प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया एक लाख करोड़ रुपए के एग्री इंफ्रा फंड को लॉन्च

पीएम नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त 2020 को कृषि विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपए का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च किया है. साथ ही पीएम-किसान योजना की छठी किस्त के अंतर्गत 8.50 करोड़ किसानों के खातों में 17000 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए. लांचिंग पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा किए जाने में योजना अहम भूमिका निभाएगी.

चलिए जानते हैं एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड क्या है ?

केंद्र के मंत्रिमंडल ने 8 जुलाई 2020 को एक लाख करोड़ रुपए के Agriculture Infrastructure Fund को मंजूरी दी थी. 10 सालों तक चलने वाली योजना को 9 अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने लॉन्च किया.

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड कटाई के बाद फसल प्रबंधन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और कम्युनिटी के लिए एग्रीकल्चर असेट्स बनाने के लिए लोन देने का काम करेगा. लोन कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए लिया जा सकेगा.

खास बात यह है कि, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना में शामिल होने के लिए 12 में से 11 सरकारी बैंकों ने पूर्व में ही एमओयू पर साइन कर लिए हैं. वर्तमान साल में 10 हजार करोड़ रुपए का लोन देंगे. साल 2021-2023 वित्त वर्ष में 30-30 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा. लोन पर सालाना ब्याज में 3 फीसदी छूट दी जाएगी. जो अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर होगी.

योजना से किसानों और ग्रामीण इलाकों को क्या लाभ है?

योजना का उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करना है. किसानों को लाभ पहुंचाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना ही योजना का लक्ष्य है. लंबे समय तक रखी जाने वाली उपज के लिए अधिक कीमत मिल सके.

किसान उपज रखने के लिए गोदाम बनाने, उपज को ऊंचे मूल्यों पर बेचने, फसल की बर्बादी कम करने और प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन के लिए सक्षम होगे. योजना से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमी आगे बढ़ेगे. रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे.

इसलिए जरूरत महसूस हुई?

ग्रामीण परिवेश में लंबे समय से मांग उठ रही थी कि गांव में उद्योग क्यों नहीं लगा सकते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जो भी योजनाएं तैयार हो रही हैं, उनके केंद्र में छोटा किसान है. देश की पहली किसान रेल महाराष्ट्र-बिहार में शुरू हो चुकी है. महाराष्ट्र से संतरा, फल, प्याज लेकर ट्रेन बिहार पहुंचेगी. बिहार से लीची, मखाने, सब्जियां लेकर महाराष्ट्र लौटेगी.

दोनों प्रदेशों के किसानों को फायदा होगा. योजना का लाभ प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसायटी, मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसायटी, फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशन, स्व-सहायता समूह, किसान, जॉइंट लाइबिलिटी ग्रुप को आसानी से लोन मिल सकेगा.

एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड के मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग का काम ऑनलाइन मैनेजमेंट इंफर्मेशन सिस्टम प्लेटफार्म के जरिए होगा. योजना के लिए नेशनल, स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएंगी.

KAMLESH VERMA

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