Close Menu
News MugNews Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube Telegram
Facebook Instagram Pinterest YouTube
News Mug
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • News
    • बड़ी खबर
    • देशी News
    • पड़ताल
      • क्राईम
    • खबर दस्त
  • Madhya Pradesh
    • Nagda
    • Ujjain
  • Uttar Pradesh
    • भैंरट
    • Bihar News
  • हिंदी लोक
    • धर्म
    • निबंध
  • आत्मनिर्भर भारत
    • देशी लोग
    • रोजगार
    • स्वदेशी
  • सेहत
News MugNews Mug
Home - धर्म - श्री गणेश आरती – जय गणेश जय गणेश देवा (Shri Ganesh Aarti Lyrics in Hindi with Meaning)
धर्म KAMLESH VERMABy KAMLESH VERMA

श्री गणेश आरती – जय गणेश जय गणेश देवा (Shri Ganesh Aarti Lyrics in Hindi with Meaning)

4 Views
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Telegram
श्री गणेश आरती
श्री गणेश आरती

श्री गणेश आरती – जय गणेश जय गणेश देवा (Shri Ganesh Aarti Lyrics in Hindi with Meaning)

“जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।” – यह दिव्य ध्वनि जैसे ही कानों में पड़ती है, मन स्वतः ही भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है। श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti) हिंदू धर्म की सबसे प्रसिद्ध और सर्वमान्य आरतियों में से एक है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, अनुष्ठान या त्योहार का आरंभ भगवान गणेश की वंदना से ही होता है, और उनकी आरती के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती।

भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति और गणपति के नाम से भी जाना जाता है, बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता हैं। उनकी आरती ‘जय गणेश जय गणेश देवा’ न केवल गणेश उत्सव के दौरान, बल्कि हर दिन घरों और मंदिरों में श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। यह आरती अत्यंत सरल और भावपूर्ण है, जो भगवान गणेश के स्वरूप, उनकी महिमा और उनकी कृपा का सुंदर वर्णन करती है।

श्री गणेश आरती,Lord Ganesha.

इस लेख में, हम आपको श्री गणेश जी की आरती के संपूर्ण और शुद्ध लिरिक्स (lyrics) हिंदी में प्रदान करेंगे। साथ ही, हम इस आरती की प्रत्येक पंक्ति का विस्तृत अर्थ समझेंगे, आरती करने की सही विधि जानेंगे और इसके गहरे आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डालेंगे।

क्यों है श्री गणेश आरती इतनी महत्वपूर्ण?

भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ का वरदान प्राप्त है, अर्थात किसी भी देवता की पूजा से पहले उनकी पूजा करना अनिवार्य है।

  • विघ्नों का नाश: गणेश जी ‘विघ्नहर्ता‘ हैं। उनकी आरती करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं, संकट और नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं।
  • शुभता का आरंभ: आरती के दिव्य स्वर और कपूर की सुगंध वातावरण में सकारात्मकता और पवित्रता का संचार करती है, जिससे हर कार्य में सफलता और शुभता का वास होता है।
  • ईश्वर से जुड़ाव: आरती, ईश्वर के प्रति अपने प्रेम, समर्पण और कृतज्ञता को व्यक्त करने का एक सरल और संगीतमय तरीका है। यह हमारी आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है।

श्री गणेश आरती (संपूर्ण लिरिक्स हिंदी में) – Shri Ganesh Aarti Lyrics in Hindi

॥ श्री गणेश जी की आरती ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥

पान चढ़े, फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥

(अतिरिक्त पद)
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
॥ जय गणेश, जय गणेश… ॥


Download गणेश जी की आरती PDF File

श्री गणेश आरती का विस्तृत अर्थ (Meaning of Ganesh Aarti in Hindi)

यह आरती सिर्फ भक्तिमय पंक्तियों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें भगवान गणेश के स्वरूप और महिमा का गहरा वर्णन है।

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अर्थ: हे गणेश देवा, आपकी जय हो, जय हो, जय हो! जिनकी माता जगत-जननी पार्वती जी हैं और जिनके पिता स्वयं भगवान महादेव (शिव) हैं।

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
अर्थ: आप एक दांत वाले (एकदंत), अत्यंत दयालु और चार भुजाओं को धारण करने वाले हैं। आपके मस्तक पर सिंदूर सुशोभित है और आपका वाहन मूषक (चूहा) है। यहाँ ‘एकदंत’ होना त्याग का प्रतीक है, और ‘चार भुजाएं’ उनकी सर्वशक्तिमानता को दर्शाती हैं।

पान चढ़े, फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
अर्थ: हे प्रभु! भक्त आपको पान, फल और सूखे मेवे अर्पित करते हैं। आपको लड्डुओं का भोग विशेष रूप से प्रिय है, और सभी संत-महात्मा आपकी सेवा करते हैं।

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
अर्थ: हे दयानिधान! आप अंधों को नेत्र, कुष्ठ रोगियों को स्वस्थ शरीर (काया), निःसंतान (बांझ) को पुत्र का वरदान और निर्धन को धन-संपत्ति (माया) प्रदान करते हैं। यह पंक्तियाँ उनकी कृपा और भक्तों के दुखों को हरने की उनकी शक्ति को दर्शाती हैं।

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अर्थ: इस आरती के रचयिता, संत सूरदास (सूर’ श्याम) कहते हैं कि हे प्रभु, हम आपकी शरण में आए हैं, हमारी सेवा को सफल कीजिए। (कुछ विद्वान मानते हैं कि यहाँ ‘सूर’ का अर्थ ‘देवता’ और ‘श्याम’ का अर्थ कृष्ण है, अर्थात सभी देव आपकी शरण में हैं)।

(अतिरिक्त पद)
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
अर्थ: हे शंभु (शिव) के प्रिय पुत्र! आप दीनों और दुखियों की लाज (मान-सम्मान) की रक्षा करें। हमारी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करें, हम आप पर न्योछावर (बलिहारी) जाते हैं।


Download गणेश जी की आरती PDF File

कैसे करें: गणेश जी की आरती करने की सही विधि

आरती को पूरे विधि-विधान से करने पर उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है।

  • चरण 1: तैयारी: पूजा समाप्त होने के बाद आरती की तैयारी करें। एक थाली में दीपक (घी या कपूर का) रखें। इसमें फूल, अक्षत और धूप भी रख सकते हैं।
  • चरण 2: आसन और शंखनाद: आरती शुरू करने से पहले खड़े हो जाएं। आरती की शुरुआत शंख बजाकर करनी चाहिए।
  • चरण 3: आरती घुमाने की विधि:
    1. सबसे पहले आरती को भगवान गणेश के चरणों में चार बार घुमाएं।
    2. इसके बाद, उनकी नाभि के पास दो बार घुमाएं।
    3. फिर, उनके मुख के पास एक बार घुमाएं।
    4. अंत में, भगवान के समस्त अंगों के ऊपर से सात बार आरती घुमाएं। [1]
  • चरण 4: “कर्पूरगौरं” और पुष्पांजलि: आरती समाप्त होने के बाद, “कर्पूरगौरं करुणावतारं…” मंत्र का जाप करें। इसके बाद दोनों हाथों में फूल लेकर भगवान को अर्पित करें (पुष्पांजलि)।
  • चरण 5: आरती लेना: अंत में, परिवार के सभी सदस्य दोनों हाथों से आरती की लौ के ऊपर से ताप लें और उसे अपनी आंखों और सिर पर लगाएं।
  • चरण 6: प्रसाद वितरण: आरती के बाद सभी को प्रसाद वितरित करें।

तुलनात्मक सारणी: गणेश आरती बनाम गणेश चालीसा

अक्सर लोग आरती और चालीसा को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। दोनों ही भक्ति के माध्यम हैं, लेकिन उनमें कुछ मौलिक अंतर हैं।

विशेषताश्री गणेश आरतीश्री गणेश चालीसा
प्रकृतियह स्तुति का एक संगीतमय और संक्षिप्त रूप है, जो पूजा के अंत में की जाती है।यह 40 चौपाइयों का एक विस्तृत पाठ है, जिसमें गणेश जी के चरित्र, महिमा और कथा का वर्णन होता है।
उद्देश्यईश्वर के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करना, पूजा का समापन करना।भगवान के गुणों का विस्तार से गुणगान करना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करना।
समयपूजा के बिल्कुल अंत में, दीपक जलाकर गाई जाती है।पूजा के दौरान या दिन में किसी भी समय पाठ के रूप में पढ़ा जा सकता है।
अवधिआमतौर पर 2-3 मिनट।आमतौर पर 5-7 मिनट।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: ‘जय गणेश देवा’ आरती किसने लिखी है?
उत्तर: इस आरती के अंतिम पद “सूर’ श्याम शरण आए” से यह अनुमान लगाया जाता है कि इसके रचयिता संत सूरदास जी हो सकते हैं। हालांकि, इस पर विद्वानों में पूरी तरह से एकमत नहीं है।

प्रश्न 2: गणेश जी की आरती दिन में कितनी बार करनी चाहिए?
उत्तर: सामान्यतः, घर के मंदिरों में सुबह और शाम, दो समय आरती करने की परंपरा है। त्योहारों या विशेष पूजा के दौरान आप अपनी श्रद्धानुसार अधिक बार भी कर सकते हैं।

प्रश्न 3: गणेश जी को कौन से फूल और भोग प्रिय हैं?
उत्तर: भगवान गणेश को लाल रंग के फूल, विशेषकर गुड़हल (hibiscus) और दूर्वा (घास) अत्यंत प्रिय हैं। भोग में उन्हें मोदक और लड्डू सबसे अधिक पसंद हैं।

प्रश्न 4: आरती में कपूर क्यों जलाया जाता है?
उत्तर: कपूर का जलना अहंकार के विनाश का प्रतीक है। जिस प्रकार कपूर बिना कोई अवशेष छोड़े जल जाता है, उसी प्रकार आरती करते समय हम प्रार्थना करते हैं कि हमारा अहंकार भी ईश्वर की भक्ति में विलीन हो जाए। इसकी सुगंध वातावरण को भी शुद्ध करती है। [2]


निष्कर्ष

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti) केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक दिव्य सेतु है। इसके सरल शब्द गहरे अर्थ समेटे हुए हैं, जो हमें भगवान गणेश की कृपा, दया और शक्ति का एहसास कराते हैं। जब भी आप पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ ‘जय गणेश जय गणेश देवा’ का गायन करते हैं, तो आप न केवल एक परंपरा का निर्वाह करते हैं, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मकता, सफलता और शांति को भी आमंत्रित करते हैं।

इस आरती को अपनी दैनिक पूजा का अभिन्न अंग बनाएं और विघ्नहर्ता श्री गणेश की असीम कृपा के पात्र बनें।

॥ गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया ॥


संदर्भ और प्रेरणा स्रोत (References & Sources of Inspiration)

  1. Skanda Purana & other Hindu scriptures detailing the correct procedure (Vidhi) for performing Aarti.
  2. Cultural and religious texts explaining the symbolism of elements used in Hindu puja, such as camphor (Kapur).

NewsMug Logo
असली कहानियों का सबसे बड़ा मंच
Education • Desi News • Viral Stories
VISIT NOW 🚀
JOIN THE FAMILY
Stay updated with NewsMug
🌐
Main Portal
Visit Website
➔
💬
WhatsApp Group
Fastest Updates
➔
✈️
Telegram Channel
PDFs & Notes
➔
📰
Google News
Follow Us
➔
Ganesh Aarti in Hindi गणेश आरती का अर्थ गणेश आरती लिरिक्स गणेश जी की आरती गणेश पूजा विधि जय गणेश जय गणेश देवा श्री गणेश आरती श्री गणेश चालीसा
Follow on Google News Follow on Flipboard
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Telegram
Previous Articleश्री नारायण गुरु जयंती 2025: जानें क्यों और कैसे मनाई जाती है, महत्व और इतिहास
Next Article Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi: श्री हनुमान चालीसा पाठ, अर्थ और फायदे
KAMLESH VERMA
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

दैनिक भास्कर और पत्रिका जैसे राष्ट्रीय अखबार में बतौर रिपोर्टर सात वर्ष का अनुभव रखने वाले कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश वर्तमान में साऊदी अरब से लौटे हैं। खाड़ी देश से संबंधित मदद के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता हैं।

Related Posts

Karwa Chauth 2026 kab hai - 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय
त्योहारों और परंपराओं Updated:05/10/20264 Views

karwa chauth 2026 kab hai: 29 अक्टूबर पूजा मुहूर्त व चांद निकलने का समय

नदी नाव संजोग का अर्थ
धार्मिक और सांस्कृतिक 5 Views

नदी नाव संजोग का अर्थ: शाश्वत सत्य! कबीर के इस पद का गहरा रहस्य और 2026 के लिए जीवन दर्शन

गौरी व्रत 2026
धर्म 4 Views

 गौरी व्रत 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ पार्वती की अटूट भक्ति का रहस्य

शीतला सातम 2026
कथाएँ 5 Views

शीतला सातम 2026: (सावधान) रंधन छठ और सातम की सही तारीख, मुहूर्त और बासी भोजन का वैज्ञानिक सच

देवशयनी एकादशी 2026
त्योहारों और परंपराओं 44,370 Views

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

Nag Panchami 2026
त्योहारों और परंपराओं 2 Views

Nag Panchami 2026: (20 अगस्त) तिथि, शुभ मुहूर्त और 12 राशियों के लिए सटीक उपाय

Leave A Reply Cancel Reply

You must be logged in to post a comment.

ai se paise kaise kamaye

AI Se Paise Kaise Kamaye 2026: ChatGPT और AI टूल्स से घर बैठे ₹50,000 महीना कमाने के 10 आसान तरीके

21/10/2026
pm surya ghar muft bijli yojana

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: 300 यूनिट फ्री बिजली और ₹78,000 सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन व पात्रता

21/10/2026
Tesla Flying Car Unveiled in Hindi

Tesla Flying Car Unveiled in Hindi: एलन मस्क ने दिखाई टेस्ला की उड़ने वाली कार! 0.81 सेकंड में 0-60 mph, स्पेसएक्स रॉकेट थ्रस्टर्स व वीडियो

16/10/2026
jailer-movie-review-hindi-newsmug

Jailer Movie Review in Hindi: रजनीकांत का ‘टाइगर’ अवतार, मास एक्शन व अनिरुद्ध का BGM – जानें कहानी, बॉक्स ऑफिस व स्टार रेटिंग

16/10/2026
age calculator

Age Calculator: सटीक उम्र निकालें (Years, Months, Days & Minutes) – Birthday & Exam Age Finder

13/10/2026
interesting facts in hindi

Interesting Facts in Hindi: 151+ दिमाग हिला देने वाले रोचक तथ्य (Science, Space & Human Body)

13/10/2026
motivational quotes in hindi

Motivational Quotes in Hindi: 151+ बेस्ट मोटिवेशनल कोट्स जो आपकी जिंदगी बदल देंगे (Success, Students & Life)

12/10/2026
महालक्ष्मी कैलेंडर 2026

महालक्ष्मी कैलेंडर 2026: जनवरी से दिसंबर व्रत, त्योहार, पंचांग, शुभ मुहूर्त व PDF डाउनलोड

09/10/2026
होली 2026 कब है

होली 2026 कब है: 3 व 4 मार्च – होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा समय व पूजा विधि

09/10/2026
dhanteras 2026 kab hai

Dhanteras 2026 kab hai: 6 नवंबर पूजा मुहूर्त, सोना व झाड़ू खरीदने का शुभ समय व यम दीपदान

09/10/2026
chhath puja 2026 kab hai

chhath puja 2026 kab hai: 13 से 16 नवंबर नहाय खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य मुहूर्त व सामग्री

09/10/2026
Nana Patekar Death

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, जानिए मौत की वजह और पूरा फिल्मी सफर

08/10/2026
Must Read
सपने में बाढ़ देखना

सपने में बाढ़ देखना क्या संकेत देता है? जानें शुभ या अशुभ अर्थ

23/07/2026
गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil

गोब्लिन शार्क क्यों कहलाती है Living Fossil? जानें रहस्य

22/07/2026
PM Kisan 19th Installment Release Date 2026

PM Kisan 19th Installment Release Date 2026: (जारी हुई) 19वीं किस्त की तारीख और बेनिफिशियरी लिस्ट यहाँ देखें

22/07/2026
MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List

 MP Kisan Kalyan Yojana 2026 List: बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹3308 करोड़, यहाँ देखें स्टेटस

05/08/2026
देवशयनी एकादशी 2026

देवशयनी एकादशी 2026: (25 जुलाई) शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और चातुर्मास के 101 नियम

23/07/2026
सपने में मछली खाना

सपने में मछली खाना (Sapne me Machli Khana) – शुभ-अशुभ संकेत और धार्मिक व्याख्या

22/07/2026
India Post GDS 3rd Merit List 2026

India Post GDS 3rd Merit List 2026: (जारी हुई) ग्रामीण डाक सेवक तीसरी मेरिट लिस्ट, यहाँ से PDF डाउनलोड करें

14/05/2026
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस 2026: (ऐतिहासिक गौरव) तिरंगे का इतिहास, अर्थ और फ्लैग कोड के नए नियम

22/07/2026
Facebook Pinterest Telegram YouTube WhatsApp
  • Home
  • About Us
  • contact us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
© 2026 NewsMug. Designed by NewsMug.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.