ग्रेसिम उद्योग के बेरोजगार ठेका श्रमिक ने चंबल में लगाई छलांग, गनीमत रही मौत नहीं हुई

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नागदा । 25 मार्च के बाद लगे लॉकडाउन से घर बैठे उद्योग के एक ठेका श्रमिक ने आत्महत्या की कोशिश की है। ग्रेसिम उद्योग के ठेका श्रमिक ने नायन डेम स्थित छोटी पुलिया से छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। गनिमत रही कि लोगों ने श्रमिक को लोहे के एंगल में फंसा हुआ देख लिया और उसे बचा लिया।
दरअसल बुधवार दोपहर करीब दो बजे ठेका श्रमिक नाहर सिंह ने उफान पर चल रही चंबल में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत रही कि थोड़ा आगे जाकर ही वो निर्माणाधीन पुलिया से बाहर निकल रहे लोगे के एंगल में जाकर फंस गया।
राह से गुजर रहे लोगों ने उसे रस्सी डालकर बाहर निकाला। थाना प्रभारी हेमंतसिंह जादौन के अनुसार श्रमिक नाहरसिंह ग्रेसिम उद्योग में कार्यरत था। मीडिया को दिए बयान में नाहरसिंह ने बताया कि वो सीएसटू में 16 साल से ठेका श्रमिक था।
मगर लॉकडाऊन लगने के बाद जिसके ठेके में वो कार्यरत था उसका ठेका बंद कर किसी दूसरे ठेकेदार को दे दिया गया। लगभग 4 माह से वो बेरोजगार है। परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल है। इसलिए उसने आत्महत्या करने का मन बनाया था।
श्रमिक नाहरसिंह के पांच बच्चे है। जिसमें चार बेटी और एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी का वो विवाह कर चुका है। बेरोजगार होने से उसके पास एक समय के भोजन की व्यवस्था भी नहीं है, इसलिए उसने जान देने की कोशिश की।

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