa Chauth 2026 kab hai का सटीक और शास्त्रसम्मत उत्तर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 है। सभी सुहागिन महिलाएं 29 अक्टूबर को ही निर्जला व्रत रखेंगी।
नवरात्रि महापर्व के घटस्थापना और तिथियों के शास्त्रीय अध्ययन के लिए आप हमारा विशेष आलेख शारदीय नवरात्रि 2026 घटस्थापना शुभ मुहूर्त व 9 दिन 9 शुभ रंग को भी अवश्य पढ़ें।
⏳ 2. Karwa Chauth 2026 Puja Muhurat: शाम 05:40 से 06:58 PM तक पूजा का श्रेष्ठ समय
करवा चौथ की पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में संपन्न की जाती है। इस समय माता पार्वती, भगवान शिव, श्री गणेश और स्वामी कार्तिकेय (समस्त शिव परिवार) की पूजा की जाती है।
29 अक्टूबर 2026: करवा चौथ पूजा मुहूर्त विवरण
शाम 05:40 PM से शाम 06:58 PM तक
कुल अवधि: 1 घंटा 18 मिनट | इस समय में करवा माता की पूजा और व्रत कथा पढ़ना सर्वोत्तम है।
प्रातः 06:31 AM से रात्रि 08:12 PM तक (दिल्ली समय)
कुल 13 घंटे 41 मिनट का अखंड निर्जल व्रत रखा जाएगा।
दशहरा और रावण दहन के शुभ मुहूर्तों के लिए आप हमारी विशेष रिपोर्ट दशहरा 2026 कब है: 20 अक्टूबर रावण दहन का शुभ मुहूर्त व विजय मुहूर्त भी देख सकते हैं।
🌕 3. Karwa Chauth 2026 Moonrise Time (20 प्रमुख शहरों में चांद निकलने का सही समय)
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाओं को जिस पल का सबसे अधिक इंतजार होता है, वह है चंद्रोदय (Moonrise Time)। भारत के अलग-अलग राज्यों और देशांतरों (Longitudes) के कारण विभिन्न शहरों में चांद निकलने के समय में अंतर होता है।
पूर्वी भारत (जैसे कोलकाता व पटना) में चांद सबसे पहले निकलता है, जबकि पश्चिमी भारत (जैसे मुंबई व गुजरात) में चांद सबसे देर से दिखाई देता है। नीचे देश के प्रमुख 20 शहरों में 29 अक्टूबर 2026 को चंद्रोदय का मिनट-टू-मिनट समय दिया गया है:
| शहर (City) | राज्य (State) | चंद्रोदय समय (Moonrise Time) | पूजा का समय (Puja Window) |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली (New Delhi) | दिल्ली एनसीआर | रात्रि 08:12 PM | 05:40 PM – 06:58 PM |
| नोएडा / गाजियाबाद | उत्तर प्रदेश | रात्रि 08:11 PM | 05:39 PM – 06:57 PM |
| गुरुग्राम / फरीदाबाद | हरियाणा | रात्रि 08:13 PM | 05:41 PM – 06:59 PM |
| जयपुर (Jaipur) | राजस्थान | रात्रि 08:19 PM | 05:47 PM – 07:05 PM |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | पंजाब / हरियाणा | रात्रि 08:09 PM | 05:37 PM – 06:55 PM |
| लखनऊ (Lucknow) | उत्तर प्रदेश | रात्रि 08:01 PM | 05:29 PM – 06:47 PM |
| वाराणसी (Kashi) | उत्तर प्रदेश | रात्रि 07:56 PM | 05:24 PM – 06:42 PM |
| कानपुर (Kanpur) | उत्तर प्रदेश | रात्रि 08:04 PM | 05:32 PM – 06:50 PM |
| प्रयागराज (Prayagraj) | उत्तर प्रदेश | रात्रि 07:59 PM | 05:27 PM – 06:45 PM |
| मुंबई (Mumbai) | महाराष्ट्र | रात्रि 08:48 PM | 06:12 PM – 07:30 PM |
| पुणे (Pune) | महाराष्ट्र | रात्रि 08:45 PM | 06:09 PM – 07:27 PM |
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | गुजरात | रात्रि 08:35 PM | 06:01 PM – 07:19 PM |
| भोपाल (Bhopal) | मध्य प्रदेश | रात्रि 08:23 PM | 05:49 PM – 07:07 PM |
| इंदौर (Indore) | मध्य प्रदेश | रात्रि 08:29 PM | 05:54 PM – 07:12 PM |
| पटना (Patna) | बिहार | रात्रि 07:51 PM | 05:17 PM – 06:35 PM |
| कोलकाता (Kolkata) | पश्चिम बंगाल | रात्रि 07:44 PM | 05:08 PM – 06:26 PM |
| रांची (Ranchi) | झारखंड | रात्रि 07:53 PM | 05:19 PM – 06:37 PM |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | कर्नाटक | रात्रि 08:40 PM | 06:02 PM – 07:20 PM |
| हैदराबाद (Hyderabad) | तेलंगाना | रात्रि 08:28 PM | 05:51 PM – 07:09 PM |
🥣 4. Karwa Chauth 2026 Sargi Time: सरगी का समय व 5 जरूरी नियम
करवा चौथ के पावन व्रत की शुरुआत सरगी (Sargi) से होती है। सरगी सास द्वारा अपनी बहू को दिया जाने वाला आशीर्वाद और प्रेम का प्रतीक है। इसमें सूखे मेवे, फल, मिष्ठान्न, मट्ठी और सुहाग सामग्री सम्मिलित होती है।
सरगी खाने का सही समय: शास्त्रों के अनुसार, सरगी हमेशा सूर्योदय से लगभग 2 घंटे पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में ग्रहण करनी चाहिए। 29 अक्टूबर 2026 को सरगी खाने का सबसे शुभ समय प्रातः 04:48 AM से प्रातः 05:39 AM (कुल 51 मिनट) रहेगा।
नारियल व सूखे मेवे
सरगी में नारियल, बादाम, अखरोट व खजूर खाएं जो दिनभर शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं।
ताजे रसीले फल
सेब, अनार व पपीता जैसे फल खाने से दिनभर निर्जला व्रत में प्यास और डिहाइड्रेशन नहीं होता।
पर्याप्त जल व दूध
सूर्योदय (06:31 AM) से पहले 2 गिलास गुनगुना पानी या दूध पीकर व्रत का संकल्प लें।
🛍️ 5. करवा चौथ पूजा थाली सामग्री की पूरी प्रामाणिक लिस्ट
करवा चौथ की पूजा की थाली पहले से ही तैयार कर लेनी चाहिए। पूजा के समय किसी भी सामग्री की कमी न हो, इसके लिए प्रामाणिक सूची निम्नलिखित है:
- मिट्टी या तांबे का करवा (टोंटीदार करवा) और उसका ढक्कन
- करवा माता का प्रामाणिक चित्र या कैलेंडर
- छाननी (छलनी) जिससे चांद और पति का मुख देखा जाता है
- दीपक, शुद्ध गाय का घी, रुई की बत्ती और माचिस
- रोली, अक्षत (अखंडित चावल), चंदन और कुमकुम
- कलावा (मौली), जनेऊ और गंगाजल
- 16 श्रृंगार का सामान (सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, चूड़ियां, महावर, चुनरी)
- मीठा भोग, गेहूं या चावल के दाने (कथा सुनते समय हाथ में रखने हेतु)
- करवे में भरने के लिए गेहूं या मीठी बूंदी/खांड
- अर्घ्य के लिए कच्चा दूध और साफ जल का लोटा
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📖 6. करवा चौथ की प्रामाणिक व्रत कथा (रानी वीरवती की पावन कथा)
करवा चौथ पर रानी वीरवती की कथा सुनना अनिवार्य माना गया है। प्राचीन काल में एक धर्मात्मा ब्राह्मण के सात पुत्र और एक पुत्री थी, जिसका नाम वीरवती था। सात भाइयों की इकलौती लाडली बहन वीरवती का विवाह एक राजा से हुआ।
विवाह के बाद प्रथम करवा चौथ पर वीरवती अपने मायके आई। उसने अपनी भाभियों के साथ निर्जला व्रत रखा। संध्या काल होते-होते भूख और प्यास से वीरवती व्याकुल होकर मूर्छित होने लगी। उसके सातों भाई अपनी बहन की यह दशा देखकर अत्यंत दुखी हुए।
भाइयों ने दूर एक वटवृक्ष पर एक दीपक जलाया और उसके आगे एक छलनी रखकर वीरवती से कहा—“बहन! देखो, आकाश में चतुर्थी का चांद निकल आया है। तुम अर्घ्य देकर भोजन कर लो।” वीरवती ने अपने भाइयों के छल को न समझकर नकली चांद देखकर अर्घ्य दे दिया और जैसे ही पहला निवाला मुंह में डाला, उसे छींक आ गई। दूसरे निवाले में बाल निकला और तीसरा निवाला खाते ही उसके पति की मृत्यु का समाचार आ गया।
वीरवती विलाप करने लगी। तब देवर्षि नारद और माँ इंद्राणी ने उसे दर्शन देकर बताया कि उसने बिना चंद्रमा के उदय हुए अर्घ्य दिया था, जिससे उसका व्रत खंडित हो गया। वीरवती ने पूरे एक वर्ष तक प्रत्येक माह की चतुर्थी का नियमपूर्वक व्रत किया और अगले वर्ष कार्तिक कृष्ण चतुर्थी (करवा चौथ) पर विधि-विधान से Karwa Chauth 2026 kab hai के नियमों का पालन करते हुए व्रत रखा। माँ पार्वती और शिव जी की कृपा से उसके पति को पुनः जीवनदान प्राप्त हुआ।
🙏 7. चंद्रमा को अर्घ्य देने का वैदिक मंत्र, विधि व 7 छलनी नियम
रात्रि में जब आकाश में चंद्रदेव का उदय हो, तब सुहागिन महिलाएं छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा के दर्शन करती हैं। इसके बाद लोटे में जल, थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत और रोली डालकर चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित करती हैं।
चंद्र अर्घ्य का पावन वैदिक मंत्र:
गृहाणार्घ्यं शशांकेश रोहिणीसहितो मम॥”
अर्घ्य देने के बाद छलनी से अपने पति का मुख देखा जाता है और पति के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। पति अपनी पत्नी को जल पिलाकर और मिष्ठान्न खिलाकर निर्जला व्रत का पारण करवाते हैं।
करवा चौथ के इतिहास व पौराणिक मान्यताओं के गहन अध्ययन के लिए आप करवा चौथ का सनातन इतिहास व लोक परंपराएं (विकिपीडिया संदर्भ) भी देख सकते हैं।
📹 वीडियो गाइड: Karwa Chauth 2026 Kab Hai | Puja Muhurat, Sargi & Moonrise Time
🌸 9. पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए 10 शास्त्रीय नियम
नवविवाहित महिलाओं के लिए पहला करवा चौथ विशेष उत्साह और उमंग का पर्व होता है। पहले व्रत के समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- पहले करवा चौथ पर मायके से बायना (Baya) और ससुराल से सरगी आने की परंपरा होती है।
- व्रत के दिन लाल, गुलाबी, मैरून या पीले रंग के वस्त्र पहनें। काले या सफेद रंग के वस्त्र भूलकर भी न पहनें।
- हाथों और पैरों में मेहंदी व महावर जरूर लगाएं, यह सौभाग्य का प्रतीक है।
- कथा सुनते समय हाथ में 13 गेहूं के दाने रखें और कथा समाप्ति पर इन दानों को जल में अर्पित करें।
- दिन के समय सोना वर्जित माना गया है; भगवान शिव और माँ पार्वती के भजनों में मन लगाएं।
- किसी से विवाद या कटु वचन न कहें और बड़ों का अनादर न करें।
- पूजा के बाद सास के पैर छूकर उन्हें बायना (मिठाई, फल, वस्त्र व श्रृंगार) भेंट करें।
❓ 11. करवा चौथ 2026 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Karwa Chauth 2026 kab hai: करवा चौथ 2026 में किस दिन और किस तारीख को मनाया जाएगा?
उत्तर: Karwa Chauth 2026 kab hai का प्रामाणिक उत्तर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 है। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 28 अक्टूबर रात 11:42 PM से शुरू होकर 29 अक्टूबर रात 10:18 PM तक रहेगी। उदयातिथि और चंद्रोदय दोनों 29 अक्टूबर को मिलने के कारण इसी दिन व्रत मान्य है।
प्रश्न 2: करवा चौथ 2026 पर पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 29 अक्टूबर 2026 को पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय शाम 05:40 PM से शाम 06:58 PM तक (कुल 1 घंटा 18 मिनट) रहेगा। इस काल में करवा माता और शिव परिवार की पूजा संपन्न करें।
प्रश्न 3: 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली व एनसीआर में चांद कितने बजे निकलेगा?
उत्तर: नई दिल्ली में करवा चौथ 2026 का चांद रात्रि 08:12 PM पर निकलेगा। नोएडा में 08:11 PM और गुरुग्राम में 08:13 PM पर चंद्र दर्शन होंगे।
प्रश्न 4: करवा चौथ पर सरगी खाने का शुभ समय क्या है?
उत्तर: सरगी सूर्योदय से लगभग 2 घंटे पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में खाई जाती है। 29 अक्टूबर को सरगी का शुभ समय प्रातः 04:48 AM से 05:39 AM तक रहेगा।
प्रश्न 5: करवा चौथ के ठीक बाद आने वाली दीपावली कब है?
उत्तर: करवा चौथ के 10 दिन बाद धनतेरस और दीपोत्सव का महापर्व आता है। दीपावली की सटीक तारीख और लक्ष्मी पूजन मुहूर्त के लिए हमारा आलेख दिवाली 2026 में कब है पढ़ें।
🏁 12. अंतिम संपादकीय निष्कर्ष: समर्पण और अखंड सौभाग्य का महापर्व
करवा चौथ केवल एक उपवास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में दांपत्य जीवन के अटूट प्रेम, परस्पर विश्वास और समर्पण का अनुपम उत्सव है। 29 अक्टूबर 2026 को पूरे विधि-विधान और शुद्ध अंतःकरण के साथ व्रत रखें।
सनातन धर्म के पंचांग, शुभ मुहूर्तों, शहरवार चंद्रोदय और धार्मिक विश्लेषण के लिए करवा चौथ 2026 कब है: 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय के साथ NewsMug.in से निरंतर जुड़े रहें।








