News

भगवान शिव जी होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न राशि अनुसार करें पूजन

Sawan Me Rashinusaar Kare Shiv Puja | सावन माह में भगवान शिव जी होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न राशि अनुसार करें पूजन – श्रावण सोमवार में भगवान श‍िवजी का पूजन करने का विशेष महत्व होता है, इस समय यदि आप अपनी राश‍ि के अनुसार भगवान शंभू का पूजन करें, तो बाबा अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं. इस वर्ष श्रावण माह 25 जुलाई 2021, रविवार से प्रारंभ हो रहा हैं, इस सावन मास में राश‍ि अनुसार महाकाल जी की पूजा से मनोवांछित सभी कामनाओं की पूर्ति होती है, तो आइए जानते हैं क‍ि क‍िस राशि वालों को भोले शंकर की क‍िस तरह आराधना करनी चाहिए.

सावन मास में भगवान शिव जी होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न राशि अनुसार करें पूजन

(Sawan Me Rashinusaar Kare Shiv Puja)

1- मेष राशि:- मेष राश‍ि के जातकों को भगवान शिव जी का अभिषेक गाय के कच्चे दूध में शहद मिलाकर करना चाहिए. जिसके बाद चंदन और सफेद पुष्‍प चढ़ाने चाहिए. श्रद्धानुसार 11, 21, 51 और 108 बार ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जप करना चाहिए. ऐसा करने से बाबा महाकाल सभी मनवांछित मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

2- वृष राशि:- वृष राश‍ि के जातकों को श‍िव शंकर का दही से अभिषेक करना चाहिए. दही से अभिषेक करने से जातक को धन, पशु, भवन तथा वाहन की प्राप्ति होने का योग बनता है. इतना ही नहीं सफेद फूल तथा बेलपत्र चढ़ाने चाहिए. इससे जीवन की सभी समस्‍याओं का हल म‍िलने लगता है.

3- मिथुन राशि:- मिथुन राश‍ि के लोगों को भोलेनाथ का गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए. हिंदू धर्म की पौराणिक मान्‍यता है सावन भर प्रत‍िद‍िन गन्‍ने के रस से अभिषेक करने से भोलेनाथ जल्‍दी ही सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं. इसके अलावा इस राशि के जातकों को श‍िवजी को भांग, धतूरा, तथा बेलपत्र चढ़ाना करना चाहिए. शिव चालीसा का पाठ भी करना चाहिए.

4-कर्क राशि:- कर्क राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करना चाहिए. इससे मन शांत होता है और शुभ कार्यों को करने की प्रेरणा म‍िलती है. इसके साथ ही आंक के श्वेत फूल, धतूरा और बेलपत्र भी शिवजी को अर्पित करना चाहिए. इसी के साथ रुद्राष्टक का पाठ करना भी शुभ होगा.

5- सिंह राशि:- सिंह राशि के जातकों को भोलेनाथ का मधु अथवा गुड़ युक्त जल से अभिषेक करना बेहद ही फलदायी होता. भगवान शिव को कनेर का पुष्प तथा लाल रंग का चंदन अर्पित करना चाहिए. गुड़ और चावल से बनी खीर चढ़ा सकते हैं. यह बेहद ही शुभ होता है. सूर्योदय के समय श‍िवजी की पूजा करने से सभी इच्‍छाओं की पूर्ति जल्‍दी होती है. महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए. इससे परिवार में मौजूद सेहत संबंधी सभी समस्‍याएं दूर हो जाती है.

6- कन्या राशि:- कन्‍या राशि के जातकों को शंभूनाथ का गन्‍ने के रस से अभिषेक करना चाहिए. इतना ही नहीं शिवजी को भांग, दुर्वा, पान तथा बेलपत्र चढ़ाएं. ‘ऊं नमः शिवाय मंत्र’ का जप करें. शीघ्र ही मनोकामनाएं पूर्ण होगी. शिव चालीसा का पाठ करना भी बेहतर होगा.

7- तुला राशि:- तुला राशि के जातकों को भगवान शिव का गाय के घी, इत्र या सुगंधित तेल या फिर मिश्री मिले दूध से अभिषेक करना चाहिए. सफेद फूल भी पूजा में शिवजी को चढ़ाने चाहिए. दही, शहद अथवा श्रीखंड का प्रसाद चढ़ाना चाहिए. भगवान शंभू के सहस्त्रनाम का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि व माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है.

8- वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि के जातकों को पंचामृत अथवा शहद युक्त जल से भगवान शिव जी का अभिषेक करना चाहिए. लाल फूल, लाल चंदन भी शिवजी को चढ़ाने चाहिए. बेलपत्र अथवा बेल के पौधे की जड़ चढ़ाने से भी कार्यों में सफलता मिलती है. रूद्राष्टक का पाठ करना भी श्रेयस्कर रहेगा.

9- धनु राशि:- धनु राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में हल्दी अथवा पीला चंदन मिलाकर अभिषेक करना चाहिए. इतना ही नहीं पीले रंग के फूलों या फिर गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए. खीर का भोग लगाना भी शुभ रहेगा ॐ नमः शिवाय का जप और श‍िव चालीसा का पाठ करना चाहिए.

10- मकर राशि:- मकर राशि के जातकों को भोलेशंकर का नारियल के पानी से अथवा गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए. ऐसा करने से जातक को सभी कामों में सफलता मिलेगी. त्रयंबकेश्वर का ध्यान करते हुए भगवान शिव जी को बेलपत्र, धूतरा, शमी के फूल, भांग एंव अष्टगंध अर्पित करने चाहिए. उड़द से बनी मिठाई का भोग लगाने से शनि की पीड़ा समाप्त होती है. नीले कमल का फूल भी भगवान को अवश्य चढ़ाएं.

11- कुंभ राशि:- कुंभ राशि के जातकों को सावन महीने में शंकर भगवान को प्रत‍िद‍िन नारियल के पानी, सरसों के तेल अथवा तिल के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए. इसके अलावा शिवाष्टाक का पाठ करना चाहिए. इससे जातकों के बिगड़े काम बनेंगे. साथ ही धन-समृद्धि में वृद्धि होगी. शमी के फूल पूजा में अर्पित करें. शिवजी की कृपा से यह शनि पीड़ा को कम करता है.

12- मीन राशि:- मीन राशि के जातकों को सावन भर भोलेनाथ का केसल मिश्रित जल से जलाभिषेक करना चाहिए. इसके अलावा शंकरजी की पूजा में पंचामृत, दही, दूध और पीले पुष्पों का प्रयोग करना चाहिए. इतना ही नहीं ‘ॐ नमः शिवाय का जप करना चाहिए. शिव चालीसा का पाठ करना भी शुभ रहेगा.

इसे भी पढ़े :

Manisha Palai

भुवनेश्वर, उड़िसा की रहने वाली मनीषा फिलहाल MCA की पढ़ाई कर रही हैं. फैशन, कुकिंग और मेकअप टिप्स के बारे में मनीषा को महारथ हासिल है. लिखने के शौक को उड़ान देने के लिए मनीषा newsmug.in के साथ जुड़ी हैं.

Recent Posts

आईपीएल 2022 नीलामी लिस्ट | आईपीएल नीलामी 2022 List | २०२२ आईपीएल नीलामी लिस्ट

आईपीएल 2022 नीलामी लिस्ट | आईपीएल नीलामी 2022 List | २०२२ आईपीएल नीलामी लिस्ट क्रिकेट…

2 days ago

जून में एकादशी कब की है 2022 | June Mein Ekadashi Kab Ki Hai 2022

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का पौराणिक महत्व हैं. इस व्रत में भगवान विष्णु का…

2 days ago

मई में एकादशी कब की है 2022 | May Mein Ekadashi Kab Ki Hai 2022

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का पौराणिक महत्व हैं. इस व्रत में भगवान विष्णु का…

2 days ago

अप्रैल 2022 में एकादशी कब की है | April 2022 Mein Ekadashi Kab Ki Hai

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का पौराणिक महत्व हैं. इस व्रत में भगवान विष्णु का…

2 days ago

मार्च में एकादशी कब की है 2022 | March Mein Ekadashi Kab Ki Hai 2022

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का पौराणिक महत्व हैं. इस व्रत में भगवान विष्णु का…

2 days ago

फरवरी में एकादशी कब की है 2022 | February Mein Ekadashi Kab Ki Hai 2022

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का पौराणिक महत्व हैं. इस व्रत में भगवान विष्णु का…

2 days ago