Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - News - Bahula Chaturthi 2022: बाहुला चतुर्थी व्रत 2022 कथा महत्व और व्रत विधि
News KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

Bahula Chaturthi 2022: बाहुला चतुर्थी व्रत 2022 कथा महत्व और व्रत विधि

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
bahula-chaturthi-2022-katha-mahatv-vrat-vidhi

Table of Contents

Toggle
  • महत्वपूर्ण जानकारी
  • Bahula Chaturthi 2022 कथा महत्व और व्रत विधि
    • बहुला चतुर्थी का महत्व
    • बहुला चौथ कथा (Bahula Chauth Vrat Katha )
    • बहुला चतुर्थी व्रत का संपूर्ण तरीका

महत्वपूर्ण जानकारी

  • बहुला चतुर्थी व्रत
  • गुरुवार, 11 अगस्त 2022
  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 10 अगस्त 2022 दोपहर 02:16 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्ति – 11 अगस्त 2022 सुबह 10:38 बजे

Bahula Chaturthi 2022 कथा महत्व और व्रत विधि : गुरुवार, 11 अगस्त 2022 को बहुला चतुर्थी है. भारत के कई प्रांतों में इसे संकट चौथ भी कहा जाता हैं. भाद्रपद माह की कृष्ण चतुर्थी को पशु प्रेम और धार्मिक परम्परा का निर्वहन करते हुए इसे मनाते हैं. इस दिन भगवान् श्री गणेश जी व्रत भी धारण किया जाता हैं. इस दिन हिंदू धर्म के प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश और गौ माता की पूरे श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना भी की जाता हैं.

Bahula Chaturthi 2022 कथा महत्व और व्रत विधि

bahula-chaturthi-2022-katha-mahatv-vrat-vidhi

11 अगस्त 2022 की सुबह से बहुला चतुर्थी का व्रत प्रारम्भ होगा. जो संध्या को चन्द्रदर्शन के साथ समाप्त होगा. इस दिन विशेषकर नवविवाहित महिलाएं स्नान कर पूर्ण श्रद्धा के साथ गणेश जी का व्रत आराधना आरम्भ करती हैं. जब शाम हो जाती हैं, तो पुन: नहा-धोकर भगवान् श्री गणेश जी की पूजा पाठ किया जाता है.

बहुला चतुर्थी के दिन दूध, दुर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत गणेश जी को अर्ध्य चढ़ाया जाता हैं. पूर्ण भक्तिभाव से बहुला चतुर्थी का व्रत रखने से इंसानी जीवन की समस्त इच्छाएँ पूर्ण होती हैं.

साथ सारे मानसिक और शारीरिक रोग व कष्टों से मुक्ति मिलती हैं. इस दिन व्रत धारण करने भर से सन्तान और सुख-सम्पति की प्राप्ति होती हैं. बहुला चतुर्थी के दिन गेहूँ तथा चावल से बने उत्पादों का उपयोग करना पाप माना जाता है

बहुला चतुर्थी का महत्व

बहुला चौथ का पर्व मुख्य रूप से भारत के गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध हैं. गो-पालक भगवान श्री कृष्ण के भक्त मुख्य रूप से इन्हे मनाते हैं. कृषक समाज के इस त्यौहार में गाय, बछड़े और बैल की पूजा की जाती हैं.

कान्हा अपने सम्पूर्ण जीवन में गोचरण का कार्य किया करते थे. गाय कृषक की जिन्दगी का अहम हिस्सा होती हैं. कृषि कार्यो में उपयोगी होने के साथ-साथ गाय को भारतीय संस्कृति में माँ का दर्जा प्राप्त हैं. इस कारण इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता हैं.

यह बहुला भगवान् श्री कृष्ण की प्रिय गाय थी. जिन्हें इनको बड़ा प्रेम था. भादों कृष्ण चौथ के गाय के दूध और चाय काफी पीने से परहेज करना चाहिए. माँ कही जाने वाली गाय के इन चीजो का बहुला चतुर्थी के दिन उपयोग करने से पाप लग सकता हैं.

बहुला चौथ कथा (Bahula Chauth Vrat Katha )

बहुला चतुर्थी की कथा में गाय और शेर के मध्य की मार्मिक कहानी बेहद प्रचलित हैं. कृष्ण जी ने अवतार के बाद बचपन और युवावस्था तक कई रास-लीलाए की. बड़े होने के पश्चात वे गायो के ग्वाले बन जाते हैं.

पिता नन्द बाबा की गौशाला से उनको गाय का एक छोटा सा बछड़ा उनका मन मोह लेता हैं. अब कृष्ण अपना अधिकतर समय इसी बहुला नामक गाय के साथ ही बिताते थे. जब वे गाये चारने जाते तो यह भी उनके साथ ही रहता था.

एक दिन कृष्ण बहुला की परीक्षा लेने के लिए जहाँ वह चरने जाती हैं, उपस्थित होकर उनका शिकार करने का बहाना करके आगे बढ़ते हैं, कि बहुला कहती हैं. मेरा बछड़ा सुबह से भूखा प्यासा हैं, मुझे उन्हें दूध पिलाने एक बार वापिस जाने दो. मै वापिस लौट आऊ तक मेरा भक्षण कर लेना.

इस बात पर बड़ी मुश्किल से कसम खाकर वह शेर से वापिस घर आने की अनुमति लेती हैं. नन्द की गौशाला आने के बाद बहुला अपने बछड़े को खूब प्यार दुलार कर दूध पिलाकर वापिस उस शेर की मांद पर जाती हैं. अपने वचन के मुताबिक वह शेर से कहती हैं. अब मेरा शिकार कर अपनी भूख मिटा लो.

तभी भगवान् कृष्ण अपने असली रूप में प्रकट होते हैं और बहुला से कहते हैं. बहुला ये तो तुम्हारी परीक्षा थी, आज तुम अपनी इस परीक्षा में सफल हुई. मै तुम्हे वर देता हु,, भादों की कृष्ण चतुर्थी आज से बहुला चतुर्थी के रूप में जानी जाएगी.

और पूरी मानव जाती तुम्हे माँ मानकर इस दिन तुम्हारी पूजा अर्चना करेगी. तथा इस दिन तुम्हारे लिए जो व्रत रखेगा उसकी मनोकामना पूरी होने के साथ ही सभी सुखो की प्राप्ति होगी.

बहुला चतुर्थी व्रत का संपूर्ण तरीका

इस व्रत के दिन परिवार का प्रत्येक सदस्य बहुला चतुर्थी का व्रत को स्वेच्छा से करता हैं. पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम के समय पूजा के साथ ही उपवास तोड़ा जाता हैं. मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में बहुला चौथ को अलग-अलग तरीके से मनाया जाता हैं.

इस दिन गाय अथवा बछड़े को मिटटी का बनाया जाता हैं, जिनकी शाम को पूजा होती हैं. पूजा पाठ के बाद बहुला चतुर्थी कथा का वाचन होता हैं.

घर से बाहर या आंगन में खुले आसमा के निचे सभी परिवार के सदस्यों द्वारा उपवास तोडा जाता हैं. बहुला चतुर्थी के दिन मुख्य रूप से गाय के दूध से बनी किसी भी सामग्री का सेवन नही किया जाता हैं.

इस दिन सुबह जल्दी उठकर गाय को बाँधने की जगह साफ़ कर उन्हें हरा चारा खिलाया जाता हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बहुला चौथ के दिन गाय या बैल से किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करवाया जाता है.

यह भी पढ़े :

  • मकर संक्रांति 2023 कब हैं, महत्व, शुभ मुहूर्त और कथा | Makar Sankranti 2023 Date, Significance History and Story in Hindi
  • Gupt Navratri 2023 Date: इस दिन से शुरू हो रही हैं गुप्त नवरात्रि 2023

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
bahula chaturthi bahula chaturthi 2022 bahula chaturthi 2022 date bahula chaturthi 2022 mein kab hai बहुला चतुर्थी बहुला चतुर्थी 2022 बहुला चतुर्थी का महत्व बहुला चतुर्थी विशेष बहुला चतुर्थी व्रत कथा बहुला चतुर्थी व्रत की कथा
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

नदी नाव संजोग का अर्थ
धार्मिक और सांस्कृतिक 2 Views

नदी नाव संजोग का अर्थ: शाश्वत सत्य! कबीर के इस पद का गहरा रहस्य और 2026 के लिए जीवन दर्शन

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026
News 2 Views

PM Awas Yojana 2.0 Registration 2026: खुशखबरी! 3 करोड़ नए घरों के लिए आवेदन शुरू, जानें नए नियम और पात्रता

Friendship Day 2026 Date in India
Hindi 5 Views

Friendship Day 2026 Date in India: शानदार! जानें सही तारीख, इतिहास और दोस्तों के लिए 101 दिल छू लेने वाली विशेस

August School Holidays 2026 List India
Education 6 Views

August School Holidays 2026 List India: (खुशखबरी) अगस्त में छुट्टियों की भरमार! देखें स्कूलों और बैंकों की पूरी सूची

गौरी व्रत 2026
धर्म 3 Views

 गौरी व्रत 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ पार्वती की अटूट भक्ति का रहस्य

शीतला सातम 2026
कथाएँ 4 Views

शीतला सातम 2026: (सावधान) रंधन छठ और सातम की सही तारीख, मुहूर्त और बासी भोजन का वैज्ञानिक सच

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?

दिल्ली का जंतर-मंतर: किसने बनवाया और क्या है इसके 4 यंत्रों का रहस्य?

04/08/2026
घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!

घमंडी मोर और समझदार चिड़िया: बच्चों के लिए सुंदर जंगल कहानी!

04/08/2026
चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

चिराग की ईमानदारी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

04/08/2026
मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

मेहनत की पहली सीढ़ी: बच्चों के लिए प्रेरणादायक बाल कहानी!

04/08/2026
अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!

अयोध्या राम मंदिर दर्शन: परिवार व बच्चों के लिए यात्रा गाइड!

04/08/2026
समुंदरी परी डॉल्फ़िन: बच्चों के लिए 10 हैरान करने वाले तथ्य!

समुंदरी परी डॉल्फ़िन: बच्चों के लिए 10 हैरान करने वाले तथ्य!

04/08/2026
Best Hindi Novels to Read

Best Hindi Novels to Read: अदभुत! 25+ कालजयी उपन्यास जो हर भारतीय को पढ़ने चाहिए (2026)

04/08/2026
गोदान उपन्यास का सारांश

गोदान उपन्यास का सारांश: विश्व प्रसिद्ध! मुंशी प्रेमचंद के महाकाव्य का संपूर्ण विश्लेषण और 101 अनसुने तथ्य

04/08/2026
सपने में मंदिर देखना

सपने में मंदिर देखना क्या संकेत देता है? (101 रहस्य): अदभुत! जानें शुभ-अशुभ फल और अचूक उपाय

04/08/2026
नदी नाव संजोग का अर्थ

नदी नाव संजोग का अर्थ: शाश्वत सत्य! कबीर के इस पद का गहरा रहस्य और 2026 के लिए जीवन दर्शन

04/08/2026
खजुराहो मंदिर का रहस्य

खजुराहो मंदिर का रहस्य: अदभुत! 101 अनसुने तथ्य, इतिहास और मूर्तियों के पीछे का आध्यात्मिक सच

04/08/2026
jaishankar-prasad-biography-in-hindi

जयशंकर प्रसाद की जीवनी: प्रेरणादायक! छायावाद के जनक का जीवन परिचय, रचनाएं और साहित्यिक योगदान

04/08/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Duniya ka wo shahar jahan raat nahi hoti

 इस शहर में अगले 84 दिनों तक नहीं डूबेगा सूरज! जानिए क्या है ‘Midnight Sun’ की अनोखी घटना

13/05/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.