हमारे समाज में कोरोना के शीर्ष 7 सकारात्मक प्रभाव । Top 7 positive effects of Corona in our society

 हमारे समाज में कोरोना के शीर्ष 7 सकारात्मक प्रभाव । Top 7 positive effects of Corona in our society

ग्राफिक्स डिजाइन : कमलेश वर्मा

हमारे समाज में कोरोना के शीर्ष 7 सकारात्मक प्रभाव । Top 7 positive effects of Corona in our society

कोरोना संक्रमण के कारण  कितने लोग जान गंवा चुका है, उन आंकड़ों से हम भली भांति परिचित है. महामारी के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं बनी है. विश्व के सभी देश अपने-अपने स्तर पर कोरोना वैक्सीन खोजने में जुटे हैं. लेकिन कोराना संक्रमण से प्रकृति ही नहीं समाज का रंग भी निखर गया है. कोरोना के कारण देश में भले ही बेरोजगारी का स्तर शीर्ष पर पहुंचा है, लेकिन में समाज में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले है. लोगों ने दो गज दूरी, फेस मास्क को जीवन में उतार लिया है. लेख के जरिए हम आपकों हमारे समाज में कोरोना के शीर्ष 10 सकारात्मक प्रभाव । Top 7 positive effects of Corona in our society के बारे में बताएंगे.

top-10-positive-effects-of-corona-in-our-society
ग्राफिक्स डिजाइन : कमलेश वर्मा

हमारे समाज में कोरोना के शीर्ष 7  सकारात्मक प्रभाव । Top 10 positive effects of Corona in our society

  1. साफ-सफाई का ज्ञान : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासकीय मशीनरी ने जी तोड़ मेहनत कर लोगों में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता फैलाई. परिणाम स्वरूप देशवासियों ने स्वच्छता के महत्व को समझ उसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया.
  2. भीड़-भाड़ से मुक्ति : संघन जनसंख्या वाले भारत देश के लोगों ने भीड़-भाड़ करना करीब-करीब बंद कर दिया. फायदा यह बस, ट्रेन व अन्य सावर्जनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली अश्लील हरकतों पर लगाम लगी. आशा करते है कि देश की बेटियों को भविष्य में भी इस प्रकार की परेशानी से मुक्ति मिलेगी.
  3. बालिका सुरक्षा : संक्रमण के शुरुआती दौर में ही केंद्र सरकार ने लाॅकडाउन के अंतर्गत सड़कों, गली मोहल्लों और चाैराहों पर क्राउड को प्रतिबंधित करने की आदत डाल दी है. असर यह हुआ कि सामाजिक बुराई जिसे छेड़-छाड कहा जाता है, बालिकाओं को उससे कुछ  हद तक मुक्ति मिल गई है. कोरोना महामारी के भारत में आने के पूर्व बालिकाएं सुनसान स्थानों पर सुरक्षित नहीं मानी जाती थी. कई बालिकाएं आवश्यक कार्य होने पर घरों से बाहर नहीं निकलती थी.
  4. ऑनलाइन एजुकेशन : संक्रमण से बचाव के लिए सभी आयु वर्ग के लोगों ने ऑनलाइन पद्धति को अपना लिया है. यहां तक कि मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे है. बड़ा बदलाव है कि भारत देश तकनीकी युग की ओर कदम बढ़ा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि आने वाले तीन सालों में भारत में 30 फीसदी स्कूली कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन ही होगा.
  5. मिलावट खोरी बंद : कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले कई व्यापारियों ने मिलावट खोरी बंद कर इमानदारी से व्यवसाय करना शुरू कर दिया है. इतना ही नहीं लॉकडाउन का असर यह रहा कि खाद्य प्रदार्थों का व्यवसाय करने वाले लोगों ने एक सीमित मात्रा में खाद्य पदार्यों का निर्माण और विक्रय शुरू कर दिया. इतना ही नहीं खुली बिकने वाली वस्तुओं पर भी केंद्र सरकार ने गाईड लाइन जारी कर दी है. जिसके अंतर्गत अब खुली बिकने वाली खाद्य पदार्थों पर उपयोग की तिथि लिखना आवश्यक होगा.
  6. कृषि उन्नत : कोरोना महामारी के दौर में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि उत्पादों और कृषकों पर लगाने वाले कर को समाप्त कर दिया है. सरकार बीते 6 माह से किसानों को आर्थिक सहायता राशि बैंक अकाउंट में भेज रही है. कर हटाए जाने से किसान बेफ्रिक होकर उन्नत कृषि कर रहा है.
  7. आत्म निर्भर भारत : केंद्र सरकार की आत्म निर्भर योजना के तहत स्वयं के बने उत्पादों को बाजार में उतारने पर जोर दिया जा रहा है. भारत ने अन्य देशों से आयत को कम कर स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय को बढ़ावा दिया है. इतना ही नहीं देश के उद्याेगों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई प्रकार के बड़े निर्णय लिए गए हैं.

पढ़े :

KAMLESH VERMA

https://newsmug.in

Related post