इतिहास में आज:1981 में यूएन ने शुरुआत की इंटरनेशनल डे ऑफ पीस की

 इतिहास में आज:1981 में यूएन ने शुरुआत की इंटरनेशनल डे ऑफ पीस की

साल  1981 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इंटरनेशनल डे ऑफ पीस की स्थापना की थी। 20 साल बाद 2001 में महासभा ने सर्वसम्मति से इस दिन को 24 घंटे अहिंसा और सीजफायर की अवधि के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया। यूनाइटेड नेशंस सभी राष्ट्रों और लोगों को अहिंसा का महत्व बताने के उद्देश्य यह  दिन मनाया जाता है। विशेष तौर से यह दिन शांति के आदर्शों को मजबूती देने के लिए हैं।

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इस दिन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा दी गई अहिंसा सीख को याद करने के लिए है। यूएन का तर्क है कि साल 20220 में हम एक-दूसरे के दुश्मन नहीं है, बल्कि कोविड-19 महामारी के रूप में हमारा एक साझा दुश्मन सामने है, जिसने पूरी दुनिया को परेशान करके रखा दिया है।

साल 2020 में इंटरनेशनल डे ऑफ पीस की थीम है- शेपिंग पीस टुगेदर। हालांकि इस दिन सिर्फ बाहरी शांति ही नहीं, बल्कि इंसान की अंदरुनी शांति की भी बात करता है। दोस्तों लेख के माध्यम से हम जानेंगे 21 सितंबर के दिन इतिहास में क्या-क्या खास है।

21 सितंबर को इन घटनाओं के कारण भी याद किया जाता है-

  • 1784ः अमेरिका में दैनिक अखबार (पेनसिल्वेनिया पैकेट एंड जनरल एडवरटाइजर) प्रिंट हुआ।
  • 1961: अमेरिका में बने बोइंग सीएच-47 चिनूक ने पहली बार उड़ान भरी। विमान का उपयोग इराक और अफगानिस्तान के युद्धों में बड़े पैमाने पर अमेरिकी फौजों ने किया था।
  • 1964: दक्षिण यूरोपीय द्वीपीय देश माल्टा को अंग्रेजों ने 1814 में पेरिस संधि के तहत अपनी कॉलोनी का निर्माण किया था। माल्टा देश ने  1964 में 21 सितंबर को आजादी हासिल की।
  • 1966ः मिहीर सेन ने बासफोरस चैनल तैरकर पार किया था।
  • 1984ः ब्रुनेई संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ था।
  • 1991ः आर्मेनिया को सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिली थी।
  • 1996: प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन ने डिफेंस ऑफ मैरिज एक्ट पर साइन किए थे। यूएस सुप्रीम कोर्ट ने 2013 और 2015 में फैसलों से इसे रद्द कर दिया था।
  • 2000ः भारत और ब्रिटेन के बीच बेहतर संबंध के लिए लिबरल डेमोक्रेटिक फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी की स्थापना हुई थी।
  • 2004: ग्लोबल फैसलों में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए ब्राजील, भारत, जर्मनी और जापान ने मिलकर यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की स्थायी सीट के लिए प्रयास करने की ठानी थी।
  • 2008ः रिलायंस के कृष्णा गोदावरी बेसिन में तेल उत्पादन शुरू हुआ था।
  • 2013: केन्या के नैरोबी में वेस्टगेट मॉल पर अल-शबाब आतंकी समूह के सदस्यों ने हमला किया था। कुछ घंटों तक चली मुठभेड़ में आतंकियों ने 63 शॉपर्स की हत्या कर दी थी। केन्या के सुरक्षा बलों ने बंधकों को रिहा किया और चार आतंकियों को भी मार गिराया।

1949: मणिपुर का भारत में विलय

15 अगस्त 1947 को भारत से ब्रिटिश हुकूमत का अंत हुआ था। मणिपुर के राजा ने 11 अगस्त को भारत काे अपना लिया था, लेकिन राज्य ने अंदरुनी संप्रभुता हासिल कर ली थी। मणिपुर स्टेट कान्सटीट्यूशन एक्ट 1947 लागू हुआ, जिससे मणिपुर राज्य को अपना अलग संविधान मिला। मणिपुर का कई लोग भारत में विलय चाहते थे। मणिपुर इंडिया कांग्रेस भी बनी। भारत सरकार ने अलग संविधान को मान्यता नहीं दी।

आखिर, मणिपुर के राजा पर दबाव बना और राजा ने 21 सितंबर 1949 को भारत सरकार के साथ मर्जर एग्रीमेंट साइन कर लिया। एग्रीमेंट 15 अक्टूबर को प्रभावी हुआ। मणिपुर में सालों तक केंद्र का सीधा शासन और हस्तक्षेप रहा, लेकिन बाद में जाकर साल 1972 में मणिपुर को भारत में अलग राज्य का दर्जा मिला।

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21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे मनाया जाता है

पूरे विश्व में  21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य अल्जाइमर और डिमेंशिया के बारे में जागरुकता बढ़ावा देना है। अल्जाइमर्स में दिमाग में होने वाली नर्व सेल्स के बीच होने वाला कनेक्शन कमजोर है। समय के साथ यह बीमारी दिमाग रोग का रूप लेता है और याददाश्त को कमजोर कई केस में दिमाग को क्षीर्ण कर देता है। ऐसी स्थिति को कोमा भी कहा जाता है।

1906 में डॉ. एलोइस अल्जाइमर बीमारी की पहचान की, जिसके कारण रोग को उनका नाम दिया गया था। उन्होंने मानसिक रोग से पीड़ित एक महिला के दिमाग में कोशिकाओं में बदलाव का परीक्षण  किया था।

21 सितंबर काे जन्मदिन

  • 1947: स्टीफन किंग (अमेरिकी लेखक, हॉरर किताबों को लेकर पहचान)
  • 1955: गुलशन ग्रोवर (भारतीय फिल्म अभिनेता)
  • 1980: करीना कपूर (भारतीय फिल्म अभिनेत्री)
  • 1954: शिंजो आबे (जापान के पूर्व प्रधानमंत्री)
  • 1979: क्रिस गेल (वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर)
  • 1991: दीपिका पल्लीकल कार्तिक (भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी)

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KAMLESH VERMA

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बातें करने और लिखने के शौक़ीन कमलेश वर्मा बिहार से ताल्लुक रखते हैं. कमलेश ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से अपना ग्रेजुएशन और दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है. कमलेश दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका अखबार में सिटी रिपोर्टर पद पर कार्य चुके हैं.

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