Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - News - रिटायर्ड कर्नल ने शुरू की ड्रैगन फ्रूट और चिया सीड्स की खेती
News 0 Views

रिटायर्ड कर्नल ने शुरू की ड्रैगन फ्रूट और चिया सीड्स की खेती

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
retired-colonel-harish-chandra-singh-started-the-cultivation-of-dragon-fruit-and-chia-seeds

Table of Contents

Toggle
  • हरीश चन्द्र सिंह (Retired Colonel Harish Chandra Singh)
  • पिता के साथ बचपन में ही सीखी थी खेती
  • तीन एकड़ ज़मीन से की खेती की शुरुआत
  • पहले ही साल में मिला बेहतर उत्पादन
  • ‘चिया सीड्स’ की खेती से भी होता है अच्छा मुनाफा
  • ‘चिया सीड्स’ की क्यों है बाज़ार में इतनी मांग?
  • एप्पल बेर’ की खेती भी किसानों के लिए है वरदान
  • ‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती भी देती है अच्छी कमाई
  • कैसे करें ‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती?

खेती किसानी से तो तकरीबन भारत देश का हर इंसान जुड़ा होता है. भले ही वह जीवन में आगे चलकर किसी दूसरे फील्ड को अपनाए, लेकिन अपने खेती बाड़ी के दिनों को वह शायद ही कभी भूल पाता है. कारण खेती बाड़ी आजीविका चलाने के साथ हमें जीवन में अन्न की क़ीमत का भी अहसास कराती है.

आज की हमारी यह ख़बर भी आर्मी के एक रिटायर्ड कर्नल से जुड़ी हुई है. उनके जीवन का एक लंबा हिस्सा आर्मी में रहकर देश की सेवा करते हुए बीता, लेकिन जब वह रिटायर होकर घर आ गए. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने एक दो जगह नौकरी भी की, लेकिन उनका मन नहीं लग सका, तो उन्होंने आखिरी में किसानी का रास्ता चुना. जिसके बाद मानों उनका जीवन ही बदल गया.

retired-colonel-harish-chandra-singh-started-the-cultivation-of-dragon-fruit-and-chia-seeds

हरीश चन्द्र सिंह (Retired Colonel Harish Chandra Singh)

यह रिटायर्ड कर्नल उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में रहते हैं. इनका नाम हरीश चन्द्र सिंह (Harish Chandra Singh) है. यह साल 2015 में आर्मी से बतौर कर्नल रिटायर पद पर रह चुके हैं. रिटायर होने के बाद इन्होंने खाली समय बिताने के लिए एक दो जगह नौकरी की लेकिन कहीं भी इनका मन नहीं लगा. लिहाजा सब कुछ छोड़ कर ये सुल्तानपुर के ज़िला सैनिक बोर्ड से जुड़ गए.

सारी उम्र आर्मी के साथ गुजारने वाले कर्नल हरीश चंद्र इस तरह घर पर खाली नहीं बैठना चाहते थे. इसलिए उन्होंने खेती करने पर मन बनाया. कारण बचपन के दिनों में भी वह खेती किया करते थे. इसलिए तीन साल पहले ही उन्होंने बाराबंकी में ज़मीन खरीदी और आज उसी पर बेहतरीन तरीके से खेती कर रहे हैं. आपको जानकर आश्चर्य होगी कि आज उनकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं.

पिता के साथ बचपन में ही सीखी थी खेती

हरीश चंद्र मीडिया को जानकारी देते हुए बताते हैं कि, ग्रामीण परिवेश से होने के चलते वह बचपन से ही खेती से जुड़े थे. पिता पेशे से तो अध्यापक थे, लेकिन वह घर पर खेती भी किया करते थे. ऐसे में पिता के साथ हरीश चंद्र भी खेती में उनका साथ देते थे. बचपन से ही पौधे लगाना, ग्राफ्टिंग करना सीख गए थे। साथ ही साथ वह आर्मी में नौकरी के दौरान भी पौधे लगाने का काम समय-समय पर करते रहते थे. इसी का नतीजा था कि उनकी दिलचस्पी लगातार खेती में बनी रही.

तीन एकड़ ज़मीन से की खेती की शुरुआत

हरीश चंद्र बताते हैं कि उनके गाँव के लोग हमेशा से परंपरागत खेती करते आए थे. लेकिन वह परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करना चाहते थे. उनकी तैयारी ‘सुपर मार्केट’ में बिकने वाले पौधों के फलों पर थी. तीन एकड़ ज़मीन खरीदकर खेती की शुरुआत की. शुरुआत में उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और एप्पल बेर के पौधे लगाए. करीब दो हज़ार ड्रैगन फ्रूट और 500 के करीब रेड और ग्रीन एप्पल के पौधे लगाए. इन पौधों को उन्होंने नागपुर और हैदराबाद से खरीदा था ताकि इनकी बेहतर बेहतर क़िस्म मिल सके. जैसे-जैसे उन्हें इन खेती से फायदा होता दिखाई दिया, उन्होंने ड्रैगन फ्रूट, एप्पल बेर, सेब, चिया सीड्स और ब्लैक गेहूँ की खेती भी शुरू कर दी.

पहले ही साल में मिला बेहतर उत्पादन

हरीश चंद्र बताते हैं कि शुरुआत में उनके मन में मौसम को लेकर संशय था कि फ़सल की बेहतर पैदावार होगी या नहीं. लेकिन उन्होंने पहले ही साल देखा कि लगभग 80 प्रतिशत पौधे पूरी तरह विकसित हो गए थे. इससे उनका मनोबल और बढ़ा. दूसरे साल उनके बोए एप्पल बेर से फल भी मिलने लगे. इसके बाद फिर सीड्स और ब्लैक गेहूँ की खेती में भी वह उतर गए. retired-colonel-harish-chandra-singh-started-the-cultivation-of-dragon-fruit-and-chia-seeds

‘चिया सीड्स’ की खेती से भी होता है अच्छा मुनाफा

हरीश चंद्र फिलहाल आधे एकड़ पर ‘चिया सीड्स’ की खेती भी करते हैं। चिया सीड्स से होने वाले मुनाफे से वह इतना प्रभावित हुए कि इस साल ही वह ‘चिया सीड्स’ की खेती बड़े पैमाने पर करने का विचार कर रहे हैं. ख़ास बात ये है कि ‘चिया सीड्स’ की फ़सल महज़ तीन महीने में ही तैयार हो जाती है।

यदि हम ‘चिया सीड्स’ की क़ीमत की बात करें तो ऑनलाइन बाज़ार में चिया सीड्स की क़ीमत फिलहाल 1500 से 2000 रूपये तक है. हालांकि, छोटे शहरों में चिया सीड्स की खेती करने में परेशानी ये है कि इस फ़सल को बेचने में थोड़ी दिक्कत होती है. लेकिन यदि ‘सुपर मार्केट’ में बेचा जाए तो वहाँ इसकी भरपूर मांग रहती है। हरीश चंद्र ने करीब ढाई क्विंटल सीड्स इस साल हाथों हाथ बेचे थे.

‘चिया सीड्स’ की क्यों है बाज़ार में इतनी मांग?

‘चिया सीड्स’ की इन दिनों बाज़ार में ख़ूब मांग की जा रही है. कारण है कि, चिया सीड्स लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. यदि हम इसके पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, जिंक, विटामिन B3, पोटेशियम आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. हड्डियों को भी मज़बूत बनाता है.

सामान्य लोगों को प्रतिदिन 20 ग्राम ‘चिया सीड्स’ का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. यदि हमें इसके अच्छे नतीजे चाहिए तो इसका सेवन दूध या पानी में भिगोकर करना चाहिए.

retired-colonel-harish-chandra-singh-started-the-cultivation-of-dragon-fruit-and-chia-seeds

एप्पल बेर’ की खेती भी किसानों के लिए है वरदान

हरीश चंद्र बताते हैं कि यदि कोई किसान कम लागत में बेहतर आमदनी करना चाहता है, तो उसके लिए ‘एप्पल बेर’ की खेती एक वरदान साबित होगी. इस खेती के लिए ना तो कोई विशेष ज़मीन चाहिए, ना ही कोई विशेष तापमान. बस ध्यान रखें कि खेती वाली जगह पर जलजमाव की स्थिति न उत्पन्न होती हो.

एप्पल बेर की खेती को करके किसान साल भर में दो से तीन गुना मुनाफा कमा सकते हैं. इसकी ज्यादातर वैराइटी बाहर से आती हैं। इसलिए इसके बीज की क़ीमत बाज़ार में 30 से 40 रुपए तक होती है.

‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती भी देती है अच्छी कमाई

यदि हम कमाई की बात करें तो ‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती भी अच्छी कमाई देती है. लेकिन इसमें परेशानी ये है कि इसकी खेती में ख़र्चा भी अधिक करना पड़ता है. साथ ही इसकी खेती की देखभाल में भी काफ़ी परेशानी होती है. यदि कोई किसान छोटे शहर में इसकी खेती करने जा रहा है, तो उसे फल बेचने में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि इसकी डिमांड ज्यादातर ‘सुपर मार्केट’ में ही होती है.

retired-colonel-harish-chandra-singh-started-the-cultivation-of-dragon-fruit-and-chia-seeds

कैसे करें ‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती?

ड्रैगन फ्रूट की खेती करना कोई बहुत कठिन काम नहीं है. सबसे पहले आप इसके बीज खरीद लीजिए. जिसके बाद बीज अच्छे क़िस्म का हो और यदि संभव हो तो ग्राफ्टेड प्लांट ही खरीद लीजिए. क्योंकि बीज को पौधा बनाने में समय के साथ मेहनत भी ज़्यादा लगती है. बुआई करने के बाद नियमित तौर पर इसकी देखभाल और निडाई करते रहिए. ताकि पौधे के आसपास खरपतवार ना उगें. बुआई के करीब एक साल बाद पौधा पूरी तरह से तैयार हो जाता है, जबकि दूसरे साल तो इसके पौधे में फल भी आने लगते हैं. इसी पौधे से तीसरे साल तक भी फल प्राप्त किए जा सकते हैं.

ड्रैगन फ्रूट के लिए तापमान हमेशा 10 से 40 डिग्री के बीच में ही होना चाहिए. इसकी बुआई मार्च से जुलाई माह के बीच कभी भी की जा सकती है. इस फ़सल के लिए किसी विशेष तरह की मिट्टी की भी ज़रूरत नहीं पड़ती है. साथ ही ये फ़सल कम पानी में बेहतर उत्पादन दे सकती है.

‘ड्रैगन फ्रूट’ हमारे शरीर के लिए एक तरह से सुरक्षा कवच का काम करता है. इसका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है. स्वस्थ शरीर के लिए, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए, हृदय रोग के लिए, वज़न घटाने के लिए साथ ही बालों को काले रखने में भी ड्रैगन फ्रूट मददगार सिद्ध होता है.

इसे भी पढ़े :
  • 90 साल की दादी माँ बैग बनाकर करती हैं कमाई
  • गुजरात में बनने जा रही है गधों की डेयरी
  • इंसान के ही नहीं बल्कि पक्षियों के भी अन्नदाता हैं ये किसान
  • Dogecoin क्रिप्टोकरेंसी आपको दिला सकती है फायदा

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
Retired Colonel Harish Chandra Singh हरीश चन्द्र सिंह
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

Donald Trump China Visit 2026
News 1,895 Views

Donald Trump China Visit 2026: जिनपिंग ने ट्रंप को सामने बिठाकर धमकाया— ‘ताइवान रेड लाइन है, दखल न दें’

LPG Subsidy Alert 2026
Education 54 Views

 LPG Subsidy Alert 2026 : बस एक SMS और बंद हो जाएगी गैस सब्सिडी! 10 लाख की आय वालों के लिए नए नियम जारी

स्मार्ट मीटर
Education 25 Views

स्मार्ट मीटर क्या है 2026? | स्मार्ट बिजली के फायदे, नुकसान, रिचार्ज पूरी जानकारी

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026
News 10 Views

 PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: आवेदन, पात्रता और सब्सिडी की महा-गाइड

एलपीजी गैस सिलेंडर
News 4 Views

एलपीजी गैस सिलेंडर केवाईसी: सुरक्षा और सब्सिडी के लिए ज़रूरी

lpg gas price today
News 5 Views

LPG Gas Price Today 2026: आज सिलेंडर का रेट कितना है?

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

Agentic AI क्या है? जब AI सिर्फ जवाब नहीं, फैसले भी लेने लगे

04/06/2026

क्या जानवर भूकंप से पहले खतरा भाँप लेते हैं? विज्ञान, अनुभव और अनसुने संकेत

03/06/2026

Ocean Mysteries: समुद्र के अंदर छिपे ऐसे खतरनाक रहस्य जो आज भी अनदेखे हैं

25/05/2026
भोजन का अनदेखा असर

भोजन का अनदेखा असर: सात्विक भोजन के फायदे, तन-मन और धरती के लिए (संपूर्ण गाइड)

25/05/2026
सुबह की दो आदतें जो आपका जीवन बदल देंगी

सुबह की दो आदतें जो आपका जीवन बदल देंगी: (2026) सफलता और मानसिक शांति का गुप्त सूत्र

25/05/2026

Silent लोग ज्यादा Observe क्यों करते हैं? जानिए शांत लोगों की Hidden Psychology

23/05/2026

नींद के दौरान हमारे शरीर में क्या-क्या होता है? शरीर के अंदर चलने वाली रहस्यमयी प्रक्रियाएं

23/05/2026

रात में इंसान ज्यादा Emotional क्यों हो जाता है? Psychological और Scientific कारण

22/05/2026
Good Evening Motivational Quotes in Hindi

15 Good Evening Motivational Quotes in Hindi – सकारात्मक शाम, सफल कल का निर्माण

22/05/2026
Self Respect और Ego में क्या फर्क है

Self Respect और Ego में क्या फर्क है? जानिए कब सम्मान घमंड में बदल जाता है

22/05/2026

Living Happiness The Right Way (Part 1)

22/05/2026

खुशियों को सही तरीके से जिएं (भाग 1)

22/05/2026
Must Read
Hanta Virus कितना खतरनाक है यह जानलेवा वायरस

Hanta Virus: कितना खतरनाक है यह जानलेवा वायरस?

14/05/2026
दुनिया के 15 रहस्यमयी वैज्ञानिक प्रयोग

दुनिया के 15 रहस्यमयी वैज्ञानिक प्रयोग जिनका सच आज भी लोगों को डराता है

13/05/2026
सपने में हेलीकॉप्टर देखना

सपने में हेलीकॉप्टर देखना क्या संकेत देता है? जानें उड़ान, सफलता, सफर और दुर्घटना के 11 रहस्यमयी अर्थ

14/05/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
AI के ऐसे रहस्य जो आपका दिमाग हिला देंगे
9.0

AI के ऐसे रहस्य जो आपका दिमाग हिला देंगे

14/05/2026
Strait of Hormuz क्या है

Strait of Hormuz: क्यों यह छोटा रास्ता दुनिया की अर्थव्यवस्था तय करता है?

14/05/2026
El Niño क्या है

El Niño क्या है? जानें कारण, असर और भारत पर प्रभाव

14/05/2026
कुत्ते की आँख से दुनिया कैसी दिखाई देती होगी

कुत्ते की आँख से कैसा दिखता है? जानिए कुत्ते दुनिया को कैसे देखते हैं

14/05/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.