प्रवासी मजदूरों के लिए गरीब रोजगार कल्याण अभियान क्या है? इससे जुड़ी मुख्य बातें

 प्रवासी मजदूरों के लिए गरीब रोजगार कल्याण अभियान क्या है? इससे जुड़ी मुख्य बातें

सांकेतिक तस्वीर.

नई दिल्ली. लॉकडाउन के दौर में बेरोजगार हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने रोजगार कल्याण अभियान की शुरुआत २० जून २०२० को विडियों क्रॉफ्रेसिंग के जरिए की.

अभियान का उद्देश्य विभिन्न राज्यों से लौटे कामगार मजदूरों को रोजगार मुहैया करना है. इसके अंतर्गत ५० हजार करोड़ रुपए के लोक निर्माण कार्य होंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि, १२५ दिनों में सरकार की २५ योजनाओं को लाया जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभियान की विस्तृत रुपरेखा को मीडिया के सामने रखा. १२५ दिनों तक सरकार वृहद्ध स्तर पर अभियान चलाकर कामगारों को रोजगार से जोड़ेंगे. शुरुआत में ६ राज्यों के ११६ जिलों को चुना गया है.

जिसमें बिहार के ३२, उत्तर प्रदेश के ३१, मध्य प्रदेश के २४, राजस्थान के २२, ओडिसा के ४, झारखंड के ३ जिलों का चयन हुआ है. ११६ जिलों के २५ हजार कामगार लाभांवित होंगे.

रोजगार कल्याण अभियान का मकसद है कि, प्रवासी कामगारों को उनकी रुचि और हुनर के अनुसार स्वरोजगार उपलब्ध कराना है. मालूम हो कि, अभियान में बिहार के सबसे अधिक जिलों को चुना गया है, कारण साल २०२० में बिहार में चुनाव होना है. बिहार में जदयू और भाजपा की गठबंधन सरकार है. राजस्थान में कांग्रेस, ओडिशा में बीजेडी, झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी की सत्ता है.

KAMLESH VERMA

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