बजट 2021: किसानों को क्या-क्या मिला?

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किसानों का प्रतिकात्मक तस्वीर : फोटो सोर्स गूगल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2021 यानी सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश किया. जिसमें किसानों के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा सार्वजनिक की गई है. मालूम हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही किसानों पर बात शुरू की तो विपक्ष हूटिंग करने लगा. वित्त मंत्री ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि, सरकार किसानों के हित के लिए प्रतिबद्ध है. यह सुनने के बाद विपक्ष की ओर से नारेबाजी की गई. हंगामें के दौरान सीतारमण ने केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए घोषणाएं कीं.

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किसानों का प्रतिकात्मक तस्वीर : फोटो सोर्स गूगल

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि खेती से जुड़ी सभी कमोडिटीज पर लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP दिलाया जा सके. आइए जानते हैं कृषि और किसानों पर वित्त मंत्री ने और क्या-क्या कहा:

# ‘स्वामित्व स्कीम’ के अंतर्गत गांवों में संपत्ति मालिकों को संपत्ति अधिकार से जुड़े दस्तावेज दिए जा रहे हैं. वर्तमान तक 1,241 गांवों के 1.80 लाख संपत्ति मालिकों को ये दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं.

# किसानों को ऋण आसानी से मिल सके, इसके लिए कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया गया है. पूर्व में यह 12 लाख करोड़ रुपये तक था.

ग्रामीण विकास कोष के लिए आवंटन को 30 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये किया गया है.

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अंतर्गत बने सिंचाई फंड को दोगुना कर 5 हजार करोड़ रुपये से 10 हजार करोड़ रुपये किया गया.

कृषि उत्पादों की कीमत का निर्धारण और आयात की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए ऑपरेशन ‘ग्रीन स्कीम’ के दायरे को बढ़ाकर इसमें 22 अन्य उत्पादों को शामिल किया जा रहा है.

5 फिशिंग हार्बर (वे इलाके जहां मछलियां पकड़ी जाती हैं) को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा. इनमें कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारदीप और पेटुआघाट जैसे इलाके शामिल हैं.

# घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि उत्पादों का आयात बढ़ाने के लिए कृषि उड़ान स्कीम. ये काम पीपीपी मॉडल की तर्ज पर काम करेगा.

# किसान क्रेडिट कार्ड योजना की सीमा को 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.

# खेती और सिंचाई के लिए इस वित्तीय वर्ष में 2.83 लाख करोड़ रुपये का आवंटन. ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये.

# देश में मौजूद वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज को नाबार्ड अपने अंडर में लेगा. इन्हें नए तरीके से डेवलेप किया जाएगा. नए वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज भी खोले जाएंगे. इसके लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा.

# 2022-23 तक मछली उत्पादन को बढ़ाकर 200 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य. फिश प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.

# 2025 तक दूध उत्पादन को दोगुना कर 108 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

# प्रधानमंत्री कुसुम योजना के जरिये किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा. इससे 20 लाख किसान लाभान्वित होंगे. इसके अलावा, 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा.

# महिला किसानों के लिए ‘धन्य लक्ष्मी योजना’ का ऐलान किया गया, जिसके तहत बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को मुख्य रूप से जोड़ा जाएगा.

# उर्वरता बढ़ाने पर फोकस रखा जाएगा. रासायनिक खाद के इस्तेमाल को कम किया जाएगा और इसका संतुलित इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में जानकारी दी जाएगी.

# दूध, मांस, मछली समेत जल्दी खराब होने वाली चीजों को बचाने के लिए वातानुकूलित ‘किसान रेल’ कोच चलाए जाएंगे.

# बागवानी से जुड़े किसानों के लिए जिला स्तर पर योजना लाई जाएगी. उत्पादन बढ़ाने पर जोर. बागवानी के लिए एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर आगे बढ़ा जाएगा.

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