पुख नक्षत्र क्या है? और क्यों है इतना खास | Pushy Nakshatra 2021 Date in Hindi

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सांकेतिक तस्वीर : सोर्स गूगल

पुख नक्षत्र क्या और कब है? खरीददारी के लिए या क्यो महत्वपूर्ण माना जाता है?
Pushy Nakshatra 2021 Date & Time in Hindi 

Pushy Nakshatra 2021 : सनातन धर्म के ज्योतिष शास्त्र में पुख नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ योग माना जाता है. पुख नक्षत्र समृद्धिदायक, शुभ फल प्रदान करने वाला नक्षत्र माना गया है. पुष्य या पुख नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है. ऋगवेद में पुख नक्षत्र को मंगलकर्ता भी कहा गया है. पुख शब्द का अर्थ है पोषण करना या पोषण करने वाला. पुष्य ऊर्जा-शक्ति प्रदान करने वाला नक्षत्र है. अपने शब्द के ही अनुसार यह नक्षत्र सौभाग्य और सुख समृद्धि के साथ पोषण करने वाला माना गया है.

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सांकेतिक तस्वीर : सोर्स गूगल

प्राचीन वैदिक ज्योतिषियों द्वारा पुख तिष्य नक्षत्र भी कहा गया है. तिष्य शब्द का अर्थ है शुभ होना. यह अर्थ भी पुख नक्षत्र को शुभफल ही देता हैं. नक्षत्र स्वास्थ्य और सेहत की दृष्टि से भी बेहद ही महत्वपूर्ण है. पुख नक्षत्र पर शुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर यह सेहत संबंधी कई समस्याओं को समाप्त करने में सक्षम होता है एवं शारीरिक कष्ट निवारण के लिए यह मुहूर्त शुभ एवं लाभकारी होता है.

पुष्य नक्षत्र कैलेंडर

October 1, 2021, Friday
Time is from 1:33 AM on October 1 to 2:58 AM on October 2, 2021
 
October 29, 2021, Friday
Time is from 9:41 AM on October 28 to 11:39 AM on October 29, 2021  (Guru Pushya Amrit yog from 9:41 AM on October 28) (Diwali Pushya Nakshatra)

November 25, 2021, Thursday
Time is from 4:29 PM on November 24 to 6:50 PM on November 25, 2021  (Guru Pushya Amrit yog from sunrise to 6:50 PM on Nov 25

December 22, 2021, Wednesday
Time is from 10:25 PM on December 21 to 12:45 AM on December 23, 2021

पुख नक्षत्र खरीददारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है | Pushya Nakshtra Importance

ज्योतिष शास्त्र में समस्त सत्ताइस नक्षत्रों में पुख नक्षत्र आठवां नक्षत्र है. इस नक्षत्र के उदय होने पर ज्योतिषी शुभ कार्य करने की सलाह देते हैं. व्यापारिक कार्यों के लिए यह विशेष लाभदायी माना गया है. इस योग में किया गया जप , ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है.

सभी नक्षत्रों में इसे सर्वोत्तम माना जाता है. पुख नक्षत्र के दौरान चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होता है. बारह राशियों में एकमात्र कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है और चंद्रमा धन का देवता है. इसलिए पुख नक्षत्र को धन के लिए अत्यन्त पवित्र एवं शुभ माना जाता है. इस कारण सोना, चांदी और नए सामानों की खरीदारी के लिए पुख नक्षत्र को अत्यंत लाभदायक माना जाता है.

पुख नक्षत्र खरीददारी के लिए सर्वोत्तम माना गया है. इस दौरान वाहन, जमीन या घर खरीदना बहुत लाभदायक माना जाता है. पुष्य या पुख नक्षत्र में किए गए कार्य दोषमुक्त एवं शुभ होते हैं और जल्दी ही सफल हो जाते हैं. पुख नक्षत्र रविवार या गुरुवार को पड़े तो यह अत्यंत शुभदायक माना जाता है. इस शुभ संयोग को रवि पुख और गुरु पुष्य कहा जाता है. पुख नक्षत्र के योग में स्वर्ण आभूषण खरीदने से स्थाई लाभ प्राप्त होता है. क्योंकि इसे शुद्ध, पवित्र और अक्षय धातु के रूप में माना जाता है और इनसे प्राप्त धन बरकत देता है. इस काल में जो वस्तुएं खरीदी जाती हैं, उससे पूरे परिवार को लाभ होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती  है.

दीपावली के पूर्व आने वाला पुख नक्षत्र इसलिए खास माना जाता है, क्योंकि दीपावली के लिए की जाने वाली खरीदी के लिए यह विशेष शुभकारी होता है जिससे कि  इस दिन जो वस्तु आप खरीदते हैं वह लंबे समय तक उपयोग में रहती है. पुख नक्षत्र के देवता बृहस्पति (गुरु)  हैं जो सदैव शुभ कर्मों में प्रवृत्ति करने वाले, ज्ञान वृद्धि, समृद्धि एवं विवेक दाता हैं तथा इस नक्षत्र का दिशा प्रतिनिधि शनि हैं जिसे ‘स्थावर’ भी कहते हैं जिसका अर्थ होता है स्थिरता.

इसी कारण पुख नक्षत्र में किए गए कार्य जीवन भर चिर स्थायी होते हैं. दीपावली के समय लोग सोना, चांदी एवं अन्य सामान की सबसे ज्यादा खरीदी करते हैं, जो पुख नक्षत्र में खरीदने से और भी शुभ हो जाती है. इस दिन मुख्य रूप से इलेक्ट्रानिक्स गुड्स, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कम्प्यूटर, लैपटाप, बाइक, कार, भूमि, भवन, बर्तन, सोना, चांदी आदि की खरीरदारी का विशेष महत्व है.

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