पाकिस्तान में बनती है पत्थर की रोटी । Traditional bread of Balochi Shepherds in Pakistan

 पाकिस्तान में बनती है पत्थर की रोटी । Traditional bread of Balochi Shepherds in Pakistan

सांकेतिक तस्वीर : डिजाइन कमलेश वर्मा

पाकिस्तान में बनती है पत्थर की रोटी [Traditional bread of Balochi Shepherds in Pakistan]

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दस्त दामन प्रांत का इलाका यहां के खानाबदोश चरवाहों के साथी बस उनके गीत और मवेशी है। खान ऑफ कल और अमीर जाकिरी की बादशाही के जमाने में इस इलाके के लोग मवेशी पालते हैं। स्थानीय चरवाहे फिराेज बतो हैं कि, हम शुरू से ही मालदारी यानी मवेशियों को रखने का काम करते आ रहे हैं।

मेरे बाद मेरे बेटे भी मालदारी करेंगे। दुर्गम इलाके में खाने का इंतजाम भी एक चुनौती है। मालदार जब अपने मवेशियों के साथ निकलते हैं तो अपने साथ में केटली चीनी आटा भी लेकर निकलते हैं। पहाड़ी इलाके में जहां पानी मिल जाए वहां मवेशियों को पिलाते हैं।

और अपने लिए पत्थर की रोटी कुरनु रोटी को तैयार करते हैं। क्योंकि कुरनु रोटी चरवाहों की खुराक होती है। इसे बनाने में बहुत मशक्कत लगती है। खानाबदोश का जीवन चुनौतियों से भरा है, लेकिन इन्हें इनकी आदत है। इन दुर्गम इलाकों में कभी-कभी तो 5 या 10 दिन या महीनों तक कोई इंसान नहीं आता।

traditional-bread-of-balochi-shepherds-in-pakistan
सांकेतिक तस्वीर : डिजाइन कमलेश वर्मा

जहां तक बात खाने की आती है तो रात में बनी कुरनु रोटी 1 दिन में ही सख्त हो जाती है। मुश्किल हालात में चरवाहे यह अपने लिए रोटी बनाते हैं। रोटी बनाने के लिए आटा गूंथा जाता है। फिर उसे गर्म पत्थर पर फैलाया जाता है। उसके बाद पत्थर को आग पर घुमा घुमा कर सेका जाता है। इस रोटी से ताकत मिलती है।

पत्थर को आग में डालकर गर्म किया जाता है। गर्म पत्थर को आटो के गोलों से ढक दिया जाता है। पत्थर को आग की तपिश पर पकाने के लिए उसे रख दिया जाता है। जिससे रोटी अच्छी तरह से पक सके। बाद में रोटी को पत्थर से अलग करके खाया जाता है। रोटी को पत्थर से उतारकर गर्म खाने का मजा ही कुछ और है। खानाबदोश लोग बुनियादी सुविधाओं को भी तरसते हैं। लेकिन उन्हें कोई शिकायत नहीं है। पर महीनों तक दुर्गम इलाकों में घूमने पर अकेलापन काटता है। खुदा किसी की कब्र को भी………….

इसे भी पढ़े : शुक्राणु बढ़ाने की तरकीब, क्या खाएं और किससे बचें, सब जानिए [Fitness of sperms]

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

Related post