Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - News - Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare – लाल मूली की खेती कैसे करें
News KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare – लाल मूली की खेती कैसे करें

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
lal-mooli-red-radish-ki-kheti-kaise-kare-in-hindi
Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare

Table of Contents

Toggle
  • लाल मूली की उन्नत खेती कैसे करें Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare
  • लाल मूली की उन्नत खेती के लिए आवश्यक भूमि व जलवायु (Soil and Climate for Lal Mooli Kheti)
  • लाल मूली की उन्नत खेती के लिए खेत की तैयारी (Lal Mooli Ki Kheti Ke Liye Khet Ki Taiyari)
  • लाल मूली की उन्नत किस्में (Improved Varieties of Red Radish)
  • खाद एवं उर्वरकों की मात्रा (Quantity of Manure and Fertilizers)
  • बीज की मात्रा (Seeds Rate)
  • बुवाई का समय एवं विधि (Sowing Time and Method)
  • सिंचाई (Irrigation)
  • निकाई-गुड़ाई (Hoeing)
  • मिट्‌टी चढ़ाना (Earthing)
  • मूली को उखाड़ना (Harvesting)
  • उपज (Yield)
  • बीमारियां एवं कीट नियन्त्रण (Diseases and Insect Control)

Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare – लाल मूली की खेती

लाल मूली की उन्नत खेती कैसे करें Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare

लाल मूली नाम सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन जो किसान हैं, वह इसके गुणों से भली भांती परिचित है। सालों पहले भारत के बिहार में की जाने वाली लाल मली की उन्नत खेती करीब-करीब विलुप्त हो चुकी है। जो लाेग अपनी सेहत को लेकर सचेत है, वही लोग इन दिनों लाल मूली की खेती करते है। आपकों जानकर हैरानी होगी कि, उच्च श्रेणी के सब्जी बाजार की दुकानों पर लाल मूली की कीमत 500 से 800 रुपए प्रति किलो में बेची जाती है। फाइव-स्टार होटल में लाल मूली की अधिक मांग रहती है। विटामिन से भरपूर इन लाल मूलियों को आमतौर पर सलाद, पराठे एवं कच्ची सब्जी के रूप में सेवन किया जाता है। इसका छिलका लाल रंग का जो तीखा न होकर कुरकुरा, मुलायम तथा खाने में बेहद ही स्वादिष्ट होता हैं ।

आपकों जानकर हैरानी होगी कि, लाल मूली की दो किस्में होती हैं जो गोलाकार तथा लम्बी आकार की होती हैं। इसका अधिकांश उपयोग सलाद व विवाहिक समारोह में भोजन की सजावट के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। लाल मूली को आमतौर पर कच्चा ही खाया जाता है। सफेद मूली की तरह इसमें तीखापन अधिक नहीं होता है। यह खाने में बेहद ही स्वादिष्ट होती है तथा इसमें पोषक-तत्वों की भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यदि लाल मूली का सेवन प्रतिदिन भोजन के पूर्व सलाद के रूप में किया जाए तो शीघ्र पाचन व रक्त का शुद्धीकरण होता है। यदि आप भी लाल मूली के गुणों का लाभ लेना चाहते हैं, तो इसका सेवन छिलका समेत करें।

lal-mooli-red-radish-ki-kheti-kaise-kare-in-hindi
Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare

लाल मूली की उन्नत खेती के लिए आवश्यक भूमि व जलवायु (Soil and Climate for Lal Mooli Kheti)

लाल मूली- सफेद मूली की भांति हल्की बलुई दोमट मिट्‌टी में आसानी से उगाई जा सकती है। कृषि वैज्ञानिक लाल मूली को मेड़ों पर लगाने की सलाह देते हैं, कारण मिट्‌टी में मौजूद जीवांश-पदार्थों की मात्रा लाल मूली की फसल को पर्याप्त मात्रा में मिल सके। इसकी खेती के लिए भूमि का पी.एच. मान 6.5-7.5 के बीच होना आवश्यक है।

लाल मूली की फसल के लिए ठण्डी जलवायु का होना बेहद ही आवश्यकता है। इसका सीधा सा कारण यह है कि, यह एक शरद ऋतु की फसल है। जिसे ग्रोथ करने के लिए ठन्ड की अधिक जरूरत रहती है। अर्थात् 30-32 डी०सेग्रेड तापमान इसकी फसल के लिए उचित रहता है। वहीं दूसरी ओर  20- 25 डी०सेग्रेड के तापमान हो तो यह सोने पर सुहागा होता है। उक्त तापमान पर लाल मूली की फसल अधिक वृद्धि करती है।

लाल मूली की उन्नत खेती के लिए खेत की तैयारी (Lal Mooli Ki Kheti Ke Liye Khet Ki Taiyari)

यदि आप भी लाल मूली की फसल बुवाई की तैयारी कर रहे हैं तो इसके पूर्व आपकों खेत की 4-5 जुताइयों की आवश्यकता पड़ती है। कारण यह जड़ वाली फसल है जिसे भुरभुरी मिट्‌टी की जरूरत पड़ती है। इस प्रकार से 1-2 जुताई मिट्‌टी पलटने वाले हल से तथा देशी हल या ट्रैक्टर ट्रिलर द्वारा करनी चाहिए। इस प्रकार से खेत का ढेले रहित व सूखी घास रहित होना जरूरी है । ढेले ना बनने हेतु प्रत्येक जुताई के बाद पाटा चलाना आवश्यक है। मिट्‌टी बारीक रहे जिससे जड़ें अधिक वृद्धि करें ।

लाल मूली की उन्नत किस्में (Improved Varieties of Red Radish)

लाल मूली- जोकि लम्बी एवं गोलाकार होती है । आमतौर पर इन्हें ही उगाया जाता है ये स्थानीय किस्मों को ही बोया जाता है जिससे अधिक उपज मिलती है ।

1. रैपिड रेड वाइट ट्रिटड- लम्बी जड़ वाली 2. स्कारलेट ग्लोब- गोलाकार जड़ वाली ही प्रसिद्ध किस्में हैं ।

खाद एवं उर्वरकों की मात्रा (Quantity of Manure and Fertilizers)

सड़ी गोबर की खाद 8-10 टन प्रति हैक्टर तथा नत्रजन 80 किलो, फास्फोरस 60 किलो तथा पोटाश 60 किलो प्रति हैक्टर देना चाहिए । फास्फोरस व पोटाश एवं आधी नत्रजन बुवाई से पहले दें तथा शेष नत्रजन की बची आधी मात्रा को 15-12 दिन बाद टोप-ड्रेसिंग के रूप में खड़ी फसल में दें।

lal-mooli-red-radish-ki-kheti-kaise-kare-in-hindi
Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare

बीज की मात्रा (Seeds Rate)

बीज की मात्रा प्रति हैक्टर 8-10 किलो पर्याप्त होती है लेकिन बुवाई छिटककर करनी हो तो 12-15 किलो प्रति हैक्टर की आवश्यकता पड़ती है ।

बुवाई का समय एवं विधि (Sowing Time and Method)

बुवाई का उचित समय सितम्बर से अक्टूबर के बीच का होता है। इसकी बुवाई के लिए आपकों खेतों में मेड् बनाकर करना चाहिए। पाैधों को 6-8 इंच ऊंची तथा 10-12 इंच चौड़ी बनाकर ऊपरी सतह पर 10-12 सेमी. की दूरी पर बीज को 2-3 मिमी. की गहराई पर बोना चाहिए, ताकि, शत-प्रतिशत बीज अंकुरित हो सकें। ध्यान रहे बीजों को भूमी में अधिक गहराई पर ना डालें कारण गहरा बीज कम अंकुरित हो पाता है। मेड से मेड की दूरी 45 सेमी. तथा पौधे से पौधे की दूरी 8-12 सेमी. रखते हैं ।

सिंचाई (Irrigation)

मूली को सबसे पहले पलेवा करके जुताई करें तब बीज को बोएं | जब बीज अंकुरित होकर 10-12 दिन की फसल हो जाए तो पहली बार सिंचाई करनी चाहिए तथा अन्य सिंचाई 10-12 दिन के अन्तराल से करनी चाहिए । इस प्रकार से  8-10 सिंचाई पर्याप्त होती हैं । पानी की मात्रा कम देते हैं जिससे मेड़ें डूब न पाएं।

निकाई-गुड़ाई (Hoeing)

इस फसल में अधिक निकाई-गुड़ाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। कारण यह है कि, लाल मूली की फसल 40 दिन में पकर तैयार हो जाती है। उक्त समयावधि में किसी प्रकार की कोई जंगली घास या पौधे नहीं उग पाते है। यदि उग भी जाते हैं तो उसे हाथ से उखाड़ा जा सकता है। इस प्रकार से आवश्यकता पड़ने पर जंगली घास निकालने के लिये एक-दो निकाई-गुड़ाई की आवश्यकता पड़ती है ।

मिट्‌टी चढ़ाना (Earthing)

मूली बोने के लिए गूल बनाना आवश्यक हैं कारण यह जड़ वाली फसल है, इसकी पैदावार गूलों पर बोने से अधिक मिलती है । मिट्‌टी बाद में कम चढ़ाई जाती है। मोटे आकार की धूल पर अधिक बीज लगता है ।

मूली को उखाड़ना (Harvesting)

तैयार मूली को खेत में से निकालते रहना चाहिए । इस प्रकार से मूली की जड़ों को साफ करके पत्तियों सहित बाजार या सब्जी की दुकानों पर बिक्री के लिये भेजते हैं । ताकि जड़ व पत्तियां मुरझा ना पायें, ताजी बनी रहें ।

उपज (Yield)

उपज अच्छी देखभाल होने पर 20-25 क्विंटल प्रति हैक्टर तक पर्याप्त होती है । जड़ों को अधिक दिन की ना करें अन्यथा बीज से खराब हो जाती है । समय पर खोदना चाहिए ।

बीमारियां एवं कीट नियन्त्रण (Diseases and Insect Control)

बीमारी अधिकतर पत्तियों पर धब्बे लगाने वाली लगती है । जिसका-नियन्त्रण फफूंदीनाशक बेवस्टीन से बीज उपचारित करके बोयें तथा 0.2% के घोल का स्प्रे करें ।

कीट अधिक एफिडस, सुण्डी अधिक लगती है । रोकथाम के लिये रोगोर, मेलाथियोन का 1% का घोल बनाकर स्प्रे करने से नियन्त्रण हो जाता है ।

इसे भी पढ़े :

  • सुपर फूड मखाने की खेती से किसान कर रहे हैं लाखों का मुनाफा
  • 1000+ Amazing Facts in Hindi | अनसुनें रोचक तथ्य हिंदी में पढ़े यहां !

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
how do you grow radishes how to plant radish seeds Lal Mooli (Red Radish) Lal Mooli (Red Radish) Ki Kheti Kaise Kare mooli ki kheti radish growing time radish growing tips
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026
News 2 Views

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026: खुशखबरी! 3 करोड़ नए घरों के लिए आवेदन शुरू, जानें नए नियम और पात्रता

Friendship Day 2026 Date in India
Hindi 5 Views

Friendship Day 2026 Date in India: शानदार! जानें सही तारीख, इतिहास और दोस्तों के लिए 101 दिल छू लेने वाली विशेस

August School Holidays 2026 List India
Education 6 Views

August School Holidays 2026 List India: (खुशखबरी) अगस्त में छुट्टियों की भरमार! देखें स्कूलों और बैंकों की पूरी सूची

Inspirational Hindi Quotes for Life
News 7 Views

Inspirational Hindi Quotes for Life: 1001+ अनमोल विचार जो आपकी ज़िंदगी बदल देंगे (2026)

सपने में बाल गोपाल देखना क्या संकेत देता है
सेहत 2 Views

सपने में बाल गोपाल देखना क्या संकेत देता है? (101 रहस्य) जानें शुभ-अशुभ फल और जन्माष्टमी 2026 का महायोग

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026
News 155K Views

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?

04/08/2026
घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!

घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!

04/08/2026
चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

04/08/2026
मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

04/08/2026
अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!

अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!

04/08/2026
समुंदरी परी डॉल्फ़िन: बच्चों के लिए 10 हैरान करने वाले तथ्य!

समुंदरी परी डॉल्फ़िन: बच्चों के लिए 10 हैरान करने वाले तथ्य!

04/08/2026
Best Hindi Novels to Read

Best Hindi Novels to Read: अदभुत! 25+ कालजयी उपन्यास जो हर भारतीय को पढ़ने चाहिए (2026)

04/08/2026
गोदान उपन्यास का सारांश

गोदान उपन्यास का सारांश: विश्व प्रसिद्ध! मुंशी प्रेमचंद के महाकाव्य का संपूर्ण विश्लेषण और 101 अनसुने तथ्य

04/08/2026
सपने में मंदिर देखना

सपने में मंदिर देखना क्या संकेत देता है? (101 रहस्य): अदभुत! जानें शुभ-अशुभ फल और अचूक उपाय

04/08/2026
नदी नाव संजोग का अर्थ

नदी नाव संजोग का अर्थ: शाश्वत सत्य! कबीर के इस पद का गहरा रहस्य और 2026 के लिए जीवन दर्शन

04/08/2026
खजुराहो मंदिर का रहस्य

खजुराहो मंदिर का रहस्य: अदभुत! 101 अनसुने तथ्य, इतिहास और मूर्तियों के पीछे का आध्यात्मिक सच

04/08/2026
jaishankar-prasad-biography-in-hindi

जयशंकर प्रसाद की जीवनी: प्रेरणादायक! छायावाद के जनक का जीवन परिचय, रचनाएं और साहित्यिक योगदान

04/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Duniya ka wo shahar jahan raat nahi hoti

 इस शहर में अगले 84 दिनों तक नहीं डूबेगा सूरज! जानिए क्या है ‘Midnight Sun’ की अनोखी घटना

13/05/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.