Shardiya Navratri 2020: नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों पर चढ़ाएं ये 9 तरह के फूल

 Shardiya Navratri 2020: नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों पर चढ़ाएं ये 9 तरह के फूल

ग्राफिक्स : कमलेश वर्मा

Shardiya Navratri 2020: नवरात्रि पर माता दुर्गा पर कुछ खास तरह के फूल चढ़ाए जाते हैं. जिसे चढ़ाने माता भक्तों की मन मांगी मुराद को पूरा करती हैं.

नई दिल्ली: नवरात्रि पर्व आने को हैं. इस बार माता की आराधना 17 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक चलेगी. 17 अक्टूबर को घट स्थापना होगी. पूजन के दौरान माता को चढ़ाए जाने वाले फूलों का विशेष महत्व है. कारण वेदों में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल माता के अलग-अलग स्वरूपों को दर्शाते हैं. नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा पर कुछ खास तरह के फूल चढ़ाए जाते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप माता दुर्गा के 9 स्वरूपों पर कौन-कौन से फूल चड़ा सकते हैं. चलिए पढ़ते हैं इसके बारे में-

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ग्राफिक्स : कमलेश वर्मा

गुड़हल- शारदीय नवरात्र का पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री को समर्पित है. इस रूप में, माता को हिमालय की बेटी माना जाता हैं. शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करने के लिए, हमें गुड़हल के फूलों का उपयोग करना चाहिए. शैलपुत्री को घी और गुड़हल के फूल प्रिय हैं.

गुलदाउदी- दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. इस रूप में माता को पार्वती में पूजा जाता हैं.  सालों के कठिन तप से खुश होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया. देवी ब्रह्मचारिणी की पूजन में मीठे भोजन और शेवंती के फूलों का उपयोग करना शुभ माना जाता हैं. विवाहित जीवन में परेशानियों से गुजर रहे हैं.तो नवरात्रि के दूसरे दिन गुलदाउदी के पुष्प का उपयोग कर माता को प्रसन्न करें.

कमल- नवरात्रि पर्व के तीसरे दिन, देवी दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप का पूजन किया जाता है. देवी को दूध की मिठाई, दूध और कमल के फूल अर्पित करने से उपासक को दीघायु मिलती हैं.

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चमेली- देवी कुष्मांडा, माता का दुर्गा का चौथा स्वरूप है. देवी कुष्मांडा को चमेली के फूल प्रिय है. चौथे दिन देवी को चमेली के फूल अर्पित करने से आपको बुद्धि, बल और शक्ति के रूप में उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. भोग के रूप में आप मीठा पकवान भी माता को अर्पित कर सकते हैं.

पीले फूल- स्कंदमाता देवी दुर्गा का पांचवा स्वरूप माना जाता हैं. देवी स्कंदमाता को पीले फूल अर्पित करने से  जीवन में समृद्धि आती है. परेशानियों को दूर करने के लिए देवी स्कंदमाता की पूजन करते समय पीले फूलों के साथ केले का भोग लगाने से माता का आशीर्वाद मिलता है.

गेंदा फूल- गेंदा फूल मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप का बेहद ही प्रिय फूल है. आपको गेंदे के फूल नहीं मिल पा रहे हैं, तो आप देवी कात्यायनी को शहद के साथ-साथ उनके भोग के रूप में पीला चमेली भी पूजन करते समय चढ़ा सकते हैं.

कृष्ण कमल- कालरात्रि देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं, कृष्ण कमल के फूल अर्पित करने से माता मन मांगी मुराद को पूरी करती है. जीवन में निर्भय और तनाव मुक्त होने के लिए माता को भोग के रूप में गुड़ भी चढ़ाया जाता है.

मोगरा- आठवें दिन, देवी दुर्गा को महागौरी रूप में पूजा जाता है. भगवान शंकर की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी दुर्गा ने यह रूप धारण किया था. चूंकि देवी ने बिना भोजन किए सालों तपस्या की थी जिससे उनका शरीर काला पड़ गया था. जब भगवान शिव ने देवी पर गंगाजल डाला तो उनका रंग दूधिया सफेद हो गया.भक्तों को मोगरा के फूल, जिसे अरब की चमेली भी कहा जाता है, चढ़ाकर महागौरी की पूजा कर आर्शीवाद लेना चाहिए.

चंपा- माता दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री है।  भक्तों को दिव्य ज्ञान, ऊर्जा, शक्ति और ज्ञान के साथ आशीर्वाद देती हैं. वह चंपा के फूलों को पसंद करती है. देवी को ये फूल अर्पित करना आपके लिए शुभ होता है.

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KAMLESH VERMA

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