कब से सबको मिलेगी कोरोना वैक्सीन, जानिएं । When will everyone get the Corona vaccine, know

 कब से सबको मिलेगी कोरोना वैक्सीन, जानिएं । When will everyone get the Corona vaccine, know

प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स गूगल

कब से सबको मिलेगी कोरोना वैक्सीन, जानिएं । When will everyone get the Corona vaccine, know

साल 2020 की शुरुआत हुई कोरोना महामारी से। पूरा का पूरा साल सोशल डिस्टेसिंग और मास्क पहनने में बीत गया। अब जब साल 2020 खत्म हो रहा है तो अच्छी खबर आ रही है कि कोरोना महामारी से लड़ने वाली वैक्सीन मिल गई है। जर्मन कंपनी बायोनटेक और अमेरिकी कंपनी फाइजर कोरोना वायरस की वैक्सीन पर संयुक्त रूप से काम कर रही है और कंपनी का दावा है कि वैक्सीन 90 फीसदी से ज्यादा असरदार साबित हुई है.

दावा तीसरे चरण के ट्रायल के बाद किया गया है. 8 नवंबर को यह खबर आई और यूरोपिय संघ ने contract की तैयारी भी कर ली। जर्मन अखबार BILD  EXKLUSIV ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि contract तैयार हो चुका है, अब देरी है उस पर दस्तखत करने की। कितनी वैक्सीन खरीदी जा रही है, इस पर मिली जुली खबरें आ रही है। कहीं 10 करोड़ डोज की बात हो रही है तो कही 20 करोड़ दवा की। तो सही आंकड़ा क्या है ?

फिलहाल जो खबरें आ रही है उससे यह समझ आ रहा है कि 20 करोड़ डोज का आर्डर दिया जा रहा है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो 10 करोड़ और डोज का आर्डर दिया जाएगा। लेकिन पूरे यूरोप को जो 20 करोड़ डोज मिल रहे उसमें से आधी यानी 10 करोड़ डोज जर्मनी ने पहले ही अपने लिए बुक कर ली है।

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प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स गूगल

जर्मनी की कुल आबादी है 8.3 करोड़ और उसने जो डोज बुक की है वह है 10 करोड़। तो इसका मतलब यह हुआ कि जर्मनी अपनी आबादी से डेंढ गुना डोज खरीद रहा है। जर्मनी ऐसा क्यों कर रहा है ? इसका मतलब है कि जर्मनी में हर इंसान को वैक्सीन के दो डोज दिए जाएंगे।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किसी भी वैक्सीन का पहला मुख्य डोज दिया जाता है। फिर उसके बाद कुछ समय बाद दूसरा डोज दिया जाता है। जिसे बूस्टर डोज या सुरक्षात्मक डोज कहा जाता है। ऐसा ही कुछ कोरोना वैक्सीन के साथ भी होगा। एक इंसान को दो डोज दिए जाएंगे मतलब यह हुआ कि जर्मनी द्वारा खरीदे जा रहे 10 करोड़ डोज से पूरी आबादी को टीका नहीं मिल सकेगा।

वैक्सीन का अगला दावेदार हैं अमेरिका, जिसके लिए contract पर चर्चा करीब 23 नवंबर को होगी। 13 से 20 नंवबर के बीच फोकस में हैं यूरोप। डोज की बुकिंग की संख्या को देखकर भले ही ऐसा लगे कि यूरोप को पहले टीका मिलने जा रहा है, हर किसी को टीका मिल सकेगा, लेकिन ऐसा है नहीं।

टीका किसे पहले दिया जाएगा ? इसके लिए पहले एक Priority list  तैयार की जाएगी। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री येन्स श्पान ने कहा है कि इस Priority list में सबसे पहले नंबर पर होंगे 60 साल के बुजुर्ग उसके बाद नंबर आएंगा उन लोगों का जिन्हें लंबे समय से कोई बीमारी हो जैसे-डायबीटीज,कैंसर इत्यादी, इसके बाद आते है डॉक्टर व नर्स जिनका दिन रात कोरोना पीड़ितों के बीच गुजर रहा है। फिर आएंगे पुलिस कर्मी, दमकल कर्मी, स्कूल टीचर आदि।

इन सबका टीकाकरण हो जाने के बाद ही आम जनता तक यह टीका पहुंच सकेगा। मान लीजिए यदि जर्मनी से टीकाकरण शुरु होता है, तो यह यूरोप के देश जैसे भारत में जुलाई या अगस्त 2021 तक पहुंचेगा। सीधी बात यह है कि 2021 भी कुछ-कुछ 2020 की तरह ही बीतेगा। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री येन्स श्पान का कहना है कि टीका आम लोगों के बीच पहुंचने में हो रही देरी के कारण आप निराश मत होईए। 2021 की सर्दियां 2020 से बेहद ही ठीक रहने वाली है।

हालांकि यूरोप के 27 देश केवल जर्मनी की वैक्सीन का इंतजार नहीं कर रहे है। यूके के 27 देशों ने इसके पहले भी तीन डील कर यह सुनिश्चित किया जा चुका है, सभी देशों को टीका मिले। यूरोपिय देशों ने एक अरब डोज के लिए तीन डील की है।

वैक्सीन लोगों तक पहुंचने के पहले एक बड़ा सवाल यह भी है कि वैक्सीन का खर्चा कौन उठाएंगा। यूरोप के ज्यादातर देशों में इंश्योरेंस कंपनी होती है। स्वास्थ्य की चिंता को देखते हुए लोगों ने इंश्योरेंस करवा रखा है। इंश्योरेंस कंपनी का कहना है कि यह एक वैश्विक महामारी है तो वैक्सीन का खर्च सरकार को उठाना चाहिए।

यूरोपिया देशों की सरकारों के बीच यह बहस छीड़ी है कि वैक्सीन का जो भी खर्च आएगा वह केंद्र सरकार के पाले में होगा या राज्य सरकार के पाले में..भारत में जब भी यह वैक्सीन शिरकत करेगी तो बजट का मुद्दा बेहद ही तगड़ा होगा। भारत सरकार इस रिसर्च में है कि वैक्सीन का कुछ हिस्सा आम लोगों से जाएं क्योंकि जर्मन कंपनी बायोनटेक ने वैक्सीन पर 30 अरब रुपए का निवेश किया है।

शायद यह भी एक वजह है कि जर्मन सरकार वैक्सीन पर अपना इतना हक जमा रही हैं। भारत में वैक्सीन पर रिसर्च सीरम इंस्ट्यूट द्वारा की जा रही है। इसमें सरकार की ओर से कोई निवेश नहीं किया जा रहा है। बहरहाल टीका लग जाए और आप मास्क उतार कर फेंक दें ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। क्योंकि जब तक सभी में हर्ड इम्नुटी नहीं आ जाती। मास्क और सोसल डिस्टेसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

KAMLESH VERMA

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