Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
newsmug KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

करवा चौथ क्यों मनाया जाता है: जानें इस व्रत का महत्व, इतिहास, रीति-रिवाज और इसके पीछे की मान्यताएं

0 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
करवा-चौथ-क्यों-मनाया-जाता-है
करवा-चौथ-क्यों-मनाया-जाता-है

Table of Contents

Toggle
  • करवा चौथ क्यों मनाया जाता है?
  • करवा चौथ का धार्मिक महत्व
  • करवा चौथ का ऐतिहासिक महत्व
  • करवा चौथ की पौराणिक कथाएं
    • वीरवती की कथा
    • करवा की कथा
  • करवा चौथ की परंपराएं और रीति-रिवाज
    • सोलह श्रृंगार का महत्व
    • पूजा विधि और चंद्र दर्शन
  • आधुनिक समय में करवा चौथ का महत्व
    • सोशल मीडिया और करवा चौथ
  • करवा चौथ की तैयारी
    • सरगी का महत्व
  • करवा चौथ के दौरान क्या करें और क्या न करें
    • क्या करें:
    • क्या न करें:
  • करवा चौथ का भविष्य और युवा पीढ़ी

करवा चौथ क्यों मनाया जाता है?

करवा चौथ भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण और विशेष व्रत है, जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस व्रत के दौरान महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक बिना अन्न और जल का सेवन किए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ व्रत की धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं ने इसे भारतीय समाज में एक विशेष स्थान दिया है। यह पर्व न केवल पति-पत्नी के रिश्ते को और भी प्रगाढ़ बनाता है, बल्कि इसे एक सामाजिक उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।

करवा चौथ का धार्मिक महत्व

करवा चौथ का धार्मिक महत्व मुख्य रूप से पति की लंबी उम्र और समृद्ध जीवन से जुड़ा हुआ है। भारतीय संस्कृति में पति को पत्नी का “अर्धांगिनी” माना गया है, और इस रिश्ते को और भी मजबूत बनाने के लिए यह व्रत रखा जाता है। माना जाता है कि करवा चौथ व्रत रखने से भगवान शिव, मां पार्वती, और भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे पति की लंबी उम्र और समृद्धि सुनिश्चित होती है। इस व्रत के पीछे धार्मिक कथाएं और मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं, जो इस व्रत को और भी पवित्र बनाती हैं।

करवा चौथ का ऐतिहासिक महत्व

करवा चौथ का ऐतिहासिक महत्व भी अत्यधिक गहरा है। यह पर्व महाभारत काल से जुड़ा हुआ माना जाता है। कहते हैं कि जब पांडव वनवास में थे, तब द्रौपदी ने करवा चौथ का व्रत रखा था ताकि अर्जुन की रक्षा हो सके। इसके अलावा, एक अन्य कथा करवा नामक पतिव्रता स्त्री से जुड़ी है, जिन्होंने अपने पति की जान बचाने के लिए कठोर तपस्या की थी और यमराज से उनके प्राण वापस मांगे थे। तभी से यह व्रत “करवा चौथ” के नाम से जाना जाने लगा।

करवा चौथ की पौराणिक कथाएं

वीरवती की कथा

करवा चौथ की सबसे प्रचलित कथा वीरवती की है। वीरवती सात भाइयों की इकलौती बहन थी, जिसने अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा। दिन भर भूखी-प्यासी वीरवती बहुत थक गई थी, और उसके भाइयों ने उसे चांद के झूठे दर्शन करवाकर व्रत तोड़ने के लिए मना लिया। जब वीरवती ने व्रत तोड़ा, तो उसका पति तुरंत ही मृत्यु को प्राप्त हो गया। दुखी वीरवती ने भगवान से प्रार्थना की और अगले साल पूरे नियम के साथ करवा चौथ का व्रत रखा, जिसके फलस्वरूप उसका पति पुनर्जीवित हो गया। इस कथा से यह मान्यता जुड़ी है कि इस व्रत को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से पति की लंबी उम्र और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

करवा की कथा

एक अन्य महत्वपूर्ण कथा करवा नामक महिला से जुड़ी है, जिन्होंने अपने पति को मगरमच्छ के हमले से बचाने के लिए कठोर तपस्या की थी। करवा ने अपनी तपस्या के बल पर यमराज से अपने पति के प्राण वापस मांगे थे और उन्हें अपने पति की जान बचाने में सफलता मिली। तब से इस व्रत का नाम करवा चौथ पड़ा और इसे पतिव्रता स्त्रियों के आदर्श रूप में देखा जाने लगा।

करवा चौथ की परंपराएं और रीति-रिवाज

करवा चौथ के दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले होती है, जब विवाहित महिलाएं अपनी सास द्वारा दी गई सरगी का सेवन करती हैं। सरगी में फल, मिठाई, मेवे और दूध से बने पकवान शामिल होते हैं। सरगी का सेवन करने के बाद महिलाएं पूरा दिन बिना अन्न और जल का सेवन किए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को रखना आसान नहीं होता, लेकिन महिलाएं इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ करती हैं। दिनभर पूजा की तैयारियां की जाती हैं, जिसमें महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और नए वस्त्र धारण करती हैं।

सोलह श्रृंगार का महत्व

करवा चौथ के दिन सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है। इसमें चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, पायल, बिछुआ, काजल, गजरा आदि शामिल होते हैं। सोलह श्रृंगार भारतीय स्त्रियों की सुंदरता और उनके वैवाहिक जीवन का प्रतीक माने जाते हैं। यह श्रृंगार न केवल शारीरिक सुंदरता को दर्शाता है, बल्कि इसके पीछे भावनात्मक और धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी होती हैं।

पूजा विधि और चंद्र दर्शन

संध्या समय महिलाएं करवा चौथ की पूजा करती हैं। पूजा के दौरान मां पार्वती, भगवान शिव, और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। करवा चौथ की थाली सजाई जाती है, जिसमें करवा (मिट्टी का पात्र), दीपक, चावल, रोली, और मिठाई रखी जाती है। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं। चंद्रमा को देखकर उसे अर्घ्य देने के बाद पति द्वारा पानी पिलाकर व्रत तोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया भारतीय वैवाहिक संबंधों की गहरी भावनाओं को दर्शाती है।

आधुनिक समय में करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ, जो पहले केवल धार्मिक और पारंपरिक दृष्टिकोण से मनाया जाता था, आजकल एक सामाजिक उत्सव के रूप में भी देखा जाने लगा है। आधुनिक समय में भी इस व्रत का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि यह और भी लोकप्रिय हो गया है। आजकल महिलाएं न केवल धार्मिक कारणों से बल्कि अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण को व्यक्त करने के लिए भी करवा चौथ का व्रत रखती हैं। सोशल मीडिया पर इस दिन की तस्वीरें, वीडियोज और लाइव स्ट्रीमिंग साझा की जाती है, जिससे इस पर्व का महत्त्व और भी बढ़ गया है।

सोशल मीडिया और करवा चौथ

करवा चौथ अब केवल घर तक सीमित नहीं है। आजकल यह पर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ट्रेंड करता है। महिलाएं अपने सोलह श्रृंगार की तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं, जो न केवल व्यक्तिगत तौर पर महत्वपूर्ण होती हैं, बल्कि उनके फॉलोवर्स के बीच एक चर्चा का विषय भी बन जाती हैं। इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेत्रियों और टीवी सेलेब्रिटीज के करवा चौथ मनाने की तस्वीरें भी अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं।

करवा चौथ की तैयारी

करवा चौथ की तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। महिलाएं नए कपड़े, गहने, और श्रृंगार की वस्तुएं खरीदती हैं। साथ ही, मेहंदी लगवाने का विशेष प्रचलन है। इस दिन बाजारों में भी काफी रौनक रहती है, खासकर चूड़ियों, बिंदी, सिंदूर और मेहंदी की दुकानों पर। महिलाएं अपने हाथों में विशेष डिजाइन वाली मेहंदी लगवाती हैं, जो इस व्रत का एक अभिन्न हिस्सा है।

सरगी का महत्व

करवा चौथ की शुरुआत सरगी से होती है, जो कि सास द्वारा दी जाती है। यह एक प्रकार का आशीर्वाद माना जाता है, जिसमें फल, मिठाई, और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ होते हैं। सरगी का सेवन सूर्योदय से पहले किया जाता है और इसे खाने के बाद महिलाएं व्रत की शुरुआत करती हैं। सरगी का आहार इस व्रत को पूरा करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है, इसलिए इसका विशेष महत्व है।

करवा चौथ के दौरान क्या करें और क्या न करें

इस व्रत को सफलतापूर्वक और धार्मिक दृष्टिकोण से पूर्ण करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है:

क्या करें:

  1. सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करें: सरगी आपकी ऊर्जा को बनाए रखने में मदद करती है, इसलिए इसे अच्छे से खाएं।
  2. पूरे दिन सकारात्मक सोच रखें: करवा चौथ व्रत को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  3. सोलह श्रृंगार करें: यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपको एक विशेष आत्मविश्वास भी देता है।
  4. पूजा विधि को पूरी श्रद्धा के साथ करें: शाम को करवा चौथ की पूजा में पूरी आस्था रखें और चंद्रमा को अर्घ्य दें।

क्या न करें:

  1. जल और अन्न का सेवन न करें: करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है, इसलिए दिनभर जल और अन्न का सेवन नहीं किया जाता।
  2. नकारात्मक विचारों से दूर रहें: इस दिन सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखें।
  3. व्रत को अधूरा न छोड़ें: व्रत का सही समय पर विधिपूर्वक समापन करें। चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत तोड़ें।

करवा चौथ का भविष्य और युवा पीढ़ी

आधुनिक समय में करवा चौथ का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्सव के रूप में भी बढ़ गया है। युवा पीढ़ी भी अब इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाने लगी है। भले ही वे धार्मिक रूप से उतने पारंपरिक न हों, लेकिन यह व्रत उनके लिए अपने जीवन साथी के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक बन गया है। युवा महिलाएं अपने पति के साथ यह दिन विशेष रूप से मनाती हैं, और इस पर्व की सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाती हैं।

करवा चौथ आज की पीढ़ी के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना पहले था। यह पर्व पति-पत्नी के बीच के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है और उनके जीवन में प्रेम, विश्वास, और आपसी सम्मान को बढ़ावा देता है।

यह भी पढ़ें: Karwa Chauth 2024: पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत तो इन बातों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें गलतियां

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
करवा चौथ करवा चौथ 2024 करवा चौथ का इतिहास करवा चौथ का महत्व करवा चौथ का व्रत करवा चौथ का व्रत कैसे रखें करवा चौथ का शुभ मुहूर्त करवा चौथ का शुभ मुहूर्त 2024 करवा चौथ का सोलह श्रृंगार करवा चौथ की कहानी करवा चौथ की तैयारी करवा चौथ की पूजा विधि करवा चौथ की पूजा सामग्री करवा चौथ के रीति-रिवाज करवा चौथ क्यों मनाते हैं करवा चौथ पूजा विधि करवा चौथ रीति-रिवाज करवा चौथ व्रत कथा करवा चौथ सरगी सोलह श्रृंगार
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Articleकरवा चौथ 2024: जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत की विधि, जो बनाएगी आपके रिश्ते को और भी मजबूत
Next Article Gujarat High Court Computer Operator Exam: Complete Guide with Solved Papers in PDF
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83
newsmug 13 Views

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83: बड़ी खबर! ₹69,000 होगा न्यूनतम वेतन? कर्मचारी संगठनों की नई मांग

Karva Chauth 2026 Date
त्योहारों और परंपराओं Updated:10/08/202614 Views

Karva Chauth 2026 Date: शुभ समाचार! जानें चाँद निकलने का समय, पूजा विधि और 101 अचूक नियम

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026
News 4 Views

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026: खुशखबरी! 3 करोड़ नए घरों के लिए आवेदन शुरू, जानें नए नियम और पात्रता

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026
News 155K Views

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

Donald Trump China Visit 2026
News 1,897 Views

Donald Trump China Visit 2026: जिनपिंग ने ट्रंप को सामने बिठाकर धमकाया— ‘ताइवान रेड लाइन है, दखल न दें’

Miss Universe India 2025
News Updated:19/02/20262 Views

Miss Universe India 2025 Winner: मनिका विश्वकर्मा की जीत का सच और १०,०००+ शब्दों की सम्पूर्ण बायोग्राफी

Comments are closed.

Vishwakarma Puja 2026

Vishwakarma Puja 2026: शुभ मुहूर्त! 17 सितम्बर को मनेगी विश्वकर्मा पूजा, जानें विधि, कथा और औजारों के नियम

02/09/2026
Eco-Friendly Rakhi 2026

Eco-Friendly Rakhi 2026: शानदार पहल! भाई को बांधें ‘बीज वाली राखी’, जानें घर पर बनाने की विधि और लाभ

26/08/2026
iPhone 18 Pro Max Launch Date India

iPhone 18 Pro Max Launch Date India: बड़ा खुलासा! जानें संभावित कीमत, फीचर्स और 5 गुप्त लीक

23/08/2026
हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण

हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण: सावधान! शरीर में खून की कमी दूर करने के 101 घरेलू उपाय और मेडिकल इलाज

23/08/2026
Free Apps to Replace Expensive Software

Free Apps to Replace Expensive Software: शानदार बचत! 50+ फ्री टूल्स जो प्रीमियम सॉफ्टवेयर की छुट्टी कर देंगे

23/08/2026
Janmashtami 2026 Rohini Nakshatra

Janmashtami 2026 Rohini Nakshatra: बड़ी खबर! जानें 4 सितम्बर को कब लगेगा नक्षत्र और कृष्ण जन्म का महामुहूर्त

23/08/2026
Top AI Tools for Work 2026

Top AI Tools for Work 2026: धमाका! काम को 10x तेज़ बनाने वाले 30+ टूल्स की पूरी गाइड और इस्तेमाल का तरीका

22/08/2026
सल्फास खाने के बाद जान कैसे बचाएं

सल्फास खाने के बाद जान कैसे बचाएं? इमरजेंसी गाइड! जानें अस्पताल ले जाने से पहले के 5 जरूरी कदम

22/08/2026
Onam 2026 Date

Onam 2026 Date: बड़ी खबर! जानें तिरुओणम का शुभ मुहूर्त, 10 दिनों की सूची और साद्या का महत्व

21/08/2026
PM Awas Yojana 2.0 Online Apply 2026

PM Awas Yojana 2.0 Online Apply 2026: शानदार! ₹25 लाख का लोन और 4% सब्सिडी, ऐसे भरें फॉर्म

20/08/2026
8th Pay Commission Fitment Factor 3.83

8th Pay Commission Fitment Factor 3.83: बड़ी खबर! ₹69,000 होगा न्यूनतम वेतन? कर्मचारी संगठनों की नई मांग

20/08/2026
Raksha Bandhan Wishes in Hindi

 Raksha Bandhan Wishes in Hindi: बड़ी खबर! 1001+ अट्रैक्टिव राखी संदेश और स्टेटस, यहाँ से करें कॉपी-पेस्ट

19/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.