बिहार की राजनीति को बदलने वाले प्रशांत किशोर अब गायब क्यों हैं?

 बिहार की राजनीति को बदलने वाले प्रशांत किशोर अब गायब क्यों हैं?

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 18 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘बात बिहार की’ नाम से एक कैंपेन शुरू करने की घोषणा की थी।

फरवरी 2020 में जदयू के पूर्व नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आहुत की थी। जदयू से निकलने के बाद वे पहली बार मीडिया से रूबरू हुए थे।  प्रशांत की कुर्सी के पीछे महात्मा गांधी की एक फोटो लगी थी और उनका एक कथन “The best politics is right action” लिखा था।

6 महीने बाद लगता है कि प्रशांत किशोर अपने पीछे लिखे इसी वाक्य को बेहतर तरीके से समझ नहीं पाए। यदि समझ भी गए तो व्यवहार में नहीं ला पाए। प्रशांत की राजनीति से “एक्शन” गायब हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ नाम से एक मुहिम की शुरु की थी।

तब प्रशांत ने कहा था, ‘मैं अगले सौ दिन तक केवल बिहार की हर पंचायत, प्रखंड और गांव में जाऊंगा। बिहार की 8800 पंचायतों में से एक हजार ऐसे लोगों को चुनूंगा, उनसे जुड़ूंगा जो यह समझते हैं कि अगले दस सालों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा होना चाहिए।’

विड़बना है कि 100 दिन तो दूर प्रशांत किशोर 30 दिन भी बिहार में नहीं रुके। पटना के एग्जीबिशन रोड में दफ्तर खोला गया था। 160 लोग काम कर रहे थे। बिहार में मुहिम का असर यह हुआ कि खुद को रजिस्टर करवाने के लिए दफ्तर के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लग जाती थीं। मार्च के अंत तक सब बंद हो गया।

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प्रशांत किशोर दो साल पहले जदयू में शामिल हुए थे।

भीड़ गायब हो गई। प्रशांत किशोर खुद पटना से बाहर चले गए। पटना में जो लोग उनके और उनकी कंपनी आइ-पैक के लिए काम कर रहे थे वे ‘मिशन बंगला’ में लग गए। सवाल उठता है कि एकदम से ऐसा क्यों हुआ? फरवरी में पूरे जोश के साथ एक मुहिम की लॉन्चिंग करने वाले प्रशांत किशोर एक महीने बाद ही ठंडे क्यों पड़ गए?

बिहार से अंग्रेजी अखबार द हिंदू के लिए लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ तिवारी का कहना है कि, ‘देखिए… प्रशांत किशोर एक विशुद्ध बिजनेस मैन आदमी हैं। बिहार में प्रशांत ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ‘सरकार प्रशांत के खिलाफ हो गई थी।  अब जब बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा में कुछ ही दिन बाकी हैं। राजनीतिक पार्टियां ताल ठोक कर जनसंपर्क की तैयारी में जुटी हैं। तो प्रशांत किशोर कहां हैं और क्या कर रहे हैं?

जानकार बताते है कि  प्रशांत किशोर ने इस समय पूरी ताकत पश्चिम बंगाल में लगा रखी है। वे ममता बनर्जी को अगले चुनाव में जीत दिलवाना चाहते हैं। खबरों में तो यह भी सुनने को मिल रहा है  कि किशोर की पिछले दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात हुई है, कोई बड़ा पद मिल सकता है।

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KAMLESH VERMA

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